Hindi Porn Stories

Sex stories in Hindi

मामी को चोदा गार्डन में

हेलो दोस्तों, सभी लंड वाले अपना लंड निकाल कर हाथ में ले ले और चुतवालियो अपनी पैंटी उतार कर उंगली या बैंगन तैयार रखें. क्योंकि मेरी चुदाई स्टोरी पढ़ने के बाद आप को कंट्रोल नहीं होने वाला. मेरा नाम रोहन शर्मा है और मैं पटना सिटी से हूं. मेरी उम्र २४ साल है और मैं एक एथलीट बॉडी वाला नौजवान हूं.

हुआ यु की में गर्मी की छुट्टियों में अपने मामा मामी के घर जाया करता हूं, और इस बार भी मैं उनके पास ही गया.

मेरे मामा की उमर ४२ साल है और मामी की ३४ साल की है, लेकिन उनका कसा हुआ बदन देख कर कोई भी नहीं कह सकता कि उसकी उम्र ३४ साल होगी, पर यह जरूर कह सकता हु कि वह 24 की जरूर हो सकती है. उनके ३४ साइज़ के चूचे हमेशा लोगों को चूसने के लिए इनवाइट करते हैं. उनकी २८ की पतली कमर, ऊपर से उनके लंबे घुटनों तक बाल, मानो सोने पर सुहागा. उनकी गांड भी बहुत उभरी हुई है. तो अब में स्टोरी पर आता हूं.

मेरे मामा बिजनेस के काम से हमेशा सिटी से बाहर ही जाते थे, और मेरी मामी के दो बच्चे भी थे जो सेकंड और फोर्थ स्टैंडर्ड में पढ़ते थे, उनको स्कूल की बस आकर शहर ले जाती थी.

मामी ही घर की देखभाल और खेती के छोटे मोटे काम देखती थी, बाकी खेतों के दूसरे काम मजदूर से करवा लेते थे, क्योंकि मामा जमींनदार टाइप के लोग थे.

एक्चुअली गर्मी के मौसम में में वही पर था तो मामी ने कहा कि घर पर बच्चे भी नहीं है और तुम भी बोर हो जाओगे तो चलो मैं तुम्हें बगीचे की सैर करवा दूं.

मैंने भी हामी भर दी. इस से पहले मेरे दिल में कभी भी मैं उनके लिए गलत खयाल नहीं आया था. मामी आगे आगे चल रही थी और मैं पीछे पीछे जिस से मामी की उभरी हुई गांड की थिरकन मुझे साफ साफ दिख रही थी और गार्डन भी घर से ३ किलोमीटर दूरी पर था, और खेतों के बीच से जाना था. इस दौरान मैंने अपनी आंखें जी भर के सेक ली और इसका असर मेरे तंबू से पता चल रहा था.

जब हम लोग गार्डन पहुंचे तो मामी तब तक बहुत थक चुकी थी. हम लोग अपने साथ में एक बेडशिट लाए थे, तो मामी ने वह घास पर बिछा दी और वह आराम करने लगी और मुझे कहा कि यही हम लोगों का बगीचा है. बगीचे मैं करीब १५ आम के पेड़ थे जो काफी बड़े और कुछ पक भी गए थे.

मैंने मामी को देखा तो वह अपने पैर को अपने हाथों से दबा रही थी.

मैंने मामी से पूछा तो वह कहने लगी कि जब भी मैं अधिक देर पैदल चलती हूं तो मेरे पांव में दर्द हो जाता है. मैंने कहा कि मैं मालिश कर दूं, तो वो मना करने लगी.

पर मामी का दर्द अधिक होने के कारण मैं फिर से पैर दबाने के लिए जोर दिया तो मामी ने कहा कि कोई देख लेगा तो क्या कहेगा? तो मेंने कहा कि इतनी गर्मी में दूर दूर तक कोई नहीं दिख रहा है.

फिर मामी भी मान गई और मामी के नरम नरम पैर को दबाने लगा और मामी को कुछ खास आराम नहीं मिला तो मैंने कहा आप अपनी साडी थोड़ी ऊपर कर लो तो मैं आराम से आपके पैर की मालिश कर पाऊंगा.

मामी ने एक बार मेरी तरफ एक अजीब नजर से देखा, फिर वह मान गई. और मैंने मामी की साड़ी घुटनों से ऊपर कर दी.

मैं पहली बार मामी की गोरी गोरी जांघो को देख रहा था और मेरा लौड़ा खड़ा हो गया. मेरा लौड़ा पता नहीं कब से बेचैन था इसे देखने के लिए.

फिर मैं मामी की मालिश करता रहा. मालिश करते करते मुझे पता चला कि मामी ने पेंटी तो पहनी ही नहीं है क्योंकि मामी के बुर के बाल मेरे हाथों से टच हो रहा था, जिस से मेरे पूरे शरीर में सिहरन सी दौड़ जाती थी, मामी की आंखें बंद थी.

फिर मैंने मामी से कहा कि उलटे लेट जाओ आप. मामी भी चुपचाप उलटे लेट गई और अपनी साड़ी खुद ही ऊपर कर दी. जिस से मामी की गांड का आधे से अधिक भाग दिखने लगा. मुझे लगा की भाभी भी मुझसे चुदवाना चाहती है. मैंने मामी की मालिश शुरू कर दी और बीच बीच में गांड की गोलाइयों को भी छूता रहा और मामी आंखें बंद कर के मजा ले रही थी.

थोड़ी देर में मामी पलट गई और कहां गार्डन तूने घूम लिया? मैंने कहा हां और मामी की अब मैं पेट की तरफ मालिश करने लगा.

मामी कहा : तो क्या क्या देखा गार्डन में.

मैंने कहा : आम, केला, सिसम. मामी आम तो बड़े बड़े हो गए हैं.

मामी ने कहा : मतलब तूने अच्छे से नहीं देखा. कुछ आम पक भी गए हैं.

मैंने कहा : मुझे कैसे पता आपने तो दिखाया ही नहीं, मेरी नजर मामी की चूची की तरफ थी.

मामी ने कहा : तेरा मतलब क्या है? लगता है तू बड़ा हो गया है.

में ने कहा : आप जानती हो.

मामी ने कहा : नहीं, मामी ने चुटकी लेते हुए कहा.

मैंने कहा : मेरा मतलब आप के दूध से है.

मामी झूठ मूठ का गुस्सा करते हुए, तू क्या बोल रहा है? मैं तेरी मामी हूं.

मैंने कहा : लेकिन उससे पहले आप एक औरत हो, वह भी जवान और मस्त.

मामी ने कहा : जवान और मैं? जवान तो तू है.

मैंने कहा नहीं मामी आज से पहले मैंने आप के जैसी सुंदर औरत नहीं देखी हैं.

मामी ने कहा : मेरे पास भला कौन सा आम है?

मैंने कहा : मैंने मामी की चूची की तरफ इशारा किया.

तो मामी शरमा गई.

मैंने कहा : मामी एक बार मुझे छूने दो ना.

मामी ने कहा : नहीं कोई देख लेगा.

मेने कहा अभी कोई नहीं है प्लीज मामी.

मामी ने कहा ठीक है और मामी ने अपना ब्लाउज उतार दिया.

मैंने मामी की ब्लाउज में हाथ डाल कर उसे चूमने लगा और दूध पीने लगा. मामी भी धीरे धीरे गर्म होने लगी थी.

फिर मैं मामी के होठो को भी चूसने लगा और मामी के दूध को भी दबा रहा था. मामी भी पूरा साथ दे रही थी. मामी ने कहा आम तो देख लिया अपना केला नहीं दिखाओगे.

मैंने कहा पर गार्डन में तो अभी केले हुए ही नहीं है. इस पर मामी ने मुझे एक थप्पड़ मारा और कहा बेवकूफ मैं तेरे केले की बात कर रही हूं.

मामी ने मेरा पेंट उतार दिया और मेरा लंड फनफना के बाहर को निकल गया. मामी ने कहा वाह तेरा लंड तो बहुत ताकतवर लगता है, और मैंने कहा मामी इसे चुसो ना.

मामी ने भी पटक से अपने मुंह में लेकर मेरे लंड को चूसने लगी. मामी चूसने में बहुत एक्सपर्ट थी, और मैं मामी के दूध को पी रहा था. मैने कहा आप लोग तो जमींनदार हो, इस पर मामी ने कहा हमारे पास बहुत खेत है. मैंने कहा जूठ, इस पर मामी बोली नहीं सच में. मैंने कहा तो फिर दिखाओ.

तो मामी ने कहा : कल दिखा दूंगी.

मैंने कहा : नहीं अभी. मुझे अपना खेत दिखा दो. मेरे पास हल भी तो है.

मामी समझ गई और बोली हल तो हे खेत की जुटाई भी तो करेगा, पर यहां कोई देख लेगा तो?

मैंने कहा कोई नहीं देखेगा.

इतना सुनते ही मामी ने लंड मुह से निकालकर अपनी साडी को कमर के ऊपर कर दिया और कहा जो करना है कर ले, पर पूरी साड़ी नहीं उतारूंगी.

में मामी की जाटो भरी बुर को पहली बार देख रहा था. मैं मामी की बुर को चाटने लगा और मामी ने कहा तेरे मामा तो मेरी बुर को चाटते ही नहीं है, बस सीधे लंड अंदर डाल देते हैं. मैंने कहा मैं आपको ऐसा मजा दूंगा आप कभी नहीं भूलेंगे. मैं मामी की बुर में अपनी दो उंगली डाल के अंदर बाहर करने लगा और मामी सिसकियां देने लगी.

मामी ने कहा अब बर्दाश्त नहीं होता, चोद दे अपनी मामी को, बना ले अपनी रखेल.

मैंने कहा रखेल नहीं रानी. मैं अपना लंड मामी की बुर पे रगडने लगा और मामी इतनी कामूक थी कि उसने अपनी कमर झटके से ऊपर उठा के मेरा आधा लंड अपनी बुर में ले लिया. मामी कहने लगी अहह औउ ह अहह मजा आ गया तेरा लंड बड़ा मस्त है. मैंने कहा अभी तो आधा ही गया है आपके बुर में. मामी ने कहा तब तो तेरा लंड मेरी बुर का आज कचूमर निकाल देगा. मैंने अपना लंच पूरा मामी के बुर में पेल दिया. उनके मुंह से चीख निकल गई, मैं थोड़ा शांत हुआ फिर मैंने धीरे धीरे अपनी स्पीड बढ़ा कर मामी को चोदने लगा.

मामी ने कहा आज तक तु कहां था, मेरी बुर इस लंड के लिए तरस गयी थी. आऊ अऊ अहह अम्म्म औऊ अह्ह्ह.

मैं अपनी पूरी स्पीड पर मामी को चोदे जा रहा था. मैंने कहा मामी अब आप पलट जाओ. मामी ने कहा नहीं मुझे गांड नहीं मरवाना. मैंने कहा ठीक है पर मैं आपकी बुर पीछे से चोदुंगा. मामी पीछे घूम गयी. मामी की गांड देखकर मेरा लंड तरस गया.

मामी के बड़े बड़े बाल को में अपने हाथों में लेकर मामी को पीछे से चोदने लगा. मामी आह्ह मैंने ऐसा पहले कभी नहीं चुदवाया. बहुत मजा आ रहा है. चोद एकदम जी भर के चोद.

मैंने कहा कि मैं अब जडने वाला हूं. मामी ने कहा मैं भी. तू मेरे बुर में ही अपना पानी गिरा दे. और २  मिनट के बाद मैं मामी की बुर में और थोड़ा उनके मुंह में जड़ दिया क्योंकि उनको मेरा पानी का स्वाद टेस्ट करना था. फिर आधे घंटे आराम कर के हम घर चले आए.

1 Comment

Add a Comment
  1. Thir story is best and very sexy

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Hindi Porn Stories © 2016 Frontier Theme