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मेरी बीवी का सच्चा आशिक

मेरी बीवी सुगंधा २६ साल की बहुत ही खूबसूरत औरत थी. सुंदर चेहरा, रस भरे होंठ सुंदर गर्दन, उसके गोल गोल कयामत ढाने वाली बूब्स, गहरी नाभि खुले हुए चुतड, कसी हुई चूत, मदमस्त चाल ऐसी सारी चीजें थी जो कि किसी का भी लंड खड़ा कर सकती थी. जो देखता बस यही मन करता कि काश ये मुझे मिल जाए तो मैं इसे बाहों में भरकर इसका खूब रसपान करू, बूब्स दबाऊ, गहरी नाभि में भी लंड डाल दू, खूब चोदु और उसकी बुर और भरी हुई गांड मारूं.

उसकी साइज भी तो जान मारु थी. उसकी साइज ३४-२८-३४ थी. उसकी मुस्कान ईतनी कातिल है कि बिना औजार के ही कोई ढेर हो जाए. मैं रोज उसकी चुदाई करता था पर वह  इतनी कामुक थी कि मत पूछो. जितना भी चोदो ना उसका मन भरता था और ना चोदने वाले का. हम दोनों यह कोशिश करते थे नए नए प्रयोग करने का ताकी सेक्स लाइफ उत्तेजना से भरी हो. मेरे दोस्त, मोहल्ले वाले, मेरे मकान मालिक सभी उसके काफी प्रशंसक थे.

सबका लंड का ठनक जाता था उसे देखकर. हर कोई किसी न किसी बहाने से उसके शरीर को छूना चाहते थे. जब वह तैयार होकर आती थी तो मत पूछिए कयामत लगती थी. उसका पल्लू सरकते ही लोग उसकी चुचियो को लगता था खा लेंगे. मैं भी उन चूचीयों को काफी पसंद करता था, खूब पेट भर पीता था उन्हें. लोग उस हसीना की काफी बात किया करते थे. कुंवारी लड़कियों से ज्यादा सेक्स अपील थी उसमें. मैं काफी खुश रहता था कि जिसे देखकर लोग तरसते हैं मैं उसकी रोज चुदाई करता हूं. लेकिन हां सुगंधा को कोई पटा नहीं सकता था.

वह संस्कारों वाली थी. मैं उसे सेक्सी कहानियां पढ़ाता था. पोर्न दिखाता था वह खूब एंजॉय करती थी. मैं मेरी जान सुगंधा को कहता की तुमने मेरी जिंदगी में बहार ला दी हे. देखो सभी तुम्हें देख कर कैसे तरसते हैं तुम्हे चोदने के लिए.. वह कहती की मैं क्या कर सकती हूं? मैं क्या करुं? मैं कोई मदद नहीं कर सकती. उन्हें देख कर मजा लेने दो, मैं तो तुम्हारी माल हूं, दूसरों से हमें क्या लेना देना? मेरा एक दोस्त जिसका नाम संजय था वह मेरी बीवी सुगंधा का बहुत बड़ा दीवाना था.

वह उसे हर हाल में पाना चाहता था. उसकी बीवी संजना से हमारी काफी बनती थी. वह मुझ पर लाइन मारती थी, एक दिन उसने मुझे कहा कि कुमार देखो ना संजय बाबू मेरे में इंटरेस्ट नहीं लेते हे. वह सिर्फ सुगंधा के बारे में ही सोचते हैं, वह मुझे चोदता है तो भी सुगंधा का नाम लेकर.. मुझे काफी तकलीफ हुआ संजना से यह सुनकर कि संजय सुगंधा को चोदना चाहता है. उसने कहा सॉरी कुमार अपने आप को रोक न सकी, मुझे काफी अच्छा भी लगा कि सुगंधा की ब्रांड वैल्यू कितनी अच्छी है. संजना मेरे से सट गई और उसने कहा कि मेरी सेक्स लाइफ बचा दो. एक बार संजय को सुगंधा दे दो ताकि मेरी लाइफ काफी अच्छी हो जाए.

इसके बदले तुम हमें जितना चाहे चोदो. वह मेरी गोद में आकर बैठ गई. हम दोनों ने एक दूसरे का वस्त्र निकाल दिया और एक दूसरे की जवानी को टटोलने लगे. संजय के सुगंधा पर लट्टू होने पर मैं और एक्साइटेड हो गया और हम दोनों एक दूसरे में खो गए, और भरपूर चुदाई कर डाली. अब तो संजना हमसे काफी खुल गई थी. मैंने कहा सुगंधा कभी नहीं मानेगी संजय को अपना बुर देने के लिए.. उसने कहा आप मुझे पर छोड़ दीजिए. उसे तो मैं फंसा लूंगी, एक बार जाल में आ गई तो चोदने में दिक्कत नहीं होगी, हम कहीं बाहर चलते हैं घूमने के लिए.

एक दो दिन होटल में रहकर आएंगे, शायद बात बन जाए. प्रोग्राम के अनुसार हम मसूरी गए, वह पर 2 रुम लिए. दोनों सुगंधा और संजना सेक्सी कपड़ों में थी, संजना लूज टॉप और जींस का हाफ पैंट पहने थी और सुगंधा रानी तो डिजाइनर साड़ी जिस से उसकी नाभि और बूब्स साफ दिख रही थी. संजय तो हर पल अपनी माल सुगंधा के आसपास मरता रहा था. पर उसे तो कोई सुध नहीं थी. वह तो उसे दोस्त ही समझ रही थी. हम मार्केट गए, माल रोड पर खूब एंजॉय किया फोटो खिंचवाए कभी कभी संजय सुगंधा को संजना समझ कर पकड़ लेता था फिर सॉरी बोलता था. शाम में सभी ने ड्रिंक्स भी लिया और उसके बाद हम रूम में आ गए. दोनों ओरतो पर नशा चढ रहा था.

अब आगे का प्रोग्राम बना. संजना ने कहा कि कुमार तुम सुगंधा के पूरे कपड़े निकाल कर चूमना शुरू करो. उसे पूरा एक्साइटेड कर दो बाद में रूम खुला रखना. संजय रूम में आ जाएंगे और फिर तूम मेरे कमरे में आ जाना, लाइट डिम रखना. सुगंधा नशे में भी है और लाइट भी डीम है वह उसे पहचान नहीं पाएगी. बाद में एक बार जब उसे संजय चोद लेगा तो वह कुछ नहीं कर पाएगी, मैंने वही किया पर संजय पहले से ही रूम में आकर चिपक गया. वह सुगंधा को कपड़ा निकालना और फोरप्ले भी देखना चाह रहा था. वह तो पागल हो गया यह सुनकर कि आज सुगंधा नाम की हुस्न की मल्लिका को वह चोदने जा रहा है.

मैंने उसकी डिजाइनर साड़ी उतार फेंकी. अब उसके मम्मे पूरे दिखने लगे. फिर मैंने उसकी ब्लाउज और पेटिकोट खोल दी. अब वह ब्रा और चड्डी में आ गई, गजब सुंदर दिख रही थी वह. भरी भरी चूचियां, क्या मस्त गांड काफी मजा आ रहा था. मैं उसे बेतहाशा चूमने लगा, अपने कपड़े भी उतार फेंका. उसकी ब्रा और चड्डी भी निकाल दिया. संजय भी अब नंगा हो गया था. मैंने सुगंधा की ब्रा और चडडी संजय की ओर उछाल दिया. संजय अपनी माल की चड्डी और ब्रा सूंघने लगा. उसे बहुत मजा आ रहा था. फिर वह उसकी चड्डी लंड पर रगड़ने लगा. दोनों के लंड पानीया गए थे. सुगंधा भी बेतहाशा चुम्बन से एक्साईटेड हो गई थी. उसकी चूत भी बहने लगी थी.

मैंने उसका दूध पीना शुरू कर दिया. संजय मुझे इशारा कर रहा था की अब तुम जाओ, मैं संभाल लूंगा. मैं जैसी ही हटा मेरी जगह संजय ने ले ली. वह टूट पड़ा अपनी माल सुगंधा पर, जो नंगे चुदवाने का इंतजार कर रही थी. में अब संजना के पास आ गया. संजना ने कहा चलो देखते हैं कि तुम्हारी सुंदर बीवी को मेरा पति कैसे दाना डालता है, और उसकी चुदाई करता है. सुगंधा ने पहली बार पिया था वह तो पूरी मस्त हो गई थी.

अब उसे सेक्स का खुमार पूरी तरह से चढ़ गया था. संजय सीधे सुगंधा के नरम होठों का पान करने लगा. उसके मुह में अपनी जीभ डाल कर चुचियों को खींच कर पूरा खड़ा कर दिया. निपल्स पूरे गुस्से में आकर टाइट हो गए थे. गजब मस्त चूचियां थी उसकी. वह सीधे उन्हें पीना शुरू कर दिया. सुगंधा बोल रही थी कि कुमार खूब दूध पियो मेरा. मेरी चूची भरी कर दो, दांत काट लो, खा जाओ उन्हें, यह तुम्हारा माल की चूची है, इन पर तुम्हारा पूरा हक है, इन्हें इतना दबाओ इतना दबाओ कि यह दुगनी हो जाए. आज तुम बहुत अच्छा पी रहे हो इन चुचियों को, रोज से ज्यादा मजा आ रहा है.

वह संजय भी संजना को चोद रहा होगा. संजय संजना को नंगा देख कर तुम्हारे जैसा वेट नहीं कर रहा होगा. तुम्हारी बीवी तो उसकी बीवी से ज्यादा सुंदर है. यदि उसकी बीवी मेरी तरह होती तो वह तो उसे बुरी तरह से चोदता. में तो चाहती हु की जैसे संजय अपनी बीवी चोद रहा हे  तुम मुझे उस से भी तेज चोदो. यह सुन कर संजय का कंट्रोल खत्म हो गया था, और अब वह सुगंधा की बुर में उंगली डालने लगा.  सुगंधा की चिकनी बुर देख कर वह पागल हो गया था.

फिर उसने उसका बुर जोर जोर से चाटना शुरू कर दिया. सुगंधा अपना पूरा होश खो बैठी थी. अब उसे पता चल भी जाता तो कोई फर्क नहीं पड़ता, वह तो पक्का चुद्वाती. मैं और संजना भी मस्ती में आकर नंगे हो चुके थे और सोफे पर एक दूसरे को चूमने लगे थे.

तभी संजय ने कहा संजय ने कहा सुगंधा देखो में  अपनी बीवी को छोड़ कर तुम्हारे पास आ गया हूं. आज तुम मेरी माल हो. आज तुम्हारी इच्छा अनुसार तुम्हारी पूरी दूध पियूंगा खा जाऊंगा उन चुचियों को, उन्हें बहुत भारी कर दूंगा, बुर को पूरा चाटूंगा चोदुंगा रानी.

संजय की आवाज सुन कर वह उसी अवस्था में उठकर भागने लगी. उसने मुझे और संजना को एक दूसरे की बाहों में देखा और  सब समझ गई. उसने मुझे कहा की मुझे उम्मीद नहीं थी कि तुम सब मिल कर मुझे चीट कर रहे हो. संजय ने भागती सुगंधा को गोद में उठा लाया और उसे बेतहाशा चूमने लगा. बोला सुगंधा तुम मेरी माल हो, आज मैं तुम्हें बिना चोदे नहीं जाने दूंगा डार्लिंग, इतनी सुंदर तुम्हारी चूची है, क्या मस्त गांड है तुम्हारी डार्लिंग??

यह देखो मेरा लंड तुम्हारे पति का दुगना है जो अपनी रानी को देख कर सलामी मार रहा है. आज उसकी दोस्ती अपनी बुर से करा दो रानी..  आज तुम सेक्स का पूरा आनंद उठाओ, संजय सुगंधा के पीछे आया और उसके पीछे सट गया, उसका लंड गांड के क्रेक में चला गया था. उसकी चुचियो पर हाथ फेर रहा था. खूब मजा आएगा हमें. रूम के सेक्सी माहौल ने सुगंधा का प्रत सतीत्व भंग कर दिया था, और उसने उसका लंड पकड़ लिया और हिलाने लगी.

उस ने कहा आ जाओ संजय आज से मैं तुम्हारी हूं.  चोदो मुझे, पूरा रस चूस लो मेरा.

आज से तुम्हारी माल हूं, संजय पुरे जोश में आ गया और उसने पीछे की और लिटा दिया और पटक कर चढ गया. उसने अपना ९ इंच लंबा और मोटा लंड गांड दबाते हुए पीछे से सुगंधा की बुर में बड़ी तेज़ी से डाल दिया और पूरे जोर से धक्के मारने लगा, क्योंकि वह उसकी चुची भी दबा रहा था, अब मैं भी संजना को डौगी स्टाइल में लेने लगा. संजय ने तो इतना तेज धक्के लगाने लगा की सुगंधा तेजी से चिल्लाने लगी थी.

उसे दर्द भी कर रहा था और मजा भी आने लगा. अब वह बोलने लगी की संजय देखो अपनी सुगंधा को खूब चोदो. फाड़ दो उसकी चूत को और कस कर करो ना बहुत मजा आ रहा है. मेरी चूची फुला कर बड़ी कर दो.

अब मैं तुम्हें रोज अपनी बुर का पानी पिलाऊंगी. वह गांड उछाल उछाल कर खूब चुदवा रही थी. संजय के तेज धक्को ने उसकी बुर के रेशे रेशे को हिला कर रख दिया था.  मैंने कहा संजय भाई मेरी बीवी की बुर फाड दो, साली की गांड जरूर मारना. हमसे नखरे खूब करती थी.

अब जब तुम्हारा ९ इंच का लंड जाएगा तो समझ में आएगा साली को. अब मैं भी बड़ी तेजी से संजना को चोदने लगा. अब संजय ने कहा सुगंधा रानी अब मैं तुम्हारी गांड मारूंगा.

उसने आव देखा ना ताव पिलपिला कर लंड पर थूक लगाकर सुगंधा रानी की गांड के छेद पर ल लाके अंदर कर दिया. सुगंधा दर्द में थी संजय ने कोई रहम नहीं किया और वह अपनी मैडम की गांड मारने लगा.  पच पच की आवाज से पूरा रुम गूंजने लगा. सुगंधा ने कहा पी लो मेरे जानू आज से तुम मुझे जैसे चाहो चोदो, तो मैं तुम्हारी माल हूं.

अब संजय उसकी गांड में ही झड़ गया. संजय ने उसे अपनी बाहों में भर लिया और चूमने लगा. संजय ने सुगंधा को एकदम नोच डाला. संजय ने कहा जानू तुम्हे मेरा लंड चूसना है अब. सुगंधा ने कहा नहीं यह नहीं, संजय बोला यह तो मैं करके ही रहूंगा.

उसने सीधे सुगंधा की चुचियों के बीच से लंड ले जाने लगा उन चुचियों पर लंड से झटके देने लगा फिर उसने लंड सुगंधा के मुंह में डाल दिया और स्ट्रोक लगाने लगा. सुगंधा जवानी के पूरे मजे ले रही थी अपने यार से. भरपूर चुदाई के बाद सुगंधा पूरी औरत बन गई थी संजय की बाहों में आने के बाद.

रात भर कई राउंड की चुदाई हमने की. अब हर दूसरे दिन हमारी चुदाई का प्रोग्राम बनता था. संजय ने कहा मैं सुगंधा को रोज चोदुंगा. रात में दोनों आ जाते हैं और हम साथ साथ चोदा चोदी करते. कुछ दिन दिनों में सुगंधा की चुची काफी बड़ी हो गई थी और गांड भारी हो गई थी.

और इसी तरीके से संजना ने मुझे दोस्ती कर मेरी प्यारी जानू सुगंधा मुझसे छीन ली पर अपने पति संजय का जीवन बचा लिया जो सुगंधा को पागलों की तरह प्यार करता था.

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