बॉस से चुदवाकर अपनी सैलरी बढ़ाई

मेरा नाम रानी है और मैं दिल्ली की रहने वाली हूँ। मेरी उम्र 21 साल है और अभी तक मेरी शादी नही हुई है। आज मैं आप सभी को अपनी चुदाई की उस कहानी को सुनाने जा रही हूँ जो मैंने मज़बूरी में चुदवाई थी। लेकिन उस मज़बूरी वाली चुदाई को मैं आज भी याद करती हूँ क्योकि फिर मेरी उस तरह से किसी ने चुदाई नही की।
मैं अपने मम्मी और छोटे भाई के साथ रहती हूँ और मेरे पापा बचपन में ही गुजर गए थे। जिसके कारण हम लोगो को बहुत मुसीबतों का सामना करना पड़ा। मेरी माँ ने किसी तरह से मुझे और मेरे भाई को पाला। जब मैं बड़ी हो गई तो मैं अपने परिवार का खर्चा चलने के लिए पढाई के साथ काम भी करने लगी। धीरे धीरे मैं बिलकुल जवान हो गई। मेरी जवानी छलकने लगी थी मेरी चूची भी मेरे कपड़ो के ऊपर से दिखने लगे थे। बहुत से लड़के मेरी चूची को ताड़ने भी लगे थे। मैं भी धीरे धीरे अपनी जवानी को मजे लेकर काटना चाहती थी लेकिन मुझ पर अपने परिवार में बोझ होने की वजह से मैं अपनी जवानी को बेकार होती हुई देख रही थी। कई बार तो मेरा मन चुदने के लिए बहुत ही पागल होने लगता था जिससे मैं अपने आप को रोक नही पाती थी और अपने कमरे का दरवाज़ा बंद करके मैं अपने कुछ सामान और अपने उंगलियो को अपनी चूत में कर अपने आप को शांत करती थी।

धीरे धीरे समय बीता और मेरी पढाई पूरी हो गई और मैंने एक प्राइवेट कंपनी में जॉब कर लिया। वहां के कंपनी का बॉस देखने में बहुत ही स्मार्ट और यंग था। जब मैंने पहली बार अपने बॉस को देखा था तो मैंने मन में सोचा इसके जैसा पति मिल जाये तो बहुत अच्छा होता। लेकिन ऑफिस में काम करते समय सब लोग कहने लगे कि बॉस बहुत ही खडूस और घटिया आदमी है। जब मैंने काम करना शुरू किया तो पहले मुझे तो कुछ नही कहा. लेकिन जब कुछ दिन बीत गया तो वो मुझे डाटने के मुझे बहुत सारा काम देने लगे लेकिन मैं उनकी डाट से बचने के लिए अपना सारा काम ख़त्म कर लेती थी जिससे बॉस बहुत खुस रहते थे मुझसे।
धीरे धीरे काम करते करते मुझे एक साल हो गया। मैंने इक दिन बॉस से कहा – “सर मेरे घर का खर्चा सिर्फ मेरे ऊपर है और इतनी सैलरी में मेरे घर का खर्चा नही चल पता है आप मेरी सैलरी बढ़ा दीजिये”।
तो बॉस ने कहा – “अगर हम लोगो की दिक्कत देखते हुए उनकी सैलरी बढ़ा दे तो हमरी कम्पनी ही बंद हो जाये। तो इसलिए मैं तुम्हारी सैलरी नही बढ़ा सकता हूँ”।
मुझे बहुत बुरा लगा उस दिन लेकिन मैं काम भी नही छोड़ सकती थी क्योकि दूसरी नौकरी मिलना बहुत मुस्किल था। मैं फिर से अपने काम में लग गई, एक दिन मैं अपने कुर्सी पर बैठी थी और अचानक मेरे हाथ से फाइल नीचे गिर गई और मैं झुक कर उठाने लगी। और उसी वक़्त बॉस उधर से आ रहे थे। जब मैं झुकी तो मेरी पीठ की तरफ मेरी काली पैंटी दिखने लगी और बॉस ने मेरी पैंटी देखी तो उनका तो मूड मेरी चुदाई करने का था। उस वक़्त तो बॉस वहां से चले गये। लेकिन कुछ देर बाद उन्होंने मुझे अपने ऑफिस में बुलाया।

ऑफिस में पहुंची तो बैठे हुए थे, उन्होंने मुझसे कहा – “तुम कुछ दिन पहले सैलरी बढ़ाने के लिए कह रही थी, मैं तुम्हारी सैलरी बढ़ा दूंगा लेकिन उसके बदले में मुझे क्या मिलेगा”। तो मैंने उनसे कहा – “आप को क्या कमी है आप के पास तो सब कुछ है मुझ जैसी गरीब से आप को क्या चाहिए”???
तो बॉस ने कहा – “मैं तुम्हारे जिस्म को पाना चाहता हूँ। जब से मैंने तुम्हे काली पैंटी में देखा है मैं तो तुम्हे चोदने के लिए तडप रहा था”। मैंने बॉस को साफ़ साफ मना कर दिया मैंने उनसे कहा – “मेरी जिस्म बिकाऊ नही है चाहे आप मुझे नौकरी से निकाल दे”। मैं वहां से चली आई। उस दिन मुझे पता चला कि सारे लोग क्यों कह रहे थे बॉस बहुत घटिया है।
जब मैं उस दिन घर आई तो मेरी माँ ने मुझसे कहा – “बेटी मुझे इस महीने पैसे थोड़े ज्यादा चाहिए तुम्हारे भाई का एड्मीसन करवाना है अगर मिल जाये तो ले आना। मैंने माँ से कहा ठीक है मैं ले आउंगी”।
मैं दुसरे दिन बॉस के पास गई और मैंने उनसे कहा – “आप मेरी सैलरी बढ़ा दीजिये मैं तैयार हूँ लेकिन मुझे उसके साथ में कुछ पैसे भी चाहिए। तो बॉस ने कहा ठीक है”।
मैंने उसने पूछा कब चलाना है। तो बॉस ने कहा – आज और अभी। वो मुझे एक होटल में ले गए और वहां अपने कमरे में ले गए। उन्होंने मुझसे कहा – तुम अंदर चलो मैं अभी आता हूँ। मैं कमरे में बैठी थी और कुछ देर बाद बॉस आये। उन्होंने ने मुझसे कहा – अपने कपडे निकालो और मैं मैं भी अपने कपडे निकालता हूँ। मैंने अपने कपडे को निकाल दिया और मैं सिर्फ ब्रा और पैंटी में,, बॉस मुझे ऊपर से नीचे तक देख रहे थे और उनकी नजर मेरे चुचियो पर टिकी हुई थी। मेरी चूची को देखते हुए उनका लंड धीरे धीरे खड़ा होने था। और वो अपने लंड को अपने हाथो से सहला रहे थे जिससे उनका लंड कुछ देर में बिलकुल खड़ा हो गया।

उन्होंने मेरे हाथो को पकड कर मुझे बेड रूम में ले गये और फिर मुझे पाने बाँहों में भर लिया और मेरे गर्दन को चूमने लगे और अपने हाथ  मेरे कमर को दबाते हुए मेरी गांड तक ले गए और मेरी गांड को दबाने लगे, और सह में मेरे गर्दन को पीते हुए मेरे कान को काटने लगे। जिससे मैं भी कुछ ही देर में अपने आप से बाहर हो रही थी और मैंने कुछ देर बाद अपने बोस को कास कर अपने बाँहों में जकड़ लिया और उनके सिर को पकड़ कर अपने चुचियों में दबा दिया, जिससे बॉस भी अपने मुह को मेरी चूची में रगड़ने लगे।
कुछ देर बाद उन्होंने मेरे होठ अपने हाथो से सहलते हुए मेरे होठ को चूमने लगे और फिर मेरे रसीले होठ को पीने लगे। मैंने भी उनके होठ को अपने मुह में लेकर पीने लगी और उनके निचले होठ को पीते हुए मैंने अपने होठ को बॉस के मुह में डाल कर उनको अपने होठ को चूसाने लगी। कुछ देर बाद जब बॉस मेरे होठ को मस्ती में चूसते हुए मेरी चूची को भी दबाने लगे तो मैं और भी पागल होने लगी और जिससे मैं बॉस से और भी कस कर चिपक गई और उनके होठ को जोश में पीते हुए काटने लगी।

बॉस लगभग 30 मिनट तक मेरे होठ को चूसते हुए मेरी चूची को जोर जोर से दबाते रहे और फिर कुछ देर बाद जब उन्होंने मेरे होठ को पीना बंद किया तो उन्होंने मुझे बेड पर लिटा दिया और फिर मेरे कमर में अपने मुह को रगड़ते हुए मेरी चूची की तरफ बढ़ने लगे और कुछ देर बाद उन्होने मेरे ब्रा को मेरी पीठ को सहलाते हुए निकाल दिया और फिर मेरी कमसिन और गुलगुली चूची को सहलाने लगे और दबाने लगे। कुछ देर तक मरी चूची को दबाने के बाद वो मेरे स्तन को चूमने लगे और कुछ ही देर बाद उन्होंने मेरे मम्मो को अपने मुह में डाल लिया और मेरी चूची को पीने लगे और साथ मेरे अपने एक हाथ को मेरी कमर को पर फेरते हुए अपने हाथ को मेरी चूत के पास ले जाने लगे। आप ये कहानी देसी पोर्न स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
जब वो मेरे मम्मो को पी रहे तो मुझे बहुत मज़ा आ रहा था लेकिन कुछ देर बाद जब उन्होंने मेरी चूत को सहलाते हुए अपने हाथ को मेरी पैंटी में डाल दिया और मेरी चूत को सहलाते हुए अपने उंगलियो से मेरी चूत के दान को मसलने लगे तो मैं और भी कामातुर हो गई और मैं मचलने लगी। कुछ ही देर में बॉस मेरी चूची को भी जोर जोर से पीने लगे जिससे कभी कभ उनके दांत मेरी चूची में चुभ जाते और मेरे मुह से हलकी सी चीख निकल जाती थी। लेकिन कुछ देर बाद जब बॉस मेरी चूची को काटने लगे और साथ में मेरी चूत को भी जोर जोर से दबाने लगे तो मैं तो पागल हो रही थी चुदने के लिया और मैं अपने चूची को दबाने लगी थी।

कुछ देर बाद बॉस ने मेरे मम्मो को पीना बंद कर दिया और उन्होंने मेंरी पैंटी को निकाल कर नीचे फेंक दिया और फिर बॉस ने मेरे जांघ के सहलते हुए मेरे चुकनी जांघ को चूमने लगे। और फिर कुछ देर बाद उन्होंने मेरी चूत की दीवार को अपने हाथ की उंगलियों से सहलते हुए अपने उंगलियों को मेरी चूत में डालने लगे। उनकी उंगली मेरी चूत में बार बार अंदर बाहर हो रही थी और बॉस साथ में मेरी चूत को चूम भी रहे थे और जिससे मै मदहोश होने लगी , वो लगतार मेरी चूत में उंगली कर रहा रहा था और मेरे मुह से आह आह … उफ़ उफ़ उफ़ .. मम्मी .. अह अहह ..की आवाज़ निकाल रही थी। जितनी तेज वो मेरे चूत में उंगली कर रहा था उतनी ही तेज मेरे मुह से अहह … अहह…. की आवाज़ भी निकाल रही थी। बॉस के मेरी चूत में उंगली करने से मेरे पूरे शरीर में करंट सा लग रहा था। बोस ने अपनी दो उँगलियों को क्रोस में करके मेरी चूत में डालने लगे। अब तो मुझे और भी मदहोशी हो रही थी, अंत में मेरी चूत से पानी निकलने लगा। और वो उस पानी को अपने मुह पी लिया।
मेरी चूत के पानी पीने के बाद उन्होंने उन्होंने अपने लंड को निकाला। जब मैंने उनके लंड को देखा तो मैने सोचा आज तो मेरी चुदाई से बहुत बुरा हाल होने वाला हाई क्योकि बॉस का लंड बहुत बड़ा और मोटा था। बॉस ने अपने लंड को मेरी कमर में लगते हुए मेरी चूत के पास लाये और लंड को जोर का झटका देकर मेरी चूत में डाल दिया जिससे मैं जोर से…. आह आह आःह्ह उह उह्ह उह…. मम्मी आःह्ह आह्ह्ह्ह …. करके चिल्लाई और अपने चूत को मसलने लगी। और फिर बोस ने अपने लंड को मेरी चूत में बार बार अंदर बाहर डालने और निकालने लगे। वो मुझे गपागप गपागप पेलने लगे थे। उनका लंड मेरी चूत को चीरते हुए अंदर तक जा रहा था और मेरी चूत को फाड रहा था। और कुछ देर बाद जब वो मुझे बहुत तेजी से… लगे तो मैं अपने फुद्दी को जोर जोर से मसलते हुए……उंह उंह उंह हूँ…. हूँ… हूँ.. हमममम अहह्ह्ह्हह…. अई….अई हा हा हा…. ओ हो हो…. उ उ उ उ ऊऊऊ …..ऊँ….ऊँ….ऊँ अहह्ह्ह्हह प्लीसससससस……प्लीसससससस, उ उ आराम से चोदो आह आह्ह.. बहुत दर्द हो रहा है ….करके मैं चीखने लगी।

कुछ देर लगातार मेरी चुदाई करने के बाद बोस ने अपने लंड को निकाल कर मेरे मुह पर मुठ कर अपने स्पर्म को मेरे मुह पर गिरा दिया और मुझे जबरदस्ती ही जीभ से चटवाया।
दोस्तों, इस तरह से मेरी चुदाई हुई और मेरी सैलरी बढ़ी।