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Porn stories in Hindi

तीन चुत और अकेला लंड मेरा

हेलो दोस्तों कैसे हो आप सब मुझे उम्मीद है मेरे सभी प्यारे दोस्त रोज जमकर लड़कियों की चूत मारते होंगे और उन सभी की चीखें निकाल कर रख देते होंगे. मेरी भी भगवान से बस यही दुआ है कि आप सभी एकदम ठीक रहे और साथ ही आप के लंड हमेशा खड़े रहें और लड़कियों की चूत और गांड में पड़े रहे.

मैं राज आज फिर से अपने साथियों के लिए अपनी एक नई कहानी लेकर आया हूं, मुझे पूरी उम्मीद है आपको मेरी आवाज की कहानी बहुत पसंद आएगी और अपने लंड का पानी निकाल देगी. मुझे आज अपने आप पर इतना विश्वास है कि आपको आज की कहानी पढ़ कर मजा बहुत आएगा.

तो दोस्तों मैं कहानी शुरू करता हूं.

दोस्तों यह बात तब की है जब मैं एक कॉलेज में लगा हुआ था. मेरे एक अंकल हैं जोकि उस कॉलेज में लगे हुए थे. जब उन्हें पता चला कि मैंने एमबीए कर ली है और आजकल फ्री हूं, तो उन्होंने मुझे अपने कॉलेज में रख लिया. मैं वहां जा सारा काम देखने लगा सब टीचर्स आते हे की नहीं और मेंटेनेंस वाले वगैरा वगैरा.

मुझे स्टडी का बहुत ही शौक है इसलिए मुझे काफी नॉलेज है, इसलिए जब कोई टीचर नहीं आती थी तो मैं उस क्लास को पढ़ा देता था, दोस्तो अब मैं उस कॉलेज का नाम नही बताऊंगा.

मैं हर रोज कॉलेज जाता था क्योकि कॉलेज में ७०% लड़कियां थी और सिर्फ ३०% लड़के थे. मुझे लड़कियों के बीच रहना बहुत ही अच्छा लगता था क्योंकि कॉलेज में लड़कियां आसानी से चोदने के लिए मिल जाती है.. मैंने दो महीने में ही करीब १८ लड़कियां और  ४ टीचर चोद डाली थी..

अब मुझे उस कॉलेज में जॉब करते हुए ८ महीने हो चुके थे और अब तक ना जाने कितनी चूत में अपना लंड डाल दिया था. पर मेरे लंड को जो चूत चाहिए थी वह ना जाने मुझे कब मिलेगी.. मेरे कॉलेज में तीन लड़कियां बहुत ही मशहूर है, एक का नाम नैंसी है, दूसरी का नाम निशा है और तीसरे का नाम निलम है. इन तीनों को सब N3 कहते हैं.

दोस्तों सच में काफी मशहूर है, क्योंकि एक तो वह लास्ट इयर में थी और तीनों की तीनों एक से बढ़कर एक है, अगर उनकी खूबसूरती की बात करेंगे तो उन तीनों का कोई मुकाबला नहीं है, पूरे कॉलेज में और सबसे बड़ी बात तो यह थी कि वह तीनों बहुत ही खुले नेचर की थी..

मतलब की वह तीनो क्लास रूम में बाहर यहां तक पूरे कॉलेज हर किसी को गालियां निकाल देती थी, इसलिए लड़के और टीचर उन तीनों से बात करने में थोड़ा सा डरते हैं. और मुझे उनकी गालियां सुनना बहुत ही पसंद है, क्योंकि जब उनके गुलाबी होंठ में लंड लंड की आवाज आती है तो मेरा लंड झट से खड़ा हो जाता है.

मैं उनके जिस्म को देख कर पागल सा हो जाता था, इसलिए किसी लड़की को अपने केबिन के बाथरुम में जाकर उसको अपना लंड अच्छे से चूसवाता और अपने लंड का पानी निकालता था और मैं करता भी तो क्या? क्योंकि मैंने अभी तक उन से बात तक नहीं करी थी..

एक दिन उन का एक टीचर नहीं आया और मुझे उनकी क्लास लेनी पड़ गई. मैं अंदर ही अंदर बहुत खुश था क्योंकि आज उन तीनों से बात करने का एक अच्छा मौका था, मैं क्लास में गया और क्लास लेनी शुरू करी तो कुछ देर बाद मैंने निशा को खड़ा किया और उसे ४ सवाल पूछे..

पर उसने एक भी सवाल का जवाब सही नहीं दिया, जब मैंने उसे अगला सवाल पूछने लगा, तो वह बोली सर और कितनी मारोगे? बस करो.

उसके मुंह से यह बात सुनकर मैं बोला – मैं क्या मार रहा हूं तुम्हारी??

निशा – सर आप मेरी गांड मार रहे हो, वह भी सबके सामने..

उसके मुंह से ऐसी बातें सुन कर मेरा लंड खड़ा हो गया.

मैं – अभी तो मारनी शुरू करी हे देखती जाओ..

मैंने अपना हाथ अपने लंड पर सेट कर रहा था कि तभी नैंसी बोली देखो निशा अब तो सर का लंड खड़ा हो गया है, अब तो तेरी गांड फाड़ कर ही छोड़ेंगे..

इतना सुनते ही मैंने नैंसी को भी खड़ा कर दिया और उसे सवाल पूछने शुरू कर दिया.

नैंसी – सर आप तो अब मेरी भी मारने लगे..

मैं – क्यों तूने नहीं मरवानी क्या?

मेरी बात सुनकर सारी क्लास जोर जोर से हंसने लगी..

नैंसी – नहीं सर ऐसी बात नहीं है, आप तो बहुत ही हैंडसम हो. मैं जरुर मरवाऊंगी…

मैं गुस्से में बोला क्या लगा रखा है यह तुम तीनो ने? यह क्लास है कोई रंडी खाना नहीं.. समझी शटअप एंड सिट डाउन.

मेरे गुस्से वाले अंदाज को देखकर पूरी क्लास को शांत हो गई और मैंने जाते जाते इशारों इशारों में कह दिया कि

देखो स्टूडेंट यह आपका लास्ट सेमिस्टर है और अगले महीने आप के एग्जाम है और मैं नहीं चाहता हूं कि आपका यह साल खराब हो जाए, तो प्लीज किसी को भी किसी तरह की दिक्कत हो तो मुझे बता देना. मैं आप सब की हर मुमकिन मदद करुंगा.

असल में मैं उन तीनों को यह कहना चाहता था कि तुम मुझे अपनी चूत दो और मैं तुम्हें एग्जाम पास करा दूंगा, क्योंकि मेरी इतनी पावर थी कि मैं किसी को भी पास फेल करा सकता था.. मेरा आइडिया काम कर गया.

जब कॉलेज की छुट्टी होने वाली थी तभी वह तीनों मेरी केबिन में आई और बोली सर हम आपके घर आना चाहते हैं, तो बोलो कब आए?

मैं – क्यों क्या हुआ, ऐसी कौन सी बात है कि तुम मेरे घर आना चाहती हो?

निशा – सर बात ही कुछ ऐसी है कि यहां हम कर नहीं सकते..

मैं – पर.

नैंसी – सर आप भी अब चुतियों की तरह सोचो मत, प्लीज जल्दी से टाइम बताओ.

मैं – ठीक है परसो संडे है तो तुम १२ बजे तक घर आ जाना..

नीलम –  ठीक है भेन्चोद फिर संडे को मिलते हैं, गांड पर ओइल लगा कर रखना हम तीनो आपकी गांड मारेंगे..

मैं – तुम आ तो जाओ. फिर देखते हैं कि कौन किस की गांड मारता है?

वह तीनों उसके बाद चली गई और मैं भी अपने घर चला गया, मेरा अगला दिन ऐसे ही टाइम पास करते हुए निकल गया. उस दिन मैंने श्रद्धा नाम की एक लड़की को भी चोदा क्योंकि साली वह उस दिन ज्यादा ही मेरे आगे पीछे घूम रही थी इसलिए मैंने साली को बाथरुम में ले जाकर चोदा. उसको मैंने गुस्से में इतनी बुरी तरह चोदा कि उसे चलना भी मुश्किल हो गया, पूरे कॉलेज में पता चल गया था कि आज श्रद्धा कॉलेज में ही किसी से चूद गई है.

अगले दिन १२ बजे वह तीनों मेरे घर आ गई, और मैंने उनका सब का वेलकम किया और उनको सोफे पर बैठा कर खुद उसके सामने बैठ गया.

मैं – बोलो चाय बनाउ?

निशा – नहीं सर आगे ही इतनी गर्मी है..

मैं – तो क्या पियोगी?

नैंसी – सर आप जो मर्जी पिला सकते हो.. हम सब कुछ भी पी लेती है.

मैं – क्या?

नीलम – सर इस बहन की लोहड़ी का दिमाग खराब हो गया है. यह ड्रिंक की बात कर रही है.

मैं – मुझे तुम रंडियों की सारी बातें समझ आती है, बोलो तो बियर लाऊ?

नैंसी – क्या बियर सच में बीयर है?

मैं – हां है, एकदम ठंडी है.

तीनों एक साथ बोली हां सर ले आओ प्लीज.. इस गर्मी में बियर मिल जाए तो मजा ही आ जाए.

मैं – ठीक है तुम बैठो मैं अभी ले कर आता हूं.

उसके बाद मैंने उन्हें बियर पिलाई साली तीनों ने १० मिनट में ही ६ बोतल साफ कर दी.

नैंसी – सर हम आपसे एक बहुत जरुरी बात करने के लिए आए हैं.

मैं – हां बोलो क्या बात है?

निशा – देखिए सर जैसा कि आपको भी पता है यह हमारा लास्ट ईयर है.

मैं – हां बोलो क्या बात है मैं जानता हूं.

नीलम – तो सर हम तीनों नहीं चाहती कि यह लास्ट इयर हमारा खराब हो, हम साफ साफ कहते हैं कि हमें स्टडी में कुछ भी नहीं आता है..

नैंसी – और ऊपर से पिछले सेम की दो दो रीएपियर हे वह अलग से..

निशा – आप चाहे तो हम तीनों गांड चूत जो मर्जी मार लो, पर प्लीज हमें जैसे तैसे पास करा दो.

मैं – पास?

नैंसी – पास नहीं १०० में से १०० आने चाहिए, उसके बदले आप हमारे जिस्म के साथ कुछ भी कर सकते हैं.

मैं – कुछ भी?

निशा – हा कुछ भी, दिन रात चोदिये या आपके मन में जो आए वह करिए पर कैसे भी करके आप हमें पास करा दीजिए.

मैं – देखो सालियों काम बहुत ही बड़ा है, और उसकी कीमत भी बड़ी हो सकती है. सोच लो एक बार और..

नैंसी – हां भेन्चोद सोचकर ही आए हैं तेरे पास.. अब बोल तू हमारी चूत मारेगा या गांड?

मैं – मां की लोडी जरा इज्जत से बात कर ले, मैं तेरा लंडवा आशिक नहीं हूं समझी.

निशा – सॉरी सर यह है ही साली रांड, नैंसी कुत्ती तू चुप रह दो मिनट..

मैं – ठीक है आज से एक्जाम होने में ३६ दिन रह गए हैं, आज शाम से तुम तीनों ३ घंटे मेरे पास आओगी और मैं तुम्हें स्टडी कराऊंगा और अगर तुम पास हो गई तो रिजल्ट के अगले दिन से अगले ३६ दिनों तक तुम तीनों को मुझसे दीन के ६ घंटे तक चुदना होगा बोलो मंजूर है?

नैंसी – क्या ६ घंटे तक? क्या आपके लंड में इतनी ताकत है जो हम जैसे रंडियों को ६ घंटे तक चोदा सके?

में – बहन की लोहड़ी तेरी मां की चूत, साली रंडी तू अपनी गांड पर तेल लगाकर आईयो  तेरी तो मैं मां चोदूंगा, मैंने तेरी गांड फाड़ कर तुझे तेरी नानी याद नही दिलाई तो मेरा नाम भी राज नहीं है..

फिर वह अपने घर चली गई और शाम अपनी बुक लेकर मेरे घर आ गई, और मैंने उन्हें अगले ३६ दिनों तक अच्छे से पढ़ाया और फिर जब उनके एग्जाम दिए तो मैंने उनके एग्जाम खुद चेक कीये और उनका बचा हुआ एग्जाम खुद लिख कर उनको सभी सब्जेक्ट में ९९% मिला दिया.

जिस दिन उन का रिजल्ट आया वह खुशी से नाचती हुई मेरे घर आई  और मेरे मुंह में रसगुल्ला डाल कर बोली, सर कल से चूदाई के लिए अपने लंड को तैयार रखना, कल हम तीनों रंडियां आप के लंड का पानी निकालने के लिए आ रही है.

मैं तो पहले से करीब २० दिन से ना तो मुठ मारी थी और ना ही किसी की चूत मारी थी, क्योंकि मुझे अगले ३६ दिन रात चूदाई करनी थी, वह दिन संडे का दिन था मैं सुबह करीब ७ बजे उठ गया और नहा धोकर तैयार होकर उनका इंतजार कर रहा था.

फिर ११ बजे तीनों रंडियां मेरे घर में आ गई मैंने उन्हें अंदर लिया और उनको सोफे पर बिठाया और कहा देखो मेरा एक दोस्त है रमन वह भी आ रहा है, मेरे साथ वह भी तुम्हें चोदेगा.

नैंसी – सर बात आपसे चुदने की हुई थी.

मैं- मां की लोडी तू तो चुप ही कर.. वो तेरा बाप एग्जाम चेकर है, जिसने तुम रंडियों को पूरे कॉलेज में टॉप करवाया है, समझी?

निशा – सर आप टेंशन ना लो और चाहिए तो अपने ४ और दोस्त ले आओ, हम तीनों सब का पानी निकाल देंगे.

मैं – नहीं बस हम दो ही काफी है.

कुछ ही देर में रमन भी आ गया. फिर निशा ने अपने मोबाइल में एक सॉन्ग प्ले किया और हम दोनों के सामने नाचने लगी. फिर कुछ ही देर में निशा और नेंसी भी नाचने लगी. हम दोनों बैठे बीयर पी रहे थे और वह तीनो नाच रही थी.

करीब ५ मिनट के डांस के बाद वो तीनो एकदम नंगी हो गई और हम दोनों तीनों नंगी  को नाचता देखकर पागल हो रहे थे, वह तीनों एक दूसरे के मोटे मोटे बोबे मसल रही थी और आपस में किस कर रही थी. उनकी एक-एक पोजीशन हम दोनों को पूरी तरह से अपना दीवाना बना रहे थे.

फिर निशा और नीलम हम दोनों के पास आई और हम दोनों को खड़ा करके अपने साथ डांस करवाने लगी.

नैंसी – अरे यार इन लोगों को शर्म नहीं आती? यहां हम तीनो बिल्कुल नंगी है और यह बहन के लोड़े कपड़े डाल कर नाच रहे हैं..

फिर नीलम ने रमन को और निशाने मुझे पूरा नंगा कर दिया. जब उन्होंने मेरा ९ इंच का लंड और रमन यानी मेरे दोस्त का ८ इंच का लोड़ा देखा तो उन तीनों की आंखें फटी की फटी रह गई…

मैं – क्यों मां की लोडी नैंसी देखा नहीं है क्या आज तक ऐसा लंड?

नैंसी – देखा है पर ऐसा लंड तो घोड़े का होता है, आपने घोड़े का लंड तो नहीं लगा लिया है?

मैं – नहीं मेरी रंडी.. अब देख मैं तेरी गांड कैसे मारता हूं.. कहा था ना मेने अपनी गांड पर तेल लगाकर आईयो.

नैंसी – कहा तो था पर मुझे क्या पता था कि मैं आज इंसान से नहीं एक घोड़े से चूदने वाली हूं..

निशा – सर आप दोनों के लंड तो एक से बढ़कर एक है, आज तक हमने बहुत से लंड लिए है, पर ऐसा लंड तो हमने पहली बार देखा है.

नीलम – निशा तू ठीक कह रही है, पर अब तो हम तीनों बुरी तरह से फस गए हैं. अब तो भगवान के नाम लेकर शुरू हो जाओ और सर आप दोनों प्लीज आराम से चोदना क्योंकि आज से अगले ३५ दिन तक हम सिर्फ आपकी है..

रमन –  सालियों एक बार हमारे लंड को ले लो.. मां की कसम तुम कभी किसी और का लंड नहीं लोगी..

फिर क्या था? नीलम और निशा मेरे लंड पर लग गई और नैंसी रमन के लंड पर लग गई, वह तीनो हम दोनों के लंड अच्छे से चूसने लगी.

मैं – नैंसी तेरी मां की चूत साली.. चाहिए तो रमन का लंड चूस ले. पर तेरी गांड में लंड तो मेरा ही जाएगा.

नैंसी – सॉरी सॉरी प्लीज मुझे माफ कर दो.

मैं – माफ मैं आज तेरी गांड मारकर ही करूंगा.

नैंसी ने फिर अच्छे से पहले रमन का लंड चूसा और करीब ३० मिनट की लंड चुसाई के बाद मैंने नेंसी को सोफे पर घोड़ी बनने को कहा.

फिर निशा ने उसकी गांड अच्छे से चाट कर गीली कर दी और नीलम ने मेरा लंड चूस कर गीला कर दिया.

मैंने रमन को कहा कि इस रंडी को अच्छे से पकड़ ले, कही भाग ना जाए. निशा ने अपना बूब्स नैंसी के मुह में घुसा दिया ताकि वह चिल्ला ना सके, उसके बाद मैंने अपना लंड उसकी गांड पर सेट किया और जोरदार धक्के के साथ अपना आधा लंड उसकी गांड में उतार दिया.

नैंसी की गांड फट चुकी थी थोड़ा थोड़ा खून भी बाहर आ रहा था. उसकी आंखों से आंसू आने लगे पर मैंने एक और धक्का मारा और अब की बार अपना पूरा लंड उसकी गांड में घुसा दिया, फिर उस रंडी पर कोई रहम ना करते हुए उसकी गांड २० मिनट तक अच्छे से मारी.

फिर उसके बाद हम दोनों ने तीनों को मिलकर पहले दिन करीब ८ घंटे तक चोदा और उस दिन मैंने नैंसी को इतनी बुरी तरह चोदा कि वह मेरे घर ही रही, क्योंकि उसे चला तक नहीं जा रहा था. फिर हम दोनों ने मिलकर हर रोज उनकी गांड और चूत अगले ३५ दिन तक चोदी.

उन्होंने उसके बाद कुछ दिन रेस्ट किया और फिर अगले दिन मेरे लंड को लेने मेरे घर आ गई, अब हाल यह है कि वह तीनों हर हफ्ते मुझसे करीब ४ बार अच्छे से चुद कर जाती है..

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