३ सहेलियाँ और चूत की मस्ती

हेलो दोस्तों, मेरा नाम स्वाति है, और मैं २५ साल की बहुत ही ज्यादा चुदासी  हाउसवाइफ हूं. मैंने अपनी पिछली सेक्स स्टोरी (मेरी पहली चुदाई की दास्तान) में बताया कि मैं और मेरी बेस्ट फ्रेंड सीमा १५ साल की उम्र से एक दूसरे की चूत चाट रहे हैं, और मैंने १६ साल की उम्र में ही पहली बार किसी लड़के से अपनी चूत चुदवाई थी. मेरी शादी को अभी एक साल हो चुका है और मेरे पति अभी मुझे दिन रात चोदते हैं और में उनकी चुदाई से बहुत संतुष्ट हो जाती हु क्योंकि वह मुझे एक जानवर की तरह चोदते हे और मुझे ऐसी ही चुदाई पसंत हे.

पिछले महीने मेरी और मेरी बेस्ट फ्रेंड सीमा (उसकी भी अब शादी हो चुकी है) हमारी एक और सहेलि आंचल की शादी के लिए मुंबई से पुणे आए थे 5 दिनों के लिए. अंचल बहुत ही सीधी लड़की थी और उसका कभी कोई बॉयफ्रेंड भी नहीं था, वह आज तक कभी नहीं चुदी थी और सेक्स के बारे में ज्यादा जानती भी नहीं थी. ऐसा कहो के चुदाई के बारे में वह अभी एक बच्ची थी और एकदम भोली भाली थी.

अब हम शादी में गये थे तो वह पर रोज कोई ना कोई फंक्शन हो रहा था शादी का. दूसरे दिन संगीत था और लड़के वाले आने वाले थे, मैं और सीमा ज्यादा किसी को जानते नहीं थे वहां पर तो हम दोनों अलग बैठ कर बातें करने लगे.

जब सीमा की निगाहें आंचल के होने वाले पति पर पड़ी तो वह बोली स्वाति जरा इसे देख तो, इसकी तो शक्ल से ही कमीनापन टपक रहा है, बेचारी आंचल को पहली रात से चोद चोद के पागल कर देगा, मैं बोली आंचल की चूत तो अभी भी कुंवारी है, यह जानवर तो सुहागरात पर उसकी चूत जैसे फाड़ ही देगा.

इतना कह कर मैं और सीमा हंसने लगे और फिर संगीत का फंक्शन इंजॉय करने लगे, संगीत में बहोत सरे सेक्सी मर्द आये हुए थे और हम पर निगाहे गडा रहे थे और हमें उनको आकर्षित करने में मजा आ रहा था. हम ने भी सब के साथ संगीत का बहोत मजा लिया, जब संगीत का प्रोग्राम खत्म हो गया तब सब अपने अपने कमरे में चले गए और मैं, सीमा और आंचल एक कमरे में ही ठहरे थे, हम तीनों ने अपने अपने कपड़े चेंज किए और फिर हम अपनी अपनी बातें करने लगे.

मैंने आंचल से कहा : बस ३ दिन और, फिर तेरी सुहागरात है, कैसा लग रहा है तुझे?

आंचल बोली : मुझे तो बहुत डर लग रहा है यार, तुम दोनों को तो पता है कि मैं यह तक नहीं जानती कि सुहागरात पर क्या क्या होता है.

सीमा बोली अरे पगली डर मत सूहागरात पर तो जन्नत नसीब होती है, तेरा पति पहले तुझे नंगा कर देगा फिर खुद नंगा होगा और फिर तुझे रात भर चोदेगा.

आंचल सहम के बोली : इसी बात से तो डर लग रहा है, मुझे तो नंगी होने में ही शरम आएगी और पहली चुदाई में तो दर्द भी होगा ना?

सीमा बोली शर्माने की क्या बात है? जिसके सामने सारी जिंदगी नंगा होना है उसे क्या शर्म? और उस दर्द के बाद ही असली मजा मिलता है. अपनी स्वाति से पूछ जरा…  यह मैडम तो १६ साल की कच्ची उम्र से चुदवा रही है.

सीमा हसने लगी थी और आंचल ने हैरान होकर पूछा स्वाति क्या यह सच है?

मैंने हंसते हुए कहां हां तो उसमें क्या बड़ी बात है? और यह सीमा भी कोई कम नहीं है, ईसने भी तो पहली बार तभी चुदवाया था, और मेरी चूत को लड़को की लंड के लिए तैयार तो सीमा ने ही किया था.

यह बोल कर मैं और सीमा जोर जोर से हंसने लगी और आंचल शोक होकर थोड़ी देर हमारी तरफ देखती रही और बोली, मतलब तुम दोनों एक दूसरे के साथ भी??

मैंने बोला, और नहीं तो क्या पगली? हम दोनों तो १५-१६ साल की उम्र से ही एक दूसरे की चूत की आग शांत कर रहे हैं.

आंचल तो बिल्कुल हैरान रह गई थी हम दोनों की बातों से और कहने लगी तुम दोनों कितनी बिगड़ी हुई हो.

तो सीमा ने कहा इसमें बुराई ही क्या है पगली? अपनी सहेली से चूत चटाने की बात ही कुछ और है.

मैंने सीमा की नाइटी के ऊपर से उसकी चूची नोचते हुए कहा, अब कहां तुझे मेरी याद आती है? तेरा देवर जो आ गया है.

आंचल ने पूछा इसका देवरा गया है मतलब?

तो मैंने हंसते हुए उसे बताया, सीमा का पती ईसे रोज रोज नहीं चोदता है, पर इस रंडी को रोज रोज चूत में आग लगती है तो रात में जब उसका पति सो जाता है, तब इसका देवर ईसे छत पर ले जाकर उसकी चूत बजाता है, तो सीमा बोली हां यार देवर जी पूरी रात ऐसे चोदते हैं कि सुबह खड़ी भी नहीं हो पाती हूं में कभी कभी.

आंचल यह सब सुन कर बोली तुझे शर्म नहीं आती पराए मर्दों के साथ यह सब करने में?

तो सीमा ने मेरी तरफ इशारा करते हुए बोला इसमें क्या शर्माना? यह स्वाति भी अपने पड़ोसी सूरज से अपनी चूत चुद्वाती है कभी कभी..

मैंने हंसते हुए बोला मुझे तो कभी कभी ही जरूरत पड़ती है जब पति टूर पर जाते हैं तब, वरना तो रोज रात में मेरे पति मुझे जानवर की तरह चोदते हैं और मुझे स्वर्ग का सुख दे देते हे.

आंचल ने सहम के पूछा और कभी तेरा मन ना हो तो?

तो मैंने कहा मन हो या ना हो इससे उन्हें क्या फर्क पड़ता है? अगर मैं कभी मना कर दूं तो गुस्से में आकर चूत फाड़ चुदाई करते हैं और मजा ईतना आता है कि पूछो मत, में तो कभी कभी जान बुज कर मना कर देती हु ताकि वह गुसा हो कर मुझे जोर जोर से पेल के मुझे मजा दे दे.

मैं और सीमा चुदाई की बातों से गर्म होने लगे थे, मैंने फिर आंचल से कहा देख तू सीधे अपने पति से चुदेगी तो शरम भी आएगा और दर्द भी होगा, उसे अच्छा है आज हम दोनों के साथ थोड़ी प्रैक्टिस कर ले जिस से तेरी थोड़ी शर्म भी काम हो जाये और तुजे थोडा ज्ञान भी मिल जाए.

आंचल ने हैरान होकर बोला क्या मतलब?

सीमा ने हंसते हुए कहा मतलब यह की नंगी हो जा और बाकी सब हम दोनों पर छोड़ दे.

आंचल हम को बोली पागल हो क्या तुम दोनों? मैं ऐसा नहीं करुंगी.

मैंने कहा ठीक है जैसी तेरी मर्जी. मैंने सीमा की तरफ देखा और आंख मारी और अपनी नाइटी उतार दी सीमा भी नंगी हो गई और उसने मेरी ब्रा और पेंटी भी उतार दी, आंचल बड़ी घबराई हुई हम दोनों को देख रही थी, सीमा ने मेरी एक चूची को नोचते हुए दूसरी चूची को चूसना चालू कर दिया.

मैंने आंचल की तरफ देख कर कहा देख ले ३ दिन बाद तेरा पति भी यही सब करेगा.

सीमा मेरी चूत चूसते हुए मेरी चूत सहलाने लगी और मैं खुशी से वह आह हो अहह ओह अहह उह्ह अम्म करने लगी. आंचल भी थोड़ी थोड़ी मूड में आ रही थी और उसके चेहरे पर दिख रहा था कि वह एक्साईट हो रही है. मैंने आंचल के पास गई और उसकी टी शर्ट के अंदर हाथ डाल दिया और उसकी सूची पर हाथ लगा के कहा, तेरी भी चूची बड़ी हो रही है, अब नाटक मत कर और होजा नंगी.

मैंने और सीमा ने उसे नंगा कर दिया, और वह मुस्कुराने लगी, सीमा उसकी चूची को नोच नोच कर चूसने लगी और आंचल तो जैसे पागल ही हो गई थी.

आंचल चिल्लाते हुए बोली कितना मजा आ रहा है सीमा आह ओह्ह अह्ह्ह औउ ओह हहह अम्म्म चुसती रहना प्लीज आह्ह्ह ओह्ह्ह.

मैंने बिना कुछ बोले उसकी चिकनी चूत में उंगली डाल दी और वह चीखी यह क्या कर रही है स्वाति?

मैंने हंसते हुए कहा अभी उंगली से चुदवा ले अपनी चूत नहीं तो ३ दिन बाद पति के लंड से चुद कर बेहोश हो जाएगी.

आंचल को अब मजा आने लगा था और वह बोली अगर ऐसा है स्वाति तो अपनी उंगली से चोद डाल मेरी चूत को.

थोड़ी देर में आंचल ने पानी छोड़ दिया और फिर वह और सीमा मुझे चूमने लगे. अब आंचल मेरी चूची चूस रही थी और सीमा मेरी चूत सहला रही थी, मैं २ दिन से नहीं चूदी थी तो इतना मजा आ रहा था, आचल मेरी चूची मजे से चूस रही थी और अब सीमा ने मेरी चूत चाटना शुरु कर दिया था. आधे घंटे में मैंने भी छोड़ दिया अब बारी सीमा की थी मैंने उसकी चूची चूसी और आंचल में उसकी चूत कुतिया की तरह चाटना शुरू कर दिया. थोड़ी देर में उसने भी जड़ दिया और हम तीनों नंगी ही लेट गए.

अंचल ने बोला यार स्वाति यह चुदाई तो बड़ी मस्त चीज है यार..

मैंने कहा पागल यह तो कुछ नहीं है जब पति के लंड से चुदेगी की तो देखना कैसे मदहोश हो कर चुदवायेगी तू रोज़..

आंचल हंसते हुए बोली पर अभी तो मेरी सुहागरात में ३  दिन बाकी है, अब तक रोज रात को हम तीनों ऐसे ही प्रेक्टिस करते हैं.

मैंने और सीमा ने हंसकर कहा हां बिल्कुल, हम दोनों को वैसे भी रोज रात चुदास लगती है.

हम तीनो एक दूसरे से चिपक के नंगी ही सो गई और उसकी सुहागरात तक ३ दिन हम तीनों नंगी होकर एक दूसरे की चूत बजाते थे.

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