अब्बा ने कामवाली को मस्त ठोका

कामवाली के गले में चांदी की चेन को देख के माँ समझ गई थी की उसके पैसे अब्बा ने ही दिए होंगे. अब्बा के आगे अम्मी की एक नहीं चलती हे क्यूंकि वो बड़े स्ट्रिक्ट हे और अम्मी को खूब मारते हे. दोस्तों मेरा नाम अब्बास हे और मैं राजस्थान से हूँ. मेरे घर में मेरे अब्बा अम्मी और एक छोटी बहन के अलावा ये कामवाली सुल्ताना भी हे. सुल्ताना कलर से काली हे लेकिन उसका फिगर बड़ा ही भड़कीला हे. उसकी गांड ऊपर की तरफ उठी हुई हे और ठुमक ठुमक के चलती हे तो लंड खड़ा कर देती हे. अब्बा भी इस सेक्सी गांड और बड़े चुन्चो पर फ़िदा हुए हे.

मेरी छोटी बहन की डिलीवरी के बाद अम्मी का बदन  थोडा फुल गया हे. वो पहले स्लिम थी और बड़ी सेक्सी लगती थी. लेकिन अब उसकी चूचियां ढल गई गे और पेट बहार की और आ गया हे. शायद इसलिए अब्बा का ध्यान सुल्ताना में लगा हुआ हे और वो उसे बहुत चोदते हे. आज के इस Hindi sex kahani में मैं आप को ऐसा ही एक किस्सा बताता हूँ. जब मैंने अपनी आँखों से अब्बा को कामवाली की चूत और गांड चोदते हुए देखा था.

उस दिन अम्मी भी घर पर ही थी. अब्बा की ऑफिस में 3 दिन की छुट्टियाँ थी. और छुट्टी का वो पहला ही दिन था. अम्मी निचे सब्जी काट रही थी. मैं अपने दोस्तों के साथ खेलने गया था वहां से वापस आया. अम्मी मुझे देख के थोड़ी खिचकी. लेकिन मेरा ध्यान पहले नहीं गया. जब मैं सीढियों से ऊपर जाने को था तो अम्मीने कहा, अब्बास ऊपर क्यूँ जा रहे हो?

बड़ा अजीब सवाल था, ऊपर मेरा कमरा था वही जा रहा था मैं. अम्मी को देखा तो उसकी साँसे तेज थी. मैं कहा, कही नहीं कमरे में.

तो अम्मी ने कहा, एक काम करो मेरे लिए आइसक्रीम ले आओ मार्किट से जरा तबियत खराब लग रही हे.

मैं बोला ठीक हे.

मैं निचे उतर के अम्मी से पैसे ले के आइसक्रीम ले आया. वापस आया तो अम्मी किचन में सब्जी बना रही थी. मैंने फ्रीजर में आइसक्रीम रखा और ऊपर चला गया. अम्मी ने मुझे नहीं देखा था.

मैं ऊपर के कमरे के आगे से अपने कमरे की तरफ बढ़ा तो मुझे अन्दर से आह आह ओह ओह की आवाज आई. मेरे कमरे के ठीक बगल का कमरा था वो. मैं धीमे पाँव से अपने कमरे में घुसा और अन्दर से बंध कर दिया. फिर दोनों कमरे के बीच में जो रोशनदान था वहाँ पर चढ़ गया मैं. वहां से मैंने बगल के कमरे में देखा तो अब्बा और कामवाली की लाइव बब्लू फिल्म देखने को मिली. जी हाँ मेरे अब्बा हमारी कामवाली सुल्ताना के साथ पुरे नंगे थे उस कमरे में.

सुल्ताना बेड में बैठी हुई थी और मेरे अब्बा लेटे हुए थे. अब्बा का लंड मेरे सामने था. वो कुछ 7 इंच जितना बड़ा और एकदम मोटा था. कम से कम 4 इंच मोटा होगा मेरे अब्बा का पेनिस. सुल्ताना बड़ी सेक्सी लग रही थी. उसकी काली चुंचियां थी और निपल्स तो एकदम शुध्ध काले थे और नुकीले. वो अब्बा के लौड़े को अपने मुहं में भर के चुस्से लगा रही थी. और साथ में उसे अपने हाथ से हिला भी रही थी. कमरे से जो आह आह ओह ओह की आवाज थी वो मेरे अब्बा के मुहं से आ रही थी.

सुल्ताना ऐसे सेक्सी अंदाज से लंड को जो चूस रही थी. अब्बा सुल्ताना के मुहं को अपने लंड पर दबा के उसे फुल एन्जॉय कर रहे थे. सुल्ताना भी अब्बू को ऐसे चूस सेक्स का मज़ा दे रही थी की वो मदहोश से हो गए थे.

सुल्ताना को अब मेरे अब्बा ने दिवार पकड़ के खड़ा कर दिया. उनका लोडा एकदम खड़ा था और बार बार इस कामवाली की गांड को टच हो रहा था. अब्बा ने सुल्ताना को कहा, अपने कुल्हें खोलो जानेमन!

सुल्ताना ने बिना कुछ कहे अपने कूल्हों को दोनों हाथ से खोल दिया. पीछे खड़े हुए मेरे अब्बा ने सुल्ताना के गांड के छेद को देखा और बोले, तेरी गांड बड़ी मस्त हे जान.

सुल्ताना अब बोली, आप कोई पीछे करना इतना पसंद क्यूँ हे?

अब्बा बोले, जानेमन हम तो अब जगह करते हे क्या आगे क्या पीछे!

गए और वो बैठे हुए ही कामवाली की गांड चाटने लगे. सुल्ताना मदहोश हो गई गांड के छेद से अब्बा की जबान लगते ही. वो ऐईई अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह उईईइ ऊइऊऊउ करने लगी. अब्बा एक हाथ से अपने लौड़े को मसल रहे थे.

सुल्ताना की गांड के छेद पर अब्बा ने जब पूरी जबान घिसी तो वो सिहर के बोली, धीरे से करो न गुदगुदी होती हे!

ओके मेरी जान कहते हुए अब्बा ने फिर से जबान को गांड और चूत के बिच की चमड़ी पर लगा दी. मेरे अब्बा चूत के छेद पर भी अपनी जबान से दस्तक दे रहे थे.

अब सुल्ताना ने अपनी टांगो को पूरा खोल दिया था ताकि मेरे अब्बा को चाटने में कोई परेशानी न हो. अब्बा ने कुछ 2 3 मिनट और कामवाली के छेदों को अपनी जबान से प्यार दिया. और फिर वो खड़े हो के बोले, चलो बिस्तर में लेट जाओ गुलबदन!

सुल्ताना पलंग पर चढ़ गई. अब्बा ने उसकी टांगो को हवा में कर के फिर अपने कंधो पर चढ़ा दिया. और फिर अपने नुकीले मोटे लंड के सिरे को अन्दर कर दिया. सुल्ताना के बुर में अभी तो अब्बा के लंड का हेड ही घुसा था. पर वो सिसक के आह कर उठी. अब्बा ने उसके दोनों बूब्स पकड़ लिये और उन्हें दबाते हुए बोली, आज मैं तेरी गांड भी मारूंगा मेरी रंडी.

और फिर बात करते करते अब्बा ने लंड को अन्दर धकेल दिया. सुल्ताना की आँख से आंसू निकल गए. 4 इंच मोटा लंड चूत में डलवा लेना आसान नहीं होता हे भाई!

अब्बा ने कुछ देर तक एक भी झटका नहीं लगाया और वो आराम से लेटे रहे. फिर उन्होंने सुल्ताना को कहा, दर्द कम हुआ मेरी जान का?

सुल्ताना ने कह दिया सर हिला के. और अब्बा ने एक धक्का और मारा. अब की सुल्ताना उछल सी गई जब पूरा लंड उसकी बुर में घुसा. लेकिन अब्बा ने कंधे पर टाँगे रखवा ली थी इसलिए वो भाग भी तो नहीं सकती थी. अब्बा अब एकदम धीरे धीरे से कामवाली सुल्ताना को चोदने लगे. और उसका भी दर्द कम हुआ इसलिए वो अब्बा का सपोर्ट करने लगी थी. कुछ देर में अब्बा एकदम वहशी हो गए जैसे. वो इतने जोर के धक्के लगा रहे थे की जैसे सुल्ताना की चूत की लंड के चाक़ू से चिर देंगे. सुल्ताना आह आह ओह उह मर गई, अह्ह्ह अह्ह्ह्हह कर रही थी. अब्बा का लंड कामवाली की चूत में एकदम फिट बैठा हुआ था पर अब दर्द कम हुआ था इसलिए वो भी अब्बा को पूरा सपोर्ट दे रही थी.

कुछ देर ऐसे ही चूत  मारने के बाद अब्बा ने सुल्ताना को कहा, चलो तुम अब घोड़ी बनो मैं पीछे से करूँगा.

सुलताना बिना कुछ कहे सीधे ही घोड़ी बन गई. अब्बा ने अपने चिकने लंड को सुल्ताना की चूत में पीछे से घुसेड दिया और गांड पकड़ के उसे चोदने लगे. सुल्ताना भी अपनी कमर को आगे पीछे कर के अब्बा को पूरा सपोर्ट दे रही थी. अब्बा ने सुल्ताना को करीब 5 मिनिट तक इस पोस में चोदा और फिर उन्होंने अपने लंड को चूत से बहार निकाला. वो गधे के लंड के जैसा मोटा और काला हो चूका था. अब्बा ने अब सुल्ताना को कहा गांड खोल अपनी.

सुल्ताना ने एक हाथ से अपनी गांड को साइड में किया. उसका काला छेद अब्बा के लौड़े के ठीक सामने था. अब्बा ने नाक से चिकना थूंक खिंच के उसे अपने लोड़े पर मल दिया. और थोडा थूंक उन्होंने सुल्ताना की गांड पर लगा दिया. फिर बिना कुछ कहे उन्होंने सीधे ही लंड को गांड में डाल दिया. सुल्ताना के लिए एनाल सेक्स शायद नहीं चीज नहीं थी. और थोड़ी जहमत के बाद अब्बा का लोडा आराम से गांड के छेद में अंदर तक उतर गया.

अब्बा अपनी गांड को हिला रहे थे. और कामवाली सुल्ताना की गांड को थोक रहे थे.

दोनों हांफ रहे थे और अब्बा तो पुरे थक चुके थे. सुल्ताना की गांड पर भी पसीना आ चूका था.

अब्बा जोर जोर से गांड मारने लगे सुल्ताना की कुछ ही देर में. और कमरे के अंदर सन्नाटे में जैसे चीख निकल पड़ती थी जब लंड पूरा अंदर घुसेड देते थे अब्बा.

सुल्ताना भी अपनी गांड जोर जोर से आगे पीछे कर के अब्बा का सपोर्ट कर रही थी३ 4 मिनिट की गांड ठुकाई के बाद अब्बा ने अपने लंड को बहार निकाला तो उसके ऊपर सुल्ताना का गु और ढेर सारा वीर्य लगा हुआ था. उन्होंने कपडे से लंड साफ़ किया. और सुल्ताना ने खड़े हो के अपनी सलवार पहन ली. वो दोनों के दरवाजा खोलने से पहले मैं निचे उतर आया.

अम्मी सामने ही खड़ी थी और मुझे देख रही थी. उसकी दर्द भरी आँखे जैसे कह रहीथी देख की अपने अब्बा की करतूत!

दोस्तों कुछ दिन के बाद मैंने भी सुल्ताना को चोदा

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