अनजान हाउसवाइफ को चोदा

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हाई दोस्तों मेरा नाम राहुल हे और मैं फाइनल इयर में स्टडी कर रहा हूँ. मेरी उम्र 22 साल हे और मैं सामान्य देखाव और बिल्ड वाला लड़का हूँ. अब स्टोरी पर आते हे. मैं दोस्तों की तलाश में था उन दिनों जब मैं नया नया आया था इस शहर में. कोलेज और यह शहर दोनों मेरे लिए एकदम नए थे.

इंटरनेट नयी नयी चीज थी उन दिनों मेरे लिए. और गूगल के माध्यम से मैंने चेटिंग और डेटिंग की साईट खोजना चालू कर दिया. मुझे देखने से लगता था की डेटिंग वेबसाइट के 90% से भी अधिक प्रोफाइल फेक थे पर फिर भी टाइम पास के लिए मैं उसे खोल के लोगों से चेटिंग करता था.

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फिर मुझे एक दिन दिव्या नाम की एक हाउसवाइफ का मेसेज आया. उसने हाय लिखा था सामने से मुझे और फिर हमारी चेटिंग चालू हो गई. वो 32 साल की थी और बगलोर में रहती थी. कुछ दिनों में हमारी अच्छी बनने लगी थी और फिर उसने अपना नम्बर भी मुझे दे दिया.

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कुछ दिनों की नोर्मल चेटिंग के बाद मेरी और दिव्या की नोटी यानी की हॉट और सेक्स वाली चेटिंग भी चालू हो गई थी. मैं उसे अक्सर गंदे जोक्स भेजता था. फिर एक दिन उसने पूछा की क्या हम मूवी में जा सकते हे?

मैंने कहा ठीक हे चलो चलेंगे. उसने मुझे सिटी के ही एक मॉल में मिलने के लिए कहा था. मैं वहां पहुंचा गया. और तब पहली बार मैंने दिव्या को लाइव देखा. वो एकदम सेक्सी लग रही थी. वाऊ साडी के अन्दर उसका उभार एकदम हॉट था. उसका फिगर 34 28 36 था. मैंने तो उसे देख के जैसे पथ्थर ही हो गया था.

वो मेरे पास आई और हंस के बोली, क्या हुआ! मैं हंस के बोला कुछ भी तो नहीं. वो मुझे ले के सिनेमा में गई और हमने पास में बैठ के मूवी देखी. मूवी में पब्लिक बहुत थी और हमारी सिट सही नहीं थी इसलिए कुछ नहीं हुआ. बाद में मूवी खत्म होने के बाद हम लोग लंच के लिए गए. खाते हुए उसने कहा की आज मेरे घर पर कोई भी नहीं हे, तुम चलोगे?

अब भला ऐसे मौके पर कौन मना करेगा. मैंने कहा सौख से.

वो खाने के बाद ऑटो कर के मुझे अपने घर पर ले गई. उसने मेन डोर का लोक खोला. वो घर काफी बड़ा था. मैंने पूछा आप के साथ और कौन कौन रहता हे यहाँ पर? तो उसने कहा मैं मेरे पति और मेरे सास ससुर.

उसने आगे कहा की मेरे पति अपनी ऑफिस की एक ट्रिप पर गए हुए थे. और मेरे सास ससुर यात्रा पर हे. और ये सुन के मेरे अन्दर का सेक्स का कीड़ा रेंगने लगा था.

फिर मुझे पूछा की क्या लोगे चाय या कोफ़ी?

मैंने उसे देख के कहा, दूध!

उसने मुझे अजीब ढंग से देखा और हंस के किचन में चली गई. वो कुछ देर में अपने हाथ में कोफ़ी के दो कप ले के आ गई. हम दोनों चेटिंग करते हुए कोफ़ी पिने लगे. कोफ़ी पीते हुए वो मेरे करीब आ रही थी जो मैं देख रहा था.

मैंने कोफ़ी का खाली कप रखते हुए धीरे से उसके हाथ को टच किया. और फिर मैंने दिव्या भाभी को कहा की मैं अपनी पारी का एक चुम्मा लेना चाहता हूँ! वो बोली अब भला ये परी कौन हे? मैंने कहा तुम! उसके मुहं से अब एक भी शब्द नहीं निकला और वो एकदम चूप सी थी. मैंने अपने हाथ से उसके होंठो को टच किया. उसने अपनी आँखों को बंद कर दिया. मैंने उसके पास जा के अपने होंठो को उसके होंठो से लगा दिया और उसको किस कर ली. वो भी गरम हो गई और मस्त रिस्पोंस करने लगी.

3-4 मिनिट किस करने के बाद वो उठी और बोली मैं डोर लोक कर के आती हूँ. वो लोक कर के आई और मेरा हाथ पकड के बेडरूम में ले गई. वहां पर हमारी किस फिर से चालू हो गई. मैंने अब उसका पल्लू हटा दिया और लाइफ में सब से सेक्सी बूब्स आज देख मैंने! और उसके ऊपर उसका मंगलसूत्र और भी मस्त लग रहा था. उसे ऐसे देख के मेरा लंड एकदम कडक हो गया था.

मैंने उसके बूब्स को टच कर लिया और फिर उसके गले के ऊपर भी चूमने लगा. फिर मैंने अपना शर्ट हटा दिया और फिर से उसे किस कर लिया. अब मैंने दिव्या भाभी के ब्लाउज को खोला और ब्रा को भी. उसके नंगे बूब्स और निपल्स को देख के मेरा लंड एकदम कडक हो चूका था. दिव्या भाभी के 34D बूब्स एकदम हार्ड थे और वो जोर जोर से अह्ह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह्ह की मोअनिंग कर रही थी.

अब दिव्या भाभी ने मेरी पेंट को खोला और मेरी अंडरवेर भी निकाल दी. उसने मेरे लंड को देखा और एकदम खुश हो गई और बोली, वाऊ मस्त हे ये तो! उसने अपने मुहं में लंड को रखा और चूसने लगी. मैं मोअन करने लगा. वो लंड चूसने में बड़ी मस्त थी. वो मजे से 10 मिनिट तक मेरे लंड को चुस्ती रही.

मेरा माल उसके मुहं में ही निकल गया. फिर मैंने उसकी साडी को हटा दिया और हम दोनों अब एकदम नंगे थे. मैंने उसकी चूत देखी जो एकदम साफ़ और एकदम क्लीन शेव्ड थी. मैं एकदम क्रेजी हो गया. और मैंने उसको लिटा बिस्तर के अन्दर. और मैं उसकी चूत के पास चला गया और उसको चाटने लगा. मैं खासकर के उसकी चूत के दाने को लिक कर रहा था और वो जोर जोर से मोअन कर रही थी अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह राहुल अह्ह्ह्हह मजा आ गया.

उसकी मोअनिंग मुझे और भी उत्तेजना दे रही थी. और मैं और भी सेक्सी ढंग से उसकी चूत को चूसने लगा. वो चीख रही थी. मैंने फिर उसे पूछा की कंडोम के साथ चोदना हे या ऐसे ही?

वो कुछ नहीं बोली और मैं समझ गया. मैंने ऐसे ही बिना कंडोम के अपना लंड इस चुदासी हाउसवाइफ की चूत में डाल दिया. वो जोर जोर से मोअन कर रही थी. काफी मस्त चोदने के बाद मैंने अपना माल उसकी चूत में ही निकाल दिया.

फिर मैंने उसे कहा की चलो डौगी स्टाइल में चोदते हे. वो उलटी हुई और मैंने उसकी सेक्सी गांड को देखा तो वहां डालने का मन हो गया. उसने कहा की मेरी गांड वर्जिन हे अभी तक. ये सुनते ही मेरा मन और भी हो गया एनाल करने के लिए.

उसकी गांड का छेद एकदम टाईट था. मैंने चिकने लंड को गांड में डालना चाहा लेकिन वो बार बार फिसल रहा था. उसने कहा राहुल बहुत दर्द हो रहा हे मुझे प्लीज़ इसे निकाल लो ना. मैंने कहा रुको जान. मैंने लंड के ऊपर थूंक लगा दिया और फिर एक ऐसा धक्का दिया की गांड में घुस ही गया. वो जोर जोर से ऐसे रो रही थी जैसे मरी जा रही थो. मैं धीरे धीरे उसकी गांड को चोदने लगा था. लंड अब बिना घर्षण के उसकी एसहोल में आ जा रहा था. मेरी स्पीड बढ़ी वैसे वैसे उसे दर्द हुआ और वो रोने लगी थी. लेकिन अब उसने नहीं कहा की निकाल लो.

पांच मिनिट उसकी गांड मारने के बाद मैं उसे और भी कस के पेलने लगा था. उसकी मोअन अब एकदम लाउड हो चुकी थी. मेरे लंड का पानी अब की मैंने उसकी गांड में ही निकाल दिया.

हम दोनों थक चुके थे. वो मेरी गोदी में ही पड़ी रही नंगी की नंगी. उसने मेरे बालों में हाथ फेरते हुए कहा, वैसे मैं घर पर पुरे दो दिन अकेली हूँ चाहो तो यही रह लो.

मैंने कहा कोई आ गया तो बिच में?

वो बोली, कोई आ जाए तो पलंग के निचे छिप जाना.

मैंने हंस पड़ा. और फिर मैं उसके घर पर ही रह गया. और खूब चोदा उसे दो दिन तक!!!

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