आंटी क्सक्सक्स (xxx) मूवी देखती थी मोबाइल में!

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दोस्तों मेरा नाम सालिक खान हे और मैं राजस्थान के जयपुर का रहनेवाला हूँ. मेरी अपनी मोबाइल रिपेरिंग और एसेसरी की शॉप हे. दो साल पहले बगल के 2 किलोमीटर तक मेरी अकेली ही मोबाइल शॉप थी इसलिए बहुत सब कस्टमर थे मेरे पास. तब एक आंटी को मैंने चोदा था. उसके मोबाइल में मुझे क्सक्सक्स (XXX) सामग्री मिली थी उसके ऊपर से. तो आइये आप को इस आंटी को चोदने की बात बताऊँ जो अपने मोबाइल में पोर्न देखती थी!

आंटी का नाम जरीना हे और वो 35 साल की हे. उसके पति अब्दुल भाई एक मिकेनिक हे जो सरकारी बसों की डिपो में काम करते हे. जरीना आंटी खुद पेशे से एक नर्स हे और बड़ी ही मादक लगती हे. उसके गोल मटोल बूब्स और सेक्सी गांड बहार को आई हुई हे. उसे देख के मोहल्ले के सभी लौंडो के लंड तो खड़े होते ही थे साथ में बूढ़े अंकल भी उसे देख के अपने झुर्री वाले लंड सहला उठते थे.

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एक दिन दोपहर में हॉस्पिटल जाने से पहले आंटी मेरे पास आई. उसने मुझे अपना फोन दिया और बोली, सालिक देखो न ये फोन बार बार रुक जाता हे.

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मैंने कहा, कब से हेंग हो रहा हे?

वो बोली, एक हफ्ते से प्रॉब्लम हे.

मैंने कहा: आप यहाँ रख जाओ मैं चेक कर लूँगा.

वो बोली, अभी नहीं हो सकता?

मैंने कहा: नहीं आंटी कुछ अर्जेंट काम आया हे. इसलिए आप एक काम करो. ये हेंडसेट ले जाओ इसमें अपना सिम डाल के.

मैंने एक नोकिया का सिम्पल फोन आंटी को दे दिया और उसका एंड्राइड फोन ले लिया. आंटी चली गई. दोपहर तक तो मेरे पास फुर्सत नहीं थी. फिर खाने के बाद 3 बजे मैं फ्री हुआ तो आंटी का फोन चेक करने लगा. सब से पहले मैं डाउनलोड फोल्डर ही चेक करता हूँ. वहां अक्सर बिना यूज हुई गेम्स और एप्प्स के फोल्डर बने रहते हे जो काफी मेमरी यूज करते हे. कुछ गेम्स के फोल्डर थे जिन्हें मैंने डिलीट किया. और तभी एक फ़ाइल के ऊपर मेरी नजर पड़ी जिसका नाम था, मिशा फक्ड इन हर एस्होल बाय 2 बिग कॉक – क्सक्सक्स क्लिप!  

जी हां आंटी के मोबाइल में एक पोर्न क्लिप थी! मेरा दिमाग उसी तरफ था. मैंने वो क्लिप खोली तो वो एक लम्बी क्लिप थी जो आंटी ने डाउनलोड की थी शायद. फिर मुझे लगा की हो सकता हे किसी और ने डाउनलोड की हो और आंटी को इसके बारे में पता ना हो. मैंने सोचा की लाओ सब फोल्डर्स चेक करूँ. और फिर चेक करते करते हुए मुझे पता चला की आंटी ने एक फोल्डर अपनी होस्पिटल के नाम से बनाया था और उसके अंदर बहुत सब देसी क्लिप्स डाली थी उसने.

मैं समझ गया की आंटी चुदासी और सेक्सी हे और पोर्न ब्राउज करती हे. मैंने क्रोम की ब्राउज़र हिस्ट्री खोली तो सब पिक्चर साफ़ हो गया. आंटी ने पिछली रात में भी बहुत सब क्सक्सक्स सामग्री देखी थी.

मेरे मन में एक सोच ने जन्म लिया की अगर ये आंटी इतना पोर्न देखती हे फिर लंड लेने में झिझक नहीं होगी उसे. मैंने उसके फोन में से बाकी सब डिलीट कर दिया जो काम का नहीं था. लेकिन पोर्न की एक भी फ़ाइल को मैंने डिलीट नहीं किया. शाम को 6 बजे मैंने आंटी को कॉल किया.

मैं: हल्लो आंटी, आप कहा हो?

आंटी: बस मैं घर ही आ रही हूँ.

मैंने कहा, आप का फोन हो गया हे, मैं दे के जाऊं.

वो बोली: हां हो सके तो दे जाना प्लीज़, अंकल घर पर ना हो तो वेट करना कुछ देर मैं आ ही रही हूँ. तुम्हारी दूकान थोड़ी उलटी पड़ती हे मुझे.

मैं: अच्छा आंटी मैं बाइक ले के आया अभी, वैसे भी दूकान बंद ही कर रहा हूँ मैं. वैसे अंकल कहा हे?

आंटी: अरे वो सीएनजी बस आई हे न तो उसका कुछ वर्कशॉप हे. बहार से बड़े मिकेनिक लोग अंकल लोगों को कुक काम दिखाने को आये हे. अभी कुछ देर पहले ही अंकल का कॉल था की शायद रात को लेट होगा उन्हें.

मैंने सोचा वाऊ आज तो उपरवाला भी शायद मेरे साथ में हे. मैं रस्ते से मेडिकल शॉप से कंडोम लेता चला. आंटी के घर के पास बाइक पार्क कर के मैं वही रुका. आंटी कुछ देर में आ गई. वो नीली कुर्ती और निचे ब्लेक सलवार में थी और गले में उसका दुपट्टा बंधा हुआ सा था. उसके बूब्स को देख के मेरे लंड में ताजगी सी आ गई. आंटी आई और बोली, आओ सालिक.

आंटी ने चाबी से दरवाजा खोला और अन्दर बुलाया मुझे.

आंटी का घर छोटा था, दो कमरे वाला. एक हॉल आगे, फिर बिच में बेडरूम में एंड में शायद किचन था. मैं कुर्सी पर बैठा. आंटी ने किचन से मुझे पानी ला के दिया. आंटी ने कहा,  क्या प्रॉब्लम थी फोन में, कितने पैसे देने हे तुम्हे?

मैंने कहा, पैसे कुछ नहीं देने हे आंटी, कुछ चीजें थी बिना काम की वो मैंने डिलीट कर दी.

आंटी: कैसी चीजें?

आंटी को शायद शक हुआ!

मैं: वो कुछ एप्प्स और गेम की बिना यूज होती फाइल्स.

आंटी: ओह अच्छा.

मैंने सही मौका देख के कहा: और भी कुछ चीजें थी लेकिन मैंने उन्हें डिलीट नहीं की शायद आप ने डाउनलोड की हे.

वो बोली: क्या?

मैंने कुछ भी नहीं कहा. वो भी कुछ नहीं बोली. फिर मैंने कहा, चलो आंटी मैं जाता हूँ.

वो बोली, अब आये हो तो चाय पी के ही जाओ ना.

मैं रुक गया. वैसे मैं रुकना ही चाहता था. आंटी चाय ले के आई और साथ में उसके कपडे भी चेंज हो गए थे. अब वो एक ढीली नाइटी में थी जिसके अन्दर उसके बूब्स झूल रहे थे. वो चाय रखने के लिए निचे झुकी तो मैंने नाइटी के गले से उसके बड़े मम्मे देखे. बाप रे कितने बड़े थे वो, जैसे किसी देसी पोर्नस्टार की चूचियां थी वो! आंटी ने ऊपर होते हुए मुझे देखा, मेरी नजर वही पर भी अभी भी.

आंटी मेरे पास ही बैठ गई, सोफे की कुर्सी पर. और फिर बोली, एक बात पुछू?

मैंने कहा: क्या?

आंटी: तुमने वो सब देखा मेरे मोबाइल में?

मैंने कहा: हां आंटी, आप को संभाल कर रखना चाहिए ना उसे!

आंटी: कैसे संभालते हे उसे?

मैंने कहा: फोल्डर के ऊपर पासवर्ड लगाते हे ताकि कोई खोल ना सके उसे.

आंटी ने कहा, आगे से ध्यान रखूंगी.

मैंने कहा: मैं एक बात पुछू?

आंटी: हां.

मैं: आप को क्सक्सक्स (xxx) देखना पसंद हे?

आंटी ने एक लम्बी सांस ली. और फिर वो रोने सी आवाज में बोली: अंकल जी अब ध्यान नहीं रखते हे मेरा. और मैं अभी बूढी थोड़ी हूँ जो मेरे शरीर को जरूरत ना हो. अंकल रात को आते हे, बियर लगाते हे और सो जाते हे. अपनी तो जिन्दगी ही खराब हे. दिनभर अस्पताल में काम करो, शाम को आ के खाना पकाओ, फिर नोकरानी की तरह खिदमत करो और सो जाओ. बच्चा भी नहीं हे मेरा पर अंकल को कुछ पड़ी ही नहीं हे!

मैंने कहा: आंटी मैं कुछ मदद कर दूँ आप की?

वो मेरे करीब खिसक के बोली: कैसे?

मैं: मैं आप की सब जरूरतों को पूरा कर सकता हूँ वैसे!

आंटी: बदले में मुझे क्या करना हे?

मैं: कुछ भी नहीं, बस प्यार के बदले मुझे प्यार देना हे.

वो बोली: नहीं नहीं सालिक ये गलत हे.

मैंने कहा: गलत तो पोर्न देख के अपने आप को उत्तेजना के बहावों में अकेला छोड़ देना भी हे. कुदरत ने आप के सेक्सी अंगो को उँगलियों से और गाजर मुली से खेलने के लिए नहीं बनाया हे.

आंटी कुछ नहीं बोली और मैंने आगे कहा: आप के मन में ये डाउट हे ना की आप की बदनामी होगी तो आप उसकी कोई फ़िक्र ना करे, आप की इज्जत मेरी इज्जत हे आंटी. और मेरी भी अभी मंगनी तक नहीं हुई हे वो आप को पता हे.

आंटी कुछ नहीं बोली और निचे देख रही थी वो. अगर उसे गुस्सा होना होता तो कब से हो गई होती वो. इसलिए मुझे लगा की मुझे बातें नहीं काम करना पड़ेगा! मैंने फटाक से आंटी के बूब्स पर अपने हाथ को रख के हिलाने लगा. उसने अन्दर ब्रा नहीं पहनी थी. वो कुछ नहीं बोली मतलब की वो भी रेडी ही थी लंड लेने के लिए. मैंने उसके एक हाथ को पकड़ के अपने लंड पर रख दिया. वो उसे दबाने लगी.

मैंने अपने लोडे को जल्दी से पेंट के बहार निकाल दिया. आंटी ने उसे अपनी मुठ्ठी में बंद कर के दबाया. और फिर वो बोली, सालिक ये तो बहुत बडा हे.

मैंने कहा, फिर इसे प्यार दे दो ना!

आंटी ने निचे झुक के मेरे लंड को अपने पुरे चहरे के ऊपर घिसा. पहले आँखों के ऊपर, फिर अपने कान के ऊपर, फिर गालों के ऊपर और फिर होंठो के ऊपर. मेरे बदन में अजीब सी खलबली मची थी. मैं आह कर बैठा जब आंटी ने अपने मुहं को खोल के लंड को अन्दर लिया!

वो मुहं में लोडे को भर के ऐसे चुस्से लगा रही थी की मैं मदहोश सा हो गया. मैंने आंटी के बालो में लगी हुई क्लिप को खोल के उसके बालों को खोल दिया. वो अपने मुहं को ऊपर निचे कर के लंड को मस्त सक कर रही थी. मैं आह आह कर रहा था, आंटी के हाथ मेरी जांघ पर थे जिसे वो हिला के मुझे और भी उत्तेजित कर रही थी. फिर आंटी ने कहा, अब तुम मेरी चाटो ना!

मैंने कहा, जैसे आप क्सक्सक्स में देखती हे!

वो हंस पड़ी और उसने अपनी नाइटी को ऊपर उठा दिया. उसने निचे भी कुछ नहीं पहना था. मैंने उसकी मोटी जांघो को पूरा फैला दिया और उसके बुर को चाटने लगा. आंटी की बुर में एक ऊँगली डाल के मैं उसका फकिंग कर रहा था और साथ में उसके उपर की फांको को अपनी जबान से चूस रहा था. आंटी के मुहं से एकदम सेक्सी आवाज निकल रही थी और वो अपनी टांगो को और भी खोल के चटवाने लगी थी. आंटी एकदम गरम हो गई थी और वो मुझे अब गालियाँ देने लगी थी.

“सालिक मादरचोद तूने मेरी चूत को क्या चाटा हे अब थोडा गांड को भी चाट ले हरामी!”

आंटी के गाली देने से मुझे गुस्सा आ गया और मैंने अपनी तिन ऊँगली एक साथ उसके बुर में डाल दी. लेकिन आंटी को उस से दर्द नहीं हुआ बल्कि और भी मजा आया. मेरी तीनो ऊँगली आंटी के बुर में आराम से घुस गई. फिर मैंने चौथी और फिर अंगूठे को भी अंदर घुसा दिया. आंटी की चूत के मसल बड़े ही फ्लेक्सिबल थे और हाथ घुस गया पूरा उसके अन्दर. आंटी को बड़ा मजा आ रहा था हाथ चूत में डलवा के.

साली सच में बड़ी सेक्सी चीज थी ये. जरीना आंटी को पुरे हाथ से मजे देने के बाद मैंने कहा, चलो कुतिया बन जाओ सीधे पीछे से ही चोदुंगा मैं तुम्हे. आंटी अपने कुल्हें दिखाते हुए कुतिया बन गई.

मैंने अपने लंड को एक हाथ से पकड़ के उसकी भोस में डाला. आंटी की चूत में लंड आराम से घुस गया. मैंने उसके दोनों कुल्हे पकड़ लिए और पच पच की आवाज से मैं उसको चोदने लगा. आंटी भी अपनी गांड को पीछे कर के हिला रही थी और मजे से चुदवा रही थी. आंटी की गांड हिल रही थी और मेरा लंड उसकी ढीली चूत में मस्त अन्दर बहार हो रहा था. किसी क्सक्सक्स मूवी के जैसा ही सिन था वो, जैसे की इंडियन पोर्नस्टार प्रिया राय घोड़ी बन के लंड ले रही थी.

आंटी को कुछ देर ऐसे चोदने के बाद मैंने उसे कहा, चलो अब मेरा लंड चुसो थोडा. आंटी ने फिर से अपने गले तक ;लंड को लिया और ग्गग्ग्ग ग्गग्ग्ग करते हुए चूसने लगी. मैंने उसके बूब्स को हाथ में ले के मसल दिया. और फिर मैंने आंटी को कहा अब मैं निचे लेट जाता हूँ आप ऊपर आ जाओ मेरी.

मैंने अपने लंड को एक हाथ से पकड़ा और आंटी की गांड को दुसरे हाथ से. आंटी चूत का सेंटर मिला के मेरे लंड के ऊपर बैठ गई. मैंने निचे से धक्का दिया और आंटी ने चूत में लंड को डलवा के अपने मसल को टाईट कर लिए. अब वो अपने बूब्स को हिलाते हुए चुदने लगी. और उसने लंड के ऊपर अपनी भोस से टाईट ग्रिप बना ली थी जिस से मेरे लंड को जकड़ लिया था उसने. मैं उसके बूब्स को मसल रहा था और आंटी को धक्के दे रहा था.

कुछ ही देर में आंटी की भोस के अंदर ही मेरा पानी छुट गया.

आंटी ने भी पिचकारी को महसूस किया और चूत को और जकड़ लिया. फिर मैंने हौले से उसके बूब्स पकड के दो झटके और दिए. आंटी की चूत की गहराइ में ही मेरा पानी छूटा था. आंटी जब उठी तो उसके छेद से मेरा वीर्य टपक रहा था. वो मेरे पास ही लेट गई और बोली, बहुत दिनों के बाद किसी असली लंड से चूदी हूँ मैं!

मैंने कहा, अंकल के आने तक एक राउंड और हो जाएगा!

वो बोली, क्यूँ नहीं मेरे राजा, लेकिन थोडा सुस्ता लो पहले.

पांच मिनिट के बाद जरीना आंटी ने मेरे लंड को फिर से चूस के कडक कर दिया. और फिर वो चुदने के लिए वापस घोड़ी बन गई. अब की तो मैंने आंटी की चूत के साथ साथ उसकी गांड भी मार ही ली.

आंटी को बड़ा मजा आ गया. लेकिन फिर अंकल के आने से पहले निकलना भी था मुझे. जल्दबाजी में मैंने कंडोम का भी यूज नहीं कीया था वो मुझे पेंट पहनते वक्त पता चला. साली चूत ने कितना दिमाग खराब कर दिया था.

आंटी को मैंने कहा, अगली बार आप को लम्बी क्सक्सक्स मूवी दिखा के चोदुंगा आंटी!

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