डिलीवरी देने गया था तब रिच बबिता भाभी को चोदा

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आज का ये सेक्स अनुभव मेरी एक कस्टमर बबिता मेडम के साथ का है. पहले मैं आप को मेरे बारे में बता दूँ. मेरा नाम मनीष है और मैं भोपाल से हूँ. एवरेज बॉडी और लुक्स है मेरे. और मैं एक बड़े स्टोर में मेनेजर का काम करता हूँ. बबिता भाभी हमारी एक रेग्युलर क्लाइंट है. (सेफ्टी के लिए मैंने उसका और अपना नाम बदला हुआ है.)

बबिता एक बहुत ही पैसेवाली लेडी है. उसकी उम्र 35 से 38 साल के बिच होगी. और वो गोरी है. बड़े शहरो की भाभी और आंटियों को जिम और योग वगेरह की आदत होती है इसलिए वो कितनी भी उम्रवाली हो लेकिन स्किन चमकीली और बॉडी का फिगर एकदम सेक्सी ही होता है. बबिता भाभी भी स्ट्रिक्ट डायेट और एक्सरसाइज से खुद को एकदम फिट रखे हुए थी. और वो मेरे से काफी क्लोस हो चुकी थी. हम दोनों के बिच में दोस्ती जैसा सबंध बन चूका था. जब भी कुछ नया प्रोडक्ट ट्राय करना हो तो वो मेरा ही सजेशन लेती थी. उनका अपना बड़ा बिजनेश था जिसे उसका पति ही संभालता था. और कभी कभी वो भी बबिता मेडम के साथ स्टोर पर आता था.

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एक दिन मैं स्टोर पर ही था की मुझे अपने लेंडलाइन पर होम डिलीवरी के लिए एक कॉल आया. मैंने कॉल पिक की तो वो बबिता भाभी ही थी. मैंने कहा मेडम डिलीवरी वाला लड़का तो कुछ देर पहले ही निकल गया और आज डिलीवरी मुश्किल है! उसने कहा अरे यार अर्जेंट है प्लीज़. मैंने कहा ठीक है चलो मैं देखता हूँ. मैंने स्टाफ में चेक किया लेकिन कोई डिलीवरी कर सके वैसा नहीं था. उसका घर थोडा दूर था इसलिए बिना व्हीकल के जाना मुश्किल था. और वहां पर 75% स्टाफ उस वक्त लेडिज था जो ड्राइविंग नहीं करता था. मैंने उसे कहा की अगर मैं स्टोर बंद होने के बाद एंड में डिलीवरी करूँ तो? उसने कहा वैसे भी मुझे सुबह के ब्रेकफास्ट के लिए ही सामान चाहिए इसलिए कोई प्रॉब्लम नहीं.

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मैं स्टोर का काम खत्म करने से ठीक पहले उसके सामान का बिल बनाया और उसे पोलीथिन की मोटी बेग में पेक करवा लिया. उसके घर पहुँच के बेल बजाई तो उसने ही आ के दरवाजा खोला. और उसने कहा अरे थेंक्स आने के लिए. उसने कहा कल मोर्निंग में मेरी गोवा की फ्लाईट है इसलिए मैं पेक कर रही थी और मेरे पास आने का वक्त नहीं था. मैंने कहा हो गई पेकिंग तो उसने कहा हां हो गई. उसने कहा मेरे पति तो कल ही चले गए लेकिन मेरी टिकिट कल की है. और उसने कहा की तुम्हे पता ही है की मैं बहार का खाती नहीं हूँ. मैं उसके घर से निकलने को ही था की बूंदाबांदी चालू हो गई. मैंने कहा चलो मैं निकलता हूँ. तो उसने कहा अरे थोडा देर घर में आ के वेट कर लो. बारिश में मत जाओ.  और उसने मुझे अपने घर के अन्दर बुला लिया.

उसका बंगला अन्दर से तो और भी सुंदर था. मैं अंदर एक कुर्सी के ऊपर बैठ गया. मैं घर को ही देख रहा था. घर के अंदर काफी एंटिक चीजें और पेंटिंग लगी हुई थी. मुझे पता था की मेडम के बच्चे नहीं है. उसने कहातुम बैठो मैं कुछ पिने के लिए ले के आती हूँ. मैंने कहा अरे मेडम नहीं, थेंक्स. मैंने देखा की वो उस वक्त बकार्डी पी रही थी. उसने कहा मनीष इस मौसम में मैं तो हॉट ड्रिंक ही लेती हूँ कहो तो एक बना दूँ तुम्हारे लिए भी? मैंने कहा नहीं. वो बोला कम ओन मेन! मुझे पता है की तुम ड्रिंक करते हो इसलिए सब फोर्मलिटी छोडो और कहो तो व्हिस्की बनाऊ, बोलो बर्फ के साथ या पानी के साथ!

और उसने अपना बार खोला. वो किसी फाइव स्टार होटल के बार के जैसा ही था. और वो जहाँ खड़ी थी वहां पीछे एक दरवाजा था जहाँ से बहार स्विमिंग पुल को जाने का रास्ता था. उसने मुझे कहा अपनी मर्जी से जो पीना है वो ले लो. मैंने उठ के ब्लेक डॉग लिया और ग्लास में उधेल के उसके साथ चियर्स किया. और सिप लेते हुए मैं उसके सेक्सी बदन को देख रहा था. और धीरे धीरे से मेरा लंड पेंट के अन्दर खड़ा होने लगा था अब.

मुहे पता था की उसके सिल्की कप वाली ब्रा पहनी हुई थी जो अभी उसके ऊपर के सेमी ट्रांसपेरेंट कपड़ो से दिख भी रही थी. और उसको भी ये पता था की मैं उसके बदन को देख रहा था. उसने मुझे पूछा वैसे तुम कितने साल के हो मनीष? मैंने कहा 28 पूरा हो के अब 29 चालु हुआ है मेडम. उसने कहा अगर तुम कही रुक जाओ तो क्या तुम्हारे घर वाले वरी करते है? मैंने कहा नहीं मेडम, क्यूंकि मेरी वाइफ अभी प्रेग्नंट है इसलिए अपनी माँ के वहां है मैं घर पर अकेला ही हूँ आजकल. उसने कहा ओह कान्ग्रेच्यूलेशनस, और फिर उसने पूछा कौन सा महिना है? मैंने कहा अभी आठवां महिना चल रहा है. उसने कहा अच्छा तो आजकल तुम अपनी बेचलर लाइफ को वापस जी रहे हो शायद! मैंने कहा हां वैसा ही है कुछ कुछ. वो बोली बहुत अच्छे.

फिर उसने अचानाक से मुझे पूछा तुम मेरे बदन के कुछ खास हिस्सों को ही देख रहे थे? मैंने कहा क्या??? वो बोली अरे मनीष मैं समझती हूँ की तुम्हारी बीवी काफी समय से मइके में है. और कोई बात नहीं अगर तुम मुझे देखो तो. और ये कह के उसने अपने गाउन की डोरी को खोल ही दिया. वाऊ अब बबिता भाभी मेरे सामने एक सिल्की ब्रा और पेंटी में ही थी और उसका गाउन बदन की साइड में हो गया था डोर के खुलने से.  वो किसी संगमरमर की तरासी हुई मूरत के जैसी ही लग रही थी मेरे को तो. मैं भी एकदम पत्थर के जैसे हो गया था. और उसको ही देख रहा था.. उसने मेरे एक हाथ को ले के अपनी चूची पर रख दिया. मैंने कहा मेडम. उसने अपनी एक ऊँगली को मेरे मुहं पर रख दिया और बोली मेडम नहीं सिर्फ बबिता!और उसने मुझे हग कर लिया.

मैंने अपने ग्लास को बार के टेबल पर रख दिया और भाभी के बड़ी आम की साइज़ के बूब्स के साथ खेलने लगा. मैंने पहले तो ब्रा के ऊपर से ही उन बड़ी चुचियों को किस किया. और फिर उसने मुझे टाईट हग किया और बली मनीष अह्ह्ह्हह! मैंने गाउन को हटा दिया और फिर उसको इधर उधर सब जगह पर किस करने लगा. मैंने भाभी की ब्रा का नाप देखा तो वो 38C था जिसे देख के मेरा लंड और भी पागल हो गया. भाभी ने कहा मनीष चलो बेडरूम में चलते है.

वो मेरा हाथ पकड के बेडरूम में ले गई और वो कमरा भी उसके पैसेवाली होने की गवाही जैसे चीख चीख के दे रहा था. उसका बेड एक वाटर बेड था. मैंने कमरे में दाखिल होते वक्त ही अपनी शर्ट निकाल दी थी, और बनियान भी. जब उसने मेरी तरफ देखा तो मेरी नंगी छाती और उसके ऊपर के घुंघराले बाल को देख के उसके मुहं से वाऊ निकल गया. उसने मेरे बदन के बाकी कपडे भी उतार दिए और मेरे लंड को पकड के अपनी ऊँगली की नकल्स से उसे नापने लगी. और वो बोली मेरे हसबंड से डेढ़ इंच बड़ा है ये पेनिस तो!

मैंने उसे पीछे से हग किया और उसके गले और कान के ऊपर किस देने लगा. और उसकी बड़ी चूचियां पकड के जोर जोर से दबानी चालू कर दी. उसने कुछ महंगा परफ्यूम लगाया हुआ था. और वो एकदम मस्त मोअन कर रही थी, रिच लेडी के जैसे ही! मैंने अब धीरे से उसकी ब्रा के हुक को खोल दिया और उसके बड़े आम जैसे बूब्स को दबाने लगा. मैंने दोनों हाथ में पकडे लेकिन एक हाथ में एक बूब को ले पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन सा था. वो भी मेरे हाथ के मसाज से इरोटिक फिलिंग ले राइ थी. मैंने उसके दोनों बूब्स को बड़ी मस्ती से पहले हलके हाथ से और फिर थोडा थोडा प्रेशर बढ़ा के दबाये और उसे खुश कर दिया एकदम.

और फिर मैंने बबिता भाभी की पेंटी को निकाल दिया. हाल ही में वेक्स की हुई एकदम चमकती हुई इंडियन चूत थी अन्दर! मैंने उसे वाटर बेड के ऊपर डाला और उसकी टांगो को फैला दिया. फिर उसकी चूत को हलके से स्लेप किया और फिर फांक के ऊपर एकदम प्यार से किस कर ली. और धीरे से अपनी एक ऊँगली को उसकी चूत में घुसा दी. वो उत्तेजना की वजह से कांप रही थी और उसने मेरे बाल नोंच लिए. मैंने उसी वक्त एक और ऊँगली को उसकी चूत में घुसाई. और फिर मैं उसकी चूत को फिंगर करने लगा. उसने अपनी आँखे बंद कर ली थी और उसकी चूत से शहद सा गाढ़ा पानी बहार आने लगा था. और वो पानी को मैं बार बार अपनी जबान से चाट के खा रहा था. और जबान लड़ने पर तो बबिता भाभी की हवस और भी जाग उठती थी. जब भी मैं जबान से चूत को चाट लेता था तो वो अह्ह्ह कर देती थी.

फिर मैंने ऊँगली को साइड में रखा और अपनी जबान का हुनर भाभी को दिखाने लगा. मेरी जबान कभी उसकी चूत के दाने को तो कभी होंठो को प्यार दे रही थी. और बिच बिच में मैं अपनी जबान को उसके फक होल में घुसा के चाटता था. वो कराह रही थी. और अब वो मुझे कह रही थी, मनीष अब मेरी चूत को चोदो अपने पेनिस से अब मेरे से नहीं रहा जा रहा है, प्लीज़ फक मी नाऊ!

लेकिन मैंने उसके शब्दों को उतनी तवज्जो नहीं दी और उसे अपनी जबान से ही प्यार करता रहा. वो पागल सी हो गई थी और मजा तू उतना की सब से ऊपर वाले आसमान में दोनों पंख फैला के वो उड़ने लगी थी. और फिर मैंने अपनी आँखों को ऊपर उठा के उसे देखा. उसकी आँखे आधी खुली थी और उसकी चूत से शहद टपक रहा था. मैंने उसे हंस के कहा, मेरे पास कंडोम नहीं है भाभी!

वो बोली उसकी जरूरत भी क्या है, मैं एक मेरिड लेडी हूँ और बच्चा हो भी गया तो कोई प्रॉब्लम नहीं! वैसे मैं पिल ले लुंगी!

मैं अब उसके ऊपर सरक गया और अपने लंड को मैंने उसकी चूत के ऊपर लगा दिया. मेरा कडक मोटा लंड उसके ऊपर घिस के मैंने कहा, आई लव यु बबिता भाभी. उसने मेरे होंठो को अपने होंठो से चूसा और बोली, कम ओन डाल दो इसे जल्दी से.

मैंने एक धीरा सा धक्का दे दिया और मेरा लंड उसकी चूत के ज्युसिस में तैरता हुआ उसकी चूत में घुस गया. उसकी चूत उतनी गीली थी की लंड घुसाने में कोई दिक्कत नहीं हुई. और फिर मैंने अपनी स्पीड को बढ़ा दी धीरे से. मैं उसे जितना डीप चोदता था वो भी मेरे लंड के ऊपर उतना ही मजेदार प्रेशर दे रही थी. मुझे सच में चोदने में एक अलग ही आनंद मिल रहा था. मैंने आज से पहले दर्जनों चूत को चोदा था लेकिन आज की बात ही कुछ और थी. मेरा लंड उसकी युटरस को लगता था आऔर वो कराह उठती थी. और उसके बूब्स हवा में हिलते थे जब मेरा लंड उसकी चूत की गहराई को टटोलता ता, वह्ह्ह्ह यही तो वो फिलिंग होती है जो आप को सब कुछ भुला देती है.

उसने अब मुझे एकदम ही टाईट हग कर लिया और बोली, डालो और अंदर और चोदो मुझे पोर्नस्टार के जसी एमरी जान! आज से पहले किसी ने इतना डीप नहीं चोदा मजा आ रहा है यार! वो मेरे लंड के एक एक सेंटीमीटर को फुल एन्जॉय कर रही थी. और मैं भी पागल कुत्ते के जैसे उसको चोद रहा था. मैंने अपनी एक ऊँगली अब बबिता भाभी को चूसने के लिए दे दी. वो एकदम सेक्सी ढंग से ऊँगली को लिक कर रही थी. करीब 20 मिनिट तक मुझे अपनी लाइफ के सब से हसीन सेक्स का अनुभव हुआ. और फिर मैं क्लाइमेक्स पर पहुँच गया.

और मुझे पक्का यकीन था की इस चुदाई के दरमियान भाभी तो कम से कम 3 या 4 क्लाइमेक्स का मजा आलरेडी ले चुकी थी. मेरा वीर्य लंड के अग्रभाग में आ चूका था. उसने मुझे एकदम डीप हग कर लिया शायद उसने ये सेन्स कर लिया था की मैं झड़नेवाला हूँ. मैंने उसे किस किया और वो बोली अंदर एकदम अंदर माल निकालना अपना. मैंने चोदना बंद किया और लंड को चूत में एकदम अंदर रख के उसे टाईट हग किया जिस से लंड और अंदर को हुआ थोड़ा. और मेरे लंड से वीर्य का पानी निकल गया उस गहराई के अंदर ही. वो जोर से हग कर के मुझे बोली, अह्ह्ह्ह वाऊऊ अह्ह्ह्हह य्स्स्सस!

फिर कुछ समय के बाद मैंने अपने लंड को बबिता भाभी की चूत से बहार निकाला तो वो अभी भी ऐसा ही खड़ा था. खड़े लंड को देख के वो बोली अरे ये तो ऐसे ही खड़ा है अभी. मैंने कहा अभी तो मेरे लंड के लिए सिर्फ स्टार्टिंग थी, आप को इसे शांत करने के लिए बहुत महनत करनी पड़ेगी. वो हंस के बोली अच्छा है मैं तुम्हारी वाइफ नहीं हूँ वरना इस हथियार से मार ही देते मेरे को. और फिर अपने घुटनों के ऊपर बैठ के उसने लंड को मुहं में ले लिया. मैंने उसके बालों को पीछे से पकड़ा और मेरे लंड को मुहं में चलाने लगा. वो जैसे मेरी कामवाली थी जो मेरे लंड को चूस रही थी.

मेरे लंड के ऊपर मिक्स हुए उसकी सेक्सी चूत और मेरे लंड के ज्यूस को वो चख रही थी. और उसके चूसने से मेरा लंड एकदम कडक और लाल हो गया था. मैं अब उसे ले के वापस बार रूम में गया और बबिता को मेरे लिए एक ड्रिंक बनाने के लिए कहा. उसने ड्रिंक बना के मेरे को दे दी. मैंने अब उसकी गांड के ऊपर एक चांटा लगाया और वो सिहर और मचल गई.

मैंने अब उसे बार की चेयर में बैठ के टाँगे फैलाने के लिए कहा. और उसने ऐसा ही किया. मैंने वापस अपने लंड को उसकी चूत पर लगाया. और वो एक मस्त पोजीशन थी चोदने के लिए. उस पोज में खड़े खड़े डीप पेनेट्रेशन हो सकता था. मैंने अब उसके हाथ से चेयर पकडवाई और उसकी चूत को चोदने लगा. उसने अपना सही सपोर्ट बनाया हुआ था और वो हिल हिल के चुदवा रही थी. उसे भी इस पोजीशन में लंड लेने में बड़ा मजा आ रहा था. मैं बबिता भाभी को और भी डीप डीप तक चोदता गया और वो अह्ह्ह्ह अह्ह्ह य़ा य्ह्ह्हह्ह यस्सस करती रही और मेरे लंड को भोगती रही.

मेरे लंड को ऐसे डीप ले ले के वो भी अब थक चुकी थी. लेकिन शायद उसके मन में चेलेंज सा था मेरे लंड को शांत करने का इसलिए वो जोर जोर से बदन को हिला के चुदवा रही थी मस्ती से. मैंने अब निचे हो के उसके बूब्स चूसे. और फिर उसे अपनी बाहों में भर के एक जोर का धक्का दे के अपने लंड को रोक लिया. कुछ देर पहले मैंने जिस जगह पर अपने स्पर्मस छोड़े थे वही पर मैं एक बार और झड़ गया.

और तब जा के मेरे लंड को कुछ शान्ति मिली. मेरा तो मन उसे रात भर चुदाई का नंगा खेल दिखाने को था. लेकिन उसकी फ्लाईट थी दुसरे दिन इसलिए उसने कहा की मनीष अब बास करते है, आज तो मेरी चूत लाल कर दी इस हार्डकोर चुदाई से तुमने!

मैंने कहा वैसे मेरे अन्डो में भी अब वीर्य नहीं है और निकालने के लिए!

हम दोनों हंस पड़े. उसने मेरे लिए एक और ड्रिंक बनाई. और फिर मैं ड्रिंक खत्म कर के उसके घर से निकल गया.

इस सेक्सी भाभी के साथ चुदाई का काम आज भी चालु ही है. अक्सर लेट नाईट को वो मुझे बुलाती है जब उसका हसबंड बिजनेश के लिए बहार हो. वो पैसे का बिजनेश करता है और मैं और बबिता भाभी रिलेशन का!!!

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