मेरी बहन की फ्रेंड ने चुदवा लिया

हाई दोस्तों मेरा नाम गौरव सक्सेना हे और मैं जयपुर से हूँ. हम लोगों ने कुछ समय पहले ही अमृतसर से जयपुर मूव किया हे. मेरी फेमली में तिन लोग हे मैं मेरी माँ और मेरी छोटी बहन अनिता. मैं 5 फिट 11 इंच लम्बा और हेल्धी बॉडी वाला हूँ. मेरे लंड का साइज़ 7 इंच हे और मैं किसी भी लड़की और भाभी को खुश कर सकता हूँ.

चलिए अब मैं बिना आप का टाइम वेस्ट किये स्टोरी पर आता हूँ. मैं जयपुर के एक रेपुटेड कोलेज से इंजीनियरिंग की पढाई कर रहा हूँ. मेरी बहन अनीता 11वी में पढाई करती हे. उसकी एक सहेली हे जो हमारे करीब में ही रहती हे. वो केराला से हे और वो अनिता की बेस्ट फ्रेंड हे.

उसका नाम लाविशा हे और उसकी बॉडी एकदम सेक्सी लगती हे. उसका फिगर 34-26-34 जितना होगा. उसकी हाईट कम हे लेकिन बूब्स और गांड एकदम बड़े हे. देखते ही लंड खड़ा हो जाए!

कुछ ही दिनों में वो घर में सब से घुल मिल गई और अक्सर वो हमारे घर पर आती हे. और मेरी और उसकी भी अच्छी पटने लगी हे. मुझे उसके बूब्स एकदम सेक्सी लगते हे खासकर के जब वो झुकती हे. उसने भी मुझे काफी दफा बूब्स की तरफ घूरते हुए देखा हे. लेकिन उसने कुछ नहीं कहा अभी तक क्यूंकि शायद उसे भी अच्छा लगता हे. मुझे उसे छेड़ने ने, उसके साथ मजाक करने में और उसे टच करने में बड़ा मजा आता हे. अक्सर मैं बात और मजाक करते हुए उसके कंधे को और गांड को टच कर लेटा हूँ. और जब मैं ऐसे टच करता हूँ तब वो मुझे स्माइल देती हे.

हम अक्सर प्यार भरी लड़ाई भी करते हे. और ऐसे में मैं उसके बूब्स को टच कर लेटा हूँ. और तब उसके गाल के ऊपर लाली आ जाती हे.

एक दिन उसने मुझे कॉल कर के बताया की उसे पढाई में प्रॉब्लम हो रही थी.

लाविशा: यार मेरे को फिजिक्स में कुछ भी समझ नहीं आ रहा प्लीज़ आप मुझे समझा दोगे.

मैं: हां क्यूँ नहीं, बता कब फ्री हे तू?

लाविशा: मैं तो पूरा दिन फ्री रहती हूँ, अभी आ जाओ ना प्लीज़.

मैं: ओके, आ रहा हूँ.

मैं उसके घर पर चला गया. उसने मुझे घर में बुलाया. बाप रे वो बड़ी ही हॉट लग रही थी. उसने एक टाईट ब्लेक टॉप और निचे ब्ल्यू शोर्ट पहना हुआ था.

2 3 मिनिट की बातचीत के बाद मैंने उसे पढ़ाना चालू कर दिया. उसने मुहे जो भी प्रॉब्लमस बताई मैंने उसके अन्दर उसकी मदद कर दी.

उसके घर पर उस वक्त कोई और नहीं था. सन्डे का दिन था और हम दोनों अकेले ही थे. करीब 45 मिनिट स्टडी करने के बाद मैंने और उसने अब मस्ती वाली लड़ाई चालु की.

मैं मस्ती में उसके बूब्स टच कर लिए और उसके गाल पर ब्लश हुई. मैंने सोचा की यही सही टाइम हे.

मैं: आई एम् सोरी!

लाविशा: सॉरी किस लिए (निर्दोष बनते हुए).

मैं: वो मेरा हाथ गलत जगह लग गया उसके लिए.

वो: तो क्या हुआ, डोंट वरी, आप हाथ लगा सकते हो कही पर भी.

मैं: ओह अच्छा जी.

वो: हाँ जी.

मैं: सोच ले.

वो: हां सोच लिया.

मैंने बिना कुछ सोचे हुए उसे अपनी बाहों में भर लिया और उसे किस करना चालू कर दिया.

वो: अरे किसी को पता चल जाएगा तो?

मैं: बिलकुल चुप हो जा.

मैंने उसे उठा के अपनी गोदी में बिठाया और उसे स्मूच करने लगा और जोर से. और फिर वो भी मेरे साथ देने लगी और स्मूच करने लगी और अपने हाथ मेरे सर में घुमाने लगी. 5 7 मिनिट के बाद मैंने उसे उठाया और बेडरूम में ले जा के उसे बेड पर पटक दिया. वो बोली कर लो पर प्लीज़ आराम से.

मैंने अपनी टी शर्ट उतार दी और उसके ऊपर लेट गया पुरे मुहं पे किस करने लगा. वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी और मेरी पीठ पर और सर पर हाथ फेर रही थी. फिर मैं खड़ा हुआ और उसका टॉप उतार दिया. अह्ह्ह्ह वो पिंक ब्रा में क्या सेक्सी लग रही थी. मैंने उसे थोडा ऊपर किया और ब्रा का हुक खोल के ब्रा को उतार दिया. वो बड़े बड़े मिल्की बूब्स और गुलाबी निपल्स एकदम सेक्सी लग रहे थे. मैं तो एकदम से उसके बूब्स के ऊपर टूट पड़ा और उन्हें जोर जोर से चूस रहा था रु दबा रहा था.

लाविशा” आअह्ह्ह्ह ह्म्म्म अहम्म्म्म प्लीज़, सक करो उन्हें, चुसो उन्हें, अह्ह्ह्ह !

और वो मेरे मुहं को अपने बूब्स के ऊपर दबा रही थी. 4 5 मिनिट सक करने के बाद मैं खड़ा हुआ और अपनी जींस और अंडरवेर उतार दी. वो मेरा लंड देख के पागल हो गई. मैंने उसके हाथ में दे दिया और उसको लंड चूसने के लिए कहा. वो बोली की आई एम् सोरी मैं इसे सक नहीं कर सकती. मैंने उसके बाल पकड़ कर कहा: तू आज से मेरी रंडी हे और जो मैं कहूँगा वो तेरे को करना पड़ेगा. और ये कह के मैंने उसके गाल के ऊपर एक तेज थप्पड़ भी मारा.

वो अब मेरे लंड को मुहं में ले के चूसने लग गई. अह्ह्ह्ह क्या फिलिंग थी वो. ऐसा फिलिंग मेरे को लाइफ में कभी भी नहीं हुआ था. मैंने दोनों हाथो से उसके बाल पकडे और उसके मुहं में लंड को दे रहा था. 15 मिनिट बाद मैंने सारा माल लाविशा के मुहं में ही निकाल दिया और वो सब का सब पी गई.

अब मैंने उसकी शॉर्ट्स उतारी और पिंक पेंटी अंदर पूरी गीली हो चुकी थी, आह्ह्ह्ह उसकी चूत बिलकुल क्लीन शेव्ड थी और कलर में एकदम पिंक. मैंने उसकी टाँगे पूरी खोल दी और उसकी चूत को चाटने लगा. वो अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह हम्म्म्म कैसे साउंड कर रही थी. वो अपने हाथ से मेरा सर अपनी चूत में दबाने लगी. फिर 10-१२ मिनिट चूत चाटने के बाद वो झड़ गई और मैं सब पानी को गटक गया.

फिर मैं खड़ा हुआ और अपना लोडा उसकी चूत पर रखा और एक हल्का सा झटका दिया. पर वो वर्जिन थी तो मैंने एक झटका दिया और मेरा आधा लोडा अन्दर चला गया.

वो बुरी तरह से चीख पड़ी प्लीज़ प्लीज़ निकालो इसे बहार प्लीज़ मैं मर जाउंगी. उह्ह्ह्ह माँ दर्द हो रहा हे.

पर मैंने उसकी एक नहीं सुनी और अगले झटके में पूरा लंड अंदर डाल दिया. उसकी आँखों में से आंसू आने लगे थे.

3 4 झटको के बाद वो थोडा सा नोर्मल हुई और फिर उसे भी मज़ा आने लगा. और वो अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह उईइ अह्ह्ह ह्म्म्म जैसे आवाज निकालने लगी. उसने कहा, चोदो मुझे अपनी कुट्टी की तरह चुदाई करो मेरी मैं तेरी रंडी हु, चोदो मुझे.

और उसकी ऐसी आवाजें सुन के मैं और भी होर्नी हो गया. मैंने अपने झटके और भी तेज कर दिया और पुरे रूम में चुदाई की आवाजें आ रही थी.

10 15 मिनिट के बाद हम दोनों ही झड़ गए और मैंने सब कुछ उसकी चूत में ही छोड़ दिया. फिर हम दोनों लेटे रहे और किसिंग चलती रही. उसके बाद मैं बैठा और अपने लोडे पर उसको बिठा के जम्प करने को कहा. और उसने मेरी बात मान ली.

10 मिनिट बाद हम दोनों फिर झड़ गए और मैंने सब कुछ उसकी चूत में ही छोड़ दिया. और फिर हम दोनों ने साथ में बात लिया. लाविशा को चोदने के बाद मैं अपने घर पर आ गया. उस दीन के बाद से मैं रेगुलर उसकी चुदाई करता हूँ कभी उसके घर पर तो कभी मेरे घर पर!