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बेंक की केशियर को माँ बनने में मदद की

हाई दोस्तों सेक्स की कहानी पढने वाले सभी दोस्तों को मेरा प्यार और सलाम! मेरा नाम विशाल है और मैं हरयाना से हूँ. दोस्तों आज की मेरी ये कहानी 90% सच्ची बात है और उसके ऊपर 10% मसाला एड किया हुआ है.

मेरा एसबीआई बेंक में अकाउंट है तो इसी सिलसिले में मेरा काफी बार बैंक में आनाजाना होता है. काफी बार आने जाने की वजह से बैंक का स्टाफ मुझे पहचानता है और अच्छी बनती है मेरी. उसी बेंक में एक लेडी केशियर है जिसका नाम स्वाति है. वो करीब 30-32 साल की है. और उसका बदन ऐसा है की जो भी उसे देखे तो देखता ही रह जाए!

स्वाति का फिगर 34 30 36 के करीब होगा और वो दिखने में बॉलीवुड के हसीन माल माधुरी दिक्षीत के जैसी ही लगती है. मैं जब भी स्वाति के पास जाता तो उसको देख के मेरा तो लंड ही खड़ा हो जाता था. दिल करता था को उसको बेंक के अंदर ही नंगा नाच करवा के  सब के सामने उसकी चूत चाट के चोद लूँ!

मेरे साथ वो हाई हल्लो करती थी जब भी मैं उसके पास जाता तो. और मैं उसकी तारीफ़ करने का एक भी मौका अपने हाथ से जाने नहीं देना चाहता था. वो भी मुझसे स्माइल दे के बात करती थी.

ये चुदाई होने से पहले मैं स्वाति के पास गया. और उस दिन भी मैंने उसकी तारीफ़ की. इस बार वो कुछ ज्यादा ही अच्छे मूड में थी. वो भी अच्छी तरह से मेरे बातों का जवाब दे रही थी. उसने बातो बातो में ही बोल दिया की विशाल आप सिर्फ तारीफ तारीफ़ ही करोगे या!

बस इतना ही बोल के वो चुप हो गई.  मैं भी स्मार्ट लौंडा हूँ और उसका मतलब मैंने झट से पकड लिया. मैंने उसे फटाक से कहा अरे मेडम जी कभी हमें मौका दे के तो देखो, जो करेंगे वो तारीफ़ से लाख गुना बहतर होगा. वो हंस पड़ी. मैंने कहा मुझे तो कब से आप की सेवा करनी है वैसे.

उसने मेरा मोबाइल नम्बर माँगा और उसने भी अपना मोबाइल नम्बर मेरे को दे दिया. बेंक का काम निपटा के स्वाति को बाय कह के मैं चला गया. उसके चहरे से टी लगता था की वो भी अट्रेकट थी और शायद लंड लेने की जुगाड़ में थी.

उस दिन उसका कॉल नहीं आया तो मैंने रात को पोर्न मूवी देखी एक बिग बूब्स वाली लेडी की और स्वाति के नाम का ही जर्क ऑफ कर लिया. फिर 2 दिन के बाद शनिवार था. किसी अनजान नम्बर से कॉल आया. मैंने उठाया तो लेडी की आवाज थी. मैंने कहा हाँ कौन चाहिए?

वो बोली अरे विशाल जी मैं स्वाति एसबीआई बेंक से? मैंने कहा सोरी आप का नम्बर एड नहीं ये वाला इसलिए. वो बोली क्या आज शाम को आप फ्री हो? क्या आप मेरे घर पर  आ सकते हो एक पालिसी के बारे में आप से बात करनी थी कुछ? मैंने भी झट से हाँ बोल दिया और उसका एड्रेस ले लिया. स्वाति ने मुझे अपना एड्रेस टेक्स्ट किया था और उसने मुझे शाम को 7 बजे के बाद उसके घर पर आने के लिए कहा था.

मैं समझ चूका था की आज मेडम का पक्का मूड बना हुआ था मेरा लंड लेने का इसलिए ही बुलाया है मुझे. शाम को उसके बताये हुए टाइम पर मैं उसके घर जा पहुंचा और वो भी मेरी ही वेट कर रही थी.

मैंने घर के सामने से उसे कॉल किया और बताया की मैं बहार खड़ा हूँ. तो वो बहार आई और मेरे को अन्दर बुलाया. वो वहां पर किराए के मकान में रहती थी. उसका हसबंड भी सरकारी जॉब करता था और वो किसी दुसरे जिल्ले में पोस्टेड था. वो हर शनिवार को स्वाति के पास आता था. लेकिन इस बार किसी सरकारी काम में उलझे होने की वजह से वो नहीं आनेवाला था.

उनका कोई बच्चा नहीं था और उनकी शादी को 7 साल हो गए थे. मैं वही सोफे पर बैठ गया. स्वाति कोफ़ी लेकर आ गई और उसने अपनी पालिसी के बारे में बात करना चालू कर दिया. बातो बातो में वो अपने बारे में भी सब कुछ शेयर कर रही थी.  और उसने मुझे बोला की उसका हसबंड उसे बच्चा नहीं दे सकता है और ये कह के वो रोने लगी. मेरे को भी अच्छा नहीं लगा मैं अपनी जगह से उठा और उसके सोफे पर जा के उसके एकदम करीब बैठ गया. और उसके कंधे पर हाथ रख के स्वाति के आंसू पोंछ दिया मैंने.

स्वाति ने अब अपना सर मेरी गोदी में रख दिया. मेरा भी होश्ला बढ़ चूका था. और उसके सर पर हाथ फेरते फेरते मैने उसका कंधे के ऊपर किस कर दिया. वो कुछ नहीं बोली और मेरी हिम्मत को और गति मिल गई. अब मैं उसके बालों को ठीक करते हुए उसे किस करने लगा. वो भी रिस्पोंस देने लगी थी. मैंने उसको उठा कर अपनी गोदी में बिठा लिया और उसकी चूची को स्यूट के ऊपर से ही दबाने लगा.

मैंने ऐसे ही कुछ देर तल उसे लिप किसिंग की और उसकी चूची को दबाता रहा. मैंने अब उसे अपने कंधे के ऊपर उठा लिया और उसे बेडरूम में ले के चला गया. वो भी मेरे गले  में हाथ डाले हुए थी और मेरे होंठो को चूस रही थी. मैंने उसके बेड के ऊपर उतारा और वो झट से गई और उसने दरवाजा लोक कर लिया. और फिर मेरे पास आकर खड़ी हो गा. वो कुछ शर्माने लगी. मैंने फिर से लिप किसिंग चालू कर दी. और उसके पेट के ऊपर हाथ फेरना भी चालू कर दिया. वो थोड़ी थोड़ी गरम होने लगी. मैंने खड़े खड़े उसके स्यूट को ऊपर उठाया और सलवार का नाडा खोल दिया. और उसके कंधे पर  किस करता रहा.

और फिर मैं धीरे धीरे निचे की तरफ बढ़ने लगा. मैंने एक हाथ उसकी चूत के ऊपर रख दिया और पेंटी के ऊपर से ही उसकी गीली चूत को सहलाने लगा. और दुसरे हाथ से उसके चुचियों को दबाने लगा. वो सिस्कारियां ले रही थी अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह प्लीज विशाल प्यार से मेरी जान्न्न अह्ह्ह्ह अह्ह्ह. मुझे भी बड़ा मज़ा आ रहा था. पांच सात मिनिट के बाद मैंने उसके स्यूट को ऊपर उठा के निकाल दिया. अब वो सिर्फ ब्रा और पेंटी में थी. उसकी पेंटी गीली हो गई थी. मैंने भी अपने कपडे उतारना चालू कर दिया. और मैं सिर्फ अंडरवियर में हो गया.

मेरे लंड ने अंडरवियर को तम्बू के जैसे ऊपर किया था था. स्वाति ने खड़े खड़े अंडरवियर के ऊपर से मेरा लंड पकड़ा और वो हाथ फेरने लगी. और वो बोली जानू आप का तो लंड काफी सेक्सी और लम्बा है. और उसने बताया की उसके हसबंड का लंड मेरे से ऑलमोस्ट आधा ही था. और फिर उसने अंडरवियर को खोल के लंड को देखा और खुश होते हुए बोली, आज मेरी पुसी को असली लंड का मज़ा आएगा मेरी जान!

मैंने उसके कंधे पर थोडा धक्का दे के उसे घुटनों पर बिठा दिया. स्वाति ने मेरे सुपाडे को हलके से किस किया. उसने पूरा अंडरवियर निकाल दिया और वो लंड को मस्ती से चूसने लगी. मेरे को तो इतना मजा आ गया की बस कक्या कहूँ आप लोगो को! 15 मिनिट तक वो कभी लंड को तो कभी अंड को चुस्ती थी. और अब मैं झड़ने की कगार पर आ चूका था.

मैंने उसको बोला की स्वाति मेरे लंड का पानी निकलने को है. लेकिन उसने कोई ध्यान नहीं दिया और मेरा माल उसके मुहं में ही छुट गया. वो मेरा पूरा माल पी गई और मेरी तरफ देख के मुस्कुराने लगी. मैंने उसे निचे से उठाया और उसकी ब्रा खोल दी और पेंटी भी उतार दी. और उसको एक टांग पर खड़े कर के दूसरी टांग को बेड पर रख दी. और मैं निचे बैठ कर उसकी चूत को लिक करने लगा. क्या मस्त चूत थी बिलकुल बहार को निकली हुई. मैंने पहला उसकी चूत के दाने पर किस किया और फिर दाने को होंठो से पकड़ के चूसने लगा. स्वाति बहोत ज्यादा गरम हो गई थी. उसने बताया की मेरे पति ने कभी मेरी चूत को ऐसे प्यार नहीं दिया.

मैं उसको पूरा मजा दे रहा था और जोर जोर से उसकी चूत को स्लर्प साउंड के साथ चाटने में बीजी था. मैंने चूत की लिप्स को एक साथ पकड कर अपनी जबान अन्दर डाली और पूरा अन्दर तक चूसने लगा. स्वाति अब तो पूरी पागल ही हो उठी थी. और वो मेरे सर को पकड कर अपनी चूत पर रगड़ रही थी. और कुछ ही देर में उसकी चूत को चाट चाट के मैंने उसे झडवा दिया. मैंने भी उसके नमकीन बटर के टेस्ट वाले चूत के पानी को पी लिया. और उसको देखा तो वो एकदम खुश नजर आ रही थी मेरे को.

अब हम दोनों बेड पर लेट गए और सेक्सी बातें करने लगे. उसने बताया की मेरा पति 15 दिन बहार रहेगा इसलिए इन 15 दिनों में तुम मुझे डेली आ के चोदना. और मेरे लंड की तरफ इशारे से वो बोली, मैं जानती हूँ की मुझे प्रेग्नेंट करने के लिए यही पेनिस काम में आएगा!

फिर मैने उसे हग कर लिया और उसकी निपल्स को चुस्ते हुए उसको बातो को सुनने लगा. उसकी बातें सुनकर मैं भी अब पूरा जोश में आ गया था. स्वाति भी गरम हो गई थी. मैंने उठा और स्वाति की दोनों लेग्स के बिच में बैठ गया. और अपने लंड को स्वाति की चूत के दाने के ऊपर घिसने लगा. वो और भी ज्यादा मस्ती में आ गई. पर मैं उसको और भी तडपाना चाहता था. वो गांड ऊपर उठाने लगी. वो गांड उठा के चूत के अन्दर मेरा लंड ले लेना चाहती थी. लेकिन मैं लंड को उसकी चूत के दाने पर सिर्फ ऊपर ऊपर से ही घिस रहा था. मैंने लंड को चूत में घुसने ही नहीं दिया.

अब स्वाति अपने होंठो को दांतों में चबा रही थी और वो फिर झटके से उठी. और मेरे से चिपक के बोली प्लीज जानू डाल दो अपना लंड मेरी चूत में और आज उसे फाड़ दो बहुत परेशान करती है मुझे साली. आज तो अपना लंड से इसे चोद चोद के लाल बना दो और मेरी चूत में अपने बिज को रख के मुझे माँ बना दो. मैंने भी पुरे जोश के साथ अपने लंड का धक्का दिया और मेरा लंड जो की 7 इंच का है वो आधे से भी ऊपर उसके चूत में समा गया. उसका मुहं खुला का खुला ही रह गया लंड के प्रवेश पर. मैंने उसके खुले मुहं को अपने होंठो से सिल कर के और एक झटके में उसकी चूत में पूरा लंड घुसा दिया. वो तड़प उठी लेकिन मुझे चूमने लगी!

एक मिनिट तक मैं हिला नहीं क्यूंकि मैं जानता था की ये बड़ा लंड उसके लिए काफी दर्ददायक था. लेकिन फिर जब वो सामने से अपने बदन को हिलाने लगी तो मैं भी पुरे जोश के साथ स्वाति की चूत को चोदने लगा. स्वाति अपनी गांड कू झटके दे दे के मेरे लंड पर मस्त ग्रिप बनाते हुए चुद्वाती गई. और मैं भी उसे किस करते हुए और उसके बूब्स को मसलते हुए उसकी चुदाई करता रहा.

फिर मैंने दोनों हाथ से उसकी बड़ी गांड को पकड लिया. वो और भी तेज तेज झटके देती हुई उछलने लगी. और फिर एक मिनिट में उसकी चूत का पानी निकल गया मेरे लंड पर जिसका हॉट अहसास मुझे हो गया. लेकिन मेरा अभी नहीं हुआ था.

मैंने अब स्वाति की दोनों टांगो को अपने कंधे के ऊपर ले ली और पूरा लंड बच्चेदानी तक घुसा दिया. वैसे भी वो बच्चेदानी में ही मेरा बिज लेना चाहती थी. कस कस के चोदते हुए मैंने अपने स्पेर्म्स वही पर रिलीज कर दिए.

और हम दोनों एक दुसरे को चिपक गए. मैंने लंड को नहीं निकाला और एक एक बूंद तक उसे दान कर दी. लंड सिकुड़ के बहार आया तो उसके ऊपर लगे हुए स्पेर्म्स को भी स्वाति ने चाट के खा लिया.

स्वाति ने फिर उठ के मुझे बादाम वाला दूध ला के दिया. मैं जानता था की वो एक बार और लंड लेने के लिए आगता स्वागत कर रही है. कुछ देर के बाद मैने उसे घोड़ी बना के चोदा और फिर से स्पेर्म्स उसे दिए उसकी चूत में.

स्वाति को अगले दिन दोपहर तक मैं 10 बार चोद चूका था. और एक बार उसने घोड़ी बने हुए ही गांड भी मरवा ली. उसने मुझे कहा की मैं बेंक से 5:30 बजे आ जाती हूँ.

मैंने कहा मैं डेली 6 बजे आ जाऊँगा.

और फिर डेली 15 दिन तक मैं रोज उसके साथ सोता रहा और हम सम्भोग करते रहे.

डेढ़ महीने के बाद एक दिन बेंक गया तो स्वाति ने मुझे मिठाई खिलाई और बोली, मेरे बच्चे के बाप थेंक्स!

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