बेस्ट फ्रेंड के साथ मिल के वाइफ स्वेपिंग की

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सेक्स स्टोरी को पढनेवाले सभी को मेरा प्रणाम. मेरी वाइफ  और मैं अविनाश और उसकी वाईफ रीटा के अच्छे दोस्त हे. हम लोग अक्सर साथ घुमने जाते हे और क्वालिटी वक्त साथ में बिताते हे. एक सन्डे को मेरी वाइफ और रीटा दोनों शोपिंग करने के लिए गई हुई थी. मैं और अविनाश ने घर पर ही पिने का प्रोग्राम बनाया हुआ था. हम दोनों ने अपना अपना क्वोटा निकाल लिया था पिने का और चखने के साथ पीना चालु भी कर दिया था. हम दोनों को ही हलकी हलकी चढ़ी हुई थी तब हम लोगो में कुछ यूँ बातचीत हुई.

अविनाश: विवेक एक बात बता क्या तू कभी किसी पराई औरत के साथ सेक्स के बारे में सोचता हे?

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मैं: अरे कौन सा मर्द ये नहीं सोचता हे भाई, मैं भी उसमे ही शामिल हूँ मेरे भाई.

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अविनाश: मतलब की कोई हे क्या तेरे ध्यान में सेक्स के लिए?

मैं: नहीं यार ऐसा तो कुछ भी नहीं हे स्पेसीफिक मेरे दिमाग में फिलहाल तो.

अविनाश: क्या तू वाइफ स्वेप करना चाहेगा?

मेरे मुहं से ड्रिंक निकल आई बहार. मैंने कहा: तू ऐसा क्यूँ कह रहा हे?

अविनाश ने कहा, रीटा मुझे अक्सर कहती हे की तुम मुझे अब बिस्तर में पहले जैसे खुश नहीं करते हो. और शायद वो तुम्हे फेंटसाइज़ करती हे. जींस में तुम्हारे लंड को उसने देख लिया हे. उसने कुछ कहा तो नहीं लेकिन उसकी आँखों में मैं तुम्हारा लंड लेने की फेंटसी देख रहा हूँ.

मेरा लंड सच में बड़ा हे, करीब आठ इंच लम्बा और मोटा भी हे. ममता के साथ कुछ ऐसा होता हे की उसके लिए मेरा लंड बहुत बड़ा हे क्यूंकि वो नाजुक और पतली सी हे. और चुदाई के वक्त मेरे लंड से उसे बहुत दर्द होता हे.

मैं: तो ये रीटा की मर्जी हे या तुम्हारी?

अविनाश: वैसे तो हम दोनों की ही मर्जी हे ये. मैं उसे खुश करना चाहता हूँ लेकिन कर नहीं पा रहा हूँ!

मेरे लिए ये थोडा अजीब सा था. मेरे बेस्ट फ्रेंड की वाइफ मेरे साथ सेक्स करना चाहती थी. और उसका पति भी इस काम में उसके साथ था जैसे. और अविनाश की बातों से तो लगता था की वो खुद ही अपनी वाईफ को मेरे बड़े लंड से चुदवाना चाहता था.

मैं: पता नहीं की ममता भी इस सब के लिए रेडी होगी की नहीं.

अविनाश: तुम उसे बोलना की हम दोनों रेडी हे और उसे हमारी मज़बूरी भी बताना, वो मना नहीं करेगी शायद तो.

कुछ देर में दोनों लेडिज शोपिंग से वापस आ गई. और फिर रीटा और अविनाश चले गए. मैंने हिम्मत जूटाई और ममता से पूछ लिया.

मैं: ममता अगर मैं कहूँ की अविनाश तुम्हे चोदना चाहता हे तो?

मुझे ऐसा था की ममता की आँखे फट के बहार आ जायेगी इस बात को सुन के. लेकिन उसने धीरे से कहा: तुम ये सब बकवास कैसे कर लेते हो [पिने के बाद.

मैंने उसको कहा की मैंने उतनी भी नहीं पी थी. और वो बात बकवास भी नहीं थी. मैंने ममता को कहा की रीटा और अविनाश खुद स्वेपिंग करना चाहते हे.

ममता के चहरे के ऊपर भरोसा नहीं था. उसने कहा की मैं रीटा से पूछे के कहूँगी. शायद हम चारो में ममता ही सब से कम रेडी थी ये सब के लिए. वो सेक्स के मामले में थोड़ी संकुचित सी थी.

हमने एक सेंटरडे को मिलने का प्लान बनाया. मैं रीटा से मिलने के लिए उसके घर पर गया. और अविनाश ममता को मिलने के लिए मेरे घर पर आ गया. पता नहीं था की सब कुछ कैसे होना था. लेकिन वहां जाते वक्त ही मेरा लंड एकदम खड़ा हो गया था. रीटा 6 फिट लम्बी, गोरी, और मस्त शेपवाली थी. मैंने अविनाश के बताने से पहले कभी भी नहीं सोचा था की मैं रीटा के साथ सेक्स कर सकता था!

जब मैंने रीटा के घर का दरवाजा नोक किया तो उसने बाथरोब पहना हुआ था. उसने बाथरोब में ही दरवाजा खोला. उसने मुझे ऊपर से निचे तक देखा और मैंने उसको. उसने मुझे वाइन के ग्लास के लिए पूछा तो मैंने कहा स्योर. वो पलंग के उपर बैठ के वाइन के बोतल को खोल रही थी.

फिर हमने ग्लास को खडकाए और सिप लेने लगे. रीटा ने एक ही घोंट में सब पी लिया और फिर वो खड़ी हुई. मैं कुछ कहता उसके पहले तो उसने निचे झुक के मेरे होंठो के ऊपर अपने होंठो को लगा के चुम्मा दे दिया. और फिर उसके बाद तो माहोल रंगीन हो गया. मैंने रोब की डोरी को खिंचा और वो खुल गया. उसके अन्दर रीटा की सेक्सी नंगी बॉडी थी!

सच कहूँ तो वो मैंने सोचा था उस से भी कई ज्यादा सेक्सी थी. उसके बूब्स बड़े थे लेकिन एकदम कडक भी. रीटा ने निचे के सब बाल साफ़ कर लिए थे. और मैं समझ गया की वो चुदने के लिए कितनी बेताब थी!

रीटा: हमें बेडरूम में चलना चाहिए.

वो आगे चली और मैं उसके पीछे पीछे. मैंने अपने सब कपडे निकाल फेंके और मेरे कडक लंड को देख के रीटा की आँखों में एक अलग ही चमक थी. उसकी आँखे जैसे मेरे लंड के उपर चिपक सी गई थी.

रीटा बोली: बाप रे ये तो कितना बड़ा हे!!!

मैं बिस्तर से उठा और रीटा की टांगो को खोला. अपने मुहं को निचे कर के मैंने अपने होंठो को और जबान को उसकी गीली फांको के ऊपर रख दिया. मैं जल्दी से उसकी चूत को चाटने लगा था और कुछ ही सेकंड में मैंने अपनी जबान से उसकी चूत के दाने को सहलाया. रीटा के लिए ये एकदम से हॉट फिलिंग थी और उसकी आँखे बंद हो गई थी. वो सिसकियाँ रही थी. मैंने उसकी चूत को और भी जोर से दबा दिया.  मुझे लगा की रीटा की यही हालत रही तो वो जल्दी ही चूत का पानी छोड़ देगी. वो जोर जोर से अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह ऊऊउ ह्ह्ह्हह करने लगी थी. और फिर उसने मुझे बताया की उसका ओर्गासम करीब था. मैं जरा भी वक्त बर्बाद नहीं करना चाहता था अब.

मैंने रीटा की चूत से मुहं को हटाया और उसकी जांघो को चाटी. और फिर अपने लंड को एक हाथ से पकड़ के मैं रीटा की चूत की फांको के ऊपर घिसने लगा.

रीटा बोली: ओह विवेक डार्लिंग, क्या मजा आ रहा हे मुझे, वाऊ तुम सच में पक्के लवर बॉय हो!

मैंने अपने लंड के सुपाडे को रीटा की चूत की ओपनिंग पर लगा दिया और एक धक्का दे दिया. सच कहूँ तो लंड के अन्दर घुसने से रीटा को बेइंतहा दर्द हुआ. मेरा पूरा लंड रीटा की चूत में जो घुस गया था! एक बार पूरा लंड अन्दर घुसने के बाद अब मैं अपने लंड को अंदर बहार करने लगा. उसकी चुचिया दबाते हुए उसकी चूत के अन्दर मैं लंड को धकेल के वापस निकाल रहा था. उसकी साँसे उखड़ चुकी थी और बहुत समय के बाद शायद इतना बड़ा लंड लिया था रीटा ने! मैंने धीरे धीरे कर के अपनी स्पीड पकड ली. और एक एक इंच लंड को कस कस के रीटा की चूत में डाला!

और हम दोनों ऐसे ही जानवरों के जैसे एक दुसरे को लिपट के चोदते रहे. रीटा के अन्दर की आग मेरे लंड के ऊपर भारी भी पड़ रही थी. अविनाश सच में बड़ा ही अनलकी था जो ऐसे अंगारे को किसी के लंड सेकने के लिए दे रहा था.

कुछ देर के बाद अब मैंने रीटा को घोड़ी बनाया. चूत में लंड को डालने से पहले मैंने उसकी बेक को, कंधे को, गांड को और चूत की फांको को अपनी जबान से चाट दिया. वो बेतहाशा पागल सी हो चुकी थी और मिन्नते कर रही थी की जल्दी से अपना लंड मेरी चूत में डाल दो. लेकिन मैं इतनी जल्दी झड़ना नहीं चाहता था इसलिए मैंने चुदाई के दरमियान में ये ब्रेक किया हुआ था. रीटा आग के जैसे उबल सी रही थी.

फिर मैंने उसके हाथ में लंड दिया जिसे उसने अपने मुहं में ले लिया. लंड को सक कर के गिला करवा के मैंने अब उसे रीटा की पिलपिली सी चूत में डाला. वो आह्ह्ह कर उठी. मैनर उसके कंधे को पकड़ा और उसकी चूत में लंड के जोर जोर के धक्के देने लगा. पूरा लंड उसकी चुदासी चूत में घुस के बहार आ रहा था.

ये पोज तो रीटा के लिए सच में बहुत ही सेक्सी साबित हुआ था. पांच मिनिट की चुदाई के बाद वो पिगल गई और उसके सेक्स ज्यूस मेरे लंड पर बह निकले. मैं धीरे धीरे से उसकी चूत को चोदता रहा. मेरा लंड हर झटके के साथ अपने अंदर के बचे हुए वीर्य को रीटा की चूत की झोली में डाल रहा था. और वो अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह सीई अह्ह्ह्ह सीईईइ की आवाजें कर रही थी. मैंने जैसे ही लंड को निकाला वो उसके पास आ के वीर्य की बची हुई दो बूंद को भी चाट गई.

मैंने कपडे पहन रहा था तो वो उठ के मुझे लिप किस कर के बोली: विवेक वैसे मुझे ये कहना नहीं चाहिए लेकिन मेरी लाइफ में आज का सेक्स सब से अच्छा था!

मैंने उसे कहा नहीं की मेरे लिए भी कुछ ऐसा ही था. घर जा के ममता को देखा. वो भी आज छोटे लंड से चुदवा के कुछ ठीक ठीक ही लग रही थी. अविनाश और ममता शायद एक बार ये स्वेपिंग कर के रुक जाना चाहते थे. लेकिन मैं और रीटा वो नहीं सोचते थे.

मैंने और रीटा ने एक साझा विचार रखा था की अविनाश और ममता कुछ भी कहे लेकिन हम बिस्तर में अपने बदन का मिलाप करवाते रहेंगे. मैं अक्सर रीटा से मिलने के लिए उसके घर चला जाता था और सेक्स किये बिना वहाँ से निकलता नहीं था. स्वेपिंग का यही तो फायदा हे की हसबंड के हाथो पकडे जाने का डर नहीं होता हे उसके अन्दर.

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