Hindi Sex Stories

Porn stories in Hindi

भैया टूर पर गए तो भाभी मेरी बीवी बनी

हेल्लो दोस्तों मैं हिंदी पोर्न स्टोरीज़ डॉट कॉम का बड़ा चाहक हूँ और रेग्युलर इसकी कहानियाँ पढता हूँ. आज मैं आप के सामने मेरा असली सेक्स अनुभव शेयर करने जा रहा हूँ जो पिछले महीने की बात हे. मेरा नाम पवन हे और मैं उड़ीसा का रहनेवाला हूँ. मेरी उम्र 20 साल की हे और मैं बी टेक की पढाई कर रहा हूँ. चलिए अब सीधे ही मेरे सेक्स के किस्से पर चलते हे.

मैं अपने माता पिता और बड़े भाई के साथ रहता हूँ. भाई की शादी पांच साल पहले हुई थी. मेरी भाभी एकदम हॉट हे. उसके मम्मे एकदम बड़े बड़े हे गांड भी. वो दिखने में गोरी और एकदम आकर्षक हे. जब से वो हमारे घर पर आई थी तभी से मेरी नजर उसके ऊपर थी. मैं हमेशा से ही उसे चोदना चाहता था. उसका नाम अंजलि हे और मैं उसे अंजलि भाभी कह के बुलाता हूँ.

पिछले महीने बड़े भैया किसी बिजनेश के काम से दिल्ली गए हुए थे और उनको वहां पर 20 दिन का काम था. भाभी को वो साथ में नहीं ले गए क्यूंकि भाभी ने कहा की आप पूरा दिन काम में होते हे और मैं होटल के कमरों में बोर हो जाती हूँ इसलिए मुझे नहीं चलना हे आप के साथ. भाई ने बहुत कहा की चलो इसी बहाने दिल्ली भी देख लेना. वो बोली नहीं मुझे नहीं देखना ऐसे कुछ भी.

भैया के जाने के कुछ दिन तक सब कुछ ठीक ही चला. मेरी और भाभी की बातचीत पहले जैसी होती थी वैसे ही हो रही थी. और भाभी को कुछ काम होता था तो वो मुझे बोलती थी. एक दिन मैं जब उन्हें देख रहा था तो मुझे कुछ अलग लगा. भाभी का मेरे तरफ रवैया कुछ बदला बदला सा था. अब वो बाते करने में काफी खुल गई थी और बोल्ड वाली बातें भी कर लेटी थी मेरे साथ. और वो अब कुछ दिनों से डीप लो कट के ब्लाउज ज्यादा ही पहन रही थी. और वो हंस हंस के ही मेरे साथ बातें भी करती थी. मैं सोच ही रहा था की आखिर भाभी ऐसे क्यूँ कर रही हे!

एक दिन शाम को मेरे पापा और मम्मी ऑफिस के किसी कलिग के वहां बर्थ डे पार्टी पर गए थे. पहले डिनर और फिर लेट नाईट तक ओर्केस्ट्रा चलना था इसलिए वो रात को लेट आनेवाले थे. भाभी तबियत की वजह से नहीं गई और मैं एग्जाम के लिए पढ़ रहा था इसलिए. भाभी ने कहा मैं पड़ोस में जा के आती ही एक घंटे में. भाभी के जाने के बाद मैंने अपने कपडे खोल दिए और टी शर्ट पहन ली. फिर मैं किचन में खाने के लिए चला गया. तभी पीछे से भाभी की आवाज आई की क्या ढूंढे रहे हो? मैं शोक हो गया भाभी को देख के. वो मेरे सामने मुस्कुरा रही थी और बोली, तुम बिना पेंट के बड़े ही मस्त लगते हो!!!

भाभी की आँखों में उस वक्त जो चमक थी वैसी चमक मैंने पहले कभी नहीं देखी थी. मैं वही पर खड़ा हुआ शर्मा रहा था और चूप था. भाभी मेरे पास आ गई और उसने बिना कुछ कहे ही मेरे होंठो के ऊपर एक किस दे दी.  मैं कुछ देर तो कुछ भी रिस्पोंस ही नहीं दे सका क्यूंकि मुझे एकदम शोक सा लगा था.

लेकिन भाभी स्माइल कर रही थी मुझे आँखों में आंखे डाल के देख के. और फिर वो बोली कैसा लगा मेरा सरप्राइज? मैं हमेशा ही तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहती थी क्यूंकि तुम्हारे भाई मुझे खुश नहीं कर पाते हे बिस्तर में. और मैं एकदम होर्नी रहती हूँ. मैं बहार चुदवा नहीं सकती इसलिए एक जमाने से तुम्हारे ऊपर ही नजरे लगा के बैठी हुई थी. और आज मौका मिला हे तो तुम इतना शर्मा रहे हो मेरी जान! चलो जल्दी से अपनी मर्दानगी मुझे दिखाई और खा जाओ मुझे.

मेरे पास अब कुछ कहने को नहीं रहा था. मैं आगे बढ़ा और हम किस करने लगे. वो बड़ी मस्त थी लिप्स को लिप्स से लगाने में. हमारी जीभ एक दुसरे से मिल गई और साँसों के साथ साँसे टकरा गई. मेरे हाथ पीछे उसकी गांड पर चले गए और वो मेरी कमर को पकड़ के खड़ी हुई थी.

मैंने उसकी गांड की फांक को दबाया और जैसे बिच में से गांड को दो बराबर हिस्सों में बाँट सा दिया. हम ऐसे ही एक दुसरे को किस करते हुए कुछ मिनटों तक खड़े रहे. और फिर भाभी ने मेरी अंडरवेर के ऊपर हाथ डाल के मेरे लंड को अपने कब्जे में ले लिया और उसे दबाने लगी. वो मेरे आँखों में देखते हुए ही अपने घुटनों के ऊपर जा बैठी. और अपनी उँगलियों को उसने लंड के चारो तरफ रखा हुआ था. मैंने मन ही मन उपरवाले का शुक्र किया इतनी मस्ती भरी शाम के लिए!

हम ऐसे ही कंधे से कंधे को लगा के बेडरूम में चले गए फिर. भाभी ने मुझे बिस्तर का रास्ता दिखा दिया. और उसने मेरी अंडरवेर को निकाल फेंका. वो खड़े हो के अपने कपडे भी निकाल के मेरे साथ बिस्तर में लेट गई. हमारे चहरे एक दुसरे के सामने थे. मैंने उसकी गांड पर हाथ रख के उसे अपनी तरफ खिंचा. वो भी मेरे लंड को हाथ में पकड़ के पम्प करने लगी थी. फिर भाभी ने पीछे हो के निचे जगह बनाई फर्श के ऊपर अपने लिए. और उसने मेरे लंड के ऊपर एक किस दे दी.

और फिर भाभी ने अपने मुहं में लंड को ले लिया और उसे चूसने लगी. वो मेरे लंड को अपने मुहं में चला रही थी. और फिर उसने मेरी टांगो को पूरा खोल के पुरे लंड को मुहं में ले लिया. उसकी जबान मेरे लंड को और बॉल्स को हिला रही थी. वो अपने एक हाथ से अपनी चूत की फांको को और दाने को हिला रही थी.

सच कहूँ तो लंड चुसाने से ज्यादा भाभी के लंड चूसने के साउंड का मजा एकदम अलग था. वो जो आवाज कर रही थी उसको सुन के लंड चुसाने का सवाद अलग ही लग रहा था.

10 मिनिट तक वो मजे से लंड को चूस रही थी और मेरे लिए अब बहुत हो रहा था. मेरे लंड में और बॉल्स के अन्दर एकदम से खिंचाव आ गया. मेरी कमर में भी मोड़ आ गया था जैसे. मैंने भाभी के माथे को पकड़ के अपनी तरफ खिंचा और भाभी भी समझ गया की मेरी हालत वीर्य निकालने वाली हो गई थी.

वो भी अपनी चूत को जोर जोर से ऊँगली से हिलाने लगी थी और मोअन कर रही थी. फिर मेरे बॉल्स के अन्दर एकदम से प्रेशर बना और मेरे लंड से निकल पड़ी वीर्य की एक लम्बी सी पिचकारी. भाभी के मुहं, छाती और पेट का भाग मेरे गाढे वीर्य की वजह से गन्दा हो गया था. वो मेरे लंड को तब तक चुस्ती गई जब तक उसका सब वीर्य नहीं निकल गया. आखरी बूंद को भी उसने चाट के साफ़ कर दी. मेरा लंड अब भी कम्पन कर रहा था.

फिर वो मेरी गोदी में आ के बैठ गई और अपने बदन को मेरे ऊपर घिसने लगी. फिर भाभी ने मेरे कान के ऊपर बाईट कर लिया. मैंने उसको पकड के उसके होंठो को चूम लिया. भाभी ने मुझे पूछा तुम्हे फिर से रेडी होने में कितना टाइम लगेगा. मैंने कहा बस खड़ा ही हे मेरा, तो मैं छोटा बच्चा थोड़ी हूँ!

फिर भाभी आगे खिसक के बिस्तर की एज पर आ गई. और मैं उसकी दो टांगो के बिच में बैठ सकूँ उतनी जगह बनाई उसने. भाभी एकदम गीली हो चुकी थी. भाभी ने अपनी चूत में एक ऊँगली डाल के निकाली. मैंने धीरे से भाभी की चूत को किस की और उसके क्लाइटोरिस को लिक करने लगा. वो जैसे सातवें आसमान के ऊपर उड़ रही थी और साथ में एकदम जोर जोर से मोअन भी कर रही थी. मैंने अपनी जबान को भाभी की चूत में डीप तक डाली और उसे लिकिंग देने लगा. भाभी के मुहं से निकलती हुई सिसकियाँ और भी तेज हो गई और उसने मुझे कान में कहा, देवर जी अब डाल दो अपने लंड को मेरे अंदर अब मेरे से नहीं रहा जा रहा हे. मैंने खड़ा हुआ. मेरा लंड एकदम तपा हुआ था. भाभी ने अपने हाथ में थोडा थूंक लिया और लंड के ऊपर मसल दिया. मेरा लंड अब बारिश के पानी में भीगे हुए गिरगिट के जैसा लग रहा था.

भाभी की टांगो को अपने कंधे के ऊपर रख के मैंने जैसे ही अपने लंड को उसकी चूत में घुसाया तो वो अह्ह्ह्ह कर के शांत हो गई. एक ही झटके मे मेरा पूरा लंड उसकी चूत में जा चूका था. और लंड के सब तरफ बस उसकी चूत की गर्मी ही गर्मी थी.

कामुकता की आग में सुलगते हुए हम दोनों के बदन एक दुसरे से मिल गए. और मैंने भाभी को ऐसे ही हग कर के खूब चोदा और अपना पानी उसकी चूत में ही निकाल दिया.

भैया के आने तक तो भाभी मेरी माल हो गई थी डेली चुदाई की जैसे. मम्मी पापा के सोने के बाद वो चुपके से मेरे बेडरूम में चली आती थी या मैं उसके कमरे में घुस जाता था. सुबह तक हम पति पत्नी होते थे. और सुबह होने पर फिर से देवर भाभी.

Hindi Porn Stories © 2016 All stories posted here are for entertainment purpose only. Non of them is related to a real incident. All stories are based on imagination. You must have at least 18 years old to visit our website and also have legal right to visit these kind of site in in your country. please contact us with the link if you think, a post should not be on this website, please contact us. We will remove it as soon as possible.