भाभी ने किया ठंडी में बिस्तर गर्म

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भाभी ने किया ठंडी में बिस्तर गर्म,, हाय फ्रेंड्स मेरा नाम उत्कर्ष पांडेय है। मैं देहरादून के एक छोटे से शहर में रहता हूँ। मेरी उम्र 28 साल हैं। मेरे को सब स्मार्ट बॉय कहते है। मैं बहोत ही स्मार्ट बन्दा हूँ। किसी भी फंक्शन या पार्टी में जाता हूँ। सारी लडकिया मेरे को देखने लगती हूँ। मैंने अब तक कई सारी लड़कियों को चुदाई का सुख दे चुका हूँ। मेरे को भी बहोत मजा आता है। सेक्स के प्रति मेरी रुचि बचपन से ही थी। पहले तो मेरे को मुठ मारने में ही बहोत मजा आता था। लेकिन जबसे चुदाई का चस्का लगा है तब से आज तक कई लोगो को चोद कर सेक्स का भरपूर आनंद लिया हूँ। फ्रेंड्स अब मैं अपनी कहानी पर आता हूँ। ये बात अभी कुछ दिन पहले की है। हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम मेरे बड़े भाई की शादी थी। उस शादी में मेरे को एक लड़की बहोत ही पसन्द आ गयी। मेरे को उसे पटाने के लिए भाभी की मदद लेनी पड़ी। भाभी ने हमारा मामला सेट कर दिया। भाभी को तो सब मालूम ही था। उस लड़की का नाम ब्यूटी था। ब्यूटी देखने में भी बहोत जबरदस्त माल लगती थी। पहली नजर में ही वो मेरे दिल और दिमाग में छा गई। पटाने के बाद मैने उससे कई दिनों तक सम्बन्ध रखा। कुछ ही दिन में उसे चोद कर ब्यूटी का सारा मजा ले लिया। उसकी चुदाई आनंद बस कुछ दिन तक ही मिल पाया। मेरा उससे ब्रेकअप हो गया। उसका कारण मेरी भाभी थी। भाभी को सब पता था।

सारी बाते मैने भाभी को बता रखी थी। किस किया था उस दिन से लेकर चुदाई का भी सीन तक बता दिया था। भाभी से मै बहोत ही फ्रेंक था। ब्यूटी ने मेरे को ये सब बात मेरी भाभी से बताने को मना किया था। लेकिन भाभी ने ये बात जाकर ब्यूटी से बता दी। अब मेरा तो लंड फिर से बचपन वाले रास्ते पर आ गया था। मुठ मार मार के अपने को शांत करता था। वैसे भाभी भी कुछ कम नहीं थी। एक दिन भाभी बिस्तर पर थी। अक्सर वो घर में मम्मी पापा के सामने साडी में ही रहती थी। भाभी उस दिन बहोत ही गहरे नींद में सो रही थी। उनकी साडी पेटीकोट सहित ऊपर सिर्फ चूत को ढके हुए थी। मैं भाभी के पास गया। उनकी गोरी चिकनी टांगो को देखकर मेरा लंड खड़ा होने लगा। मै अपने पैंट के जिप को खोलकर अपना लंड निकाल कर हाथो में ले लिया। लंड को हिलाते हिलाते बिस्तर पर चढ़ गया। भाभी की साफ़ चिकनी टांगों पर किस करते हुए मुठ मारने लगा। हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम उनकी टांगो को चूमते हुए मैं जांघ पर पहुच गया। अब चूत का दर्शन बाकी था। मैंने उनकी चूत के दर्शन के लिए उनकी साडी और ऊपर सरका कर कमर पर कर दिया। भाभी खर्राटे लेके सो रही थी। चूत के दर्शन को अभी एक वस्त्र और हटाना बाकी था। भाभी पैंटी मेरे को उनकी चूत के दर्शन को रोक रही थी। लेकिन चूत के किनारे को देखकर ही लग रहा था कि चूत कितनी खूबसूरत होगी! मैंने भाभी की चूत के दर्शन को उनकी पैंटी को एक साइड में कर दिया।

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उनकी चूत के दर्शन करने लगा। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि इतनी खूबसूरत चूत मेरे भाभी की मेरे ही घर में है। मैंने उतनी रसीली लाल लाल चूत पहली बार देखी थी। मन करने लगा अभी ही काट कर पूरा खा जाऊं! मेरे से रहा नहीं गया। मैंने भाभी की चूत पर अपना मुह लगाकर चाटने लगा। भाभी भी करवटे बदलने लगी। मैंने जैसे ही अपने होंठो से भाभी की चूत को पकड़ा। भाभी ने अपनी आँखे खोल दी। मै ज्यादा नहीं डरा लेकिन फिर भी थोड़ा डर गया। भाभी अपनी साडी सँभालते हुए अपनी टांगो सहित चूत को ढककर कहने लगी।

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भाभी: ये क्या कर रहे हो??
मै: कुछ नहीं भा…भी आपकी साडी स…सही करने आया था। मैं इधर से जा रहा था तो आपकी साडी को ऊपर देखा। आपका सारा सामान दिख रहा था
भाभी: मेरा सामान ढकने आये थे या देखने आये थे? अभी तुम्हारे भैया को सब बताती हूँ
फ्रेंड्स मै भाभी से फ्रेंक था लेकिन भाई से बहोत ही डरता था। मै भाभी को पकड़कर मनाने लगा।
मै: भाभी मैंने कुछ किया नहीं है? आप चाहो तो चेक कर लो!
भाभी: अच्छा! अपनी होंठ से मेरी चूत को पकड़कर कौन खीच रहा था। मैं तो आज सब बता कर रहूंगी
मै: भाभी आप प्लीज़ भैया से न बताना आप जो कहेंगी मै करूंगा! आपको को छूना तो दूर मै आपकी तरफ देखूँगा भी नहीं

भाभी: यही तो मैं नहीं चाहती हूँ
मै चौंक गया। भाभी क्या कहने लगी। मेरे को बहोत बड़ा शॉक लगा। मैं भाभी की तरफ देखने लगा।
मै: तो फिर क्या चाहती हो?
भाभी: मै चाहती हूँ तुम मेरे से साथ जो कर रहे थे। उससे भी ज्यादा करो
मै: क्या कह रही हो भाभी! ये सच है क्या?
भाभी: हाँ उत्कर्ष मेरे को तुम बहोत अच्छे लगते हो। अब तुम मेरे बॉयफ्रेंड की तरह मेरे साथ बर्ताव करोगे

मै: ठीक है भाभी आज से तुम मेरी गर्लफ्रेंड हो गयी
भाभी: ठीक है अब तुम मेरे को अपनी ब्यूटी ही समझो! उसके साथ जैसे तुमने सब कुछ किया था। वैसे ही मेरे साथ भी करो

भाभी ने मेरे को अब काम शाम को करने को कहा। दिन में मम्मी का डर था। उस समय मेरे भैया जी देहरादून गए हुए थे। बड़े दिनों तक चूत के लिए तड़पा था। मेरे को बस शाम का इंतजार था। शाम तक मेरी बेचैनी बढ़ती ही जा रही थी। शाम तक घर में भाभी के साथ किचन और हर जगह साथ में ही लगा था। इंतजार की घड़ी ख़त्म होने को हो गयी। शाम को सब लोग खाना खाकर अपने अपने रूम में चले गए। मै भी अपने रूम में गया। रजाई ओढ़ के भाभी का ही इन्तजार कर रहा था। रात के लगभग 11 बजे थे। भाभी घर का सारा काम ख़त्म करके पहले अपने रूम में गयी। हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम

मम्मी पापा के रूम में जाकर मैने देखा तो सब सो चुके थे। मै भाभी को लेकर अपने रूम में आ गया। भाभी ने थोड़ा बहोत परफ्यूम मार के महक रही थी। मेरे को उनके परफ्यूम की भीनी भीनी खुशबू बहोत ही अच्छी लग रही थी। भाभी मेरे रूम में आकर बिस्तर पर लेट गयी। अंगड़ाई लेते हुए मेरे को देखने लगी। मैने भाभी के पैर से उन्हें किस करते हुए होंठो की तरफ बढ़ रहा था। मेरा लंड भी खड़ा हो रहा था। मैं किस करते हुए भाभी के दूध तक पहुचा था। उन्होंने उस जगह परफ्यूम लगा रखा था। मैंने उसे जोर से सूंघते हुए भाभी के होंठो पर अपना होंठ लगा दिया। भाभी ने मेरे को किस करना शुरू कर दिया। धीरे धीरे से किस करते हुए हम एक दूसरे का साथ दे रहे थे। अचानक हम दोनों की साँसों के साथ होंठ चूसने की स्पीड भी बढ़ती जा रही थी।

मैं भाभी के होंठ को काट काट कर चूसने लगा। वो भी सीं…. सी.. सी.. की सिसकारी भर के मेरा साथ दे रही थी। भाभी ने हाँफते हुए अपने मुह को मेरे मुह से दूर किया। मैंने उनके कंधे पर किस करके गर्म करना शुरू किया। भाभी ने उस दिन नीले रंग की साडी ब्लाउज पहन रखी थी। उस दिन कुछ ज्यादा ठंडी नहीं थी। मैंने भाभी की ब्लाउज की एक एक बटन को खोलकर निकाक दिया। भाभी ने उस दिन सब मैचिंग का कपड़ा पहना हुआ था। उनकी ब्रा भी नीले रंग की ही थी। नीले ब्रा में वो और भी ज्यादा हॉट और सेक्सी लग रही थी। मैंने भाभी के चुच्चो को अपने हाथों में लेकर खेलने लगा। हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम

भाभी के दोनो चुच्चे दूध की तरह गोरे थे। उनके मम्मे को देखकर मेरे मुह में पानी आ गया। मैंने उनकी ब्रा को निकाल कर उनके निप्पल को देखा। गोरे बूब्स पर भूरे रंग के निप्पल बहोत ही जबरदस्त लग रहे थे। मैंने अपना मुह उनकी निप्पल में लगा दिया। उनकी निप्पल को मुह में भरकर दबाते ही भाभी ने अपनी आँखे बंद कर ली। मैं मजे ले ले कर दूध को पी रहा था। अपने दांतों को गड़ा कर उनकी निप्पल को दबा रहा था। वो “…..ही ही ही……अ अ अ अ उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ…” की आवाज के साथ अपनी दूध पिला रही थी। कुछ देर तक दूध पीने के बाद मैंने भाभी के नाभि की तरफ देखा।

वो भी बहोत मस्त लग रही थी। मैंने नाभि को भी किस करके भाभी की गर्मी को और बढ़ा दिया। भाभी की चूत को एक बार फिर से अच्छे से चाटने के लिए भाभी की साडी को निकाल दिया। उसके बाद मैंने पेटीकोट का नाडा खोला और पैंटी सहित निकाल दिया। भाभी की चूत साफ़ साफ़ दिखने लगी। भाभी को नंगा करके मैने भी अपना सारा कपडा निकाल दिया। मेरे लंड देखते ही वो झपट पड़ी। अपने हाथों से सहलाते हुए वो मेरे लंड को चूसने लगी। मेरा लंड चूस चूस कर कड़ा कर दिया। मैंने भाभी से अपना लंड छुड़ाकर दूर किया। हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम  भाभी की टांगो को फैलाकर उनकी लाल लाल चूत का दर्शन करने लगा। भाभी भी उत्तेजित होने लगी। वो मेरे बालो को पकड़कर मेरा मुह अपनी चूत में रागड़ने लगी। वो जोर जोर से “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” की आवाज निकाल कर चूत चटवा रही थी। मैं भी उनकी चूत में जीभ डाल डाल कर चाट रहा था।

भाभी: उत्कर्ष अब मेरी चूत चाटना बंद कर और अपना लंड डाल दे मेरी चूत में!
मै अपना लंड हिलाकर खड़ा हो गया। भाभी अपनी दोनों टांगो को फैलाकर लेट गयी। मैने अपना लंड भाभी की चूत में रगड़ना शुरू किया। भाभी की चूत बहोत ही गर्म हो चुकी थी। वो चुदने को तड़प रही थी। उन्होंने मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत में घुसाने लगी। मेरा लंड उनकी चूत के छेद के निशाने पर ही था। मैंने जोर से धक्का मार दिया। मेरा आधा लंड भाभी की चूत में घुस गया। वो जोर से “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” की चीखे निकालने लगी। मैंने फिर से धक्का मार कर अपना पूरा लंड भाभी की चूत में घुसा दिया। बड़े दिनों बाद चुदाई करने में मजा आ रहा था।

मैं भाभी के ऊपर लेट गया। उनको किस करके मै चोद रहा था। कमर उठा उठा कर भाभी की चूत को फाडना जारी रखा। भाभी भी बड़े मजे ले लेकर चुदवा रही थी। वो भी अपनी कमर उठा कर “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई… ..” की आवाज के साथ चुदवा रही थी। भाभी जल्दी जल्दी अपनी गांड उठा कर चुदवाने लगी। मेरा लंड आसानी से भाभी की चूत चुदाई कर रहा था। मैं दोनो हाथो के सहारे झुक कर चोद रहा था। भाभी मेरे पीठ को हाथ से पकड़ कर जोर जोर से गांड उछाल उछाल कर चुदवा रही थी।
भाभी बहोत ही गर्म लग रही थी। वो मेरे को गालियां देकर चुदवा रही थी।

भाभी: उत्कर्ष साले कुत्ते! और जोर से चोद मेरी चूत! फाड़ डाल इसको!
काफी देर से मैं झुककर चोद रहा था। मेरी कमर में दर्द होने लगा। मैंने भाभी को बिस्तर पर भाभी के पीछे लेट गया। उनकी एक टांग को उठाकर मैंने चुदाई शुरू कर दी। भाभी भी गांड हिला हिला कर चुदवा रही थी। मै अपनी कमर आगे पीछे करके भाभी को चोद रहा था। मैंने अपना लंड जड़ तक घुसाकर भाभी की चुदाई कर रहा था। भाभी की चूत मेरे लंड की रगड़ ज्यादा देर तक न सह सकी। उन्होंने अपना माल निकाल दिया। मेरे लंड की बहोत दिनों की प्यास उनकी चूत के पानी से बुझ गया। मेरा लंड भी अकड़ने लगा। हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम
मैंने जोर जोर से चुदाई करनी शुरू कर दिया। भाभी “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की आवाज निकालने लगी। कुछ देर बाद मेरा लंड भी अकड़ के माल गिराने लगा। भाभी की चूत में ही मेरा लंड स्खलित हो गया। मैने धीरे से अपना लंड निकाल लिया। सारा माल चादर पर गिरने लगा। मेरे लंड का सारा माल बिस्तर पर बिखरा हुआ था। भाभी ने बिस्तर से चादर हटा दिया। रात भर हम दोनों नंगे ही रजाई में लेटे रहे। उस दिन बिस्तर गर्म करने के बाद भाभी ने कई बार मेरे बिस्तर को गर्म किया। उस रात मैंने भाभी की गांड चुदाई भी कर के मजा लिया। अब तो जब भी मौक़ा मिलता है भाभी की चुदाई कर देता हूँ। आपको स्टोरी कैसी लगी मेरे को जरुर बताना और सभी फ्रेंड्स नई नई स्टोरीज Hindipornstories.com पर पढ़ते रहना. आप स्टोरी को शेयर भी करना.

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