बॉयफ्रेंडके पापा ने 8 इंच के लोडे से मेरी चुदाई की

loading...

मेरा नाम प्रियंका है और मैं मुंबई से हु. आज की ये कहानी मेरी पहली कहानी है. मैं कब से ही ये कहानी लिखना चाहती थी लेकिन बस लाइफ की भागदौड़ में समय ही नहीं मिला.

आज से करीब आठ महीने पहले की ही ये बात है. मेरा एक बॉयफ्रेंड था करीब 2 साल से. और हम दोनों के ही घर में हमारे रिलेशन के बारे में पता चल गया था. मेरे घर में तो सब ठीक था और मैं संभाल सकती थी. लेकिन उसके घर पे थोडा प्रॉब्लम था मेरे लिए. हम दोनों एक ही लोकालिटी  में रहते थे. हमारी लव स्टोरी एकदम स्वीट और रोमांटिक थी. और मेरा बॉयफ्रेंड और मैं एक दुसरे को सच में बहुत प्यार करते थे.

loading...

एक दिन मैं लोकल बस से घर पर आ रही थी अपनी ऑफिस से. जब मैं बस से उतर रही थी तो मैंने देखा की एक लम्बा कालिया आदमी मुझे घुर सा रहा था, और जब मैंने ठीक से उसे देखा तो वो मेरे बॉयफ्रेंडका पापा था. मैं बस से उतरी और वो भी उतरा.

loading...

रात हो गई थी और अँधेरा भी था. बहार कोई नहीं था. अचानक वो मेरे पास आया और बोला, तुम प्रियंका हो ना? मैंने तुम्हारे कॉल्स और मेसेज देखे है मेरे बेटे के फोन में. मैंने कहा हां अंकल. और फिर हम दोनों साथ में चलने लगे.

कुछ सेकंड के बाद वो बोला, बाय ध वे तुम बहुत ही खुबसुरत हो और तुम दोनों के रिलेशन के बारे में मुझे पता है. मैं तो अपने मुहं को छिपाने की फिराक में थी और उन्होंने कहा, कल दोपहर को क्या कर रही हो तुम?

मैंने उनकी तरफ उत्सुकता से देखा और उसने बोला, अरे मुझे तुम्हारे साथ बात करनी है मेरे बेटे के बारे में.

अगले दिन सन्डे था इसलिए मैंने कहा मैं कल फ्री हूँ.

उसने कहा ठीक है, कल दोपहर को आ जाना पर अजय को कुछ मत बताना.

मैंने कहा क्यूँ?

उसने कहा बस तुम्हारे साथ ही बात करनी है.

मैं घर पहुंचा और सोचने लगी की वो क्या कह रहे थे. मुझे लगा की मुझे अजय को बता देना चाहिए. फिर मुझे लगा की शायद अजय के पापा को हमारे रिलेशन और फ्यूचर को ले के ही कुछ बात करनी होगी इसलिए मैंने सोचा की अभी अजय को कुछ नहीं कहूँगी.  और फिर मुझे नींद आ गई तो मैं सो गई.

अगले दिन सन्डे की वजह से मैं लेट ही उठी. दोपहर के खाने तक नोर्मल रूटीन रहा मेरा सन्डेवाला. करीब डेढ़ बज रहा था और मैंने खाना वगेरह निपटा लिया था. तो मैंने एक चूड़ीदार पहना और अंदर कप वाली ब्रा पहनी निचे सिंगल लाइन वाली पेंटी. बहार से पहनावा देसी था लेकिन अन्दर से अंग्रेजोंवाला.

मैं उसके घर जा पहुंची और दरवाजा नोक किया. अजय के पापा ने ही डोर खोला. वो अपने बदन के ऊपर सिर्फ एक तोवेल लपेटे हुए थे बस. और अजय घर पर नहीं था आंटी भी नहीं थी. अंकल उस वक्त घर पर एकदम अकेला ही था और अब मैं आ गई थी.

उसने मुझे बैठने के लिए बोला. और फिर वो भी मेरे पास में आ के बैठ गया. मैंने कहा अंकल क्या बात हैं आप ने मुझे क्यूँ बुलाया? वो बोला वेट करो और बाथरूम चला गया.

फिर दो मिनिट के बाद उसकी आवाज आई प्रियंका यहाँ आओ कुछ बताना है.

मैंने अपनी बेग वही रख दी और बाथरूम की तरफ चली गई. वहां पर एकदम अँधेरा था. मैंने दरवाजे के पास खड़े हुए कहा बोलिए अंकल. उसने कहा लाईट जला दो. मैंने इस घर में अजय के साथ काफी बार सेक्स किया था जब उसके मम्मी पापा नहीं होते थे इसलिए मुझे पता था की स्विच कहा पर है. मैंने लाईट ओन की और बाथरूम के अन्दर का सिन देखा तो मेरी आँखे खुली की खुली ही रह गई!

अंदर अंकल के हाथ में उसका 8 इंच का लंड था जिसे पकड के वो हिला रहे थे. वो पुरे नंगे थे!

मैं ये देख के फट से बहार भागी और दरवाजे को खोलने लगी भागने के लिए. लेकिन उतने में तो अंकल भी भाग के वहां आ गए और उन्होंने मुझे दरवाजे के पास में ही पकड़ लिया. मैं चहरे को छिपा रही थी उनके लंड से. उसने कहा क्या हुआ? मैंने कहा आप ये क्या कर रहे हो अंकल?

उसने कहा, अरे मैं तुम्हे कुछ कहना चाहता था. मैं जानता था की तुम मेरे बेटे की माल हो लेकिन जब तुम्हे देखा तो मेरी हवा गुल हो गई. और अगर तुम मुझे खुश कर दो तो मैं तुम्हे वो सब दूंगा जिसकी तुम्हे चाहत हो!

मैंने कहा ये गलत है और मैं वहां से जाना चाहती थी. लेकिन उन्होंने मुझे पीछे से पकड़ा हुआ था. और अब उनका कडक लंड मेरी गांड के ऊपर टच होने लगा था.

मेरे बूब्स भी अब कुर्ती में से बहार को पोकिंग करने लगे थे जैसे. और सच कहूँ तो अब उसके लंड की गर्मी ने मुझे भी काफी हद तक रेडी कर लिया था. वैसे वो सांवला था बाकी तो वो अंकल नहीं लेकिन एक जवान आदमी के जैसा हेल्धी और सेक्सी था.

मैंने कहा, अंकल लेकिन मैं आप के बेटे को धोखा नहीं दे सकती हूँ हम दोनों एक दुसरे को बहुत प्यार करते है!

अंकल ने बोला मेरी तरफ देखो. जैसे ही मैं उनकी तरफ मुड़ी उन्होंने मेरे होंठो के ऊपर किस कर लिया. और फिर वो मेरे कमीज को पीछे से खोलने लगे. अब मैंने भी उन्हें पकड लिया और किस करने लगी. वो मेरे से लम्बे थे और उन्होंने मुझे थोडा ऊपर उठा लिया. उन्होंने मेरी कुर्ती को निकाला और बोले की चूड़ीदार निकाल दो अब. अब मैं अंकल के सामने सिर्फ अपनी कप वाली ब्रा और पेंटी के अन्दर थी. उन्होंने कहा क्या तुम पोर्न देखती हो?

मैंने कहा हां कभी कभी अजय दिखा देता हैं मेरे को.

अंकल ने टीवी के ऊपर पोर्न मूवी लगाईं और बोले चलो आज मैं दिखता हूँ.

और फिर उसने मुझे किचन से पानी लाने के लिए कहा. मैं फ्रिज की तरफ बढ़ी.

मुझे पता था की उसको मेरी गांड देखनी थी इसलिए उसने बहाने से मुझे भेजा था. मेरी गांड पुरे 36 इंच की है एकदम बड़ी बड़ी. मैंने जब मुड़ के अंकल को देखा तो वो मेरी उछलती हुई गांड को ही देख रहा था. उसने मुझे कहा जल्दी वापस आ सेक्सी.

मैं उसके लिए एक ठंडे पानी का ग्लास ले के आई और वो मुझे उपर से निचे तक देख रहा था. उसने व्हिस्की का एक पेग बनाया और मुझे थोडा पानी अन्दर डालने के लिए कहा. मैंने पानी डाला ग्लास के अन्दर.

और फिर उन्होंने मुझे खिंच के अपनी जांघो पर बिठा दिया. हम दोनों पोर्न देख के मस्ती में थे. पोर्न मूवी में लेडी एक बड़े लंड को चूस रही थी. और तब अंकल जी मेरे कंधे और गले के ऊपर किस कर रहे थे. और तब उनका कडक लंड मुझे चिभ रहा था.

उन्होंने मुझे कान में कहा, अब सिर्फ पोर्न देखो मत कुछ ऐसा मेरे लिए भी कर दो.

उन्होंने मुझे किस किया और फिर मैं झटके से खड़ी हुई. अंकल की दोनों जांघो के बिच में बैठ गई. अंकल का लंड एकदम बड़ा और कडक था. मैंने एक भी मिनिट वेस्ट नहीं किया और उस लंड को मुहं में भर के चूसने लगी. मैं जोर जोर से उनके लंड को चूस रही थी किसी रंडी के जैसे ही. वो सोफे के ऊपर लम्बे से हो गए थे और उनके मुहं से सिसकियाँ निकल रही थी अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह फक!

मैं उनके 8 इंच के लम्बे लंड को जोर जोर से चुस्ती रही. मैं अंकल के लंड को पूरा लाल लाल कर दिया था और वो इतना कडक हो चूका था की झटके खा रहा था. अंकल ने मुझे पूछा की क्या तुम वर्जिन हो? मैंने कहा नहीं. वो बोला मेरे बेटे ने खोला था सिल क्या? मैंने कहा हां और कौन! वो बोला, अच्छी बात है.

फिर अंकल ने कहा, अजय का भी बड़ा है क्या? मैंने कहा आप से छोटा ही है! वो हंस पड़ा और बोला मेरा पसंद आया तुम को? मैंने आवाज से नहीं लेकिन उसके लंड को चूस के अपने मुहं से जवाब दे दिया उनके सवाल का.

अंकल एकदम खुश थे और मैंने उनके मोटे सांप जैसे लंड को चूस रही थी.  और फिर अंकल ने मझे अपनी बाहों में उठा लिया और बेडरूम में ले गए. उन्होंने मुझे बेड में डाला और वो साइड में खड़े थे. मैं अपने लंड पर लगे हुएथूंक को साफ करने लगी जो लंड को चुसने की वजह से आया हुआ था. उन्होंने कहा क्या मैं तुम्हें चोद सकता हूँ? मैंने कहा अब इतना खोल है तो अब पुरे ही मजे ले लो अंकल और थोड़े मजे मुझे भी दे दो!

अंकल ने मेरी चूत की फांक को खोल के कहा तेरी इस छोटी सी वजाइना में बड़ी खुजली है!

मैंने कहा खुजली तो बहोतहै अंकल और ये दिखती छोटी है पर बड़े बड़े जानवर अपने अंदर ले सकती है. अंकल ने कहा वाह मेरी जान!!

मेरी नजर बार बार अंकल के लंड के ऊपर ही जा रही थी. उन्होंने कहा ब्रा और पेंटी को उतार दो डार्लिंग.. मैंने कहा ये काम अगर आप करोगे तो मुझे और आप दोनों को बड़ा मज़ा आएगा!

उन्होंने एक मिनिट में ही मेरी ब्रा और पेंटी को फाड़ के फेंक दिया. मैं और अंकल अब एकदम नंगे थे एक दुसरे के सामने.

मैंने अपने दोनों पैर को ऊपर किये और वो मेरे ऊपर सो गए. मेरी चूत में अअंकल अब अपने लंड को सहला रहे थे. मैंने कहा जी चोदना शरु कर दो अंकल. लंड की सेवा मैं करुँगी.

उन्होंने कहा साली रांड बहुत बोल रही है!

और फिर उन्होंने फटाक से लंड को घुसाया और धीरे धीरे अन्दर बहार करने लगे. और मैं पुरे नशे में थी और अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह जोर से करने लगी.

उन्होंने कहा चुप रंडी, तुझे चोदने का दीवाना तो मैं पहले से ही था और आज पूरा मजा लूँगा. मैंने कहा क्या?

उन्होंने बिस्तर के कौने से एक पेंटी निकाली और मेरे मुहं पर फेंक दी और बोले ये चड्डी तेरी है ना?

मैंने देखा तो वो पेंटी मेरी ही थी लेकिन उसके ऊपर अभी बहु त सब दाग थे. मैंने कहा ये मरी ही हैं लेकिन ये सब दाग क्कैसे है और आप को कैसे पता चला की ये पेंटी मेरी है?

तो उन्होंने कहा इसी बेड के ऊपर तू चुद्वाती है न मेरे बेटे से? और एक दिन मुझे ये पेंटी इस बेड के ऊपर मिली थी और साइज़ देख के मैं समझ गया की मेरी बीवी की तो नहीं है. उसी दिन मैं जान गया था की मेरे बेटे के हाथ में कोई लंड लेनेवाली रंडी लगी है!

और फिर वो हंस के बोले, उस दिन से ही तुम्हें याद कर कर के इस पेंटी में अपना पानी छोड़ता आया हूँ.

और फिर वो मुझे कस के लंड पेल के बोले, आज सही मौका हाथ लगा है इसलिए तुझे बहुत चोदुंगा.

मैंने कहा आप ने बहुत वेट किया हैं मेरे लिए अंकल, आप को मर्जी में आये वैसे मेरे को चोदो. आप भी मुझे बहुत पसंद हो और आप का लंड तो अजय से काफी मजबूत और मोटा हैं. मुझे ऐसे ही किसी मोटे लांद की जरूरत थी, चोदो मुझे अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह यस्सस अह्ह्ह्ह ऐईईईइउईई अह्ह्ह्ह!

तो उन्होंने बहोत जोर जोर से धक्के मारने चालू कर दिए मेरी चूत के अन्दर और पूरा लंड अंदर था और उनके बॉल्स मेरी चूत के ऊपर घिस रहे थे.

पुरे बेडरूम में बस पच पच पच पच की आवाजें ही आ रही थी. उसमे मैं भी सुर मिलाते हुए अह्ह्ह्ह अह्ह्ह और जोर से अंकल, अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह चोदो मुझे अंकल अहह अह्ह्ह ऐसे बोल रही थी.

अंकल एक पल के लिए रुके तो मैंने कहा अंकल अब मुझे आप के लंड के ऊपर चढ़ के चुदवाना है. अंकल फटाक से एक ही सेकंड में लंड को बाहर निकाल के निचे लेट गए. मेरे मुहं से जोर से अह्ह्ह्ह निकल गया. अब मैं अंकल के ऊपर बैठ के उछलने लगी. उनका लंड मेरी चूत में अन्दर तक बैठ चूका था. मुझे बहोत मस्त और अच्छा लग रहा था अंकल के लंड की सवारी कर के चुदवाना.

मैं ऊपर निचे उछल कूद कर के उनके लंड के मजे ले रही थी. उनके मुहं से सिर्फ अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह मस्त और जम्प लगाईं अह्ह्ह अह्ह्ह्हह निकल रहा था. मैं ऊपर निचे अपनी गांड को हिला रही थी और वो मेरे बूब्स को दबा रहे थे एकदम जोर जोर से.

अंकल ने मुझे कहा, तेरे बॉल्स इतने बड़े कैसी है मेरी जान?

मैंने कहा आप के बेटे की वजह से वो रोज इन्हें दबाता है ना!

उन्होंने कहा आज से तुम मेरी रंडी होगी और मैं बहोत मजा दूंगा तुम्हे, बहुत चोदुंगा और अपनी रंडी बनाऊंगा.

मैंने कहा अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह पानी निकल रहा है मेरा!!!!

और ये कहते हुए ही मैं झड़ भी गई.

फिर उन्होंने निचे से बहोत जोर जोर से लंड अन्दर घुसाया. थोड़ी देर के बाद वो मेरे मुहं पर अपने लंड का पानी छोडने  लगे थे. मैंने थोडा सा टेस्ट किया और वो खट्टा सा था.

उसके बाद उन्होंने मुझे बाथरूम में ले के नहलाया. नहलाते हुए एक बार और मुझे चोदा खड़े खड़े. मुझे भी उनके हाथ के टच अच्छे लग रहे थे. उनके हाथ में मेरे बॉल्स थे और दुसरे से वो गांड को स्पेंक करते थे.

ये सब करते करते अंकल ने शाम के 7 बजे तक मेरी चुदाई की. और फिर मैं नाहा के अपने घर के लिए निकल रही थी. उन्होंने मेरे हाथ में एक शोपिंग बेग रख दी. मैंने कहा ये क्या है? व बोले देख लो.

मैंने बेग खोल के देखा तो अंदर 3 ब्रा और पेंटी के सेट थे.

अंकल बोले मैंने वो तुम्हारी ब्रा और पेंटी फाड़ दी थी ना तो ये नहीं है. आज सुबह ही मैं तेरे लिए ले के आया था. और फिर उन्होंने कहा अगली बार मेरा लंड लेने के लिए आओ तो यही पहन के आना तुम. और मैं हंस पड़ी. फिर उन्होंने कहा अभी तुम जाओ अगली बार हम किसी होटल में साथ में टाइम निकालेंगे!

और फिर तो मैं अक्सर अपने बॉयफ्रेंड के पापा का लंड लेने लगी. वो मुझे अपनी कार में बिठा के शहर वाले रस्ते पर होटल में ले के जाते हैं और दिन दिन भर अपने 8 इंच के लंड से चुदाई करते है. अब मेरी और मेरे बॉयफ्रेंड की शादी भी जल्दी होने वाली है. पता नहीं तब वो मेरी क्या हालात करेगा जब मैं अंकल के साथ एक छत के निचे रहूंगी!!!

loading...

Warning: This site is just for fun fictional SexyStories | To use this website, you must be over 18 years of age