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राजेश सर ने सिल तोड़ के जॉब दी मुझे

दोस्तों मेरा नाम जूही परमार हैं और मैं गुजरात से हूँ. मैं 20 साल की लड़की हूँ जो एक नर्सरी में बच्चो को पढ़ाने का काम करती हूँ. मेरा फिगर बड़ा ही धांसू हैं और मुझे जो एक बार ध्यान से देखे तो मेरा बन के रह जाता हैं. वैसे मेरा रंग सांवला हैं लेकिन बाकी सब कुछ मस्त हैं. मेरा लाइफ में कोई बॉयफ्रेंड नहीं रहा हैं. पता नहीं सब शायद मेरे पापा से डरते थे. इसलिए मैं पिछले महीने तक सेक्स के सुख से वंचित ही थी. और पिछले महीने हमारी नर्सरी के डिरेक्टर राजेश पटेल ने मेरी चूत के सिल को खोला!

राजेश सर की उम्र 45 के ऊपर की हे. लेकिन वो एक बड़े पैसेवाले आदमी हैं जिनका समाज में बड़ा रूतबा हैं. ऑडी जैसे तिन चार गाडिया हैं उनके पास. उनकी वाईफ का 4 साल पहले देहांत हो गया था. उनका एक बेटा हैं जो ऑस्ट्रेलिया में पढता हैं जिसका नाम मनीष हैं.

राजेश सर किसी सज्जन पुरुष की व्याख्या में फिट बैठते हैं. उनकी एक नर्सरी, एक इंटरनेशनल स्कुल और एक प्राइवेट जिम हैं हमारे शहर के अन्दर ही.

अक्सर उनके घर पर स्टाफ के लोगो के लिए पार्टी होती थी. और वो हमें पार्टी के टाइम के पहले ही मदद के लिए बुलाते भी थे. ऐसे ही एक दिन मैं करीब 12 बजे बच्चो को स्कुल बस में बिठा रही थी तब राजेश सर ऑडी से उतरे.

मेरे करीब आ के उन्होंने पूछा, जूही काम कैसे हैं?

मैंने कहा, ठीक हैं सर, कोई दिक्कत नहीं हैं.

वो बोले, काम खत्म कर के मुझे अन्दर ऑफिस में मिलो.

मैं घबरा रही थी की क्यूँ उन्होंने मुझे अंदर बुलाया.

करीब 10 मिनिट के बाद मैं वहां गई तो देखा राजेश सर खिड़की से बहार देख रहे थे. हमारी नर्सरी के पीछे एक पहाड़ी हैं जहाँ पर अभी हलकी हलकी बरसात की बुँदे बड़ी ही सुहानी लग रही थी.

मैं अन्दर जाने से पहले डोर को नोक किया. वो मेरी तरफ पलट के बोले, आओ अंदर.

मुझे कुर्सी दिखा के कहा, बैठो.

मैं बैठी, उन्होंने मुझे देखा हम दोनों की आँखे एक दुसरे से मिली. वो जैसे मुझे नाप रहे थे. फिर राजेश सर बोले, क्या तुम्हे पता हैं की मैं अब तुम्हे नर्सरी में काम करते हुए देखना नहीं चाहता हूँ!!!

मेरे पैरो के तले से जमीन खिसक गई लगता हैं किसी मेडम ने मेरी कम्प्लेन लगाइ थी. मेरे होंठ सुख गए और मैं कुछ नहीं बोल पाई. वो मंद मंद स्मित कर रहे थे. मई कुछ समझ नहीं पा रही थी की भला सर स्माइल क्यों दे रहे थे ये दुःख की खबर के साथ!

फिर वो बोले, तुम्हे स्कुल में ट्रान्सफर कर रहा हूँ तुमने बी.कोम किया हैं और वहां एक मेथ्स के टीचर की जगह खाली हैं!

बाप रे मैं तो ख़ुशी से उछल पड़ी और मेरी आँखों में आंसू आ गए ख़ुशी की वजह से. राजेश सर अपनी जगह से उठे और मेरे कंधे के ऊपर हाथ रख के कहा, तुम ये डिजर्व करती हो और आई नो की तुम वहां भी अपनी महनत से अपने काम का डंका बजाओगी!

मैंने कहा, थेंक यु सर!

राजेश सर: एक काम करना, शाम को मेरे घर आना करीब 6 बजे, मैंने स्कुल के प्रिंसिपल खत्री साहब को बुलाया हैं, वो तुम्हे सब कुछ डिटेल में बताएँगे.

शाम को मैं एक पिंक साड़ी पहन के सर के बंगले पर जा पहुंची वाचमेन को हिदायत मिली थी इसलिए उसने मुझे कुछ नहीं पूछा और अन्दर जाने दिया. मैंने डोरबेल बजाई. आज सर ने खुद ने ही डोर खोला, कोई नौकर नहीं आया था.

सर ने एक सिल्की शर्ट और निचे एक सफ़ेद पेंट पहनी थी. मुझे अंदर ले के उन्होंने एकदम वार्म वेलकम दिया मुझे कंधे से पकड के अंदर ले के. मुझे सोफे पर बिठा के वो मेरे पास में ही बैठ गए. उनके बदन से हलके परफ्यूम की मादक स्मेल आ रही थी. उन्होंने मुझे कहा, खत्री साहब आये नहीं अभी तक, वो आयेंगे कुछ देर में.

मैंने कहा ठीक हैं सर.

फिर वो बोले, जूही तुम्हे पता है मैं तुम्हे पहले दिन से ही पसंद करता हूँ और तुम पहली नर्सरी स्टाफ हो जो स्कुल में प्रोमोट हो रही हैं.

मैं कुछ नहीं बोली, वो मेरे और करीब आये और बोले, तुम्हे पता हैं की तुम्हारी सेलरी एक दिन में ही डबल कर दी हैं मैंने!!!

मैंने कहा, थेंक यु सर.

उन्होंने एकदम करीब हो के मेरी जांघ पर हाथ रख के कहा और मैं उम्मीद करता हूँ की तुम भी कोआपरेट करोगी!

और उन्होंने ये कहते हुए कोआपरेट वर्ड के ऊपर थोडा स्ट्रेस किया था. मैं एकदम से चौंक पड़ी उनके जांघ पर हाथ रखने से. कभी चुदी नहीं थी इसलिए दिल जोर जोर से धडक रहा था. लेकिन राजेश सर की आँखों में वासना और अन्तर्वासना को देख ना सकूं उतनी ठिठ भी नहीं थी मैं. मैं दुविधा में थी की क्या किया जाए!???

इस बूढ़े को इज्जत दे दूँ ताकि प्रोमोशन हो और मुझे सेक्स का अनुभव भी मिले. या फिर उसे हड़का के प्रोमोशन और सेक्स दोनों को लात मार दूँ! फिर मेरी जॉब भी चली जानी थी. और यही सक चल रहा था दिमाग में उतने में तो राजेश सर की उंगलिया मेरी जांघो पर घुमने लगी थी. वो जांघो को सहला के मुझे गर्म कर रहा था!

मैं एक ही मिनिट में फैसला कर लिया की इस बूढ़े सर के साथ सेक्स कर के पैसे और शोहरत दोनों ले लेती हूँ. और मुझे अब कहा कुछ करना भी था. उसने सामने से ही तो काम चालु कर दिया था. मेरी जांघ को थोडा मसलने पर भी मैं कुछ नहीं बोली तो वो समझ गया की मैंने हथियार डाल दिए थे. मैंने सिर्फ एक बार कहा, खत्री सर नहीं आयेंगे क्या?

राजेश सर ने कहा, वो जब मैं बुलाऊंगा तब आयेंगा उसके पहले इस कमरे मेंकोई नहीं आएगा मेरी जान, घबराओ मत.

और फिर उनके हाथ मेरे बूब्स के ऊपर थे. मैंने शर्म की वजाह से आँखे बंद कर ली थी. उन्होंने मेरे चहरे को ऊपर की ओर उठाया और बोले, शरमाओ नहीं मजे लो मेरे साथ, मैं जानता हूँ की शायद ये फर्स्ट टाइम हैं तुम्हारे लिए!

और फिर उन्होंने अपने हाथ से मेरे हाथ को पकड़ा और अपना लंड पकड़वा दिया. बाप रे कितना सख्त था वो लंड जैसे की मैं पोर्न मूवी में देखती थी. उन्होंने कहा, निकालो ना उसको बहार.

और मैं कुछ करूँ उसके पहले उन्होंने मेरी साडी को निकाला. मेरी ब्लेक ब्रा के ऊपर वो किस कर रहे थे और फिर एक ऊँगली को ब्रा के कप में डाल के मेरे निपल्स को सहलाने लगे. मैं पिगल रही थी और पिगलन चूत का पानी बन के बहने लगी थी.

राजेश सर का लोडा बहार निकाला तो मेरी आँखे चौंधिया उठी. वो पुरे 8 इंच का लंड था जो किसी भी चूत को फाड़ सकता था एक पल के लिए मैं पूरी डर गई थी. मैं सोच रही थी की भला ये मेरी छोटी सी चूत में घुसेगा तो कैसे???

सर ने अब मुझे पीछे धक्का दे के इस बड़े सोफे पर लिटा दिया. और मेरी साडी निकाल फेंकी उन्होंने. फिर मेरे बूब्स को वो हिला रहे थे. उन्होंने बा के हुक खोला और फिर मेरी पेटीकोट भी निकाल दी. मेरे नाभि वाले हिस्से को चूसते हुए वो धीरे से मेरी पेंटी की तरफ बढ़ गए. मैं हिल उठी थी पूरी की पूरी. मेरे बदन में एक अजब सी खुमारी छा रही थी. सर ने मुझे कमर से पकड़ा और ऊपर को किया. मेरी पेंटी के ऊपर अपने होंठो को लगा के वो किस देने लगे. बाप रे क्या मजा आ रहा था मुझे तो!

फिर उन्होंने एक हाथ से मेरे बूब्स को मसले और दुसरे से मेरी पेंटी को निकाली. मेरी झांट ऐसी ही थी. मेरी झांट को देख के उस बूढ़े की आँखे चमक उठी जैसे. वो ऊँगली से झांट फैला रहा था. और फिर हलके से मेरी चूत के मुहं पर किस दे दी. मैं हिल गई. सर ने अब दोनों हाथ में बूब्स संभाले और अपने होंठो से ही चूत को खोल दी. और उनकी जबान मुझे चोदने लगी थीवाऊ क्या नशा था वो. सर एकदम सेक्सी अंदाज में मेरी चूत को लिक कर रहे थे.

उनकी जबान मेरे छेद में घुसी और जैसे वो कुछ ढूंढ रही थी. चूत के दाने के ऊपर भी जबान बार बार घिस रहे थे सर. और फिर वो बोले, मुहं में लोगी?

मैंने कहा, सर मैंने कभी किया नहीं हैं!

वो बोले, आज सिख लो फिर!

और फिर वो खड़े हो के पुरे न्यूड हो गए. उनका लंड एकदम टट्टार था जैसे की कच्चा केला. सर ने मेरे साथ 69 पोजीशन बनाई और अपने लंड को मेरे मुहं में दे दिया. मैं आधे लंड को मुश्किल से अन्दर ले पा रही थी. लेकिन वो बड़े प्यार से आधा आधा इंक कर के अंदर दे रहे थे. कुछ देर में मैंने 6 इंच जितना तो चूस ही लिया.

फिर सर बोले चलो अब करते हैं.

मैंने अपनी टाँगे खोली. सर ने एक बोटल से कुछ चिकना जेल ले के मेरी चूत पर घिसा. और अपने लौड़े के ऊपर भी. वो बोले ये अमरीका का जेल हैं इस से चूत में जल्दी घुसता हैं और दर्द भी नहीं होता हैं. वो जेल एकदम ठंडा ठंडा था.

लेकिन अगले ही पल सर का गरम गरम लंड आ गया उस जेल के ऊपर. उन्होंने मुझे लिप किस की और हलके से पुश किया. उनका लंड आधा घुस गया मैंने तो सुना था की वर्जिन चूत में इतनी जल्दी नहीं घुसता हैं, शायद वो अमरीकन जेल की ही कमाल थी वो. मुझे दर्द हो रहा था. मैंने जोर से राजेश सर को अपनी बाहों में भर लिया और अपनी टांगो को और थोडा खोला. उन्हें लगा की मुझे मजा आया इसलिए उन्होंने एक धक्का और दे दिया. मैं बेहाल हो गई क्यूंकि पूरा लंड अंदर जा घुसा था. उन्होंने मेरे कंधे के ऊपर किस किया और फिर मेरे गाल के ऊपर. और फिर वो ऊपर निचे हो के मुझे चोदने लगे.

मैं दर्द की वजह से कभी इधर तो कभी उधर देख रही थी. लेकिन वो बिना रुके जोर जोर से मेरी लेते गए. मेरी चूत का दर्द एक मिनिट के बाद कम हुआ. और अब मैं भी सर को कोआपरेट करने लगी थी. वो कस कस के मुझे चोद रहे थे. और मैं मोअन कर के उन्हें पानी चढ़ा रही थी. सोफे नर्म था और उसके ऊपर चुदने का अपना अलग ही मजा था.

राजेश सर के झटके एकदम तीव्र होते जा रहे थे. और मैं भी अपनी बाहों में उन्हें ले के मस्त हिला रही थी अपनी गांड को और कमर को. उनका लौड़ा मेरी चूत को खंगोल रहा था. और मुझे एक असीम आनंद मिल रहा था.

कुछ देर मुझे ऐसे चोदने के बाद राजेश सर बोले, चलो घूम जाओ. जब उन्होंने ये कह के अपना लाद मेरी चूत से निकाला तो उसके ऊपर खून लगा हुआ था. लेकिन सच कहूँ तो कसम से मेरी सिल टूटने में मुझे उतना दर्द नहीं हुआ था.

फिर राजेश सर ने मुझे सोफे को पकड़ा के घोड़ी बनाया. और पीछे से भी उन्होंने मेरी गांड को पकड़ के करीब 20 मिनिट तक चोदा. मैं 3 बार झड़ चुकी थी अब तक. और फिर उसके बाद ही उनका पानी निकला. राजेश सर खड़े हुए और उन्होंने एक छोटे तौलिये से अपने पसीने को साफ़ किया. फिर वो मुझे बोले, जूही कसम से तुम में जो बात हैं वो किसी और के अंदर नहीं हैं मेरी जान.

मैंने अपनी साडी को पहनते हुए कहा, थेंक यु सर.

वो बोले, अभी खत्री को बुला लेता हूँ एक घंटे में वो सब बता देगा तुम्हे और फिर हम फिर से एक दुसरे में समा जायेंगे. और मई खत्री को बोल दूंगा की तुम्हे सीधे ही सीनियर टीचर के पेरोल पर ही रखे.

और ऐसा ही हुआ, खत्री साहब ने मुझे आके कुछ डाक्यूमेंट्स पर साइन करवाई जो स्कुल टीचर की जॉब का कॉन्ट्रैक्ट था. सेलरी की बात राजेश सर ने उनके साथ कर ली. और खत्री साहब के जाने के बाद मैं फिर से पूरी नंगी हो गई राजेश सर का बूढ़ा लंड लेने के लिए. लेकिन वो बूढा लौड़ा किसी भी जवान लौड़े से ज्यादा असरदार था!!!

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