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पड़ोसन का बुर चोदा पढ़ाई के बहाने

दोस्तों मेरा नाम कपिल है और मैं 20 साल का हूँ. आज की कहानी हैं वो मेरे सेक्स अनुभव की हैं जो मैं आप लोगो के साथ शेयर करना चाहता था काफी हफ्तों से. चलिए आप को मेरी सेमी पोश कोलोनी में ले चलूँ जहाँ पर ये काण्ड हुआ था. एक बहुत ही सुंदर लड़की मेरी पड़ोसन थी. और उसका नाम अंजलि था. कोलोनी के सभी लडको की नजरें उसके ऊपर ही थी. साली बड़े बूब्स वाली लड़की और सुंदर नैन नक्श भी जो ते उसके. उसके नाम की मुठ मारने में मेरा भी शुमार होता था. मैंने कभी सोचा नहीं था की वो मुझे अपना बुर दे सकती हैं!

अंजलि का घर और मेरा घर एकदम आमने सामनेही थे. हमारे घर के सेकंड फ्लोर की खिड़की से उसके घर का बहुत सारा हिस्सा दीखता था. मैं उस खिड़की से अक्सर उसके बड़े बड़े बोबे देखता था. वो घर में ढीली टी शर्त पहनती थी और जब चलती थी तो उसके दूध ऊपर निचे होते थे. साला वो सिन याद करता हूँ तो टाइपिंग में भी लंड खड़ा हो रहा हैं मेरा तो! मैं आज भी वो उछलते हुए बूब्स को इमेजिन कर के अपना लंड हिलाता हूँ.

अंजलि बाराहवी कक्षा में पढ़ती थी. उसकी मम्मी का मेरी माँ के पास काफी आना जाना था. उसकी मधर मेरी मधर से उसकी ट्यूशन के बारे में मेरी मम्मी से बात की और कहा की इस की ट्यूशन रखनी हैं. तो मेरी मम्मी ने मेरे से बात की तो मैंने कहा की क्यूँ नहीं मैं अंजलि को ट्यूशन करवा दूंगा.

उसकी मम्मी ने भी इस बात से खुश होते हुए कहा की अच्छी बात हैं. मैं तो अंजलि के करीब होने का ही सोच रहा था और अब वो मौका मिला. मैं उस दिन तो सो ही नहीं पाया पूरी रात. सारी रात मुझे अंजलि और उसके बूब्स ही दिखाई दे रहे थे. अब तो मैं उसके मम्मे बिलकुल पास ही बैठ कर देखूंगा अगले दिन से क्यूंकि वो ट्यूशन के लिए आनेवाली थी.

पूरी रात मैं तकिये को अपने लंड के पास रख के उसे चोदता रहा. और मेरा वीर्य छूटने के बाद मुझे मोर्निग होते हुए नींद आई.

अगले दिन वो मेरे पास आई. एकदम मेरा रूम जैसे चमक उठा उसके आने से. साली उस दिन जींस और उसके ऊपर एक टाईट शर्ट पहन के आई थी. और उसके टाईट शर्ट में बूब्स जैसे कस के बांधे गए थे. उसे देखते ही मेरा लंड एकदम से कडक हो गया और पेंट में चिभने लगा. मैंने बुक को अपनी गोदी में रख के लंड के उभार को छिपा दिया. वो मेरे सामने कुर्सी के ऊपर बैठ गई और हम दोनों बातें करने लगे. मैं चुपके चुपके से उसके मम्मे को देख रहा था और मजे ले रहा था.

मेरा मन तो करता था की उसको नंगी कर के उसको अभी का अभी चोद डालूं और उसके मम्मो को चूसता रहूँ. लेकिन बेबस था. उसका जाने के बाद आँखे बंद कर के अंजलि को याद कर के मुठ मार लिए मैं. ऐसे ही दो दिन निकल गए. मैं रोज उसे याद कर के मुठ मार लेता था, कभी कभी दिन में दो बार भी. और वो भी भड़काऊ कपडे पहन के ही आती थी पढने के लिए.

और अगले दिन तो वो और भी सेक्सी कपडे पहन के आई थी. स्लीवलेस शर्ट और निचे सिल्की पेंट जिसमे उसकी गांड कयामत सी लग रही थी. आज मेरे से रहा नहीं गया और मैंने कहा की अंजलि आज तो तुम बहुत ही सुंदर लग रही हो यार!

अपनी तारीफ़ सुन के अंजलि शर्मा गई और उसने मुझे थेंक्स कहा. उसके थेंक्स कहने का तरीका एकदम मदहोश करने ल्वाहा था. मेरा तो मन हुआ की अभी उसको पकड के उसके होंठो पर अपने होंठो को लगा के किस दे दी. लेकिन अभी थोडा समय और देना था.

उस दिन मैंने उसे कहा की आज स्टडी नहीं क्यूंकि आज माइंड फ्रेश करने के लिए कुछ और बातें करते हैं. वो तो जैसे ऐसा ही कुछ चाहती थी. उसने फट से का दिया हां ये ठीक हैं. मैंने कहा की आज अपने बारे में कुछ बताओ की क्या पसंद हैं तुम्हे. जब सब पसंद बता दी उसने तो मैंने बोला की लड़के कैसे पसंद हैं तुम को? तो वो थोडा शर्मा गई. मैंने कहा की मुझे तुम अपना फ्रेंड माँ कर बात करो और मेरे ज्यादा जोर डालने पर उसने शर्मा के कह दिया की मुझे सिम्पल, अच्छी सेहतवाले, एज्युकेटेड लड़के पसंद हैं.

मैंने वैसे ही हंसी से कह दिया की ये क्यूँ नहीं कहती की मेरे जैसे पसंद हैं! वो हंस पड़ी और बोली जैसा मर्जी मान लीजिये आप. ये बात सुन कर मुझे उसकी तरफ बढ़ने का और खुली बात करने का मौका मिल गया. मैं कैसे भी कर के ये मौका अपने हाथ से खोना नहीं चाहता था. और वो बोली आप को कैसी लड़कियां पसंद हैं. मैंने भी बिना कुछ सोचे फट से बोल दिया की मुझे तो बिलकुल तुम्हारे जैसी लडकियां पसंद हैं. वो हंस पड़ी तो मैंने बोला, अंजलि सच कहूँ मैं तुम्हे बहुत पसंद करता हूँ, आई लव यु!

वो एक बार तो सुन कर हैरान सी हो गई. मैं भी डर गया की मैंने गलती से जल्दी तो नाह कर दी. लेकिन फिर वो निचे देख के बोल पड़ी की आई लव यु टू. और वो सुन के मेरी जान में जान सी आई. बस फिर क्या था मैंने उसे जोर से जफ्फी दे दी और उसके होंठो के ऊपर अपने होंठो को लगा के किस दे दी. साथ में मैंने उसके मम्मे भी अपने हाथ में ले लिए. वो भी एकदम मस्त हो चुकी थी. उसकी तरफ से अब तक कोई विरोध नहीं आया था.

मैंने धीरे से अपना हाथ उसकी सलवार पर रखा. और उसे धीरे धीरे ढीला करते हुए उसके बुर के ऊपर अपना हाथ रख दिया. अरे यार क्या मस्त बुरा था उसका. वो एकदम हॉट हॉट थी और ऊपर से टच करने से काफी टाईट लग रही थी. उसके बुर में से पानी भी निकल पड़ा था जिस से पता चलता था की वो काफी गरम हो गई था. मैंने अपने आप को संभालते हुए अपने आप पर कंट्रोल किया और होश में आकर उसको बस करने के लिए कहा.

लेकिन वो तो फेविकोल की तरह मेरे से चिपकी हुई थी. और वो मुझे छोड़ ही नहीं रही थी. मैंने उसे सामने कुर्सी के ऊपर बिठा दिया. मेरी मधर घर पर ही थी तो मैं डर रहा था की वो कमरे में आ गई तो प्रॉब्लम होगा. मेरा लंड पेंट में मस्त चिभने लगा था. उस दिन तो जैसे मैं स्वर्ग में जा के आता था ऐसा लग रहा था. लंड की लाचारी के बावजूद भी मैंने उस दिन अंजलि के सिर्फ बूब्स दबाए और उसे कहा की आज मौका नहीं हैं सही.

मैंने उसे मम्मी के आ जाने के डर की वजह से ही छोड़ा था. लेकिन एक बात ये थी की अंजलि अब मेरी मुठ्ठी में थी और उसके बुर की गर्मी को देख के मैं समझ गया था मेरे से ज्यादा तो उसे सेक्स की जरूरत थी. इसलिए मैं जानता था की वो सामने से ही मेरा लंड लेने के लिए आएगी अब तो. मैंने उसे लंड टच करवा के दिखा दिया था की मेरा कितना बड़ा हैं!!!

मैं और अंजलि दुसरे दिन से पढ़ाई करने लगे. और मैं एक मौके की तलाश में था उसे चोदने के. मैं रोज उसके बूब्स दबाता था और उसे अपना लंड पकड़ाता था. फिर एक दिन मम्मी ने मुझे मोर्निंग में कहा की मैं नाना जी की तबियत खराब हैं इसलिए जा रही हूँ तू आएगा? मैंने सोचा की यही मौका हैं अंजलि को पेलने का. इसलिए मैंने काम का बहाना कर के मना कर दिया माँ को. पापा के ऑफिस जाने के बाद मैं अकेला ही था घर पर. मैंने अंजलि को मेसेज किया की आज कुछ बहाना लगा के दोपहर को मेरे घर पर आ जाओ मैं अकेला हूँ. वो फ्री पीरियड का बहाना बता के घर आया गई.

और फ्रेश हो के वो अपनी मम्मी को पढ़ाई का बोल के जल्दी मेरे घर पर आ गई. वो आई तो मैंने दरवाजे को अंदर से बंद कर दिया और उसे वही पर पकड लिया. आज वो भी समझ चुकी थी की मुझे चूत देनी पड़ेगी उसको.

और अंजलि को तो जैसे मेरे से भी ज्यादा आग लगी हुई थी. और वो मुझे सामने से किस करने लगी थी. मैंने उसको बेडरूम में ले जा के वहां पर उसकी कमीज को उतारा. हाय रे क्या मस्त बड़े बोबे थे उसके जो पिंक ब्रा में छिपे हुए थे. मैंने जैसे ही ब्रा को खोल के दोनों बोबो को बहार निकाला तो मेरे मन में आग सी लग गई.

मैंने अब अंजलि के बोबो को चाटना चालू कर दिया और दोनों बोबो के ऊपर मैं अपने चहरे को भी लगा रहा था. उसके बोबो से मस्त खुसबू आ रही थी. ये वही मम्मे थे जिनके बारे में सोच सोच के मैं काफी समय से अपने लंड को हिला रहा था. अंजलि के निपल्स भी काफी सेक्सी थे एकदम कडक और नुकीले. मैंने अब मम्मो को जोर जोर से किस दे दी. वो अपने आप ही बिस्तर के ऊपर लेटी और मैं उसके ऊपर आ गया. उसके मुहं से अब एकदम सेक्सी आवाजे निकलने लगी थी.

अब मैंने उसकी सलवार का नाडा ढीला किया और उसकी सलवार को भी उतार दिया. उसकी नंगी टाँगे बहोत ही सुंदर थी. मलाई की तरह चमक रही थी वो. मैंने उसका अंडरवियर भी उतार दिया लक्स ब्रांड का. अब वो मेरे सामने बिलकुल ही नंगी थी. मैंने भी अपने सारे कपडे उतार दिए. मेरा बड़ा सा लंड एक कर एक बार ऐसा लगा की वो डर गई थी.

मैंने अंजलि को कहा की क्या हुआ तो वो बोली कुछ नहीं. लेकिन मुझे मालुम था की पहली बार उसने उतना बड़ा लंड देखा था. वो अभी सेक्स के मामले में बच्ची सीथी. लेकिन उसके अन्दर सेक्स बहुत था ये मुझे उसकी गीली चूत को देख के पता लग चूका था. मैंने अपने लंड को उसके मुहं में डाल दिया. पहले तो उसने चूसने में थोड़ी नौटंकी की लेकिन फिर वो दोनों हाथ से लंड को पकड के कोक सकिंग करने लगी थी.

कुछ देर उसे मस्ती के साथ लंड चूसने दिया और फिर मैंने उसके साथ 69 पोज बनाया. और मैं उसकी सेक्सी सुंदर पानी वाली चूत को चाटने लगा. और मैं उसकी चूत के दाने में अपनी जबान घिस रहा था. कुछ देर बाद उसकी चूत से पानी निकल गया और मैंने मुहं हटा लिया. और फिर मैंने उसके मुहं से लंड ये सोच के निकाल लिया की वो ऐसे ही चूसेगी तो कुछ देर में वीर्य निकल जाएगा.

लेकिन अंजलि ने लंड को मुहं में वापस ले लिया और बोली मुझे पीना हैं. मैंने कहा पिलाऊंगा लेकिन पहले मुझे चूत तो पेल लेने दो. पहली धार का माल चूत के लिए अच्छा होता हैं.

वो मान गई. अब मैंने उसे टाँगे पूरी खोल के लिटाया और अपने लंड को एक हाथ से पकड़ के उसकी चूत पर रखा. गीली चूत में एक धक्का देने से आधा लंड अन्दर घुसा. उसके मुहं से एक आह निकल पड़ी. मैं जानता था की ये तो होना ही था क्यूंकि मेरा लंड काफी बड़ा था उसकी चूत के लिए.

लेकिन अंजलि ने रोना धोना नहीं किया, हां वो जोर जोर से सिसका रही थी क्यूंकि उसकी चूत की चमड़ी मेरे लंड से छिल जो रही थी. लेकिन वो फिर भी एकदम बिंदास्त लंड ले रही थी मेरा क्यूंकि वो खुद ही चुदना चाहती थी. मैंने लंड आधा ही रखा अन्दर और उसके मम्मे चूसने लगा. वो सेट हुई आधे लंड से पांच मिनिट में. और तब मैंने एक और झटका दे के ऑलमोस्ट पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया. वो बेहाल सी हो चुकी थी. लंड की गरमी से उसको मजा आ रहा था. मैंने अब उसे किस किया और अपने लंड को उसकी चूत में अन्दर बहार करना चालू कर दिया. अंजलि अपने बोबे पकड के मेरे मुहं की तरफ कर के बोली, इनको तो चुसो!

मैं बोबे मुहं में भर के चोदने लगा उसको. वाह क्या मजा था इस जवान लड़की की चूत को पेलने में! वो पूरा सपोर्ट दे रही थी और अपनी गांड हिला के चुदवा रही थी.

पांच मिनिट उसे ऐसे लिटा के पेलने के बाद अब मैंने अंजलि को घोड़ी बनाया. उसकी सेक्सी एस को खोल के मैंने गांड को भी चाट लिया. और फिर पीछे से अपना लौड़ा चूत में घुसा दिया. उसके बोबे मसल के मैंने उसके बुर की सवारी की पीछे से.

पांच मिनिट में उसके बुर में निकलने को था. लेकिन तभी मुझे याद आया की अंजलि को वीर्य पिलाना था. इसलिए मैंने जल्दी से लंड निकाला और उसके मुहं में भर दिया. अंजलि ने सक किया और लंड का पानी निकल आया उसके मुहं में. वो पानी को पिने लगी. फिर मैंने उसको आंख मार के पूछा कैसा लगा? वो बोली मजा आ गया. मैंने कहा आज तो शाम तक ट्यूशन दूंगा तुम्हे!

और सच में मैंने शाम तक 3 बार अंजलि को चोदा और एंड में उसकी गांड भी मार दी तेल लगा के. दोस्तों उस दिन का वो चोदन एक अलग ही अनुभव था मेरे लिए. आज भी याद करता हूँ तो लंड खड़ा हो जाता हैं.

अंजलि के पापा की ट्रान्सफर होने तक मैंने उसके साथ सेक्स किया था. और फिर वो चली गई तो उसको याद कर एक मुठ मारता हूँ!!!

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