कैंटीन वाले की बीवी को चोदा

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मेरी उम्र 20 साल हैं और जब मैं 18 साल की थी तभी मैंने अपनी वर्जिनिटी लूज कर दी थी. और जिस औरत को मैंने फर्स्ट टाइम चोदा था वो उस वक्त मेरे से 20 साल बड़ी थी. मैं पहले से ही बड़ी उम्र की लेडिज के प्रत्ये आकर्षित था. मुझे बड़ी गांड वाली लड़कियां पसंद रही हैं. मैं हैदराबाद से हूँ और आज की मेरी ये कहानी मेरी चुदाई की हैं. वैसे ये कहानी मेरी वर्जिनिटी लूज होने की नहीं लेकिन उसके बाद की हैं.

चलिए पहले अपने बारे में बता दूँ. मैं 20 साल का हूँ और मेरी हाईट 5 फिट 10 इंच हैं, रंग घेहूँआ हैं, और मेरे पास पूरा 7 इंच का काला औजार हैं.

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मेरी छुट्टियां थी और मैं एक लेडी जो मुझे पिछले 15 दिनों से बुला रही थी उसकी चुदाई का प्लान कर रहा था.

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मन सेंट वेंट लगा के आंटी को चोदने को निकलने को ही था की मेरी मम्मी आ गई. मम्मी ने कहा चल अनूप चलो फंक्शन पर जाने के लिए रेडी हो गए तुम, अच्छी बात हैं.

व्हाट द फक! मम्मी ने मुझे बताया था की उसके बेस्ट फ्रेंड निमिषा आंटी के वहां जाना था. लेकिन मैं तो भूल ही गया था. मैंने मोम को कहा आप एक काम करो न माँ, मैं आप को ड्राप कर के निकल जाता हूँ मुझे मेरे दोस्तों के साथ जाना हैं.

लेकिन मम्मी तो एकदम से मेरे ऊपर गुस्से हो गइ. और वो बोली, तू अपने आवारा दोस्तों के लिए मेरे पहले से प्लान किये हुए फंक्शन को खराब मत कर. मैंने तुझे बताया तो था की आंटी इनवाइट कर के गई हैं और उसने तुझे भी खास आने के लिए कहा था.

मैंने मन ही मन में कहा, शिट आंटी का फंक्शन आज मेरे प्लान की माँ चोद डालेगा!

मेरा मन तो कतई नहीं था लेकिन मुझे कार ले के मम्मी के साथ जाना ही पड़ा. पर वहां जा के देखा की मम्मी अपने सर्कल में घुल मिल गई थी. और मैं जानता था की मम्मी अब 12 बजे से पहले पार्टी से निकलने को कहेगी भी नहीं. मैं माँ के पास गया और उसको कहा की मैं और सब यंग लड़के पीछे पुल की तरफ डांस के लिए जा रहे हैं. वो बोली ठीक हे बट ज्यादा शराब मत पीना. मैंने कहा नो मोम, नो ड्रिंक एट आल, और आप को जब निकलना हो तो मुझे 10 मिनिट पहले बता देना मैं आ जाऊँगा.

माँ ने कहा ठीक हैं.

मैं पुल साइड ना जा के पार्किंग से अपनी कार निकाल के अपनी रखेल आंटी के घर की तरफ चल पड़ा. वो हमारे कोलेज के केंटिन के ओनर शंभू की वाइफ हैं जिसका नाम प्रतिभा हैं. वैसे तो उसके दो बच्चे हैं लेकिन फिर भी वो बड़ी ही सेक्सी हैं और इस उम्र में भी उसे लंड लेने की लालच हैं. उसके बूब्स लड़की के जैसे छोटे हैं लेकिन गांड एकदम भारी भारी हैं. वो हमेशा साडी पहनती हैं और जब वो चलती हैनं तो उसकी गांड बड़ी ही सेक्सी लगती हैं.

मैंने उसके घर के निचे से उसको कॉल किया तो वो बिगड़ी हुई थी. उसने कहा कहाँ गया था.! मैंने कहा अरे मम्मी की वजह से फस गया था. और उसने कहा की अब कुछ नहीं हो सकता हैं मेरा हसबंड आ गया हैं.

मैंने प्रतिभा की माफ़ी मांगी और उसको कहा की एक काम करो तुम केंटिन के पीछे वाले हिस्से में आ जाओ. वो बोली नही नहीं अभी कुछ नहीं शंभू आ गया हैं! मैंने जिद्द कर के कहा प्लीज़ कुछ भी कर के आधे घंटे के लिए आ जाओ, खड़े लंड पर धोखा मत देना. वो बोली ठीक हैं आती हूँ.

और फिर वो पांच मिनिट के बाद अपनी साडी को घुटनों तक ऊपर कर के आ गई. और उसके माथे के बाल भी बिखरे से थे. वो अपने साथ केंटिन की चाबी भी ले के आई थी. मैं रुक ही नहीं सका और मैंने उसे पीछे से पकड के किस करना चालू कर दिया. और एक हाथ से मैं उसके बूब्स को भी दबाने लगा. वो अह्ह्ह अह्ह्ह कर रही थी और मुझे धकेल रही थी पीछे. फर वो बोली, क्या हुआ लंड तवे पर रख के आये हो क्या? शंभू आ गया तो गांड में बेलन घुसा देगा. फिर उसने कहा अन्दर काउन्टर पर करते हैं.

मैने कहा तू जहा कहेगी वहां चोदुंगा मेरी जान!

वो बोली, मुझे टेबल और काउन्टर के ऊपर चोदना तुम.

उसने केंटिन को खोला एकदम चुपके से. और अन्दर घुसते ही मैंने उसे फिर ससे अपनी बाहों में जकड़ लिया और उसको अपना लंड भी चिभा दिया. अब मैंने उसकी साडी को ऊपर कर के उसकी भरी हुई जांघो को दबाया. वो जोर जोर से अह्ह्ह अह्ह्ह्ह की मोअन करने लगी थी. और फिर मेरे हाथ आराम से उसकी पेंटी के ऊपर चले गए. मैंने जोर से खींचना चाहा लेकिन पेंटी निकली नहीं. फिर उसने अपने चूतड ऊपर को उठाये और उसकी पेंटी निकाल दी मैंने.

और फिर उसने भी मेरी पेंट को खिंच डाली और मेरे शर्ट को खोलते हुए उसके दो बटन भी तोड़ डाले.

मैं उसके सामने अब लक्स की अंडरवियर में खड़ा हुआ था और मेरा बड़ा लंड जैसे इस पिंजरे से बहार आने के लिए बेताब था. प्रतिभा बोली, तूने मेरे को इतने दिन तडपाया अब मेरी बारी हैनं तेरे लंड को तड़पाने की.

ये कह के उसने मेरे अंडकोष को दबाये और फिर मेरे ब्लैक लंड को किस करने लगी. लेकिन वो लंड को चूस नहीं रही थी मैंने अपने लंड को बहुत बार उसके मुहं की तरफ पुश किया. उसने मेरे बॉल्स जोर से दबा दिए और भाग खड़ी हुई. और फिर लास्ट वाले टेबल के पास खड़े हो के वो न्यूड होने लगी. जब उसने अपनी साडी को हटाई तो मेरा खुद के ऊपर कंट्रोल ही नहीं हुआ! उसका ब्लेक ब्लाउज इतना सेक्सी लग रहा था की मैं अपने ऊपर का कंट्रोल जैसे एकदम लूज कर रहा था.

प्रतिभा ने एक गहरी सांस ली और अपने ब्लाउज और पेतिकोतको निकाल फेंका. मैं उसकी तरफ गया तो वो फिर से भाग गई. मैंने सोचा की खड़े हुए ही शो एन्जॉय करता हूँ.

अब उसने अपने बालों को खोल दिया और अपनी ब्रा निकाल दी. मेरा काला शैतान और भी तांडव करने लगा था. और अब उसका दुःख मेरे से देखा भी नहीं जा रहा था. वो भी ये जानती थी इसलिए मुझे और परेशान कर रही थी. और फिर उसने अपने बड़े चूतड़ मेरी तरफ कर के खुद उसके ऊपर स्पेंक किया और बोली, चोदने का मन कर रहा हैं ना!!

और फिर वो टेबल के ऊपर फ़ैलगई और अपनी गांड को इतने सेक्सी ढंग से खोला की मेरे लंड से प्रीकम चूत पड़ा. वो बोली, अरे मेरे बच्चे का दूध निकल गया, लाओ मैं पी लेती हूँ उसको.

मैंने कहा, आजा मेरी जान जल्दी से इसको पी ले.

वो मेरे पास आई लेकिन अब मैं उसको लंड चूसाना नहीं चाहता था क्यूंकि मेरा लंड एकदम बवाल मचाने लगा था. मैंने उसके बाल पकड के पीछे से ही अपना लंड उसकी चिकनी चूत में डाल दिया. प्रीकम उसकी चूत में ही ओतप्रोत कर दिया!

ऐसे सीधे लंड छेद में घुसाने से बहुत दर्द हुआ और वो चीख पड़ी, निकाल साले हरामी! लेकिन मैंने उसे गले के पास से जोर से पकड़ लिया और अपने लंड को सही स्ट्रोक लगा के उसकी चूत में घुसा के धक्के देने लगा. गला पकड़ने से उसकी सांस अटक गई थी और वो जोर जोर से चीख रही थी. और उसकी आँखों में से आंसू भी बहार आ चुके थे. उसको पेन हो रहा था और मुझे उसकी चूत से प्लेजर मिल रहा था.

अब मैं किसी ड्रिल मशीन के जैसे ही उसकी चूत को पम्प करने लगा था. और उसके मुहं से अह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह माँ अह्ह्ह्ह अम्म्मम्म अह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह, उईईइ अह्ह्ह्ह निकल रहा था. वो अपने नाखुनो से मेरी बॉडी को खुरच रही थी. और मुझे भी उसकी वजह से दर्द हो रहा था. लेकिन वो जितना छटपटा रही थी मैं उतने ही जोर जोर से उसकी चूत का पम्पिंग कर रहा था.

हम दोनों की जांघे लड़ने से ठप ठप की आवाजें आ रही थी. और प्रतिभा को भी अब लंड लेने में दर्द नहीं हो रहा था. वो भी अपनी गांड को हिला हिला के लंड ले रही थी.

फिर एंड में मैंने उसकी गांड को हवा में उठा के उसकी मस्त ठुकाई चालु कर दी. वो एकदम जोर जोर से अपनी गांड को हिला रही थी. और मैं उसकी कमर को पकड के चोदने लगा था.

प्रतिभा को और 10 मिनिट तक ऐसे ही चोदा मैंने. फिर वो बोली और मेरे पति के बैठने वाले काउन्टर के ऊपर चोदो मुझे.

वो एक बड़ा लकड़ी का काउन्टर था. मैंने प्रतिभा को ऊपर चढ़ा दिया. वो उसके ऊपर चढ़ के घोड़ी बन गई. मैं भी काउन्टर के ऊपर चढ़ गया. वो मेरे लंड को पकड़ के हिलाने लगी थी. फिर मैंने उसकी चूत के छेद में लंड घुसा दिया. हम दोनों आह्ह्ह अह्ह्ह्हह ओह ओह कर के चोदने लगे थे.

पांच मिनिट के भीतर ही मैंने अपने लंड का मावा उसकी बुर में छोड़ दिया. फिर हमने जल्दी से कपडे पहने. प्रतिभा ने कहा तुम पहले यहाँ से चुपके से निकल जाओ, मैं सब चेक कर के बाद में जाऊंगी. मैं फटाक से वहाँ से निकला. देखा तो गली में वैसा ही सन्नाटा था जैसा मेरे आने के वक्त था. मैंने कार केंटिन से थोड़ा दूर ही खड़ी की थी. कार ले के मैं सीधा आंटी के घर जा पहुंचा.

कपडे वगेरह सही कर के मैं पार्टी की भीड़ में शामिल हो गया. मम्मी के बारे में पूछा तो पता चला की वो एक दो बार पुल साइड आई थी.

फिर मेरी और मम्मी की भेट हुई तो उसने कहा, तुम तो कहते थे की नो शराब!

मैंने धीरे से कहा, बस एक ही पेग लगाया हैं माँ!

जबकि सच बात ये थी की मैंने एक घूंट भी नहीं पी थी. वो तो मम्मी को लगा की मैं पार्टी से गया ही नहीं था , इसलिए मैंने जूठी इकरार कर ली थी!

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