चाची की चूत में वीर्यदान किया

हाय दोस्तों मेरा नाम राजेश हे और मैं एमपी के इन्दोर शहर से हूँ. ये कहानी आजकल की नहीं लेकिन आज से कुछ 10 साल पहले की हे जब मैं टीनेज था. तब मेरी उम्र 19 साल और ऊपर कुछ हफ्ते ही थी. मेरे एक दूर के अंकल मनीष चाचा भोपाल में रहते थे. और हम सभी घर वाले उन्के घर पर गए थे. चाचा और चाची की प्रेम लग्न थी. लेकिन 8-9 साल के वैवाहिक जीवन के बाद भी वो दोनों निसंतान थे. चाची 30 के करीब की थी.

चाची को मैं बहुत टाइम के बाद मिला था. चाची शादी के इतने सब सालों के बाद भी बड़ी ही सेक्सी लग रही थी. उसका बदन और फिगर वैसे ही मस्त था जैसे मैंने उन्हें पिछली बार देखा था. चाची लम्बी, सिने के भाग में चौड़ी, मस्त बहार निकली हुई गांड और ब्लाउज को फाड़ के बहार निकलने को बेताब दो कबूतर की मालकिन थी. मेरे मन में तो चाची जी के नंगे बदन की आकृति सी बनने लगी थी.

चाचा जी अभी अपने नए व्यापार को ले के बीजी से थे. चाची जी हमारा बहुत ही ख्याल रखती थी. मेरे घर वाले सब भोपाल में ही हमारे एक अंकल के घर गए. लेकिन मैं नहीं गया क्यूंकि वहां मुझे बोर लगता था. मैं चाचा जी के वही पर रुका रहा. चाचा जी भी काम से चले गए. और फिर उनका फोन आ गया की एक काम के लिए शायद वो पूरी रात बहार ही रहेंगे. चाची ने कहा की गर्मी बहुत हे राजेश, छत पर सोयेंगे?

चाची ने खाने के बाद हम दोनों का बिस्तर छत के ऊपर लगा दिया. हम दोनों का बिस्तर अगल बगल में ही था.

छत के ऊपर एक नाईट लेम्प था. चाची उपर अपनी साडी उतार के आई थी. अभी वो एक गाउन में थी जिसके अन्दर उसकी ब्लेक ब्रा मुझे साफ़ दिख रही थी. ब्रा के ऊपर के हिस्से में उसकी निपल्स का शेप मुझे दीवाना सा बना रहा था. चाची की गांड मेरी तरफ थी जब वो सोयी. हम दोनों के बिच में ज्यादा अंतर नहीं था. मैं चाची की गांड को देख के अपने लंड को पुचकार सा रहा था. कुछ देर बाद चाची उठी. मैंने आँख बंद कर दी. वो मुतने के लिए उठी थी. वो मूत के आई और वापस लेट गई अपनी जगह पर.

तभी चाची ने आवाज लगा के कहा, राजेश तुम सोये हो क्या?

मैंने जैसे नींद में से जागने की एक्टिंग की और कहा बोलो चाची क्या हुआ?

चाची ने कहा, राजेश मुझे बहुत डर लग रहा हे.

और इतना कह के वो मेरे से लिपट गई.

मैंने कहा, किस चीज का डर चाची?

चाची ने कुछ नहीं कहा और वो ममेरे और भी करीब सी हो गई. उसके बॉल्स मेरी छाती को टच हो गए. और चाची की एक टांग भी मेरे ऊपर आ गई थी. मैंने भी मौका देख के अपनी एक टांग को चाची की सेक्सी जांघ के ऊपर रख दिया. फिर मैंने उनके माथ में अपने हाथ को फेरा और कहा, चाची मैं यही पर हूँ ना आप सो जाओ आराम से कुछ डरने की जरूरत नहीं हे.

मैंने महसूस किया की चाची मेरी आगोश में और भी घुस रही थी. फिर वो बोली, तुम ऐसे ही मेरे पास में सोना दूर मत जाना क्यूंकि मुझे डर लग रहा हे.

मैंने चाची को अपने गले से चिपका लिया और उन्के कंधे को दबा के अपनापन दिखाने लगा. और मेरे लौड़े ने पेंट के अंदर तम्बू सा बना लिया था. मैं चाची के कंधे से हाथ ले लिया और फिर उन्के पेट को सहलाने लगा. चाची मेरे से चिपकी हुई थी. मैंने अपने हाथ को उनकी चिकनी जांघ के ऊपर रख दिया. वो कुछ भी नहीं बोली.

चाची ने अपने ब्लाउज के हुक को खोला और मुझे कहने लगी डर भी लग रहा हे और गर्मी भी बहुत हे. मुझे अपनी इस हॉट चाची के बूब्स के ऊपर के कडक निपल्स साफ़ नजर आ रहे थे. मैंने चाची के बॉल्स के ऊपर ही अपना हाथ रखा और उन्हें धीरे से दबा दिए. चाची कुछ नहीं कह रही थी जिसकी वजह से मेरी हिम्मत बढती ही गई. मैंने चाची के एक बोबे को बहार निकाला और उसके ऊपर की काली सेक्सी निपल को अपने मुहं में ले लिया.

चाची का पैर मेरे पैर को घिस रहा था. और उसने धीरे से अपने हाथ को मेरे लोडे के उपर रक् के दबा दिया. मैं समझ गया था की डरने का नाटक चाची लंड लेने के लिए ही कर रही थी बस.

मैंने कहा, चाची लेना ही हे तो सीधे कपडे निकाल के ही ले लो इतना नाटक क्यूँ!

वो बोली, तुम भी तो इतने दिन से नाटक ही कर रहे थे मुझे चुपके चुपके देख के. अभी भी तुम मेरे कुल्हे देख के अपने हथियार को हिला रहे थे ना!

मैं हंस पड़ा और चाची को पकड़ के उसके होंठो को चूसने लगा. चाची ने मेरी जिप को खोल के मेरे लंड को बहार निकाला और वो बोली, हथियार तो बड़ा हे.

मैंने कहा, हां आप को खुश कर देगा.

चाची हंस के बोली, देखती हूँ अभी की चलता भी हे की नहीं.

मैंने कहा, चाची चलता नहीं हे घुसता हे.

चाची हंस पड़ी. मैंने उसे अपने लंड की तरफ धकेल दिया. उसने मेरे लंड के ऊपर पहले एक छोटी सी किस दे दी. फिर उसे अपने हाथ से मसलने लगी. चाची ने अब मुहं को खोल के लंड को सीधे अपने गले तक डाल लिया और जोर जोर से चूसने लगी. चाची ऐसे लंड को चूस रही थी की बस मजा आ गया!

चाची ने पुरे लोडे को ऐसे गले में लिया था की बस क्या कहूँ आप को. मैंने अपने सब कपडे खोल दिए और चाची ने भी अपने कपडे खोले. मैंने चाची की गांड को देख के कहा. चाची मुझे आप की गांड पर लंड घिसना हे!

वो बोली, क्या?

मैंने कहा, हां मैं आप की इस बड़ी और सेक्सी गांड के ऊपर अपने लंड को घिसना चाहता हूँ. आप प्लीज़ उलटी हो जाओ.

चाची हँसते हुए उलटी हो के लेट गई. मैंने अपने लंड को एक हाथ में लिया और मैं उसके कूल्हों के ऊपर अपने लंड को घिसने लगा. चाची को लंड की गर्मी से गुदगुदी भी हो रही थी. मैंने कहा आप अपनी गांड खोलो ना.

चाची ने कहा, धत मैं पीछे नहीं करने दूंगी.

मैंने कहा, अरे बाबा अन्दर नहीं करूँगा लेकिन मुझे बस घिसने तो दो.

चाची ने अपने हाथ से कुल्हे खोले. चाची गोरी थी लेकिन उसकी गांड काली थी. मैंने उसकी गांड के छेद पर अपने लंड को घिसा और वो सिसिकियां उठी. मैंने कहा, कैसे लगा मेरा हथियार?

वो बोली, वो तो जब अन्दर घुसेगा तो कहूँगी ना!

मैंने चाची को अब सिधे लिटा दिया और उसकी चूत के होंठो के ऊपर अपने लंड को घिसने लगा. चूत के ऊपर लंड को घिसते ही उसके अन्दर से बहुत सब पानी छुट पड़ा. चाची एकदम चुदासी आवाजें निकाल रही थी. उसकी बस हुई थी जैसे. मैंने चूत में लंड के सुपाडे को डाला और वो एकदम से कराह उठी.

वो बोली, अब अन्दर डाल भी दो इतना मत तडपाओ मेरे राजा.

मैंने चाची के ऊपर चढ़ गया और अपने लंड को आधे से ज्यादा उसकी चूत में डाल दिया.

चाची ने अपनी टाँगे और फैलाई और मैंने एक और धक्का दे के पुरे लंड को अन्दर कर दिया. चाची ने मुझे गले से लगा और वो बोली, हथियार तो तगड़ा हे भाई!

ये सुनके मैं चाची को जोर जोर से चोदने लगा. चाची भी आह्ह्ह अह्ह्ह वाह्ह्हह्ह क्या चोदते हो अह्ह्ह अह्ह्ह करने लगी. मैंने चाची के बॉल्स को चूसते हुए उसको पूछा, चाची चाचा चोदते नहीं हे?

वो बोली, क्यों पूछा?

मैंने कहा, सोरी!

वो बोली, मुझे पता हे क्यूँ पूछा!

और फिर वो आगे बोली, चाचा को डॉक्टर ने बता दिया हे की वो बाप नहीं बन सकते हे इसलिए वो सेक्स से विमुख से हो गए हे.

मैंने कहा, आप को प्रॉब्लम नहीं होगी मेरे साथ करने में बिना कंडोम के?

वो बोली, तेरे बिज से तो मैं माँ बनूँगी मेरे राजा! चाचा की टेंशन मत ले, हम दोनों आज भी एक दुसरे को वैसे ही प्यार करते हे. वो जानते हे की मैं सेक्स कर लुंगी किसी से भी लेकिन प्यार तो उनको ही करुँगी!

मैंने कहा, अच्छा तो मुझसे वीर्यदान करवाना हे!

वो बोली, हां और तुझे मजा भी आएगा मेरे राजा, तू मुझे वीर्य दे मैं चूत देती हूँ. तू जैसे मर्जी करना हे कर ले मेरे साथ!

मैंने कहा, नहीं मैं आप को यूज नहीं करूँगा. सिधे सीधे कर के आप को वीर्य दूंगा. मैं एक मजबूर औरत का क्यूँ फायदा उठाऊ!

ये सुनके चाची की आँखों में पानी आ गया. वो बोली, थेंक्स! लेकिन मेरी छुट हे तुझे जैसे करना हे कर ले!

मैंने चाची को पकड के अब अपने लंड को जल्दी जल्दी से उसकी चूत में ठोकना चालू कर दिया. मैं अब जल्दी से अपना वीर्य उसकी चूत में निकाल देना चाहता था.

पांच मिनिट के अन्दर तो चाची की चूत में मेरा वीर्य उभर उठा. वो मुझे कस के गले लगा के सब वीर्य को निकलवा के अपने कपडे पहनने लगी.

फिर उसने कहा, ये हफ्ता मेरी प्रेग्नन्सी के लिए बड़ा सही हे. तुम कहो तो हम हफ्ते भर करें?

मैंने कहा, जैसे आप को ठीक लगे चाची जी!

और फिर पूरा हफ्ता मैंने अपनी चाची को चोदा. और लास्ट दिन तो चाची ने मुझे सामने से कहा की मेरी गांड भी मार ले.

एक महीने के बाद मुझे चाची का कॉल आया और उसने कहा, थेंक्स!

मैंने कहा क्या हुआ?

वो बोली, तेरा वीर्यदान काम लग गया मेरे, आई एम प्रेग्नेंट!!!