चूत और गांड में भिन्डी डाली

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दोस्तों मेरा नाम मालिनी (बदला हुआ) हैं और मैं एक भाभी हूँ! लेकिन मैं वो चुदने वाली भाभियों में से नहीं हूँ शायद. या फिर ये कहे की मेरे अंदर हिम्मत नहीं हैं की मैं उनके जैसी बन पाऊं या फिर मैं एक पतिव्रता हूँ! लेकिन सेक्स की भूख तो मुझे भी लगती हैं. वैसे में मैं क्या करती हूँ?

भला उसके दो तो ऑप्शन हैं, एक ये की पति घर पर हो तो उनका खड़ा करने की ट्राय करती हूँ. खड़ा हुआ तो डलवा लेती हूँ अपने अन्दर. हम दोनों की सेक्स लाइफ ऐसे ही चल रही हैं. वो मुझे अच्छी रखते हैं और चोदते हैं. दूसरा ऑप्शन ये की अगर पति घर पर ना हो! कंट्रोल हुआ तो सही नहीं तो फ्रिज से सब्जी निकाल के डाल लेती हूँ अपनी चूत में! आज ऐसी ही एक कहानी में आप को बताने के लिए आई हूँ जब मैंने अपनी चूत में एक अजीब सी सब्जी डाली थी!

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दरअसल तब बहुत बारिश हुई थी. पति ऑफिस ज्यों त्यों जाते थे मेरे. और मई मार्केट से अपने लिए बड़ी वाली मुली, बैगन, गाजर, ककड़ी, लौकी, कच्चा केला ले के नहीं आ सकी थी. और उस दिन मोर्निंग में मैंने टीवी पर एक किसिंग सिन देखा तो मैं जागृत हो गई. पति थे नहीं और मैंने पहले तो कंट्रोल करने की कोशिश की. लेकिन हुआ नहीं. सोचा लाओ फ्रिज में देखूं की कुछ काम की चीज हे की नहीं.

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लेकिन जैसा की मैंने बोला उस दिन फ्रिज में वो सब नहीं था जो मैं नॉर्मली अपनी चूत में घुसा के उसे शांत करती थी. एक कौने में एक पोलीथिन की बेग थी. बड़ी उत्साह से उसको खोली तो अंदर भिन्डी थी. सब से बड़ी भिन्डी निकाली तो वो भी सब से छोटे बैगन से छोटी थी! मैंने खुद को कहा की चल उस से ही काम चला लेते हैं.

मैं अन्दर कमरे में गई और दरवाजे को बंद कर दिया. फिर इयरफोन कान में लगाए और अपनी सलवार का नाडा खोल दिया. दोनों टांगो को पूरा खोला, पेंटी तो मैं नॉर्मली पहनती ही नहीं हूँ! फिर दो तकिये लगाए मैंने अपने सर के नीचे. और वो भिन्डी को प्यार से किस कर दी. मोबाइल के ऊपर मैंने एक्सवीडियो की साईट को खोल दी. और उसके ऊपर मैं क्सक्सक्स मूवी लगा के बैठ गई.

मैं पोर्न देखती हूँ, लेकिन इंग्लिश पोर्नस्टार वाली ही. इंडियन पोर्न मूवी में अँधेरा ही उतना होता हैं की कभी कभी कुछ दीखता नहीं हैं. इसलिए मैंने एचडी वाली मूवीज ही देखती हूँ. जब से जियो का डाटा मिलने लगा हैं तब से तो पोर्न देखने की रूटीन सी ही बन गई हैं. मेरी चूत के ऊपर हलके हलके से बाल थे.

मैंने एक सिम्पल सा पोर्न क्लिप लगाया जिसमे एक मच्योर लेडी अपनी चूत और गांड बेटे के टीचर से मरवा रही होती हैं. फिर मैंने भिन्डी को होंठो से लगाईं और मुहं में लेने लगी. मैं कल्पना कर रही थी की जैसे वो भिन्डी मेरे पति का लंड हो. और उसे मुहं में अन्दर बहार कर के उसे प्यार से चूस रही थी. भिन्डी के उपर छोटे छोटे हेयर होते हैं वो भी मेरी जबान के ऊपर आ गए थे.

फिर इस ठंडी ठंडी भिन्डी को मैं धीरे से निचे ले गई. मैंने फ्रोक को ऊपर किया और अपने बूब्स के ऊपर भिन्डी को घिसा. वो ठंडी भिन्डी मेरे गरम बदन से लग रही थी तो बहुत मजा आ रहा था मुझे तो. मैंने निपल्स के ऊपर भिन्डी को घिसने के बाद उसे अपनी नाभि में लिया. नाभि को थोड़ा हिला के अब मैं धीरे से भिन्डी को अपनी चूत के पास ले गई.

भिन्डी को मैंने अपनी चूत की फांक के ऊपर घिसना चालू किया. उधर मेरी पोर्न मूवी में वो टीचर अब घोड़ी बनी हुई थी. और वो जवान लौड़ा उसकी गांड में घुसा हुआ था. मेरे इयरफोन के अंदर से अह्ह्ह अह्ह्ह्ह ओह याह्ह्ह्ह अह्ह्ह ह्ह्ह्हह येस्स्स्स की आवाजें आ रही थी. और वो मेरे हस्तमैथुन को जैसे बेकग्राउन म्यूजिक दे रही थी. मैंने भिन्डी से चूत के दाने को हिलाया. और फिर मैंने भिन्डी को होल पर घिसी. मेरी चूत भिन्डी ने गीली कर दी थी.

अब मैने भिन्डी को मुहं में ले के उसको वापस गिला कर दिया और उसे वापस अपनी चूत में ले गई. अब की मैंने भिन्डी को हलके से अंदर पुश किया. मेरी मूवी में वो टीचर अब गांड हिला हिला के सेक्स क मजे लुट रही थी. गांड में पूरा लंड थे उसके और वो अपने बूब्स को खुद हाथ से मसल रही थी. मैंने भी ऐसे ही किया. एक हाथ में मोबाइल था उसे बिस्तर पर रख दिया और फिर एक हाथ से अपने बूब्स मसले और दुसरे से भिन्डी को चूत में घुसाया.

भिन्डी के ऊपर अब मेरी चूत का रस लगा हुआ था. और मैं अब भिन्डी को धीरे धीरे अपनी चूत के अन्दर बहार करने लगी थी. भिन्डी पूरा अन्दर ले लूँ उतना तो होल ढीला था ही मेरा. मैं जोर जोर से भिन्डी को अन्दर डाल के उसे पूरा रोल भी कर रही थी. सच में इस छोटे से आभासी लंड से मजा ही अ रहा था. मुली, गाजर वगेरह से पेन भी होता हैं लेकिन भिन्डी बड़े मजेदार चीज हाथ लगी थी मेरे.

अब मैं काफी गरम हो गई थी इसलिए मैंने पोर्न मूवी बंद कर दी. एक हाथ से मम्मे कस के दबाये और फिर भिन्डी को चूत से निकाल के अपनी गांड में डाल ली. गांड के अन्दर सख्त लग रहा था भिन्डी घुसा के. लेकिन मजा खूब आ रहा था.

मैंने भिन्डी को गांड में घुमाई और फिर उसे वही पर रहने दिया. गांड में भिन्डी को फंसा के अब मैं दो ऊँगली से चूत को हिलाने लगी. चूत के दाने को खूब हिलाया तो मेरी चूत हो गई. और मैं कुछ देर और ऐसे ही ऊँगली से चूत को घिसती गई. मेरा सब पानी चूत गया और चूत की आग शांत हो गई. लेकिन मैंने भिन्डी को गांड से नहीं निकाली.

इतना मजा आ रहा था की मैंने ऐसे ही भिन्डी को गांड में रख के सलवार पहन ली ऊपर. सोचा पति के ऑफिस से आने से पहले भिन्डी निकाल लुंगी!!!!

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