सिनेमा हॉल में लंड हिलवाया अपना

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सेक्स की कहानियाँ पढने वाले सभी दोस्तों को मेरा सलाम और प्यार. मेरा नाम आशु हैं और मैं दिल्ली का लड़का हूँ, अभी मेरी उम्र 20 साल हैं और मैं दिखने में एवरेज हूँ. मेरी ये सेक्स कहानी दिल्ली की ही हैं. और ये वैसे कोई काल्पनिक बात नहीं लेकिन मेरी लाईफ का सच्चा अनुभव हैं. चलिए अब सीधे कहानी के ट्रेक पर आते हैं.

दोस्तों ये कहानी में जो माल हैं उसका नाम अमृता हैं. और वो दिखने में एकदम मस्त क्यूट, हॉट फिगरवाली लड़की हैं. वो मेरे ऑफिस में ही का करती हैं. और हम दोनों को अब साथ में काम करते हुए एक साल हो चूका हैं.

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पहले तो मैंने उसको ज्यादा नोटिस नहीं किया. ऑफिस में काम की वजह से और कभी केंटिन के अंदर साथ में टेबल पर बैठो तो उसके साथ बात होती थी. लेकिन फिर मुझे धीरे धीरे उसकी सादगी भा सी गई. हमने व्हाटसएप्प पर चेटिंग करना भी चालु कर दिया था. धीरे धीरे हम दोनों की फ्रेंडशिप जमने सी लगी थी.

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और उसका और मेरा घर का रास्ता भी ऑफिस से एक ही दिशा में था. पहले उसका फ्लेट आता था और फिर 10 मिनिट के बाद मेरा. अक्सर हम दोनों साथ में ही जाते थे. कभी वो अपनी एक्टिवा ले के ना आये तो मैं ही उसे छोड़ता था घर पर. और अगर मेरी बाइक ना हो तो मैं उस से लिफ्ट ले लेता था.

एक दिन की बात हैं की अमृता का मूड सुबह से ही एकदम ऑफ़ ऑफ़ लग रहा था. लंच के समय भी वो खोई खोई सी ही थी हम लोग टेबल पर छ सात लोग थे और सब ने नोटिस किया की अमृता सही नहीं हैं.

मैंने शाम को उस से बात की तो उसने बोला की कुछ नहीं. मैंने बहुत जिद्द की तो उसने कहा की मेरा ब्रेक-अप हो गया! ये सुन के मेरे मन में तो लड्डू फुट रहे थे. लेकिन मैंने उसे ऊपर से जूठमूट का कंसोल किया और वो मेरे कंधे के ऊपर सर रख के रोने लगी. मुझे बड़ा अच्छा लगा उसका ऐसे पास में आना!

पता नहीं मेरे बदन में क्या हुआ की बस मेरा तो खड़ा होना चालू हो गया. मैंने उसे कहा अमृता ऐसे रोने से थोड़ी चलेगा यार!

वो बोली, ट्रस्ट मी, मैंने सच में उसके लिए बहुत कुर्बानी दी हैं!

मैं: अरे पता हैं यार, लेकिन अब उसकी किस्मत ही खराब होगी जो उसने तुम्हे छोड़ा, वरना तुम्हे कौन छोड़ेगा भला!

वो मेरी बात को सुन के मेरी तरफ देखने लगी. उसने मेरे कंधे से अपना सर हटाया और अपने बालों को सही किया. मेरी और उसकी आँखे मिली. मैंने उसके कंधे के ऊपर हाथ रख दिया. वो बोली, चलो घर चलते हैं. मैंने कहा नहीं अमृता, चलो कही बहार चलते हैं.

वो बोली, कहा?

मैंने कहा, मॉल में?

वो बोली, मुझे कुछ नहीं लेना हैं मॉल से?

मैंने कहा लेना तो मुझे भी कहा हैं, बस मूड सही करना हैं आप का!

वो थोड़ी हंसी.

फिरहम दोनों उसकी एक्टिवा को वही छोड़ के मेरी बाइक पर मॉल में गए. हमने निचे चाट खाई और फिर मैं उसे बोला चलो मूवी देखने चलते हैं बहुत दिनों से मैंने मूवी नहीं देखी.

वो बोली, मुझे घर बोलना पड़ेगा.

मैंने कहा बोल दो.

उसने अपने भाई को कॉल कर के बोल दिया की वो अपनी सहेली के साथ हैं इसलिए दो घटे के बाद आएगी.

हम लोग टिकिट ले के मूवी में घुसे. मैं जानता था की वो मूवी बकवास थी और उसमे कोई होना नहीं था. अमृता के साथ मैं एक कौने में गया. उसे पता न चले वैसे मैंने कोर्नर सिट ली थी. अमृता और मैं आज पहली बार इतने नजदीक आये थे. कुछ देर मूवी चली, हॉल ऑलमोस्ट खाली ही था. 10-12 लोग थे लेकिन वो भी सब कपल ही थे. मेरी साँसे तेज चल रही थी. मैं जल्दबाजी नहीं करना चाहता था.

अमृता सहज लग रही थी. मैंने उसे कहा, मूवी ठीक ही हैं ये?

वो बोली, तुमने पहले देखि हैं?

मैंने कहा हां डाउनलोड कर के मोबाइल में.

वो बोली, फिर तुम मुझे क्यूँ देखने के लिए ले के आये.

मैंने कहा, ताकि तुम खुश रहो, तुम उदास थी और मुझे अच्छा नहीं लगा.

वो हंस पड़ी! मैंने मन ही मन सोचा की हंसी तो फंसी!!!

कुछ देर और मूवी चली, मैंने कहा मैं पॉप कॉर्न ले के आता हूँ. वो बोली नहीं कही भी मत जाओ.

मेरा दिल एकदम जोर जोर से धडक रहा था. क्यूँकी मैं अब कुछ ऐसा करने की सोच रहा था जो बड़ा रिस्की था. मैंने अपने एक हाथ को अमृता की जांघ पर रख दिया. वो एकदम से चौंक के मेरी तरफ देखने लगी. लेकिन कुछ भी बोली नहीं. मैंने हाथ नहीं हटाया. वो मेरी तरफ ही देख रही थी अभी भी.

मैंने कहा, आई लव यु!

ये सुन के वो स्माइल दे बैठी. लेकिन साथ ही में उसने मेरे हाथ को हटा दिया. मैंने वापस हाथ रखा तो वो बोली, अरे यार इट्स टू रिस्की हिअर!

अच्छा तो ये बात थी. मजा तो उसे भी आया था वैसे लेकिन थियेटर में होने की वजह से कतरा रही थी. लेकिन मैंने भी हार नहीं मानी इतनी जल्दी. मैंने कहा, यार कौने में हैं हम लोग और वो भी सब से ऊपर. कौन देखेगा यहाँ, प्लीज!

वो कुछ नहीं बोली, तो मैंने अपनी पेंट की जिप को खोल के खड़े लंड को बहार निकाला. वो लंड देख के अपनी जबान बहार निकाल के फिर मुहं को हाथ से ढंक के बोली, बाप रे यु गोट गट्स!

मैंने कहा कम से कम इसे हिला तो दो!

अमृता ने मेरी बात मान ली और मेरे लंड को हाथ में पकड़ लिया. वो सामने स्क्रीन की तरफ देख के मेरे लंड को ऊपर निचे कर रही थी. और उत्तेजना को बढाने के लिए मैंने उसकी चूची को पकड़ ली. मैं उसके बूब्स मसल रहा था. और वो मेरे लंड को हिला रही थी.

मेरे बदन की उत्तेजना बढती ही जा रही थी. उसके बूब्स भी अकड चुके थे और निपल्स तन गए थे. मैंने उसकी शर्ट का एक बटन खोला. वो बड़ी घबरा रही थी. मैंने उसकी चूची को अब सीधे ब्रा के ऊपर से थोडा दबाया.

और तभी मेरी चूत हो गई. पेंट गीली हो गई थी मेरी. अब मुझे बेग आगे रखनी पड़ेगी!

मेरा पानी निकला तो वो बोली, चलो लेट्स गो.

मैंने कहा मेरे कमरे पर चलोगी?

वो कुछ नहीं बोली, उसका मतलब तो हां ही होता था.

दोस्तों आगे क्या हुआ वो आप को अगली स्टोरी में बताता हूँ!!!

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