दिवाली में भाभी की चुदाई

हेलो दोस्तों, यह कहानी मेरी और मेरी भाभी की है. जिनकी शादी को एक साल ही हुआ है. मेरा नाम नेहा है, शादी में ही वह बहुत अच्छी लग रही थी और मैंने उनको कभी बुरी नजर से नहीं देखा था. लेकिन धीरे धीरे जैसे जैसे वह मेरे साथ फ्री होने लगी मैं उनके बॉडी पार्ट्स को देखने लगा, जब वह नहा कर आती तब या फिर जब वह किचन में काम करती तब, उनकी गांड बहुत ही अच्छी लगती है, वह या तो जींस टॉप पहनती है या तो सलवार सूट पहनती हे. वह दोनों में ही माल लगती है. उनका गला और कमर ईतनी गोरी है दोस्तों क्या बताऊं.

धीरे धीरे भाभी और मैं अच्छे दोस्त बन गए, भैया की खुद की स्वीट की शॉप है इसलिए वह फुल टाइम शॉप पर ही रहते हैं, घर पर में पापा भैया और भाभी रहते है.

एक बार मैं और भाभी बात कर रहे थे तो उन्होंने कहा तुम्हारी उमर भी अब शादी करने लायक की हो गई है, मैंने कहा नहीं अभी तो नहीं करनी है मुझे शादी.

भाभी ने कहा : क्या कोई लड़की पसंद है क्या तुम्हे?

मैंने कहा : नहीं भाभी ऐसी कोई भी बात नहीं हे.

भाभी ने कहा : कोई गर्लफ्रेंड है क्या तुम्हारी?

मैंने कहा : है ना.

भाभी ने कहा : तो उसी से शादी करनी है, इसीलिए तुम मुझे मना कर रहे हो.

मैंने कहा : नहीं भाभी, हमने शादी के बारे में कभी नहीं सोचा, उसने कभी नहीं कहा मैंने भी नहीं कभी बात की.

भाभी ने कहा : इतनी फॉरवर्ड है तुम्हारी गर्लफ्रेंड बहुत नसीब वाले हो.

मैंने कहा : हां भाभी.

भाभी ने कहा : और बताओ कैसी है वह?

मैंने कहा : अच्छी है.

भाभी ने कहा : मेरे से भी अच्छी है?

मैंने कहा : नहीं आप बहुत अच्छी हो.

भाभी ने कहा : अच्छा ऐसा क्या?

मैंने कहा : हां भाभी.

भाभी ने कहा : क्या अच्छा है मुजमें जरा बताना तो?

मैंने कहा : भाभी आप बहुत गोरे हो, आपके बाल भी बहुत अच्छे हैं और आपका फिगर भी एकदम परफेक्ट है.

भाभी ने कहां : वाह देवर जी आपको मेरा फिगर भी पता है?

मैंने कहा : नहीं, बस एक गेस है.

भाभी ने कहा : क्या गेस है?

मैंने कहा : बोल दू तो आप बुरा तो नहीं मानोगे?

भाभी ने कहा : नहीं, हम अच्छे दोस्त हैं बुरा क्या मानूंगी में.

मैंने कहा : मेरा फिगर ३४-२८-३४ हे.

भाभी ने कहा : वाह देवर जी आपकी नजरों में तो एक्सरे है एकदम सही गेस किया हे आपने.

फिर भाभी ने कहा : तुम्हारी गर्लफ्रेंड का क्या है?

मैंने कहा : उसका तो ३२-२८-३० हे.

भाभी ने कहा : तो तुम थोड़ी हेल्प कर दो उसकी, उसका फिगर भी अच्छा हो जाएगा.

मैंने कहा : क्या कहा आपने?

फिर मैं और भाभी दोनों हंस पड़े. उस दिन के बाद से हम और करीब आ गए और फ्रेंक हो गये. मैं उनके बूब्स को देखता था और वह हमेशा नॉटी स्माइल पास करती थी. कुछ दिन बाद दिवाली थी, तो मैंने भाभी से पूछा आपको क्या गिफ्ट चाहिए? तो उन्होंने कहा कुछ नहीं. पर मैंने इंसिस्ट किया तो उन्होंने कहा वह दिवाली के दिन खुद ही मांग लेगी. मैंने कहा मुझे टाइम नहीं मिलेगा उस दिन, उन्हों ने कहा तुम उसकी फिक्र मत करो.

पर मैं भाभी को ब्लैक साड़ी में देखना चाहता था तो मैंने भी दिवाली के एक दिन पहले ही गिफ्ट दे दी, तो उन्होंने कहा मैं तुमसे कल मांगने वाली थी अपना गिफ्ट यह क्यों लाए?

अब कल नहीं दोगे? मैंने कहा बिल्कुल दूंगा यह भी रख लो.

भाभी ने कहा : अब क्या, कल मैं आपको गिफ्ट दूंगी.

दिवाली के दिन सब काम में बिजी थे, भैया शॉप पर थे क्योंकि फुल सीजन था और  रात को १२ बजे घर आते थे. हम सब शाम को तैयार हुए और भाभी ने ब्लैक साड़ी पहनी थी, क्या लग रही थी? उनकी कमर और नेक तो में देखता ही रह गया, फिर हमने पुजा कि और खाना खाया, फिर पापा अपने फ्रेंड के साथ ताश खेलने चले गए.

अब घर में भाभी और में अकेले थे, तो उन्होंने कहा चलो छत पर चल के पटाखों का मजा लेते हैं, मैंने कहा ठीक है हम चलने लगे. जाते जाते भाभी ने मेरा हाथ पकड़ लिया, मुझे बहुत अच्छा लगा. हम ऊपर पहुंचे तो हर तरफ पटाखे फूट रहे थे, काफी अच्छा लग रहा था.

भाभी ने कहा : देवर जी बोलो क्या गिफ्ट चाहिए?

मैंने कहा : कुछ भी चलेगा.

भाभी ने कहा : तुम्हारी गर्लफ्रेंड ने क्या दिया?

मैंने कहा : जींस और टी शर्ट.

भाभी ने कहा : और तुमने?

मैंने कहा : मैंने भी.

भाभी ने कहा : क्या जींस टीशर्ट? झूठ मत बोलो सच बताओ.

मैंने कहा : भाभी मेने उसे एक बिकिनी दी ब्लैक कलर की.

भाभी ने कहा : मुझे साड़ी और उसको बिकिनी, मुझे भी बिकिनी दे देते ना?

मैंने कहा : क्या. आप बुरा मान जाती तभी नहीं दी.

भाभी ने कहा : छोड़ो रहने दो अच्छा बताओ मैं कैसी लग रही हूं?

मैंने कहा : आज आप तो एकदम परी लग रही हो.

भाभी ने कहा : और मेरा फिगर.

मैंने कहा : बहुत अच्छा लग रहा है भाभी एकदम परफेक्ट.

भाभी ने कहा : अभी आपने तो फिगर देखा ही नहीं है देवर जी.

मैंने कहा : जितना दिख रहा है उतना ही बहुत अच्छा है.

भाभी ने कहा : और देखना है क्या? गिफ्ट के तौर पर..

यह कहते हुए भाभी ने अपना पल्लू गिरा दिया और पूरी साड़ी उतार दी..

मैं एकदम से शोकड़ हो गया और मेरा मुह खुल गया और आंखें मोटी हो गई.

भाभी ने कहा : अब बताओ कैसी लग रही हूं में?

मैं कुछ भी नहीं बोल पाया.

भाभी ने कहा : क्या हुआ अच्छा नहीं लगा गिफ्ट?

मैंने कहा : बहुत अच्छा है भाभी.

भाभी ने कहा : रुको लगता है आपको अच्छा नहीं लगा और चाहिए?

यह कहते ही भाभी ने अपना पेटिकोट भी उतार दिया और ब्लाउज भी उतार फेंकी.

मुझे रहा नहीं गया और मे भाभी को पकड़ कर किस करने लगा, वह भी साथ दे रही थी और १५ मिनट तक किस करते रहे. फिर उन्होंने अपना हाथ मेरे पेंट के अंदर डाल दिया और मेरे लंड को सहलाने लगी, फिर मैंने भाभी को नीचे लेटाया और उनकी पैंटी उतार दी, और उनकी चूत देखता ही रहा, ऊपर पटाखों की रोशनी आ रही थी और उनकी चूत चमक रही थी. मैं पटक से उस पर टूट पड़ा और चाटने लगा. भाभी भी पूरी पागल हो गई और मेरे सर को दबाने लगी.

भाभी कह रही थी देवर जी और चाटो और अंदर मजा आ गया, तुम्हारे भैया कभी नहीं चाटते, और चाटो अपनी भाभी की चूत को बहुत मजा आ रहा है, खुश कर दो अपनी भाभी को.

यह कहते हुए भाभी दो बार जड गई, फिर मैंने अपने कपड़े उतारे और उन्होने झट से मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी, क्या बताऊं क्या चूस रही थी. एकदम जन्नत में पहुंचा दिया, दीवाली की रात थी और मेरी भाभी मेरा लंड चूस रही थी. १५ मिनट बाद मैं उनके मुंह में ही झड़ गया और उन्होंने मेरा सारा रस पी लिया.

भाभी ने कहा मजा आ गया देवर जी आज तुम्हारी जीभ ने प्यासी चूत की प्यास बुझा दी, और तुम्हारा लंड तुम्हारे भैया से भी अच्छा है, मजा आ गया इस का रस पीकर.

मैंने कहा भाभी मैं अभी भी शांत नहीं हुआ हूं मुझे आपको चोदना है.

भाभी ने कहा चुदवा तो तुम्हारे भैया से भी सकती हु, देवर जी आज अपनी भाभी की एक और इच्छा पूरी कर दो.

मैंने कहा : क्या भाभी?

भाभी ने कहा : आज अपनी भाभी की गांड मारो अपने लंड से तुम्हारे भैया कभी नहीं कर पाये आज तक.

मैं तो यह सुन कर बहुत खुश हो गया और जट से मान गया, मैं हमेशा से उनकी गांड मारना चाहता था, भाभी ने मेरे लंड को अच्छे से गिला कर दिया और बहुत सारा थूक लगाया, मैंने भी उनकी गांड में उंगली डाली और थूक से गीला कर दिया.

भाभी ने कहा : हो गया ना अब रहा नहीं जाता, जल्दी मारो अपनी भाभी की गांड देवर जी.

मैंने एक झटका लगाया और वो चीख पड़ी, मुझे भी दर्द हुआ पर हम दोनों नहीं रुके और करते रहे. कुछ समय बाद मेरा लंड पूरा की गांड में जा चुका था और वह भी मस्त होकर चुदवा रही थी.

भाभी : हां देवर जी बहुत जोर से मारो मेरी गांड जोर से मारो और रोज मारा करो.

मुझे अपनी रंडी बना लो, भाभी रंडी है तुम्हारी.

मैं यह शब्द सुन कर हैरान हो गया की भाभी अपने आपको मेरी रंडी कह रही है और यह सुनकर मुझमें और जोश आ गया मैंने भाभी के बाल पकड़े और अपनी स्पीड बढ़ा दी.

भाभी कहने लगी है देवर जी फाड़ दो अपनी इस रंडी भाभी की गांड को..

मैंने कहा : भाभी मेरा होने वाला है.

भाभी ने कहा : मेरी गांड में ही निकाल दो अपना माल.

मेरा होने के बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाला और लेट गया, भाभी ने मेरे लंड को चूस के साफ किया और साथ में लेट गई. फिर हम दोनों तैयार हो गए और नीचे गए क्योंकि भैया आने वाले थे, तब से आज तक हम जब अकेले होते हैं बहुत मजे करते हैं. अगले पार्ट में बताऊंगा कैसे मैंने भाभी और उनकी फ्रेंड को एक साथ चोदा था.

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