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कामवाली शिला को बच्चा दिया चोद चोद के

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम रेहान हैं. मैं बंगलौर से हूँ और मेरी उम्र 23 साल हैं. मैं अगले साल अपना एम.एस.सी. खत्म कर रहा हूँ. मैं इस साइट का रेग्युलर रीडर हूँ. लेकिन मैंने पहले कभी सोचा नहीं था की मेरे साथ भी ऐसा कुछ हो सकता हैं. पहले मैं समझता था की यहाँ जो सब कुछ लिखा होता हैं वो फेक होता हैं. लेकिन अब मेरे अनुभव को लिखने के बाद मुझे लगता हैं की यहाँ सब कुछ तो फेक नहीं हैं.

पहले मैं अपने बारे में बता दूँ. मैं थोडा शर्मीला, मोटी फ्रेम के चश्मे पहनता हूँ. कोलेज और सोसायटी में मैं एक रेगुलर और नार्मल लड़का हूँ. मेरी हाईट 5 फिट 11 इंच हैं.

मैं अपनी फेमली के साथ रहता हूँ; जिसमे मेरी माँ, पापा और एक बड़ी बहन हैं. मेरे पापा सरकारी अस्पताल में डॉक्टर हैं. मम्मी हाउसवाइफ हैं और बहन एक प्राइवेट कम्पनी में काम करती हैं. हम जिस घर में रहते हैं उसके अन्दर 3 बेदरूम हैं. मम्मी ने एक कामवाली को रखा हैं जो कपडे और बर्तन धोने के लिए आती हैं. उसकी उम्र 50-55 साल की हैं. वो थोड़ी मोटी हैं और काम करते वक्त वो धार्मिक गाने गाती हैं. जब वो काम करने के लिए आती थी तब मैं अपने बेडरूम में काम करता था. वैसे वो डेली शाम को 6 – 6:30 बजे आती हैं. लेकिन एक दिन वो रात को 9 बजे आई. और वो मम्मी के साथ बात करना चाहती थी.

तो मैंने मम्मी को बुला लिया. बाई ने मम्मी को बोला की उसके घुटने में अब आर्थराईटीस की प्रॉब्लम हैं इसलिए वो अब काम नहीं कर सकती हैं. मम्मी ने सहानुभूति दिखाई क्यूंकि वो पिछले दो दशक से हमारे घर में काम कर रही थी. कामवाली बाई ने कहा की अगर आप कहो तो मैं अपनी बहु को आप के यहाँ काम के लिए भेजू. मम्मी ने ख़ुशी से उसकी बात मान ली. कामवाली ने मम्मी से कहा लेकिन वो शाम को 6 बजे नहीं आ सकती हैं. बाई ने कहा की वो कही और भी काम करती हैं इसलिए वो शाम को 8 बजे आ सकती हैं. मम्मी ख़ुशी से उसके लिए भी अग्री हो गई.

अगले दिन 8 बजे जब वो आई तो मैंने ही दरवाजा खोला. वो 18 साल की जवान लड़की थी. मैंने उसे घर में ले लिया. मैंने उसे ऊपर से निचे तक अपनी आँखों से चेक किया. उसके बूब्स बहुत बड़े तो नहीं थे लेकिन नार्मल साइज़ के थे. उसकी गांड का शेप इतना मस्त था की पकड के चोदने को मन हो जाए. उसका चहरा थोडा सा गोरा था लेकिन चहरा काफी अपीलिंग था. उसने काम खत्म किया की और फिर मेरे कमरे में आ के बोली की मैं जा रही हूँ. मैंने कहा ठीक हैं. उसने मेरा नाम पूछा. मैंने अपना नाम बता के उसका नाम पूछा तो उसने शिला बताया. फिर वो डेली उसी टाइम पर आने लगी और हम दोनों काफी फ्रेंडली हो गए थे.

मुझे पता चला की उसकी शादी को 2 साल हो चुके थे. मैंने उसको पूछा की उतनी जल्दी क्यूँ शादी कर ली. तो उसने कहा की उसके मम्मी पापा ने शादी फिक्स कर दी तो वो मना नहीं कर सकी. मुझे उसकी ये बात सुन के बहुत बुरा लगा.

करीब डेढ़ महिना हो गया था उसे घर में काम करते. और एक दिन नानी जी की तबियत एकदम सिरियस हो गई. मेरे एक्साम्स अगले हफ्ते से ही थे इसलिए मेरे मम्मी पापा बहन के साथ चले गए. मम्मी ने मुझे कहा तू यही रुक, कुछ काम हुआ तो मैं बोल दूंगी आने के लिए.

रोज की तरह शिला उस दिन भी शाम को 8 बजे आई. मैंने दरवाजा खोला. उसने ही मेरे लिए खाना बनाया और घर का बाकी का काम भी कर लिया. उसने कहा की जब तक मेडम वापस नहीं आती मैं खाना बना दूंगी आप को. मैंने उसे थेंक्स कहा. मैंने कहा अगर टाइम हैं तो बना देना वरना मैं बहार से मंगवा लूँगा. वो बोली बहार का खाना बीमार कर देगा इसलिए मैं बना दूंगी.

और फिर वो रोज एक्स्ट्रा टाइम के लिए आती थी और मेरे लिए खाना भी बनाती थी. उस दिन भी वो खाना बना रही थी किचन के अन्दर. लेकिन मुझे रोने की आवाज आई तो मैं किचन में चला गया. वो मुझे आता देख के बोली, बस रेडी हो रहा हैं खाना. मैं उसके पास गया तो देखा की वो रो रही थी.

मैंने पूछा क्या हुआ?

वो बोली कुछ नहीं.

मैंने फिर से थोडा इमोशन दिखा के पूछा तो वो मेरी बेडरूम की तरफ चल पड़ी. मैं भी उसके पीछे चला गया. बेडरूम में घुसते ही वो जैसे बेहोश हो के निचे गिर पड़ी. मैंने उसे उठा के मम्मी पापा के बिस्तर पर लिटा दिया. मैंने उसे लिटा दिया और डॉक्टर अंकल को बुलाया. अंकल ने उसे दवाई का इंजेक्शन लगाया और मुझे कहा की उठाना मत शायद वीकनेस हैं.

मेरी एग्जाम थी इसलिए मैं लेट नाईट तक स्टडी करता था. रात के करीब 3 बजे मेरे बेडरूम के दरवाजे के ऊपर नोक हुई. मैंने खोला तो वो खड़ी हुई थी. वो थोड़ी कमजोर लग रही थी. वो अन्दर आई और निचे बैठने लगी. मैंने उसे बिस्तर पर बैठने के लिए कहा. वो कौने में बैठ गई मेरे बेड के. मैंने कहा की क्या हुआ था तुम को. वो उसने कहा की मेरी सास को बच्चा चाहिए लेकिन मेरा गर्भ नहीं ठहर रहा हैं. मैंने कहा उसमे तुम बेहोश क्यूँ हुई?

वो बोली मुझे खाना सही नहीं मिलता हैं घर में ऊपर से सास ताने देती रहती हैं.

मैंने कहा, तुम्हारा गर्भ क्यूँ नहीं ठहरता हैं?

वो बोली, दरअसल मेरा पति पियक्कड़ हैं और वो कुछ करता ही नहीं हैं इसलिए कहा से गर्भ रहेगा!

मैंने दुःख से साई निकाली. वो मेरे करीब ही थी. मैंने उसे कहा की मैं उसके लिए फिल कर रहा हूँ. मैंने थोडा शर्मा तो रहा था लेकिन मैंने उसको कह दिया की मैं तुम्हे पसंद करता हूँ. वो भी बड़ी कोआपरेटिव थी. फिर उसने मेरे को पूछा की क्या आप की कोई गर्लफ्रेंड हैं? मैंने कहा नहीं. वो मेरे पास आया गई. उसकी साँसे डीप थी और वो मेरी आँखों में ही देख रही थी. मुझे उसकी साँसे फिल हो रही थी. उसके भीगे हुए रेड लिप्स जैसे किस मांग रहे थे. मैं उसके पास चला गया और हमारे दोनों के लिप्स एक साथ जुड़ गए!

मेरे लिए ये पहली किस थी अपनी लाइफ की इसलिए मुझे सही तरह से किस करना भी नहीं आता था. लेकिन फिर सब अपनेआप होने लगा और मैं समझ गया की सेक्स के लिए कोई ट्रेनिंग नहीं लेनी होती हैं.

शिला ने भी अपने होंठो को और जबान को चलाई. वो मेरे मुह में जीभ डाल के चूस रही थी. और वो मेरी पेंट के ऊपर से मेरे 7 इंच के लंड को फिल कर रही थी. वो अब किस छुड़ा के बोली, साहिब आप मुझे बहुत अच्छे लगते हो आप मेरे को एक बच्चा दे दो. और फिर उसने मेरी शर्ट खोली और मेरी पेंट को अनजिप कर दिया. मैं इतना एक्साइट हो चूका था की मैं पूरा हिल रहा था. मैंने भी उसके ड्रेस को ओपन कर दिया. फिर मैंने उसकी ब्रा खोली और उसके दो बड़े मेंगो मेरे सामने थे. मैं छोटे बच्चे की तरह उसके बूब्स को देख रहा था. मैं अब सिर्फ अपनी अंडरवियर में था. वो मुझे देख के स्माइल दे रही थी.

शिला ने मेरे माथे को पकड़ के अपने बूब्स के ऊपर धकेल दिया. मैं उसके ब्लेक औरोल्स और निपल्स को चूसने लगा. मैंने चूसते हुए उसके बूब्स को दबा भी रहा था. वो जोर जोर से मोअन कर रही थी. करीब 10-12 मिनिट के बाद उसने मेरी चड्डी को भी निकाल दिया और मेरा 7 इंच का लंड अब उसके सामने था. उसने जल्दी से उसे अपने हाथ में ले के हिलाना चालू कर दिया. और फिर अपने घुटनों के ऊपर बैठ के उसने मेरे लंड को मुहं में ले लिया. उसने पूरा लंड तो मुहं में नहीं लिया. लेकिन अपनी जबान से लंड के ऊपर सर्कल बनाती हुई मस्त चूसने लगा. मैं तो जैसे एकदम क्रेजी हो रहा था! सच में बहुत मज़ा आ रहा था. और लंड को चूसते हुए वो सीधे मेरी आँखों में देख रही थी. और मेरे रिएकशन को देख के वो स्माइल दे रही थी.

और फिर उसने लंड को पूरा अन्दर कर के मस्त ब्लोव्जोब देना चालू कर दिया. और जब मैंने उसे कहा की मेरा पानी निकलने को हैं तो उसने फटाक से लंड को बहार निकाल दिया. मैंने उसे कहा तुमने पानी को क्यूँ नहीं निकलने दिया. उसने कहा मैं पानी अपनी चूत में लेना चाहती हूँ. और फिर उसने मुझे कहा की अब आप बेड पर लेट जाओ. और फिर वो मेरे ऊपर चढ़ आई और मेरे लंड को उसने अपनी काली चूत के ऊपर लगा दिया. और तब मैंने अपनी वर्जिनिटी लूज कर दी. उसने अपने बदन को एक झटका दिया और मेरा लंड उसकी चूत में घुस गया. वो एक मस्त सेंसेशन था. और फिर मेरे लंड के ऊपर निचे होने लगी. और उसके बूब्स हवा में मस्त उछल रहे थे.

करीब 15 मिनिट की मस्त चुदाई के बाद मैं झड़ने को था. वो निचे झुकी और उसने मेरे होंठो के ऊपर किस कर दिया. उसने अपनी स्पीड बढ़ा दी और मेरा वीर्य उसकी चूत में ही निकल पड़ा. मैं तो जैसे विस्फोट कर रहा था वीर्य के. मेरा इतना वीर्य आज से पहले कभी नहीं निकला था. शिला की चूत भी झड़ी थी और वो पूरा समय मुझे लिप किस कर रही थी. सच में एकदम सुहाना अनुभव था. और फिर वो मेरे पास ही लेट गई. मैंने अपना ढीला लंड उसकी चूत से बहार निकालना चाहा लेकिन उसने कहा अभी मत निकालो. उसने कहा मेरी चूत में ही रख के सो जाओ साहब. मुझे अच्छी नींद आई और सुबह 10 बजे ही मेरी नींद खुली.

तब तक वो कपडे पहन के रेडी हो चुकी थी. उसने मेरे लिए चाय बनाई और मैंने नंगे बैठ के ही चाय भी पी ली. और चाय खत्म करने के बाद मैंने वापस शिला को अपनी तरफ खिंच लिया और उसे पागल के जैसे किस करने लगा. उसने मुझे दूर किया और बोली, मुझे दुसरे घर पर काम के लिए जाना हैं. मैंने कहा लेकिन मेरा लंड खड़ा हुआ हैं.

वो घुटनों के ऊपर बैठ के बोली, अभी सुला देती हूँ उसको.

और उसने मेरे लंड को जल्दी से मुहं में भर लिया. 5 मिनिट की मस्त सकिंग के बाद मेरा लंड उसके मुहं में ही खाली हो गया. वो कपडे सही कर के निकल गई.

और फिर पेरेंट के आने तक मैं रोज उसे चोदता था. हफ्ते में मैंने उसे कम से कम 20 बार चोदा और 2 बार उसे पोर्न दिखा के उसकी गांड भी मारी. फिर मम्मी वगेरह आ गए. और फिर हमारी चुदाई कम ही होती थी. डेढ़ महीने के बाद उसने प्रेग्नन्सी की वजह से सेक्स बंद कर दिया. और 9 महीने के बाद एक हेल्धी बबेटे को उसने जन्म दिया.

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