देवर ने मुझे गोद में उठाकर बड़े प्यार से चोदा

मेरे को सब लोग दीपिका के नाम से जानते है. मैं अभी 25 साल की हूँ और बहोत जवान और सेक्सी माल हूँ. मैं शादी शुदा हूँ. आपको सबसे पहले अपने बारे में बता देती हूँ. मुझे सेक्स करना और चुदना बहोत पसंद है. शादी से पहले मेरे अनेक बॉयफ्रेंड थे जो मुझे रोज रोज चोदकर मजा दिया करते थे. उन लोगो के लम्बे लम्बे लंड को मैं सक करती थी. मुझे इसमें बहोत मजा आता था. मेरे बॉयफ्रेंड्स ने मेरी चूत पूरी तरह से ढीली कर दी थी.
मेरा जिस्म एकदम गोरा है. मेरा कद 5’ 3” का है. फिगर 34 -28- 32 का है. कितने लड़के मुझपर मरते थे. सब मेरे साथ सेक्स करना चाहते थे. कितने लड़को की आपस में लड़ाई हो गयी इस बात पर की दीपिका को पहले कौन चोदेगा. फिर मेरी शादी हो गयी. मेरे को बहोत अच्छा पति मिल गया. उसका नाम ज्ञान था. वो मेरे को बहोत प्यार करता था. उसका नेचर भी बहोत अच्छा था. अब मेरे को बड़ा अच्छा लग रहा था. शादी से पहले मैं टेंशन में थी की कैसा पति मिलेगा. कही मारने पीटने और हुक्म दिखाने वाला पति न मिल जाए. ये सोचकर मैं घबरा रही थी. पर ज्ञान तो बहोत अच्छा आदमी था. मेरे को हर तरह से प्यार करता था. रात आने पर हम हसबैंड वाइफ सेक्स भी खूब करते थे. ज्ञान मेरे कपड़े एक एक करके उतार देता था. उसके बाद काफी देर तक मेरे दूध मुंह में लेकर आराम आराम से चुसता था. फिर मेरी चुत को काफी देर तक जीभ लगाकर सब ओर से चाट लेता था. hindipornstories.com
उसके बाद मेरी चुत में अपना 6” लम्बा लौड़ा घुसाकर चोदता था. मैं “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” की सेक्सी आवाजे निकालती थी. मेरे को भी बहोत मजा आता था. मेरा पति ज्ञान हर तरह से चुदाई के काम में माहिर था. कभी कभी तो 1 -1 घंटे तक वो मेरी चुत में लंड घुसाकर चोदता रहता था. मुझे बहोत मजा आता था. मैं तेज तेज चीखें निकालती थी. धीरे धीरे तो ऐसा हो गया दोस्तों की जब तब रात में 4 -5 चुदवा नही लेती थी मेरे को चैन नही पड़ता था.

मैं- ज्ञान!!तुम कितनी देर तक मेरी चुदाई करते हो. कहाँ से लाते हो इतनी स्टेमिना???
ज्ञान- जान!! शादी से पहले मैं लड़कियों के साथ चुदाई की प्रेक्टिस कर चूका हूँ. ये स्टेमिना वही से आया है. अब तो तुम सिर्फ मजे लो
वो कहता था. पर कुछ दिनों बाद उसकी असिस्टेंट वाली नौकरी छुट गयी. अब ज्ञान को दूसरी नौकरी करनी पड़ी. ये नौकरी अलग थी. ज्ञान को अब पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और दूसरे प्रदेश में जाकर नई मशीन बेचनी पड़ती थी. इस वजह से कई बार वो हफ्ते हफ्ते घर से बाहर रहता था. अब मेरे को हमेशा उसके मोटे लम्बे लंड को याद आती थी. अब तो चुदाई हो ही नही पाती थी. अब तो मैं रोज ही प्यासी रह जाती थी. कई बार खुद ही अपनी चुत में बैगन डालकर हिला हिलाकर अपना रस निकाल देती थी. दोस्तों, मैं बहोत सेक्सी लड़की थी. बिना चुदे तो मेरी रात ही नही कटती थी. मैं अभी सिर्फ 25 साल की थी इस वजह से मेरे बदन में काफी हार्मोन थे जो मेरे को चुदने के लिए कहते थे. पर अब तो मेरा पति ज्ञान मेरे पास नही था.
अब मैंने अपने देवर सुधीर पर डोरे डालना शुरू कर दिया. वो अभी कॉलेज में पढ़ रहा था. सुधीर को बोडी बनाने का बहोत शौंक था. वो सुबह शाम जिम जाता था और घंटो जिम करता था. जब वो लौटकर आता था तो मेरे सामने ही नल से पानी भरके नहाता था. उसके डोले शोले अब तो कमाल के बन गये थे. जिस तरह से जॉन अब्राहम की मस्त बोडी है, उस तरह से अब मेरे देवर की बोडी बन गयी थी. जब जब उसके गठीले बदन को देखती थी तो यही सोचती थी की इसका लौड़ा भी काफी तगड़ा होगा. अब मुझे कैसे भी सुधीर को पटा लेना था. दुसरे दिन शाम को मुझे एक पार्टी में जाना था. मैं कपड़े पहनने लगी. मैं सिर्फ ब्लाउस पेटीकोट में थी. नीली रंग का पेटीकोट पहना था और नीला ब्लाउस मैंने पहन रखा था. मेरे लम्बे लम्बे काले बाल खुले हुए काफी सेक्सी दिख रहे थे. मैं आलिया जैसी दिख रही थी. एकदम नई दुल्हन लग रही थी. सुधीर को पटाने का बहाना ढूढ़ रही थी.
मैंने पीछे से खुला बैकलेस वाला ब्लाउस पहना था. उसमें पीछे की साइड डोरी थी. hindipornstories.com
मैं – सुधीर !! जरा मेरे ब्लाउस की डोरी तो बाँध दे
सुधीर- आया भाभी!!
वो आ गया. उसने मुझे सिर से पाँव तक गौर से देखा. मैं सिर्फ ब्लाउस पेटीकोट में थी. नीले कपड़े में मेरा सफ़ेद दुधिया पेट साफ़ साफ़ चमक रहा था. सुधीर की नजरे मेरे पेट पर चली गयी. उसको मेरी चूत जैसी गहरी नाभि के दर्शन हो गये. कुछ देर तक वो घुर घुर कर देख रहा था. फिर उसने नजर उपर उठाई तो मैंने चुस्त नीला ब्लाउस पहन रखा था. 34” के शानदार दूध सुधीर को साफ़ साफ़ दिख गये. वो अपने ओंठो को कामुक होकर काटने लगा. मेरे दूध काफी कसे, सुडौल और एकदम गोल आकार के थे. काफी बड़े बड़े थे जिसे देककर देवर सुधीर तो जैसे सब कुछ भूल गया था.

मैं- अरे !! तू ऐसे क्या देख रहा है. चल जल्दी से मेरी पीठ पर डोरी बांध दे. क्या तूने अपनी भाभी को पहले नही देखा जो इस तरह से घुर घुर कर देख रहा है
सुधीर- भाभी!! आज तुम किसी अफसरा सी लग रही हो. मुझे नही पता था की तुम इतनी सेक्सी हो. आज इस तरह ब्लाउस पेटीकोट में तुमको कोई भी मर्द देख लेगा तो तुमसे प्यार करने लग जाएगा
मैं- अच्छा!! क्या मैं इतनी सेक्सी और सुंदर लग रही हूँ?? पर मेरी किस्मत देखो की इतनी हॉट हूँ फिर भी कोई प्यार देने वाला नही है
इतना कहते ही सुधीर मानो पागल हो गया. मेरे सफ़ेद दुधिया जिस्म का जादू उस पर चल गया था. वो मेरे पीछे खड़ा था और धीरे धीरे ब्लाउस की डोरी कस रहा था. फिर वो सेक्सी हो गया और मेरी नेकेड पीठ पर किस करने लगा. फिर मुझे पीछे से बाहों में भर लिया. वो पीछे से मेरी पीठ और गले पर किस दे रहा था. मुझे अच्छा लग रहा था.
मैं- सुधीर!! ये क्या कर रहे हो??
सुधीर- भाभी!! आपसे प्यार कर रहा हूँ. आज आप किसी पार्टी में मत जाओ. आज रात आप मेरे साथ पार्टी कर लो!!
उसके बाद सुधीर ने मेरे को घुमा दिया. हम दोनों आपने सामने हो गये. मेरे को सुधीर ने बाहों से पकड़ लिया और अपने से चिपका लिया. मेरे को बहोत अच्छा लगा. सुधीर सिर्फ शॉर्ट्स और हाफ बनियान में था. उसके बदन से मर्दाना खुसबू आ रही थी. मैं तो हमेशा से उसको पसंद करती थी. वो मेरे को किस करने लगा तो मैं भी उसको किस करने लगी. फिर तो हम दोनों की सेटिंग हो गयी. दोनों ही खुल गये और चुम्मा चाटी होने लगी. मुझे भी एक मर्द की कितनी जरूरत थी. मेरा पति 15 दिन से बाहर ही था. घर नही आया था. मैं भी इधर चुदने को तडप रही थी. सुधीर ने मेरे को खुद से चिपका लिया था. मेरी जनाना खुसबू वो नाक से सूँघ रहा था. मेरे खुले बालो की सुगंध नाक लगाकर ले रहा था. उसके बाद किसिंग शुरू हो गयी. अब हम दोनों की गर्म हो गये थे. सुधीर ने अपने होठ मेरे होठ से जोड़ दिया और किस करने लगा. तो मैं भी किस करने लगी. हम दोनों ही मुंह चला चलाकर किस करने लगे. वो मेरे रसीले ओंठो को पी रहा था तो मैं भी पीने लगी. इस तरह से दोनों ही काफी हॉट फील करने लगे. hindipornstories.com

सुधीर ने काफी देर तक किस किया. फिर मेरे मुंह में अपनी लम्बी जीभ घुसा दी. मैंने उसकी जीभ को खूब चूसा जैसे पागल हो गई थी. फिर मैंने भी उसके मुंह में जीभ घुसा दी. उसने 5 मिनट तक मेरी जीभ को चुसा. इस तरह से मैं काफी गर्म हो गयी.
मैं- सुधीर!! अब मेरे को तुम्हारा मोटा लंड सक करना है. अब मेरे को जल्दी से अपना लौड़ा दे दो. मेरे को सक करना है
सुधीर- भाभी !! आज मैं तेरे को अपना लौड़ा जरुर दूंगा
फिर हम दोनों की बेड पर आ गये. सुधीर लेट गया. मैं चुदास में पागल हो गयी थी. अब मेरे को कुछ और नही दिख रहा था. मेरे को सिर्फ उसका मोटा लंड चुसना था. मैंने जल्दी से उसकी शोर्ट को नीचे खिसका दिया. देखा की सुधीर का लंड पानी छोड़ रहा है. पूरी तरह से खड़ा है. मैंने उसके अंडरवियर को नीचे सरका दिया और उतार दिया. अब तो जैसा सोच रही थी वैसा हो रहा था. सुधीर का लंड बहोत लम्बा और मोटा था. मैंने उसे पकड़ लिया और हिलाने लगी. वो “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….”करने लगा. उसकी गोलियां अब कस गयी थी. गोल गोल रसगुल्ले की तरह दिख रही थी. मैं वासना से भर गयी और जीभ लगाकर गोली को चाटने लगी. मैं हाथ से उसकी गोली को सहला रही थी.
सुधीर को सेक्सी फील हो रहा था. उसने पैर खुद ही खोल दिए. मैंने उसके 7” के लौड़े को फेटने लगी. अपने हाथ से पकड़कर जल्दी जल्दी फेट रही थी. सुधीर मस्त हो रहा था. उसकी गोली अब और कसी और कड़ी होती जा रही थी. मेरे को खूब सेक्स चढ़ गया था. मैंने लौड़े को नीचे से जीभ से चाटना शुरू कर दिया. फिर उपर तक पहुच गयी. फिर मुंह में ले ली और चूसने लगी. सुधीर “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…”करने लगा. उसे बहोत मजा आ रहा था.

सुधीर- चूसो!! और चूसो भाबी!! मेरे को मजा आ रहा है. रुकना नही. और चूसो!!
वो कह रहा था. मैंने 15 मिनट उसका लौड़ा मुंह में लेकर किसी आइसक्रीम की तरह चूस डाला. फिर हम दोनों की बेड से निचे आ गये. मेरे देवर सुधीर ने अपने हाथ से मेरे पेटीकोट ब्लाउस को उतार दिया. फिर पेंटी भी उतार दी. मैं पूरी तरह से न्यूड थी. सुधीर नीचे जमीन पर बैठ गया और मुझे पकड़ लिया. मैं खड़ी थी. अब सुधीर ने मेरी चुत पर मुंह लगा दिया और जल्दी जल्दी चाटने लगा. मैं खड़ी होकर काँप रही थी क्यूंकि मेरे को बड़ा मजा आ रहा था. सुधीर जमीन में बैठकर जल्दी जल्दी किसी चोदू आदमी की तरह मेरी चुत चाट रहा था. मेरे चुत का रस भी वो चाट रहा था. मैं “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” कर रही थी क्यूंकि मेरे को बड़ा मजा मिल रहा था. काफी देर तक मेरा देवर मेरी चुत चाटता रहा. मैं भी अब गर्म हो गयी थी.
सुधीर- भाबी!! अब मैं तेरे को गोद में उठाकर चोदूंगा
मैं- सुधीर!! मेरे को गिरने मत देना. मेरे को गिरने से बहोत डर लगता है
सुधीर- भाबी!! आप मेरे कंधे कसके पकड़ लेना,, hindipornstories.com

फिर उसने मेरी कमर को दोनों तरह से पकड़ा और गोद में उठा लिया. मैंने अपने टाँगे उसकी कमर और जांघ में गोल गोल फंसा दी. सुधीर ने मेरी चुत में लंड डाल दिया. मैंने उसे सीने से चिपका लिया. मेरा देवर अब मुझे चोदने लगा. मैं आज लाइफ में पहली बार किसी मर्द की गोद में बैठकर चुदा रही थी. सुधीर ने मुझे कसके पकड़ रखा था. मुझे उपर की ओर उछाल उछाल कर चोद रहा था. मेरे को भी आनन्द मिल रहा था. कुछ देर बाद तो सुधीर जोर जोर से मेरी चुत फाड़ने लगा. वो अब बहोत जोश में आ गया था. मैं “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..”की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी. मुझे भी बहोत सेक्सी फीलिंग आ रही थी. मैंने उसके कन्धो को कसके पकड़ा हुआ था. काफी देर तक सुधीर मेरी चुत फाड़ता रहा. उसने मेरे को 12 मिनट तक गोद में उठाकर चोदा. फिर वो भी आउट हो गया. मेरी चुत में उसने अपना रस निकाल दिया. अब तो अक्सर ही मैं अपने चोदु देवर से सेक्स कर लेती हूँ.