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डिवोर्स आंटी की सूखी चूत में लंड की बहार

दोस्तों मेरा नाम करन हे और मैं अहमदाबाद में रहता हूँ. दिखने में मैं लम्बा और अथेल्टिक हूँ और मेरे लंड का साइज़ भी इतना हे की किसी को भी खुश कर दूँ. ये कहानी कैसे मैंने अपनी एक डिवोर्स आंटी को चोदा था उसके ऊपर हे. वो जूनागढ़ में रहती हे. और उसका नाम श्वेता आंटी हे. उसका रंग साफ़ हे. वो लम्बी हे और उसके बूब्स बड़े और गांड थोड़ी भद्दी और बेकार शेप की हे. लेकिन मुझे तो चूत के छेद से ही मतलब था बस!

श्वेता आंटी की शादी के कुछ समय में ही उसका डिवोर्स हो गया. और तब वो एकदम जवान ही थी. उसकी और मेरी मुलाक़ात व्हाटसेप्प के फेमली ग्रुप में हुई. और फिर हम दोनों सेपरेट पर्सनल चेट भी करने लगे. नोर्मल हाई हल्लो, फिर रेग्युलर बात होने लगी हमारी. आंटी की डीपी मस्त थी जिसमे उसके डीप कट ब्लाउज में उसके बूब्स उभरे हुए थे. उसे देख के मेरे तन बदन में तितलियाँ उड़ने लगी थी.

मैं उसे कहा, आंटी आप का डीपी तो एकदम धांसू हे आप उसके अन्दर बड़ी सेक्सी लग रही हो.

वो बोली: थेंक्स, तुम भ काफी स्मार्ट हो गए हो बढती उम्र के साथ.

मैं: सच में आप बड़ी हॉट लगती हो.

उसने कुछ देर तक रिप्लाय नहीं कहा, शायद झिझक रही थी वो.

फिर उसने कुछ देर के बाद एक रिप्लाय किया की तुम भी मस्क्युलर बॉडी में सेक्सी ही लग रहे हो, और एंड में उसने आँख मारने वाला स्माइली एड किया था.

और फिर तो मेरी और श्वेता आंटी की ऐसी चेटिंग होने लगी. मैं अक्सर उसके साथ चेटिंग करते हुए अपने लंड को सहलाता था. फिर एक दिन मैंने उसे कहा, वैसे आप मेरे से ज्यादा सेक्सी हो, हम दोनों अगल बगल में खड़े रहे तो आप को लोग पहले वोट करेंगे.

उसके बाद मेरी और श्वेता आंटी की फ्लर्टिंग सी होने लगी थी. वो भी मुझे मेसेजिस में अपने नए नए कपडे और स्टाइल भेजती थी पिक्स निकाल के. और मैं जिम में कसरत करते वक्त उसे अपनी बॉडी के जलवे दिखाता था. फिर हम दोनों के बिच में रिश्ते जैसे धूल चुके थे. वो और मैं सेक्स चेट भी करने लगे थे. उसने मुझे ये भी बताया की उसकी डिवोर्स का रीजन ये था की उसका पति गे था और वो लंड खड़ा नहीं कर पता था उसे न्यूड देख के भी.

फिर एक इन मैंने जिद्द की तो श्वेता आंटी ने अपना न्यूड शो किया मेरे लिए. उसने वीडियो चेटिंग में मुझे अपने कसे हुए बदन की झाँखी करवाई. ऐसे में मेरे कोलेज की छुट्टियाँ आ गई और मैंने घर में कहा की मैं जूनागढ़ जाना चाहता हूँ गिरनार ट्रेकिंग के लिए. मैंने कहा वहाँ श्वेता आंटी का घर भी हे तो कुछ दिन रह लूँगा. आंटी वैसे अपनी माँ के साथ में रहती थी जो एकदम बूढी थी. मेरे मम्मी पापा ने मुझे जाने के लिए हां कह दिया. मैंने उसे ये मेसेज किया तो वो एकदम खुश हुई और मुझे बहुत सब कीस वाली स्माइली भेजी उसने.

मैं दो दिन के बाद जूनागढ़ के लिए निकला और पहले ही आंटी के घर गया.

आंटी की माँ ने दरवाजा खोला और मुझे अंदर लिया. शाम हो गई थी. मैं फ्रेश हो के वापस आया उतने में डिनर भी लग चूका था. खाने के बाद श्वेता आंटी को एक मेरिज फंक्शन में जाना था. आंटी रात को करीब 11 बजे आई और मैं आलरेडी बेडरूम में ही था और आंटी की वेट करते हुए अपने लंड को हिला रहा था. सच कहूँ तो मैं एकदम फ्रस्टेट हुआ था उसकी वेट में. उन्के घर में दो बेदरूम थे एक उसके लिए और एक उसकी मोम के लिए. मैं उसके बेडरूम में ही था उस वक्त.

मैं उसकी ही वेट में था और उसके आते ही जानवर के जैसे उसके ऊपर टूट पड़ा. मैंने उसे कमर से पकड के अपनी तरफ खिंच लिया. और मैंने रूम के दरवाजे को फट से बंद कर दिया.

वो मेरे तरफ अपनी कमर कर के थी और मेरा लंड उसकी गांड को टच कर रहा था. मेरे हाथ उसकी कमर एक ऊपर से होते हुए उसके बूब्स पर थे जिन्हें मैं दबा रहा था. और साथ में मैं उसके गले को और काना के ऊपर किस दे रहा था. फिर मैंने उसके पल्लू को हटा दिया और उसके बूब्स को दबाने लगा. फिर मैंने उसके कान में कहा: आज तो तुमने बहुत वेट करवाई मेरी जान. लेकिन तुम्हे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी याद रखना. मैं ऐसे चोदुंगा की तुम्हारी गांड ही फाड़ डालूँगा मेरी रानी.

और ये कह के मैंने उसे बिस्तर के अंदर फेंक दिया. फिर मैंने अपनी टी शर्ट और शोर्ट को उतार दिया. आंटी ने भी अपनी साडी को उतार दी.

मैं अपने ऊपर कंट्रोल नहीं कर सका और एकदम नंगा हो के उसके बूब्स को और ट्रिम की हुई चूत को छूने लगा. मैं उसके ऊपर ही चढ़ गया था और उसके बूब्स को किस दे रहा था. फिर हमने एक दुसरे को एक लम्बा किस दिया और फिर मैंने निचे उसकी चूत में दो ऊँगली डाली और उसकी फिंगर फकिंग करने लगा. मैंने काफि देर तक उसकी चूत का फिंगर फक किया. मैं फिर ऊँगली बहार निकाल के चाटी तो वो एकदम खारा सवाद था.

आंटी के कहने पर फिर हम दोनों 69 पोजीशन में आ गए. और वो किसी प्रोफेशनल पोर्नस्टार के जैसे मेरे लंड को पूरा अपने मुहं में ले के मजे से चूसने लगी थी. मैं उसकी चूत को और गांड के छेद को अपनी जबान से चाट रहा था और उसके अन्दर अपनी जबान को घुसाने की भी कोशिश में लगा हुआ था.

फीर मैं श्वेता आंटी के ऊपर आ गया और अपने लंड को उसकी चूत पर लगा दिया. मैंने जैसे ही एक झटका दिया तो वो मेरे नाम को ले के जोर से मोअन कर बैठी. मैंने उसके मुहं को अपने हाथ से दबा दिया और जोर से धक्का मार के अपने लंड को अन्दर पेल दिया.

मैंने कहा: साली इतनी लेट आई उसी की सजा हे ये मेरा लंड. ऐसे चोदुंगा की तेरी चूत का भोसड़ा बना दूंगा साली रंडी.

और फिर मैं जोर जोर के धक्के दे के उसकी चूत को चोदने लगा. आंटी भी एकदम जोर जोर से मोअन कर रही थी और मुझे पकड़ के अपनी तरफ खिंच रही थी. शायद सालों के बाद उसकी सुखी हुई चूत में लंड की बहार आई थी. इसलिए वो भी इन लम्हों को खून एन्जॉय कर रही थी.

वो मोअन करते हुए बोली: अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह करन चोदो मुझे, अह्ह्ह्ह आआअज से मैं अपनी चुत्पर तुम्हारा नाम लिख दूंगी मेरे राजा, वाह क्या बड़ा लंड हे तेरा तो. चोदो चोदो मुझे अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह  मजा आ गया वाह्ह्ह!

कुछ देर श्वेता आंटी को मिशनरी पोज में चोदने के बाद हम दोनों डौगी स्टाइल में आ गए. मैंने पीछे से उसके बाल पकडे और जैसे कुतिया को चोद रहा था वैसे कस कस के उसकी चूत को बजाई. उसके बाद में आंटी ने मेरे लंड की सवारी भी की और बूब्स हिला हिला के अपनी चूत को चुदवाया. वो चुदते हुए जो मोअन करती थी उसकी वजह से मैं और भी उत्तेजित हो जाता था.

एक बार फिर से हम दोनों मिशनरी पोज में आ गए और मैंने उसको डीप धक्के दे दे के चोदा. हम दोनों एक दुसरे को चूम रहे थे, हाथ से प्यार दे रहे थे और मोअन कर रहे थे. फिर उसकी टांगो को मैंने अपनी कमर के चारोतरफ ले ली और एकदम जोर जोर से लंड को उसकी चूत में ठोकता गया. मैंने कहा मेरा निकलने को हे.

श्वेता आंटी ने कहा सब अपनी आंटी की भोसड़ी में ही निकाल दे मेरे राजा. मैंने आखरी झटके दिए और अपने सब माल को आंटी की चूत में निकाला. मैं उसकी निपल्स को सक कर रहा था. और वो भी वीर्य चूत में ले के मजे से मोअन कर रही थी. हम दोनों की अन्तर्वासना शांत हो चुकी थी.

कुछ देर आराम करने के बाद हम दोनों ने एक और राउंड चालु कर दिया. इस बार की चुदाई में मैंने उसके बूब्स को खूब चुसे और उसके ऊपर ढेर सारे लव बाईटस भी दे दिए. मैं आंटी के घर पुरे 3 दिन रुका था. उसमे से एक दिन वो मुझे अपने आम के बाग़ पर भी ले के गए थे. वहां पर मैंने आंटी को किसान की चारपाई में भी चोदा था. और वो तिन दिन में मैंने कम से कम 20 बार श्वेता आंटी को चोदा.

फिर मैं वापस घर आ गया. फिर मैं अक्सर जूनागढ़ जा के श्वेता आंटी को चोदता रहा. पिछले कुछ महीनो पहले ही आंटी की सेकंड मेरिज नवसारी में हो गई. वो बहुत दूर हे मेरे प्लेस से. लेकिन वहां पर जा के आंटी को उसके ससुराल में चोदने का भी इरादा हे मेरा!

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