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दो रंडियों को साथ में चोदा

हाई दोस्तों मेरा नाम वैभव हे और मैं पुणे का रहनेवाला हूँ. मेरा लंड 7 इंच के हे. और आज की ये कहानी हे वो मेरा अपना अनुभव हे जो मेरे साथ पिछले महीने हुआ. मैं यहाँ पुणे में ही एक सोफ्टवेर कम्पनी में काम करता हूँ. वो दिन गुरुवार का था और मुझे पता चला की मेरे घर से सब लोग वीकेंड में बहार जा रहे हे. मैं काम में बहुत बीजी था इसलिए मैंने उन्के साथ जाने के लिए मना कर दिया. और मैंने सोचा की ये सही मौका होगा रंडियों को घर पर बुला के चोदने के लिए.

शनिवार की रात को डिनर करने के बाद मैं बहार गया और रिक्शा ले के रेड लाईट एरिया में चला गया जहाँ पर रंडियां मिलती थी. मैं पूरी रोड के ऊपर टहला लेकिन मुझे उन 7 -8 रंडियों में से एक का भी चहरा और बदन सही नहीं लगा. मैं सडक के क्रोसिंग के पास गया तो वहां पर अँधेरे में कुछ रंडियां खड़ी हुई थी. मैं धीरे से चलता हुआ उन्के पास गया. वहां पर अच्छे माल थे.

मैंने एक जवान रंडी के साथ बात करना चली किया. मैंने उसको उसका रेट पूछा.

रंडी बोली: 1000 रूपये लोज के साथ.

मैं: लोज पर नहीं मेरे घर पर जाना हे.

रंडी: तो 800 दे देना और जाना आना तुम्हारी जिम्मेदारी.

थोडा बार्गेन कर के मैंने 700 में फिक्स कर लिया. और हम दोनों ऑटो के लिए चल रहे थे. तभी मैंने एक सेक्सी आंटी जैसी रंडी को देखा. जो रंडी को मैंने फिक्स किया था उसका नाम रसिका था. मैंने रसिका को कहा तुम उस आंटी को जानती हो. वो बोली, हां जानती हूँ ना. मैंने कहा उसे भी साथ में ले ले?

वो हंस के बोली, दो को ले पायेगा तू?

मैंने कहा, वो प्रॉब्लम नहीं हे, वैसे भी तुमने तो पैसे मिलने ही हे मैं ले पाऊं या नहीं.

रसिका बोली, वो तो ठीक हे.

मैंने रसिका को कहा जा मैं तुम दोनों को 1300 दे दूंगा जा के तू ही बात कर आंटी के साथ. तब तक मैं यही पर खड़ा हूँ. रसिका ने कहा, कही घर पर जाने के बाद वहां पर और लौंडे तो नहीं चढ़ेंगे ना हम पे.

मैंने कहा नहीं मैं अकेला ही हूँ घर पर.

वो बोली, पूछना पड़ता हे साहब क्यूंकि साले इंजिनयरिंग के लौंडे चूत को गरम कर के फिर ग्रुप में आते हे और पैसे कम देते हे.

रसिका आंटी के पास गई और वो दोनों ने कुछ बात की. फिर वो दोनों ही रंडियां मेरे पास आ गई. मैंने ऑटो की और हम लोग मेरी घर की तरफ चले. रसिका जो उसकी उम्र 20 साल के जितनी थी. और उसके बूब्स छोटे थे और वो पतली थी. दूसरी जो आंटी थी उसका नाम मालती था और वो गोरी मोटी आंटी थी. उसकी उम्र 35 साल के ऊपर की थी. और उसका फिगर करीब 34 38 34 का था.

मेरे घर पहुँच एक मैंने ताला खोला और हम लोग सोफे के ऊपर बैठे हुए थे. मैंने बिच में था और वो दोनों ही रंडियां मेरे अगल बगल में बैठी हुई थी. और फिर रसिका ने बात करना चालू किया. उसने पूछा, तुमने एक साथ दो को क्यूँ बुलाया अपने साथ में? मैंने कहा मुझे फॉरप्ले पसंद हे और थ्रीसम भी. वो हंस पड़ी और उसने मुझे आँख मार दी.

मैंने रसिका को कहा तो वो मेरी गोदी में आ गई और मैं उसके लिप्स को किस करने लगा. मालती आंटी तब मेरे गालों के ऊपर किस कर रही थी. मजा आ रहा था सच में. कुछ देर दोनों ही रंडियों को किस करने के बाद मैंने कहा चलो अन्दर बिस्तर पर चलते हे.

मैं रसिका को अपनी गोदी में उठा लिया और उसे बेडरूम में बिस्तर के ऊपर डाला. उसने टी शर्ट जींस पहनी हुई थी और मालती ने साडी पहनी थी. मैंने रसिका का टी शर्ट खोला और उसे किस करने लगा. फिर मैंने उसकी जींस को भी निकाल दिया.

वो अब सिर्फ स्लिप और पेंटी में थी. उसकी पेंटी एकदम साडी देसी पेंटी थी. मालती आंटी ने मुझे नंगा कर दिया. और वो खुद भी अपनी साडी को और ब्लाउज को खोल के कड़ी हो गई. मैं अपने अंडरवेर में था. मैंने रसिका को पकड़ा और उसके होंठो के ऊपर किस करने लगा. मालती आंटी तब मेरी छाती और पेट के ऊपर अपने होंठो से किस कर रही थी और चाट रही थी. मैं रसिका की कमर के ऊपर हाथ से सहला रहा था और मैंने अपने हाथ को उसकी पेंटी में डाल के उसकी गांड को भी टच कर लिया था. मैंने अपनी ऊँगली को उसकी गांड में घुसाना चाहा लेकिन उसने जोर से मन कर दिया मुझे. मैंने उसका रीजन पूछा तो वो बोली गांड में तो बहुत दुखता हे. मालती ने उसको कहा की कर लेने दे न साहब को मजे तो आखिर वो मान गई.

मैंने धीरे से अपनी ऊँगली को उसकी गांड में डाल दी. रसिका ने बोला की उसको बहुत ही दर्द हो रहा था. पांच मिनिट के अन्दर मैंने अपनी पूरी ऊँगली को उसकी गांड में डाल दी थी. और वो अह्ह्ह अह्ह्ह्ह कर के मस्तियाँ रही थी. मालती आंटी अब मुझे किस करने लगी थी.

कुछ ही पलों में रसिका की चूत का पानी छुट गया और वो मेरे सामने बैठ गई. मैंने अपनी ऊँगली को सुंघा तो उसकी गांड की स्मेल आ रही थी उसके अन्दर से. अब मैंने मालती आंटी को उठाया और उसे किस करने लगा. वो अब एकदम नंगी थी. उसकी चूत, गांड और आर्मपिट सब कुछ एकदम हेयरी था. मैंने उसके बूब्स को मस्त चूसा और फिर अपने लंड को उसकी मोटी चूत में डाल दिया. गपागप चुदाई करने लगे हम दोनों और वो मुझे अपनी छाती से जकड़ के मजे दे रही थी. थोड़ी ही देर में मेरे लोडे का पानी मालती रंडी की चूत में निकल गया.

रात का 1 बज गया था और हम लोगों ने कुछ देर के लिए ब्रेक करने को सोचा. मैंने उन दोनों को सेंडविच दिए और पेप्सी भी. उसके बाद मैंने रसिका को चोदने को लिया. मैंने उसको ऐसे ठोका की वो जोर जोर से रोने भी लगी.

सुबह के 4 बजे तक मैंने इन दोनों रंडियों की चूत को चोदा. मालती मेरी बाहों में और रसिका अपनी गांड को मेरे मुहं पर रख के सो गई. सुबह 7 बजे मैंने दोनों को उठाया. और तब फिर से मैंने दोनों को घोड़ी बना के चोदा. मालती को हगना था जाने से पहले. मैंने उसे टॉयलेट में ले गया और उसे कहा की हगते हुए मेरे लंड को चुसो. उसने ऐसा ही किया. फिर मैंने उसकी गु वाली गांड को ऊँगली से और फिर अपने लंड से चोदा. मालती को चुदने के बड़ा अनुभव था और वो गंदे सेक्स में भी माहिर लग रही थी.

मैंने उसे पीछे खड़े हुए 10 मिनिट तक गांड में चोदा. उसने गांड मरवाते हुए पेशाब की और मेरे लेग्स के ऊपर भी उसका मूत आ गया. मालती की गांड में वीर्य निकाल के मैंने लंड को धो लिया. फिर मैंने उसे कहा तुम बाकी का हग के जल्दी से बहार आ जाओ. रसिका बहार रेडी हो चुकी थी कपडे पहन के. उसने लिपस्टिक भी लगा ली थी. मैंने उन्हें पैसे दे दिए और ऑटो स्टेंड तक छोड़ के आ गया.

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