दूध वाले भैया को पिलाया अपना दूध

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Hindi Stories हेल्लो दोस्तों मेरा नाम निरुपमा है. मै एक शादी शुदा औरत हूँ. मेरे पति देव एक ऑटो रिक्शा चलाते हैं. वो मेरे को हफ्ते में एक दो बार ही चोद पाते थे. दिन भर की थकान से बेहाल होकर जब वो घर को आते तो उनका लंड ही ढीला पड़ जाता था. फिर मेरे लाख चाहने पर मेरी चुदाई नहीं करते थे. दोस्तों मै हैदराबाद मे रहने वाली लड़की हूँ. हफ्ते में एक दो बार चुदवाई तो मैं शादी के पहले ही करवा लेती थी. मेरे बदन का रस बहुत लड़के चूस चुके थे. मेरे जादुई बूब्स से ही सब मेरे ऊपर फ़िदा हो जाते थे. मेरे दूध बड़े ही कमाल के हैं. दूध वाला भी मेरे दूध को देखकर पीने को लालायित हो गया.

दोस्तो ये बात दो साल पहले की है. मेरी उम्र उस समय 27 साल की थी. मेरे यहाँ दूध वाला आता था. जिसका नाम राहुल था. दूध के जैसा गोरा गोरा उसका शरीर था. मेरे को उसके पर्सनालिटी देख के चुदवाने का मन करता था. लेकिन मेरे पति शिवम उस समय मेरे को रात भर चोदते थे. मेरे पति मेरे को नामर्दो की तरह चोदता था. फिर भी किसी तरह चुदाई की प्यास बुझ रही थी. दूध वाला मेरे को रोज लाइन मारता था. उस टाइम मुझे बहुत डर लगा रहता था. लेकिन कुछ दिनों के लिए बाहर किसी को छोड़ने उसकी गाड़ी लेकर गए थे. वो 10 दिन बाद आने वाले थे. मै दो तीन दिन में ही चुदने को तड़पने लगी. मेरे को चुदने की तड़प खाये जा रही थी. मूली बैगन को डाल डाल कर देख चुकी थी. लेकिन मेरी चुदने की प्यास नहीं बुझी. मेरे को एक लंड चाहिए था.
राहुल: आपके पति नहीं दिख रहे
मै: वो बाहर कही गए हुए है. कुछ दिन के बाद आएंगे

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राहुल: फिर तो तुम अकेली होगी
मै: हाँ लेकिन तुमको इससे क्या मतलब??
राहुल: मेरा मतलब था तुम्हे किसी चीज की जरूरत होगी तो बताना. मेरा घर यही पास में है.
वो मेरे बूब्स को ताड़े जा रहा था। उसने सच कहा था. वो मेरे को लंड दे सकता था. जब वो दूसरे दिन दूध लेकर आया. तो उसने दूध के डिब्बे को पकड़ाते हुए मेरी कलाई को पकड़ लिया. मै एक दम से चौक गयी। वो मेरे को कहने लगा. hindipornstories.com
राहुल: निरुपमा जी आप बहुत ही अच्छी लग रही हो

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मैंने झटके से हाथ छुड़ाते हुए उसे दूर हट गयी. वर्षों बाद मेरे को मेरे पति के अलावा कोई और टच कर रहा था. मेरे को बहुत गुस्सा आ रहा था. लेकिन चुदने की बेकरारी भी बहुत सता रही थी. मुझे भी वो बहोत पसंद था लेकिन मेरे बीच पति पत्नी की दीवार थी. मेरे पति को गए आज पांच दिन हो गया था. राहुल तो एक टक लगाए मेरे को देखे ही जा रहा था. मेरे को भी चुदने की खुजली होने लगी. राहुल का मोबाइल नम्बर मेरे पास था. जब वो दूध लेकर नहीं आता था. तो उससे पूछ लेती थी. उसने कोई काम हो तो फ़ोन कर लेना कहकर चला गया. रात को मुझे नींद नहीं आ रही थी. मेरे को लंड की जरूरत थी. कुछ देर तक हाथ से अपना काम लगा लिया. लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. मेरे को तो एक देसी लंड चाहिए था. बहुत सोच बिचार करने के बाद मैंने राहुल को फ़ोन किया. राहुल ने फोन रिसीव कर लिया.

राहुल: क्या बात है. इतनी रात गए तुम फोन कैसे कर दी
मै: मुझे तुमसे काम है
राहुल: क्या काम है??
मै: पहले तुम यहां आओ तो सही फिर बताती हूँ
राहुल: देखो निरुपमा जी मै नहीं आ सकता
मै: क्यों
राहुल: आज ही पैसा खर्च करके एक रंडी बुलाया. इसे रात भर चोद के पूरा पैसा वसूल करना है
मैं: तुम चले आओ तुम्हारे लिए चूत का इंतजाम मै कर देती हूँ. रात भर नहीं कई दिन चोदना.
राहुल: ठीक है लेकिन मेरे को चूत चाहिए
मै: ठीक है
इतनी बात करके फ़ोन रख दिया. मेरे को उसके आने का बड़ी बेशबरी से इन्तजार था. मै दरवाजे पर खड़ी उसका इन्तजार कर रही थी. मैने उस दिन नई नई साडी पहनी हुई थी. राहुल कुछ ही देर में आ गया. उसने पैजामा और कुर्ता पहना हुआ था. राहुल भी एक दम से अँग्रेजी मुंडा लग रहा था. उसका लंड पैजामे में खड़ा था. वो सच में खड़े लंड पर किसी को छोड़ कर आ रहा था. चूत का भूखा मेरे सामने खड़ा था. आज तो क़यामत आने वाली थी. मैं भी लंड की प्यासी थी. आज तो एक दूसरे की प्यास बुझानी थी.

मेरे गोर बदन पर लाल रंग की साडी बहुत ही खूबसूरत लग रही थी. वो मेरे पास आकर मेरी तारीफे किये जा रहा था.
राहुल: तुम मुझसे पहले ही देने का वादा कर लेती तो मेरा आज पैसा बच जाता
फ्रेंड्स मुझे आज पता चला था कि उसकी शादी ही अभी तक नहीं हुई थी. लेकिन उसका लंड फायरिंग कर चुका था. वो अभी तक कुवांरा था. उसने मुझे आकार ऐसे पकड़ लिया जैसे उसका मुझपे पूरा हक बनता था. राहुल के कलेजे से लगते ही मेरे को आनंद मिलने लगा. उसके पैजामें उसका लंड खड़ा था. मेरे को उसने उठाकर अंदर के रूम में ले गया. मेरे घर में बेड की जगह एक चारपाई पड़ी थी. उसी पर हम दोनों बैठ गए. राहुल का हाथ मेरे पीठ से होकर गले पर रखा हुआ था. राहुल मेरे को देखते देखते ही किस कर लिया. मेरे अंदर की आग उमड़ने लगी. वो मेरे गले पे हाथ फेर रहा था. कुछ ही देर बाद उसने धीरे धीरे मेरे को बिस्तर पर लिटा दिया. खुद मेरे ऊपर चढ़कर मेरे को उसने किस करना आरम्भ किया. चुम्मे से शुरूवात करके उसने अपना कार्य प्रगति पर रखा. मेरे रसीले होंठ को चूस चूस कर उसका रसपान कर रहा था. राहुल जोर जोर से मेरे होंठो को खींच खींच कर चूस रहा था. मैं गर्म ही रही थी. उसको दोनो हाथो में भरकर दबा रही थी. hindipornstories.com

मेरी नाक फूल रही थी. जोश से मेरा चेहरा लाल लाल हो गया. उसने मेरे गुलाबी होंठो को चूस चूस कर लाल लाल कर दिया. होंठ को दबाकर कर पीते हुए उसने खीचा था. जिससे मेरा होंठ फूल आया. उसके लंड के खड़ा होने का एहसास हो रहा था.
राहुल: डार्लिंग!! आज इस दूध वाले को अपना दूध पिला दो
मैं: पी लो बहुत ही ज्यादा और टेस्टी है. एक बार पी लोगे तो भैस का दूध भूल जाओगे. पी लो मेरी जान जी भर के पी लो
राहुल ने मेरे कंधे से पल्लू को सरकाते हुए उसे नीचे गिरा दिया. मेरे दोनो दूध फूले हुए ब्लाउज में भरे हुए थे.
राहुल ने एक एक करके मेरे ब्लाउज के बटन को खोल के निकाल दिया. उसका हाथ सीधा मेरे नीले रंग की ब्रा पे थी. जिसमे मेरे दो बड़े बड़े दूध फंस हुए थे. उसने मेरे ब्रा को भी निकाल दिया. उसके निकलते ही मेरे दोनों चुच्चे हेड लाइट की तरह जलने लगे. राहुल ने दोनों दूध को हाथो में लेकर लेकर कहने लगा.
राहुल: भैया कभी तुम्हारा दूध नहीं पीते. दोनों कितना वजन है. लगता है आज तक का अभी तक सारा दूध भरा हुआ है.
मै: आज तुम्हे इस दूध का एक भी कतरा नहीं छोड़ना है. जी भर के पी लो। चूसो! मेरे दोनो बूब्स चूसो!!

राहुल ने मेरे गोरे भूरे निप्पल पर अपना मुह लगा कर बछड़े की तरह पीने लगा. चप.. चप की आवाज करके वो मेरे दूध पी रहा था. मै “……अई…अई….अई……अ ई ….इसस्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की
सिकरिया भर रही थी. करीब 15 मिनट तक उसने मेरे दूध को पीकर मेरे को उसने मुझे गर्म किया. बार बार मेरे निप्पल को काट कर मेरी जान ही निकाल देता था.
धीरे धीरे कार्यक्रम आगे बढ़ रहा था. मेरा दूध पीकर उसे बहुत मजा आया. मेरे निप्पल फूल आया. मेरी चूत में आग लग गयी. राहुल चारपाई से नीचे उतर कर अपने पैजामे का नाडा खोल उसे कर नीचे गिरा दिया. उसके अंडरबियर को उसका लंड खड़ा होकर फुलाये हुए था. लंड को सामने देखकर मुझसे रहा नहीं गया. मैंने उसके अंडरबियर को निकाल दिया. उसका लंड 90 डिग्री पर खड़ा था. बिलकुल गन की तरह लग रहा था. मैंने अपने हाथों से उसके लंड को सहलाने लगी. वो काफी गरम लग रहा था.

राहुल: चूसो मेरा लंड! आज मेरा मन चुसाने को कर रहा है
मै: चूसती हूँ राजा तुम्हारे गन्ने को. आज इसका सारा रस पी जाऊंगी
मैंने इतना कहकर उसके लंड के सुपारे को चाटती हुई अपने मुह में भर लिया.

उसका लंड मै धीरे धीरे चूस रही थी. राहुल मेरे बालो को पकड़ कर मुझे जोर जोर से लंड चुसवाने लगा. मेरी तो साँसे अटक रही थी. मेरे गले तक अपना लंड पेल रहा था. मेरा दम घुट रहा था. मैं उसके गांड में अपनी नाखून लगा रही थी. कुछ देर बाद उसने मेरे बाल को छोड़ दिया. मैंने उसका लंड अपने मुह से निकाल कर चैन से सांस लिया. राहुल ने मेरे को बिस्तर पर गिराकर कर बहुत ही हवस के साथ मेरे साडी को खींचकर मुझसे अलग किया. मैंने उस दिन नीले रंग की पेटीकोट पहनी हुई थी. मेरे पेटी कोट में अपना हाथ डालकर मेरी चूत मसलने लगा. इतना गर्म होकर मै आज तक चुदने को नहीं तड़पी थी. मेरी पैंटी के ऊपर से ही चूत में उंगली करने लगा. मैंने अपना माल छोड़कर पैंटी को गीला कर दिया. उसकी उंगली में मेरा माल लग गया. उसने अपनी उंगली निकाल कर सूंघते हुए मेरी पेटीकोट का नाडा खोलने लगा. hindipornstories.com

मेरे को उसने पैंटी मे कर दिया. मेरी गीली पैंटी को निकाल कर उसने मेरी चूत का दर्शन किया. मेरी चूत से निकला निकला माल चाटने के लिए उसने मेरी चूत पर अपनी जीभ लगा दी. कुत्ते की तरह मेरी चूत को चाटने लगा. चूत चाटते चाटते उसने अपनी जीभ अंदर घुसा दी. मेरी चूत में उसका जीभ घुसते ही मेरे मुह से जोर जोर से “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” की आवाज निकलने लगी. मैंने अपनी चूत उठा दी. चूसो! मेरी चूत! राहुल आज पूरा माल निकाल दो की आवाज निकालने लगी. वो जोर जोर से मेरी चूत को पीने लगा. मेरी चूत के दाने को काट खाने लगा. करीब 10 मिनट तक उसने मेरी चूत चाटी. उसके बाद मैंने अपनी टाँगे उठा दी. उसने अपना लंड मेरी चूत में घुसाने की कोशिश करने लगा. मेरी चूत में थूक लगाकर उसने अपना आधा लंड घुसा दिया. उसका लंड काफी बड़ा और मोटा था. मेरी चूत की तो माँ चुद गयी. मै जोर जोर से “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” की आवाज निकालने लगी. वो मेरी चूत में पूरा लंड घुसाने का प्रयास जारी रखा. मै भी बहुत चुद चुकी थी. मेरी चूत पहले की अपेक्षा काफी ढीली हो चुकी थी. उसका पूरा लंड मेरी चूत में आसानी से घुस गया. वो पूरा लंड घुसा कर जोर जोर से चुदाई करने लगा. राहुल की जोर की चुदाई से बिस्तर चू चू कर रहा था. वो मेरे को पलंग तोड़ वाली चुदाई से चोद रहा था. मेरे को उसका लंड बहुत पसंद आया. आज वर्षो बाद मुझे चुदाई का सच्चा आनंद मिल रहा था। मेरे को उसने अपने से चिपका लिया. राहुल अपनी कमर उठाकर किसी मशीन की तरह मेरी चूत चोद रहा था. मै जोर जोर से “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्ह ह..अ ई…अ ई…अई…..” और तेज और तेज चिल्ला कर चुदवा रही थी.

टांग उठाये उठाये मेरी कमर में दर्द होने लगा. फिर भी कुछ देर तक उसने मेरे टांगों को दबाये मेरी चूत चोद रहा था. उसने मुझे बिस्तर से नीचे उतार दिया. मै खड़ी हो गयी. उसने मेरे को झुकाकर मेरी चूत में अपना लंड पेल दिया. एक बार फिर से वो जोर जोर से चुदाई करने लगा. मेरे गांड पर हाथ मार मार कर मेरी जोरो से चुदाई कर रहा था. मेरी चूत की चटनी बन गयी. उससे जूस निकलने लगी. मेरे को उसका लंड खाने में बहुत मजा आया। मै बार बार झड़ रही थी. लेकिन वो अब भी जारी था. कुछ देर बाद अचानक से उसकी स्पीड और भी ज्यादा तेज होने लगी. मेरे कमर को पकड़ कर वो जल्दी जल्दी अपना पूरा लंड घुसाने लगा. कुछ देर बाद चूत में कुछ गिरता आ महसूस हुआ. राहुल जोर जोर से “…..ही ही ही……अ अ अ अ .अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ…” की आवाज निकाल रहा था. वो झड़ रहा था. उसने मेरी चूत से अपना लंड निकाल लिया. झर झर करके मेरी चूत से जूस निकलने लगा. मैने अपनी चूत और उसका लंड साफ़ कपडे से साफ़ किया. हम दोनों नंगे ही लेट गए. रात में उसने मेरी गांड मार कर दो तीन बार चुदाई की. उसके बाद मै मौक़ा पाकर आज भी चुदवा लेती हूँ. आपको स्टोरी कैसी लगी मेरे को जरुर बताना और सभी फ्रेंड्स नई नई स्टोरीज Hindipornstories.com पर पढ़ते रहना. आप स्टोरी को शेयर भी करना.

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