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दोस्त की चाची को मालिश दे के चोदा

ये कहानी मेरी और मेरे दोस्त की चाची की है. मैं 5 फुट 10 इंच का हूँ और मेरे लंड की लम्बाई पुरे 7 इंच की है. आज से 2 साल पहले जब मैं 11वी में था तब की ये बात है. चाची की गांड और बूब्स बड़े ही मस्त है. उनका एक लड़का भी है. और उनके हसबंड यानी मेरे दोस्त के चाचा आर्मी में जॉब करते है. आर्मी में सर्विस की वजह से चाचा जी बहुत कम ही घर पर रहते थे.

ये स्टोरी तब की है जब मैं मेथ्स पढने अपने दोस्त के घर जाता था, मेरे दोस्त की जॉइंट फेमली है पर उनकी लोबी ज्यादा बड़ी होने की वजह से कारण रूम थोड़े दूर दूर है. पहले तो मेरे मन में कुछ गलत नहीं था आंटी जी के लिए. पर एक बार जब हम मेथ्स का स्टडी कर रहे थे तब वो मेरे दोस्त के डूम में कुछ ढूंढने के लिए आई. और तब तूम में सिर्फ मैं और मेरा दोस्त ही थे. वो बेड की एक तरफ बैठा था और मैं दूसरी तरफ.

चाची जब बेड के पास झुकी तो उनके बूब्स सामने दिखने लगे. ऐसा लग रहा था की जैसे ब्रा से बहार निकलने के लिए उछल रहे हो दोनों के दोनों. उनको देख के मेरा लंड खड़ा हो गया.

उस दिन घर पर जाकर मैं उनके नाम की ही मुठ मारी दो बार. उसके बाद काफी रेग्युलर कर दिया मैंने अपने दोस्त के घर जाना.

एक बार जब मैं दोस्त के घर पर गया तो वो और उसकी मम्मी नहीं थे. सिर्फ उसकी चाची और उनका छोटा लड़का था. चाची भी उस वक्त वहां नहीं थी सामने तो. लड़की से जब पूछा की सब कहा है तो उसने बोला की आंटी अपने माँ के घर  गयी हुई हैं दो दिन के लिए. और फिर मैंने उसकी माँ यानी चाची के बारे में पूछा तो वो बोला वो बहार के बाथरूम में नाहा रही है. मेरे दिल में जोर जोर से धक् धक् सी हुई. मैंने सोचा की अगर चांस मिले तो चाची का नंगा बदन देखा जा सकता है जब वो नाहा रही है तो.

मैं चाची के लड़के को बहना फुसला कर बाथरूम तक गया. लेकिन चांस नहीं मिला देखने का इसलिए मैं वापस घर में आ गया. चाची नहा के आई और उसने मुझे बैठने को कहा. चाची के भीगे बदन पर कपडे एकदम से चिपके हुए थे. ब्रा पेंटी का आकार भी एकदम साफ़ साफ नजर आ रहा था. और अंदर की ब्रा और पेंटी दोनों काली थी वो भी मैं देख सकता था. चाची ने भी नोटिस किया की मैं उसे ही ताड़ रहा था. लेकिन उसने इस बात को हलके से ही लिया.

फिर थोड़ी देर बाद स्टोर रूम में बुलाया उन्होंने मुझे. वो चेयर पर चढ़ी हुई थी और चायपत्ती उतारनी थी उसको. मेरे लिए चाय बनाने के लिए. चाची की चेयर हिल रही थी वो पकड़ने के लिए उसने मुझे बुलाया था.

जब मैं चेयर पकड के खड़ा हुआ तो चाची की सेक्सी गांड मेरे सामने थी! अह्ह्ह क्या मस्त स्मेल आ रही थी उनकी पूरी बॉडी से. मेरा लंड एकदम कडक हो चूका था. और जब चाची डब्बा ले के निचे उतरी तो उसकी एक टांग मेरे लंड को टच हो गई. और वो बिना नोटिस किये ही चली गई. मेरे दिल में तो करंट के झटके लग रहे थे. फिर एसे ही दिन निकलते गए और मौका नहीं मिला एक भी!

हम अब थोडा थोडा बातचीत करने लगे थे. चाची मुझे एक इंटेलिजेंट लडका समझती थी और सीधा सादा भी. सीधे लडको की यही परेशानी होती है दोस्तों उन्हें चूत जल्दी नहीं मिलती है. लेडिज उन्हें सीधा समझ के पहल नहीं करती है. और कोई हरामी लड़का मिले तो ये बेन्चोद आंटी और भाभियाँ कपडे उतार के भोसड़ा चुदवा लेती हे चुपचाप से अपना!

एक बार सुबह सुबह में अपने दोस्त के घर गया हुआ था. वो रूम में झाड़ू लगा रही थी और दोस्त की माँ नास्ता बना रही थी. तो मैं जैसे ही अन्दर घुसा तो मैं अपने दोस्त को ढूंढते हुए उसके रूम में जाने के लिए आगे बढ़ा तो चाची की गांड पर मेरा पाँव लग गया. अब आप को सच कहूँ तो मैंने जानबूझ के ही टच किया था चाची की गांड को!

चाची की गांड एकदम सॉफ्ट थी. उन्होंने मुझे हंस के कहा, तेरा दोस्त अभी उठा है और ब्रश कर रहा है.

मैं वही पर बैठ गया. उन्होंने झाड़ू लगाते समय चुन्नी नहीं डाली थी उनके बड़े बड़े गोरे गोरे बूब्स एकदम दिख रहे थे. और सुबह का वक्त था इसलिए ब्रा भी नहीं पहनी थी उन्होंने. निपल्स का शेप भी एकदम मस्त लग रहा था. मेरे मन में उन्हें चोदने के ख्याल आने लगे थे. पर ये समझ में नहीं आ रहा था की कैसे करूँ! आज भी कुछ नहीं कर पाया मैं उसके बूब्स देख के भी!

फिर एक दिन मैं चाची के वहां गया तो वो दरवाजे को अटका के कपडे बदल रही थी. मुझे पता नहीं था मैं दरवाजे को धक्का दे के अंदर घुस गया. और तब उन्होंने ब्रा नहीं पहनी थी. वो ब्रा हाथ में पकडे हुए ही थी की मैं अन्दर आ गया था. वो उस वक्त सिर्फ एक सलवार में थी. चाची अचानक से मुझे देख के घबरा गई और अपने चुचों को उसने हाथ इ कवर कर लिए. मैं भी शर्म के मारे बहार आ गया. लेकिन उसे ऐसे देख के के मेरी अन्तर्वासना सुलग चुकी थी.

जब हमारे सालाना एग्जाम आये तो मेरे दोस्त की माँ ने मेरी माँ को रिक्वेस्ट किया की आप इसे हमारे घर ही भेज दो. दोनों दोस्त साथ में अच्छी पढाई करते है. मम्मी ने कहा ठीक है बहन जी कोई इशू नहीं है.

एक दिन दोपहर को रेस्ट करते समय मैं टीवी देख रहा था और मेरा दोस्त स्मेक डाउन खेल रहा था. चाची के रूम में टीवी थी इसलिए मैं वही पर था. चाची को देख के मेरा लंड धीरे धीरे खड़ा हो रहा था. चाची भी अपना काम निपटा के आ गई और वो मेरे पास में ही बैठ के टीवी देखने लगी.

आज उन्होंने ही बात स्टार्ट की. और पहले ही मुझे पूछा की तुम्हारी गर्लफ्रेंड कैसी है? वैसे मैं एक लड़की से प्यार करता था लेकिन सिर्फ प्यार वाला प्यार था वो. लेकिन मैंने चाची को कहा अरे आंटी मेरी कोई भी गर्लफ्रेंड नहीं है! तो चाची ने हंस के कहा अरे हो ही नहीं सकता की तेरे जैसे लड़के की कोई गर्लफ्रेंड ना हो!

फिर मैंने उन्हें बताते हुए कहा की किसी को मत बताना. चाची भी वो लड़की को जानती थी क्यूंकि वो यही इस इलाके की ही थी. चाची ने हंस के कहा वो सब छोड़ कही उसे नोंच तो नहीं लिया ना तूने, एकदम पतली दुबली है वो तो! चाची के कहने का मतलब सेक्स से था वो मैं जानता था. मैंने कहा नोंच लिया मतलब? मतलब तो तुम भलीभांति समझते हो ये कह के चाची हंस पड़ी. और उसकी नजर मेरी गोदी में लंड की तरफ थी. मेरे लंड में भी आज जैसे दिल आ गया था और वो जोर जोर से धडकने लगा था.

वो धीरे धीरे मेरे लंड को ही देख रही थी. फीर धीरे से चाची मेरे करीब हुई और मेरे कान के पास आई! मैं मन ही मन कह रहा था की काश एक बार चाची मुझे कहे की तेरा लंड दे दे!

लेकिन उसने पूछा की सेक्स किया हैं उस लड़की के साथ की नहीं?

मैंने कहा नहीं सिर्फ किस करते हैं हम लोग.

चाची हंस के बोली, सिर्फ किस!

मैंने कहा हां!

वो हंस के चली गई. फिर उसी रात को जब मैं पढने के बाद बहार वाले वाशरूम में मुतने के लिए गया तो बहार की लोबी की लाईट बंद नहीं थी. पौने बारह बज रहे थे उस वक्त. मेरा दोस्त कब का सो चूका था. वैसे सब लोग सोये हुए थे उस वक्त जब मैं वाशरूम में गया था.

मूत बहुत जोर की आई थी इसलिए मेरा लंड एकदम मोटा और लम्बा हो चूका था. मुझे इतने जोर की लगी थी की मैं लाईट ओन किये बिना ही वाशरूम में घुस गया. जैसे ही मूत की धार निकली किसी ने मोबाइल की फ्लेश लाईट ओन की और पूछा कौन है?

चाची ने लाईट में मेरे खड़े लंड को देखा था बस.

मैंने कहा मैं हूँ चाची, जतिन.

चाची ने कहा देख कर नहीं आ सकता था!

मैंने सोरी कहा उनको.

शायद लाईट खराब थी बाथरूम की और वो भी मेरे जैसे ही दरवाजा बंद किये बिना मुतने बैठी थी. मेरा मूत तो पता नहीं उसके उपर गिरा की नहीं लेकिन मैं मुतने गया तो वो पहले से ही अन्दर थी! वो बहार आई फिर मैं मूत के कमरे में गया. मुझे नींद नहीं आ रही थी और मेरा दोस्त खर्राटें ले रहा था. कमरे की लाईट ओं ही थी और मैं लेटा हुआ था.

चाची के बारे में ही सोच रहा था तब मैं और लंड भी खड़ा का खड़ा ही था. मेरा एक हाथ अंडरवियर के अंदर था.इतने में मेरे दोस्त की ये सेक्सी चाची कमरे में आ गई. और उन्होंने मुझे लंड खुजाते हुए भी देख लिया था.

चाची ने पूछा सोये नहीं अभी तक? मैने कहा नींद नहीं आ रही है. तो उन्होंने कहा मेरी कमर और पीठ में बहुत दर्द हो रहा है, मुझे मालिश कर दो गे गरम तेल से. मैने कहा हां क्यूँ नहीं. उन्होंने उस समय लाईट ब्ल्यू कलर का स्यूट पहना हुआ था. तो मैंने कहा इधर ही लेट जाओ आप चाची.

वो स्माइल के साथ बोली, यहाँ तुम्हारा दोस्त डिस्टर्ब हो जाएगा चलो मेरे कमरे में चलते है. तो मैंने कहा की ठीक है. वो किचन से तेल गरम कर के ले आई और अपने कमरे में पीठ के बल लेट गई. उसकी बड़ी देसी गांड एकदम कसी हुई थी जिसे देख के मेरा तो पागल हुआ पड़ा था!

मैंने उनकी कमीज को थोड़ा ऊपर कर दिया और कमर के ऊपर तेल लगाया. चाची की अच्छे से मालिश करने लगा मैं. और चाची ने कहा अच्छे से करना, नहीं करेगा तो छोडूंगी नहीं तुझे! मैंने मालिश करते हुए उसके ऊपर नीचे हो रहा था. और मेरा लंड बिच बिच में उसकी सेक्सी गांड को टच भी कर लेता था. चाची ने कहा अब ऊपर की तरफ कर. चाची ने ये कह के अपना कमीज खोल दिया और ब्रा का हुक भी. उस वक्त मेरी क्या हालत हुई होगी वो मैं किसी शब्द से बयाँ नहीं कर सकता हूँ. मैं अब चाची की जांघो के ऊपर बैठ गया और लंड को मैंने गांड के होल के एकदम ऊपर रखा हुआ था. चाची कुछ नहीं बोली.

लंड खड़ा होने की वजह से वो उनको भी टच हो रहा था. और शायद उन्हें भी उसकी फिलिंग लेने में मजा ही आ रहा था. मैं ऊपर मसाज देते हुए बिच बिच में बूब्स की साइड को भी पकड रहा था. तभी चाची के हसबंड का कॉल आया बोर्डर से. चाची ने मुझे चुप रहने का इशारा किया. चाची ने अपने पति से 10 मिनिट तक बातें की और वो बार बार आई लव यु, आई मिस यु भी कर रही थी.

फोन रखने के बाद मैंने उसे देखा तो वो सेक्सी निगाहों से मुझे देख रही थी. वो बोली, नींद तो नहीं आ रही हैं ना? मैंने कहा नहीं तो वो बोली, फिर मेरी टांगो का भी मसाज कर दो आज तो तुम. शायद पति के साथ बातें कर के उसकी चुदवाने की इच्छा सर पर चढ़ गई थी. चाची ने अपनी सलवार निकाल दी. अब मेरे सामने वो सिर्फ एक पेंटी के अंदर थी. मेरे अन्दर का सीधा लड़का तब भी एकदम से पहल नहीं कर रहा था! छचूतिया साला!

चाची फिर गांड दिखा के लेट गई. अब की मैंने जांघो को मसला और वो अह्ह्ह अह्ह्ह की मोअन करने लगी थी. मैंने मसाज करते हुए अब अपनी पेंट को खोल दिया और अंडरवियर भी. चाची को पता नहीं चलने दिया. और फिर मसाज करते हुए सीधे अपने लंड को पेंटी के ऊपर रख दिया. लंड की गर्मी से चाची को पता चला तो उसने मुझे देखा मुड के. वो कुछ नहीं बोली और मैंने उसकी पेंटी में हाथ डाल के चूत को भी तेल वाला कर दिया!

चाची की चूत में हवस सुलगा दी मैंने तो! चाची उठी और मेरे लंड को हाथ में ले के बोली, जतिन तेरा तो काफी मस्त हैं रे!

फिर उसने धीरे से उसे सक किया और बोली, मैं कब से बिना लंड के प्यासी हूँ!

मैंने कहा आज अपने लंड से तुम्हारी सब प्यास को बुझा लो मेरी जान!

चाची ने मेरे बाल पकड के मुझे अपनी तरफ खिंचा और किस करने लगी. मैं भी उसके दोनों बूब्स को मसल रहा था. और वो मेरे लंड को पकड के हिला रही थी. फिर चाची ने मेरे लंड के ऊपर तेल लगा के उसका मसाज किया. मेरा लंड एकदम पागल सा हो गया था अब तो.

चाची ने फिर मुझे चूत पर किस करने के लिए कहा. मेरी लाइफ की वो पहली किस थी चूत के ऊपर. चूत का नमकीन पानी चाट लिया मैंने. चाची एकदम हवस में चूर थी. और फिर हम दोनों ने 69 पोजीशन बना ली. चाची की चूत काफी टाईट थी क्यूंकि उसे कोई चोदने वाला नहीं था.

मैंने चूत चाटने के बाद चाची को अपनी बाहों में बिठा के आधे घंटे तक उसके बूब्स चुसे और उसकी गांड को प्यार से चाटा. पौने दो बजे तक हम दोनों ने सिर्फ सक यानी की ओरल सेक्स ही किया.

और फिर चाची ने मिशनरी पोज में मेरा लंड ले लिया. पहली बार था इसलिए पांच मिनिट में ही मैं झड़ भी गया. लेकिन चाची ने 10 मिनिट में फिर से मेरे लंड को रेडी कर दिया.

उडी रात चाची को मैंने तिन बार चोदा और सुबह 5 बजे दोस्त के कमरे में जा के सो गया. डेली हम 6 बजे उठते थे पढाई के लिए. और उस दिन मैं उठ नाहीस सका 10 बजे तक. दोस्त के घर मैं उसके बाद 10 दिन और रहा और रोज रात को दोस्त के सोने के बाद उसकी चाची को चोद आता था.

एग्जाम के बाद सब बंद हो गया क्यूंकि फिर मौका ही नहीं मिला. चाची ने मुझे हालांकि कहा है की हम दोनों किसी होटल में जा के चोदेंगे, बस उसी की वेट में हूँ मैं अभी भी!

 

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