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दोस्त की पटाइ हुई आंटी को चोदा

हाई दोस्तों कैसे हो आप सब मैं आप का दोस्त अनुज एक बार फिर से आप के लिए नयी कहानी लेकर हाजिर हुआ हु. वैसे दोस्तों आप लोगो ने कहानियाँ तो बहुत पढ़ी होंगी. लेकिन मुझे पूरा भरोसा हे की मेरी आज की ये देसी कहानी आप की हालत को जरुर ख़राब कर देगी.

वैसे मैं अपने मुहं से खुद की तारीफ़ नहीं करना चाहता हूँ पर ये एकदम सच है की मेरी कहानियाँ एकदम लंड फाड़ने वाली होती है. मेरी उम्र 35 साल की हैं और मैं एकदम हेंडसम गोरा आदमी हूँ. मेरी हाईट 5 फिट 8 इंच की और मेरे लंड का नाप लम्बाई में 7 इंच और चौड़ाई में पूरा ढाई इंच है. और मेरा लंड जिस औरत की भी चूत में एक बार घुसे तो उसे अपनी नानी याद आ जाती है. और जो मेरे से एक बार चुदवा ले उसे बार बार मेरा लंड लेने का मन होता है.

ये बात आज से कुछ समय पहले की है. लगभग 1 साल जितना वक्त हुआ. जब मेरे दोस्त ने एक मस्त और सेक्सी आंटी को पटाया था. और मेरा दोस्त अक्सर इस आंटी की तारीफ़ करता था. मैंने कभी भी इस आंटी को देखा नहीं था. लेकिन मेरे दोस्त के मुहं से बस उसकी तारीफ़ ही सुनी थी. दोस्त जब भी इस आंटी की बात करता था तो मैं बस चुपचाप सुन लेता था.

मेरा दोस्त और ये आंटी बहुत सेक्सी बातें करते थे. लेकिन उन दोनों को चोदने की जगह नहीं मिल रही थी. दोस्त की जॉइंट फेमली थी इसलिए उसके घर हमेशा ही कोई न कोई होता था. और मेरे दोस्त को बहार होटल वगेरह जाने में जैसे डर लगता था क्यूंकि उसके जीजा गाँव में एक पोलिटिकल पार्टी के प्रमुख थे और वो डरता था की कही होटल वाला उसके जीजा को ना बोल दे.

इसलिए मेरे दोस्त ने मेरी मदद मांगी. और उसने मुझे कहा कोई इंतजाम करने को. तो आइने भी सोच कर और देख कर उस से बात की. मैंने कहा की सन्डे को शा के वक्त वो आ सकती है तो उसको बुला ले क्यूंकि मैं एडजस्टमेंट कर चुका हूँ. मेरे दोस्त ने मुझसे कहा की मैं पूछ कर बताऊंगा. इसलिए मैंने भी उसकी हां में हां मिला दी.

अब अगले दिन वो मुझसे कहना लग गया की वो मान गई और वो 8 बजे आ जायेगी. मैंने कहा ठीक है और मैं तैयारी कर दूंगा सब कुछ. और मैंने उसे कहा की तू बस उसे ध्यान से ले आना किसी को पता ना चले वैसे

मेरे ऐसे कह्न्ने के बाद मैं अब तैयारी करने में लग गया और वो करीब 8 बजे इस आंटी को ले के आया. आप को ये तो पता ही है की मैंने भी उस आंटी के बारे में सिर्फ सुना ही था और कभी देखा नहीं था. इसलिए मैं नहीं जानता था की दोस्त की वो माल दिखती कैसी है.

जब मैने उन्हें देखा तो उनकी उम्र करीब 35 साल की लग रही थी. और दिखने में वो बहोत ज्यादा ही सेक्सी लग रही थी. उसने साड़ी पहन रखी थी जिसमे उसके जिस्म का रोम रोम चमक सा रहा था. और उसका बदन जैसे कपड़ो में से बहार आने के लिए बेताब हो के फड़क रहा था. इस सेक्सी आंटी को देख के अब मेरा मूड भी खराब हो रहा था और मेरे लंड में भी घटनी बजने लगी थी.

मैं अब उन दोनों को कमरे में छोड़ दिया और खुद बहार आ गया. वो करीब 20 मिनिट ही अन्दर रहे और फिर उन्होंने मुझे वापस अंदर बुला लिया. मैं जब अन्दर गया तो देखा की सब थोडा सा बिखरा हुआ था. और वो दोनों बैठ के बातें कर रहे थे. मैं भी अब वही पर था तो मैंने भी उनसे पूछ लिया की तुम्हे ये सब कैसा लगा?

तब वो बोले की मजा आ गया. और इतना कह के आंटी कपडे पहन कर तैयारी हो रही थी. मेरे दोस्त ने कहा अनुज आप को छोड़ आयेंगे पर उस से पहले हमारे साथ एक गेम खेलो.

दोस्त की बार सुनकर वो मान गई और हमारे साथ गेम खेलने लग गई. पहले तो मेरी नजर उसके ऊपर उतनी नहीं पड़ी थी. पर जब मैं एकदम से नजर पड़ी तो मैंने देखा की आंटी का साडी का पल्लू निचे हो रखा था और उसके बूब्स एकदम मस्त दिख रहे थे. ये देखते ही मेरा लंड फडफडा उठा. और फिर कुछ मिनिट बाद वो बोली की चलो अब तुम मुझे छोड़ आओ.

ऐसा सुनते ही मैंने अपनी बाइक निकाली और उसे पीछे बिठा कर बाइक स्टार्ट कर के उसे ले के चल पड़ा. रास्ते में वो मुझसे एकदम चिपक कर बैठी हुई थी. और तभी वो बोली की तुम कुछ देख रहे थे कमरे में अंदर. मैंने कहा अब दिख ही रहा था तो देख लीया. वो हंस पड़ी. और वो बोली सिर्फ देखना ही था या कुछ करने का भी इरादा है?

और तभी आंटी का घर नजदीक आ गया तो मैंने बाइक को रोक दिया. और वो बाइक से उतर गई. पर उतरते उतरते उसने मेरे से मोबाइल नम्बर ले लिया और बोली की मैं आप को कॉल करुँगी. मैंने कहा आप का जब भी मूड हो एक कॉल करना. और ये कह के मैं उसे देखने लगा. वो अपनी गांड मटकाती हुई जा रही थी और उसे देख के मेरे लंड में धक धक हो रही थी. मैं जानता था की इस आंटी की चुदास को मेरा दोस्त अच्छे से मिटा नहीं सका था क्यूंकि कुछ मिनटों में ही वो दोनों का काम हो गया था.

मुझे रात को लेट तक मोबाइल में देखने की आदत है. रात के साड़े बारह बजे हुए थे. और तब इस आंटी ने मुझे कॉल किया. थोड़ी इधर उधर की बातें करने के बाद उसने सीधे ही पूछा की क्या तुम मेरे को मिल सकते हो? मैंने कहा सिर्फ मिलना ही है? तो वो हंस के बोली, क्या हम सेक्स कर सकते है? मैंने ये सुनते ही कहा हां करते है चलो और मेरे दोस्त जितना छोटा वाला नहीं. वो हंस पड़ी और बोली, यार गलत बन्दा हाथ लगा, बातें बड़ी बड़ी थी और काम में कोई दम नहीं था. फिर मैंने आंटी को अगले दिन वही समय पर आने के लिए बोला

अगले दिन वो उसी समय आ गई मेरे प्लेस पर. पर आज उसने ब्ल्यू कलर की साडी पहनी हुई थी. और वो आज तो कल से भी एकदम ज्यादा सेक्सी और हॉट लग रही थी. और उसे ऐसे देखते ही मेरा मन उसको पकड के चोदने को हो गया था.

वो कमरे में बैठ कर अपने कपडे बिना कुछ कहे ही उतारने लगी. और मैंने भी उसे कपडे उतारने में उसकी मदद की. उसके पुरे नंगे होने के बाद मैं भी नंगा हो गया. और फिर मैंने उसे लम्बा बिस्तर पर लिटा कर पहले तो बहुत चूसा और फिर लंड को उसके मुहं में दे दिया. वो लंड चूसने में बड़ी मंजी हुई खिलाड़ी थी. एक दो मिनिट तक कस कस के लंड को चुस्ती थी. और फिर कुछ सेकंड के लिए वो लंड को बहार निकाल देती थी. ऐसा कर के वो मेक स्योर कर रही थी की मेरे लंड का पानी ना छूटे. फिर मैंने उसकी चूत को ऊँगली से हिलाया. और मैंने देखा की उसकी चूत में तो बहुत सब पानी आया हुआ था. वो चुदाई के लिए एकदम रेडी हो गई थी.

मैंने अपने गर्म लंड को आंटी की चूत पर लगाया. वो आह्ह कर उठी. मैंने उसे कंधे के पास से पकड़ा. उसकी गोरी चमड़ी के ऊपर हाथ का प्रेशर बनने से लाल निशान बने हुए थे. मैंने एक धक्का दिया और आंटी के मुहं से जोर का अह्ह्ह्हह निकल गया. मैंने निचे झुक के उसे किस किया और वो मुझे होंठो को एकदम लोक कर के चूसने लगी.

हम दोनों एक दुसरे की बाहों में लिपट गए. और मैंने जोर जोर से उसकी चुदाई कर ली. करीब 10-12 मिनिट तक मैंने उसे मिशनरी पोज में चोदा. और फिर मैंने आंटी को दिवार पकड़ा के खड़ा किया. अपने लंड को पहले चूत पर थोड़ा घिसा. औ फिर खड़े खड़े भी आंटी की चूत को 10 मिनिट और चोदा. वो भी गांड आगे पीछे कर के बड़ी ही मस्ती से चुदवा रही थी.

मेरा पानी निकलने को था. मैंने उस से पूछा तो उसने कहा की अंदर निकालोगे तो ही तो चुदाई का मज़ा आएगा मेरे को. मैंने उसकी कमर को पकड़ के एकदम कस कस के धक्के लगाए. और 2 मिनिट के बाद मेरे लंड का फव्वारा उसकी चूत के अन्दर छोड़ दिया. उसने चूत के मसल को एकदम कस लिया और सब पानी अंदर ही निकलवा लिया.

मैंने जैसे ही लंड को उसकी चूत से निकाला तो उसने उसे अपने मुहं में भर लिया और बची कुची हुई बूंदों को भी चाट के साफ़ कर दिया. कसम से बड़ा मजा आ गया आंटी को ऐसे चोदने में!

और फिर आंटी ने उसी दिन मेरे को बोल दिया की अब तुम्हारे दोस्त को बाय बाय करना पड़ेगा. उसे अब मेरे जैसा मजेदार लोडा मिल गया था फिर वो 10 मिनीट चोदने वाले को कैसे गले बांधती. अक्सर वो मेरे प्लेस पर आती है और अलग अलग पोज में चुदाई करवा के ही जाती है!

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