ईमेल से भाभी की चुदाई तक का सफर

यह बात जनुअरी १८ की हे. में अपना इमेल चेक कर रहा था. तभी मुझे एक मेल मिला, उसमे सिर्फ इतना लिखा था की किसी को तुमसे मिलना हे. ऐसे मेल ज्यादा तर लोग अपनी खुद की मेल से नही करते हे. तो मैने रिप्ले में अपना नंबर दिया और लिख दिया के भरोसे के साथ फोन करे, में जरुर मिलूँगा, ताकि जो भी है अच्छे से कोंटेक्ट कर सके..

२ दिन के बाद मेरे फोन पर एक मेसेज आया उसमें लिखा था कि मैंने आप की स्टोरी पढ़ी है इस पर. मैं आपसे मिलना चाहती हूं. मैंने कहा तो इसमें प्रॉब्लम क्या हे? मुझे रिप्लाई काफी देर से आ रहे थे, उन्होंने कहा में बहुत ही बड़ी फैमिली से हूं, बिना जाने में भरोसा नहीं कर सकती. वह एक भाभी थी, उनकी उमर ३५ साल थी और वह विदिशा मध्य प्रदेश की थी. फैमिली की प्रॉब्लम मै समझता था. तो मैंने उनसे कहा आप एक काम करो मेरे नंबर पर whatsapp करो, और आराम से अपना टाइम लो और जो पूछना चाहती हो पूछ सकती हो, ताकि मिलने में हूं कोई प्रॉब्लम ना हो. वह मान गई, अगले दिन से पहला मेसेज आया.

तब से उन्होंने अपनी सारी कंडीशन मुझे समझाई. उनके हस्बैंड एयरफोर्स में है.  ६ महीने हो गये उन्हें लास्ट टाइम आए हुए.

वहां पर घर पर वह काम के अलावा अकेले ही रहती है. काफी दुखी सा फील कर रही थी. फिर १५-२० दिन बाद जब हम आपस में काफी ओपन हुए तो हमने मिलने का प्लान बनाया. मिलने के लिए मैंने काफी सेक्युरिटी उन्हें दी. अपनी कार से उनकी बताई हुई जगह पर पहुंचा, वह दरवाजा बंद करके मेरी कार में बैठ गई.

फिर में विदिशा के बाहर कार ले गया. वहां हम करीब १५ मिनट रुके होंगे, की भाभी के पूरे इमोशन बाहर आने लगे. मैंने उन्हें हग किया फिर धीरे धीरे उसके माथे पर किस किया ताकि उनको अच्छा फिल हो सके. था फिर वह अभी तक मेरा कोई इंटेंशन नहीं था कुछ करने का. उन्होंने ही पहले किस करना शुरू किया, फिर हम बहुत देर तक किस करते रहे.

१० मिनट बाद उन्होंने पूछा क्या तुम यहां कर सकते हो? मुझे वह ठीक नहीं लगा तो मैंने उसे मना कर दिया. मैंने पूछा आप एक काम करो कल कैसे भी आराम से ४  घंटे का समय निकाल लो. मैं पूरी तयारी करता हूं. वह थोड़ी उदास हुई लेकिन मान गई. अगले दिन मेरे घर पर मैंने पूरी सिक्योरिटी वाली प्लानिंग की, घर पर मेरा भाई ही रहता हे दिन में तो मैने उसे कॉलेज भेज दिया.

फिर भाभी ने मुझे जो जगह बताई वहा से उन्हें मैने पिक किया और मेरे घर से कुछ दूर उन्हें उतार दिया. फिर पहले वह घर में अंदर आई, फिर मैं आया. मैंने लॉक ओपन किया और उन्हें अंदर कर के दरवाजे लोक कर दिया. मैंने उन्हें पानी दिया और बस..  मुझे पता ही नहीं चला कब वह मुझे किस करना शुरु कर दी. हम दोनों सोफे पे ही शुरू हो गए थे. मैंने उन्हें १५-२० मिनिट तक किस किया और हग किया. और उसे कुछ अच्छा फील हो रहा था.

भाभी थोड़ी स्लिम थी तो मैने रोमांटिकली उसे अपने हाथों में उठाया और और अंदर बेड पर ले गया. वहां मैंने धीरे धीरे उनके कपड़े निकाले, पैंटी अभी छोड़ दी. फिर उन्होंने मेरी टी शर्ट उतार दी, जींस टाईट थी तो मैने ही निकाली. फिर हम फिर से किस करना शुरू कर दिए. मैने उनकी बोडी के किसी भी पार्ट को नहीं छोड़ा सब जगह पर किस किया.

उसके बाद वह बहुत गरम हो गई थी. तब मैंने उन्हें लेटाया, बगल में ड्रावर से कंडोम निकाला और बस अंडरवेअर नीचे की, और धीरे से डाल दिया, भाभी की चूत ज्यादा टाइट तो नहीं थी लेकिन मेरा हथियार मोटा होने की वजह से उन्हें बहुत मजा आ रहा था.

पहले मैंने उन्हें नीचे लेटा के शॉट्स दिया, सेक्स करते टाइम भाभी के बाल जब खुले थे, वह इतनी ज्यादा सुंदर लग रही थी कि मैं बीच में रुक रुक कर उन्हें बहुत ही प्यार से किस कर रहा था. सच तो यह है कि मैं कभी ऐसी सुंदर भाभी या किसी भी औरत को किसी भी तरह से तड़पता नहीं देख सकता था.

उनके चेहरे पर संतुष्टि इतनी साफ दिख रही थी मुझे पूरी शांति उसी में मिल जाती है. मैंने उन्हें फिर अपने ऊपर किया, वह मेरे लंड पर बैठकर जम्प करती हुई चुद रही थी, और फिर मैंने उन्हें उल्टा करके उनके नीचे तकिए लगाए, और चोदा.  कुछ पोजीशन भाभी ने भी चेंज की. मैं तो बस में उन्हें हर अपने कोशिश कर के से खुश कर रहा था. 30 मिनट के पहले सेशन के बाद हमने १० मिनट आराम किया.

थोड़ा और सेक्सी फीलिंग करने के लिए मैंने भाभी को १० मिनट तक ऐसे ही बिना कपड़ों के पूरा कर घुमाया, पहले पीछे की बालकनी में हमने साथ में फोटो लिए, सिर्फ देखने के लिए और वह तुरंत डिलीट भी कर दिए. फिर मिरर के सामने एक दूसरे को किस किया वह बहुत ही अच्छी किस थी. और किचन में प्लेटफार्म पर बैठा के उनकी चूत चाटी. ये कहानी आप हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कम पर एन्जॉय कर रहे हो. हम फिर से तैयार थे, और अगले 3 घंटों में 3 बार और चोदा. लास्ट सेशन तक दोनों की हालत खराब हो गई थी. भाभी तैयार हो गई, काफी खुश थी, उन्होंने कहा कि वह खुद घर चली जाएगी. मैंने उनसे कहा, आप जब भी अकेला फिल करें मुझे याद कर लिया करो.

एक बार तो यह हुआ कि भाभी  के घर से सारे लोग भोपाल गए हुए थे, तो रात में वह अकेली थी अपनी छोटी बेटी की साथ, तो मैं अपने घर से बहाना बनाकर उनके घर रुका, वह रात उनके लिए जन्नत की रात थी. रात ११ बजे से सुबह ६ बजे तक, ४ बार चुदाई की और पूरी रात हमने एक दूसरे के साथ बहुत मजे किए, हमने चार पांच बार और सेक्स किया होगा.

गजब की बात तो तब थी जब भाभी ने मेरे लिए उनकी एक फ्रेंड को लेकर आइ एक दिन, और उनकी वह फ्रेंड मेरे स्कूल की मेरी सेक्सी टीचर थी. उन मैडम पर पूरा स्कूल जान देता था. उनके बारे में अगली कहानी में बताऊंगा.

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