हॉट सेक्सी बदन मौसी ने दी सेक्स करने की ट्रेनिंग

हॉट सेक्सी बदन मौसी ने दी सेक्स करने की ट्रेनिंग,, हाय फ्रेंड्स मेरा नाम रेहान है। मै जयपुर में रहता हूँ। मै अपने मौसी के घर ही रहता हूँ। मै जब 12 साल का था तभी से मौसी के यहाँ रहता हूँ। मेरी उम्र अब 20 साल हैं। मेरे मौसा बाहर रहते हैं। मै उनके घर का सारा काम करता था। मेरा घर एक गांव में था। जहाँ स्कूल कॉलेज की कोई व्यस्था नहीं थी। इसीलिए मेरी मौसी मेरे को अपने घर ले आयी थी। मै इस समय बी कॉम कर रहा हूँ। मेरी मौसी का केवल एक ही लड़का है। वो बाहर पढता है। वो मेरे से 5 साल का बड़ा है। मैसी की उम्र तो ज्यादा थी लेकिन फिर भी वो मस्त माल दिखती थी। फिगर उनका आज भी बड़ा बॉम्ब लगता है। मौसी ने मेरे को बहोत प्यार से अपने घर में रखा था। ये बात 2 साल पहले की है जब मै इंटर में पढता था।

उस समय लड़को ने मेरे को सेक्स के बारे में बताया था। हर दिन क्लास ख़त्म होते ही 1 घंटा हम लोग ब्लू फिल्म देखते थे। मै मुठ भी कभी कभी मार लेता था। मेरे मन में भी गंदे विचार आने लगे। मै चूत के लिए तड़प रहा था। चोदना तो बहोत दूर अभी तक मैंने चूत देखी भी नहीं थी। लड़कियों को मैं ज्यादा देर तक ताड़ नहीं पता था। मेरे साथ के सारे लड़को की एक दो गर्लफ्रेंड जरूर रहती थीं। बस एक मै ही अभी तक पूरी तरह से कुँवारा लड़का था। रात में अक्सर मै ब्लू फिल्म की चुदाई वाला सीन याद करके झड़ जाता था। मेरा कपड़ा मौसी ही धुलती थी। एक दिन मैसी ने कपडे को धुलते वक्त मेरे कपडे को बड़े ही ध्यान से देख रही थी। उस पर मेरे लंड के माल का बड़ा सा धब्बा टाइप का दाग बना था। मौसी ने पहले उसे सूँघा और पता नहीं क्या करने बाथरूम में लेकर चली गयी। कुछ देर बाद बाहर आई। मेरे को धब्बे के बारे में पहले से ही पता था। मौसी को मै बैठे बैठे देख रहा था। यही हाल दूसरे दिन भी हुआ। मैसी ने इस बार मेरे को बुला लिया। मै मौसी के पास बॉथरूम में गया तो मेरे को दाग के बारे में बताने लगी।

मौसी: मै तुम्हारा पैजामा रोज साफ़ करती हूँ। लेकिन जब भी दुबारा धुलने के लिए लाती हूँ तो ये दाग फिर से कैसे आ जाता है।
मै: मौसी मेरे को नहीं पता। मै भी सुबह सुबह उठता हूँ तो देखता हूँ। रात में कोई दाग नहीं रहता बस सुबह पता नहीं कैसे लग जाता है।
मौसी: कही तुम कुछ गलत काम तो रात में नहीं करते हो?
मै: गलत काम क्या होता है मौसी??
मौसी: शर्म करके कहने लगी। अच्छा तुम जाओ मै इसका इलाज ढूंढती हूँ।
मै: ठीक है!!

मौसी को सब पता चल गया था। लेकिन मेरे को तो भोला भला बनने का नाटक करना था। मौसी क्या उपचार करेंगी सोच के मेरा पूरा दिन निकल गया। मै शाम को घर पर बैठा था। हर दिन की तरह आज भी मौसी और हम चाय पी रहे थे। मौसी की नजर आज कुछ अलग लग रही थी। रात को सोने से पहले बाथरूम में गयी और फ्रेश होकर लेटने आ गयी। मै उनके साथ नहीं सोता था। उस दिन उन्होंने मेरे को अपने बिस्तर पर लेटने को कहा। मेरे को भी पता था आज ये मेरा स्वप्नदोष का इलाज करने वाली थी। मै जल्दी ही उनके बिस्तर पर आकर लेट गया। मौसी के संपर्क में आते ही मेरा लंड खड़ा होने लगा। मौसी ने मेरे को देखा और सो जाने को कहा। खुद भी वो सोने का नाटक करने लगी।

मेरे को लग रहा था आज वो कुछ करने वाली है। रात में करीब 11 बजे मौसी उठी मेरी तरफ देखा तो उन्हें लगा मै सो रहा हूँ। वो मेरे पैजामे का नाडा खोलने लगी। अंडरबियर के साथ ही वो मेरा पैजामा भी खींचकर निकाल कर घुटनों पर कर दिया। मेरा लंड तो पहले से ही खड़ा होकर कठोर हो चुका था। मौसी का हाथ लगते ही उसमे बिजली दौड़ गयी। मेरी लंड खुद ही लहराने लगा। मौसी ने अपने हाथों से मेरे लंड को पकड़कर हिलाने लगी। वो जोर जोर से मेरा लंड ऊपर नीचे कर रही थी। मेरे को पसीना आने लगा। मै सोने का नाटक करता रहा। वो मेरे लंड को ही ताड़ रही थी। मेरा लंड बड़ा होकर लगभग 7 इंच का हो गया। मेरा लंड हिलाते हिलाते अचानक मौसी ने अपनी सलवार में हाथ घुसा ली। उसके बाद मेरे को उनकी चूत के सामने कुछ उछल कूद करता हुआ लगने लगा। वो अपनी चूत में उंगली कर रही थी। मैंने अपनी आँखे खोल दी। मैसी चौंक गयी। वो मेरे लंड को छोड़ दी। अपनी सलवार से हाथ को निकालकर उन्होंने मेरे को बहोत ही घूर कर देखने लगी।
मै: मौसी क्या कर रही हो?
मौसी: तू सो गया तो मेरे को याद आया था। तो सोचा तुझे जगाये बिना ही तेरा इलाज कर दूँ!
मै: तो बंद क्यों कर दिया?
मौसी: ठीक है करती हूँ। अब तुम जाग ही गये हो तो जैसा मै कहूंगी वैसा ही करना।
मै: ठीक है मौसी!

मौसी ने मेरे लंड को हिलाना फिर से स्टार्ट किया। जोर जोर से मेरे लंड को हिला कर उन्होंने मेरा माल निकलवा देने की स्थिति में कर दिया।
मै: मौसी मेरे लंड से कुछ निकलने वाला लगता है।
वो अपना मुह मेरे लंड पर अपना मुह लगाकर सारा माल पी गयी।
मै: मौसी उपचार पूरा हो गया क्या??
मौसी: नहीं अभी तो तुम्हे और कुछ सिखाती हूँ?? तुझे चुदाई करनी आती है?
मै: नहीं अभी तक मैंने नहीं की है।
मौसी: चल आज तेरे को मैं सिखाती हूँ।

मौसी ने मेरे से कपडे को निकालने को बोली। मै कपडे निकाल कर नंगा हो गया। उस दिन उन्होंने काले रंग की साडी पहनी हुई थी। सारा का सारा कपडा काला ही था। पैंटी ब्रा पेटीकोट सब कुछ काला था। उनके गोरे बदन पर ये सब अच्छा भी लग रहा था। वो भी अपना एक एक करके सारा कपड़ा निकाल दी। मेरा लंड तो उनको पैंटी ब्रा में देखकर फिर से खड़ा होने लगा। मौसी बहोत हॉट सेक्सी लग रही थी। मेरा लंड तो उन्हें देख देख कर बेकाबू होने लगा। मौसी ने पहले मेरे को किस करना सिखाया। वो मेरे होंठ को अपने होंठ से पकड़ कर खींचते हुए चूसने लगी। मेरे को बड़ा अजीब लग रहा था। मौसी की तरह मैने भी करना शुरू कर दिया।

वो मेरे होंठ को जितना ही जोर से चूसती उतनी ही तेजी से मै उनका साथ भी दे रहा था। मेरे को बहोत ही मजा आ रहा था। अचानक मौसी के साथ साथ मेरी सांस भी तेज होने लगी। मौसी की तेज साँसे सिसकारियों में बदलने लगी। वो धीरे धीरे से “…..ही ही ही……अ अ अ अ उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ…” की सिसकारी भरने लगी। मै भी उत्तेजित होने लगा। किस का कार्यक्रम ख़त्म हुआ। मौसी ने अपनी ब्रा को उतार दिया। मेरे को अपने दोनों लटकते हुए बड़े ढीले बूब्स को दबा दबा कर पीने को कहा। मैंने वैसा ही किया। उनकी दोनो बूब्स को हाथो में ले के एक एक करके पीने लगा। भूरे भूरे निप्पल को काट काट कर पी रहा था। मौसी मेरे को अपने चुच्चो में दबा रही थी।

अपना सिर इधर उधर पटक रही थी। मैं मौसी के दूध को पीने में बहोत ही मस्त हो गया। निप्पल को दांत से खींचते ही मौसी मेरे को कस कर दबाते हुए “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अ अ अ अ अ ….आहा …हा हा हा” की आवाज निकाल कर मेरे को मजा दे रही थी। मौसी ने कहा “अब मैं तुम्हे कुछ करके दिखाती हूँ”। वो बिस्तर से नीचे उतर कर आई। नीचे बैठकर वो मेरे लंड को हिलाने लगी। उनका मुह मेरे लंड के ठीक सामने था। वो अपने मुह में भर कर चूसने लगी। मेरे लंड को उन्होंने हिला कर चूस रही थी।

मेरा लंड लोहे की रॉड जैसा कठोर होता जा रहा था। वो बड़े ही मजे से रसमलाई की तरह चाट चाट कर चूस रही थी। मौसी के लंड चुसाई ने मेरे को बहोत ही ज्यादा जोश में ला दिया। मौसी ने खड़ी होकर अपनी पैंटी को निकाल दिया। बिस्तर पर बैठकर अपनी टाँगे फैला दी। मेरे को उनकी चूत का दर्शन हो गया। गोरी गोरी चिकनी चूत को देखकर मेरा लंड उछलने लगा।

मौसी: बेटा आज तुम मेरी चूत चाटो!
मै: ठीक है मौसी चाट रहा हूँ!

मैंने मौसी की चूत पर अपनी जीभ लगा दी। मै झुका हुआ था। वो मेरे गले पर अपना हाथ रखे हुए थी। मै हल्का हल्का सा जीभ उनकी चूत पर लगा कर चाट रहा था। मेरे को जोर से दबाकर अपनी चूत चटवा रही थी। मैंने पूरी जीभ लगा कर चाटना शुरू किया। मौसी की चूत के दाने को पकड़ कर खींचते हुए चूसना शुरू किया। मौसी के मुह से “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की आवाज निकल रही थी। मेरे को चूत पीने में बड़ा मजा आया। वो लगभग मेरे से अपनी चूत को 10 मिनट तक चटवाया। मैंने भी खूब मजे लिए। मौसी ने में मेरे को लंड को छेद में घुसाने को कहा। मै अपना लंड मुठियाते हुए उनकी चूत के छेद पर रख दिया। एक ही झटके में मौसी की चूत में पूरा लंड घुस गया।

मौसी की चूत कुछ ज्यादा टाइट नहीं थी। लेकिन काफी दिनों से न चुदने के कारण उनकी चूत कुछ टाइट लग रही थी। मै आगे पीछे होकर चोदने लगा। वो जोर जोर से “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ…. अअअअअ….आहा …हा हा हा” की आवाज निकालने लगी। मौसी की इस आवाज को सुनकर मैं और भी उत्तेजित होने लगा। मौसी की चूत की खुजली मिटाने के लिए मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी। उनकी चूत सारी स्पीड सह रही थी। मेरे 7 इंच का लंड जड़ तक घुसकर मौसी को मजा दे रहा था। मौसी अपनी टांग उठाये मेरे से लपा लप अपनी चूत चुदा रही थी। मै अपनी कमर हिला कर चोदता और मौसी अपनी गांड उठा कर चुदवा रही थी।

मौसी की चूत से आवाज निकल रही थी। वो मेरे गांड पर हाथ मार मार कर चुदवा रही थी। वो जोर जोर से और चोदो! जल्दो करो! चो.. दो! और तेज फाड़ डालो मेरी चूत इसका भरता लगा डालो। फाड़ो! और जल्दी करो! यही सब कहकर मौसी मेरे से काम लगवाए हुयी थी। मैं भी जितना कर सकता था उससे भी कही तेज उनकी चुदाई कर रहा था। मैं भी उस समय नया नया जवान लड़का था। कमर को जल्दी जल्दी उठाकर चोदने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा था मौसी की चूत भी धुकधुकाने लगी। वो अपने हाथों से चूत की मालिश करनी शुरू कर दी। मालिश के साथ साथ वो “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अ ई…अ ई…..” की आवाज भी निकाल रही थी।

मौसी ने पोजीशन बदला अब वो मेरे को लिटा कर मेरे लंड की सवारी कर ली। मेरे लंड पर बैठकर पूरा लंड अपनी चूत में घुसा ली। मेरा पूरा लंड उनकी चूत में घुसा हुआ था। वो जोर जोर से ऊपर नीचे होकर चुदने लगी। वो जब भी ऊपर नीचे होती। उनकी दोनों बूब्स उछलने लगते थे। मौसी ने मेरे को बहुत ही उत्तेजित कर रखा था। मैसी की चूत में कुछ दम ही नहीं बचा था। बड़ी आसानी से लंड अंदर बाहर हो रहा था। मैंने मौसी की चूत में अपना लंड उठा उठा के पेलना शुरू किया। अब स्पीड कुछ ज्यादा ही हो गयी थी। चुदने की आवाज पूरे कमरे में गूँज रही थी। ऊपर से मौसी और भी ज्यादा जोर जोर से “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की शोर मचाये हुए थी।

मैं झड़ने की अवस्था में पहुच गया। मौसी की चूत में ही अपना माल गिराना शुरू किया। मौसी समझ गयी मै झड़ रहा हूँ। उन्होंने चुदाई रोक दी। कुछ देर बाद अपनी चूत को मेरे लंड से दूर किया। उनकी चूत से तेजी से मेरा माल निकलने लगा। मौसी की चूत का वो नजारा मेरे को बहोत अच्छा लग रहा था। मौसी उस सफ़ेद गाढ़े माल को उंगलियों में लगाकर चाट रही थी। मैंने उस दिन खूब मजा लिया। आज भी मै मौसी को चोद कर उनको मजा देता हूँ। मौसी को मैं अपनी बीबी की तरह रखता हूँ। वो भी मेरे लंड से मौक़ा पाते ही खेल लिया करती हैं। आपको स्टोरी कैसी लगी मेरे को जरुर बताना और सभी फ्रेंड्स नई नई स्टोरीज Hindipornstories.com पर पढ़ते रहना. आप स्टोरी को शेयर भी करना.