जानवी भाभी की चूत मारी

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मेरा नाम केविन है, आज मैं २८ साल का सिंगल मर्द हु, आज आपसे मेरी पहली चुदाई की कहानी बताने जा रहा हूं.

बात आज से १० साल पहले की है जब मैं १८ साल का था, स्टडी के लिए मैं अहमदाबाद गया, वहां पर मैंने रहने के लिए एक फ्लैट भाड़े पर लिया. वहा पर मेरी मुलाकात जिगर नाम के आदमी से हुई जो मेरे फ्लैट के बिल्कुल सामने के फ्लैट में रहता था. वह शादीशुदा था उनकी वाइफ जानवी और वह अकेले वहां रहते थे. जानवी भाभी थोड़ी शर्मीली थी इसलिए भाभी मुझसे बात नहीं करती थी, लेकिन उसका पति जिगर थोड़े दिनों में मेरा बहुत अच्छा दोस्त बन गया था.

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एक महीने के बाद एक दिन मैंने और जिगर ने मूवी देखने का और डिनर करने का प्लान बनाया तो प्लान के मुताबिक हमलोग यानी में और जिगर और जानवी भाभी तीनों लोग मूवी देखने गए, मूवी देखते-देखते में बार-बार जानवी भाभी को किसी ना किसी तरीके से देखता था, वह उस दिन गुलाबी रंग की ड्रेस में बहुत खूबसूरत लग रही थी. उसके गुलाबी रंग के गाल की चमक रहे थे, वह मूवी पूरी होने के बाद हम लोग डिनर पर गए.

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वहां हमने खाना खाया और जिगर और मैं ऐसे ही बात कर रहे थे, पर जानवी भाभी चुपचाप बैठी बैठी हमारी बातें सुनती थी. वह बार बार मेरे सामने देखती थी पर जैसे ही मैं उसको देखता वह अपनी नजरें झुका लेती थी.

जिगर जॉब करता था और जानवी भाभी हाउसवाइफ थी, तो जिगर पर सुबह के १० बजे टिफिन लेकर जॉब पर चला जाता था और शाम को बजे जॉब से वापस आता था. मेरी कॉलेज का टाइम सुबह से दोपहर १२ बजे तक का था, तो दोपहर को १२:३० बजे घर आ जाता था और जानवी भाभी १० से बजे के बीच में घर पर अकेली ही रहती थी.

एक दिन मैंने उस मौके का फायदा उठाते हुए जानवी भाभी के घर गया. तब शायद दोपहर के बजे थे, मैंने घर का बेल बजाया और भाभी ने घर का दरवाजा खोला और मैंने जानवी भाभी को देखा. वह पीले रंग की टी-शर्ट पहनी हुई थी, जिसमें उसके बूब्स भी साफ साफ नजर आ रहे थे. उसके बोबे देखता रहा पर इतने में भाभी ने पूछा कुछ काम है आपको? मैंने जानवी भाभी को कहा मैं घर पर अकेला हूं और बोर हो रहा हूं, मेरे घर पर टीवी नहीं है तो क्या टाइम पास के लिए थोड़ी देर आपके घर पर टीवी देख सकता हूं? अगर आपको कोई प्रॉब्लम ना हो तो..

और भाभी ने थोड़ी देर सोच कर जवाब दिया मैं घर पर अकेली हूं जिगर ऑफिस गया है मुझे अजीब लगेगा कि तुम और मैं घर में अकेले होंगे और अगर जिगर आ गया तो बहुत बुरा होगा, मैं बोला कोई बात नहीं अगर आपको कंफर्टेबल फील नहीं हो रहा तो मुझे नहीं देखना टीवी.  ऐसे बोल कर मैं सीधा अपने घर आ गया और भाभी भी अपने घर चली गई.

एक दिन मैं अपने घर में बैठा था तब दोपहर का एक बजा था उसी वक्त मेरे घर का बेल बजा और मैंने दरवाजा खोला तो देखा कि जानवी भाभी थी. फिर से वही नशा मेरे दिल में चढ़ गया जी भरकर जानवि भाभी को देखु. क्योंकि उस दिन भी वह बहुत खूबसूरत लग रही थी, भाभी बोली मेरे घर की लाइट चली गई है. क्या आपके घर में लाइट है? मैंने चेक किया तो पता चला मेरे घर में तो लाइट थी.

फिर मैं उसके घर में गया और लाइट को चेक करने लगा, तो पता चला कि किसी बिजली के झटके के कारण घर की लाइट की मेन स्विच ऑफ हो गया है. लाइट क्यों गई थी उसका पता मुझे चल गया था लेकिन मुझे लगा जब भाभी घर पर अकेली ही है तो ऐसे ही थोड़ा टाइम पास कर के उसके घर में रहना चाहिए.

थोड़ी देर ऐसे ही मैं लाइट को चेक कर रहा था तो जानवी भाभी किचन में जाकर उसका काम करने लगी तो मैं उसको किचन में जांक कर देख रहा था वह बार-बार अपने बालों को सहला रही थी, और काम भी कर रही थी. वह बहुत ही खूबसूरत लग रही थी, पर जब भी उसको देखता था तब वह पता नहीं क्यों पर कुछ परेशान सी रहती थी.

कुछ देर बाद मैंने मैन स्विच शुरू कर दिया और कहा लाइट आ गई है, उसने मुझे थैंक्यू कहा. तो मैंने कहा कि उसमें थैंक्यू क्या, आपका घर वह मेरा भी तो घर है. अभी नो प्रॉब्लम आगे से कोई भी प्रॉब्लम हो तो मुझे बुला लेना.

फिर क्या था थोड़े थोड़े दिनों में मैं कुछ भी बहाना करके जाननी भाभी के साथ बातें करता था. वह भी अब मेरी बहुत अच्छी दोस्त बन गई थी. हमारी फ्रेंडशिप लगभग एक साल तक चली, जब जिगर ऑफिस रहता था तब मैं और जानवी भाभी उसके घर पर गप्पे लड़ाते और कुछ ना कुछ बातें करते रहते थे.

जानवी भाभी मेरे साथ बहुत खुश रहती थी, हम एक दूसरे के बहुत करीब आने लगे थे. एक दिन बातों बातों में भाभी ने बोल दिया कि जिगर एक गे लड़का है और वह किसी और लड़कों के साथ रिश्ता रखता है, मैंने यह बात सुनते ही होश उड़ गए, मैंने भाभी से कहा आपकी गलतफहमी होगी. जिगर ऐसा तो मुझे नहीं लगता, फिर भाभी ने शुरू से सारी बात बताई की कब उसकी शादी हुई थी और कब उसको यह सब बातों का पता चला था.

मेरे जीवन में मर्द का सुख नहीं है शादी के ३  साल हो गए हैं लेकिन कभी भी मुझे ठीक से मर्द का सुख नहीं मिला. मैंने मौका उठाते हुए कहा कि भाभी जो भी बात हो मुझे खुलकर कहिए. मैं आपका बेस्ट फ्रेंड हूं, मुझसे कुछ भी नहीं छुपाये. उसने बताया कि जब रात को हम लोग सेक्स करते हैं तब वह मुझे अपना लंड मुह में देते हैं, जो बिल्कुल छोटा सा है. मुझे उसका लंड मुह में लेने में कोई प्रॉब्लम नहीं है, पर फिर जब सेक्स की बारी आती है तब वह सिर्फ और सिर्फ मेरी गांड मारते हैं, जब मैं उसको बोलू कि मेरी चूत में भी अपना लंड डालो ना, तो वह बोलते हैं कि मुझे गांड मारना ही अच्छा लगता है.

बस उस से ही मैं परेशान हूं, मुझे कभी भी ठीक से चूत मरवाने का सुख मिला, फिर वह मेरी गांड मार कर सो जाते हैं और मैं अपनी उंगली से चूत मार लेती हूं.

उस बात का फायदा उठाते हुए मैंने कहा मुझे भी बहुत मन होता है चूत मारने का. पर कभी भी कोई लड़की मिली ही नहीं. मेरा लंड तो इंच का लंबा है. पर मैं भी अपने ही हाथों से ही अपने लंड को हिला लेता हूं. यह बात सुनते ही भाभी मेरे लंड की ओर देखने लगी और बोली क्या तुम्हारा सच में इंच लंबा है? मैंने कहा हां जानवी भाभी सच में..

भाभी मेरे लंड की ओर देखने लगी फिर धीरे-धीरे मैं उसके पास गया और उसके गाल और बालों को सहलाने लगा. मैंने देखा कि जानवी भाभी बहुत ही गर्म हो गई थी.

में – भाभी क्या मैं आपको मर्द का सुख दे सकता हूं.

जानवी भाभी थोड़ी शर्माते हुए पर मैं एक शादीशुदा औरत हूं अगर मेरे पति को यह सब पता चल गया तो वह मुझे घर से बाहर निकाल देंगे.

मैं – आपको विश्वास दिलाता हूं कि यह बातें आपके पति जिगर को कभी पता नहीं चलेगी.

जानवी भाभी – पर मैं मैं मेरे पति को बहुत प्यार करती हूं भले ही वह एक गे मर्द हो फिर भी मैं उसको बहुत प्यार करती हूं.

मैं – हां, मैं जानता हूं भाभी. आप उसको पत्नी का सुख दो और प्यार करो पर जब वह घर पर ना हो तब मैं आपको एक मर्द का सुख दूंगा. इस से ना ही आप आपके पति से दूर होगी और आप उसको प्यार करते रहना, मैं आपको मर्द का सुख दूंगा. यह बात किसी को पता भी नहीं चलेगी आई प्रॉमिस भाभी.

भाभी – ठीक है

मैं – क्या मैं आपको अभी मर्द का सुख दे सकता हूं?

जानवी भाभी – अभी, इस वक्त??

मैं – हां, अभी इसी वक्त.. जिगर ऑफिस में है तो यह सही मौका है हम दोनों को फायदा उठाना चाहिए.

जानवी भाभी – मुझे बहुत शर्म आ रही है.

मैं – कोई बात नहीं भाभी आप बस मुझे आपका शरीर दे दीजिए. मैं आपको मर्द का परम सुख दे दूंगा. आपको कुछ भी करने की जरूरत नहीं.

जानवी भाभी – ठीक हे.

मेने उनको अपने गले लगा लिया धीरे-धीरे उसके गुलाबी गाल को चूमने लगा फिर उसके होठों को भी किस करने लगा वह भी धीरे-धीरे मेरे प्यार में आ रही थी वह भी मुझे बहुत ही अच्छा सपोर्ट कर रही थी.

मैं उसका कुर्ता निकाल दिया अंदर भाभी ने ब्लैक कलर की ब्रा पहनी हुई थी, और उसके बड़े बड़े बोबे मैंने उसको अपने हाथों में लिया और दबाने लगा. फिर उसके काले रंग की ब्रा को मैंने निकाल दिया. उसके बूबे की निप्पल को अपने मुंह में लेकर मस्ती करने लगा, भाभी मुंह से आह यी ह उऔ उही अहह उह ओओं हह  हाय ययय आवाज निकाल रही थी.

फिर मैंने उसका पजामा उतार दिया ब्लैक कलर की निक्कर पहनी हुई थी, मैंने काले रंग की चड्डी को उतार दिया. फिर मैंने देखा कि भाभी की चूत बहुत ही चिकनी हो रही थी मैंने जानवी भाभी को बेड पर लेटा दिया फिर अपना पेंट उतर दिया और जैसे ही मैंने अपनी अंडरवियर निकाली भाभी ने मेरा ९ इंच लंबा लंड देखा और खुश हो गई.

मैं – जानवी भाभी क्या आप मेरा लंड मुंह में लेगी? मुझे बहुत अच्छा लगेगा.

जानवी भाभी – ठीक है लेकिन पहले तुम बेडरूम का दरवाजा बंद कर दो.

मैंने बेडरूम का दरवाजा बंद किया और भाभी ने मेरा लंड हाथ में ले लिया और सहलाने लगी. थोड़ी देर हाथों से हिलाने के बाद मैंने भाभी से कहा आप प्लीज मेरा लंड मुह में ले लो, मुझसे रहा नहीं जाता फिर भाभी ने मेरा लंड मुंह में ले लिया.

लगभग १० मिनट तक लंड मुंह में लेने के बाद मैंने भाभी को बोला अब मुझे आपकी चूत मारने दो, अब मुझसे रहा नहीं जा रहा. पर भाभी मेरा लंड अपने मुंह से निकलने को तैयार ही नहीं हो रही थी, मैंने कहा कि अब तो मुझे आप की चूदाई करने दो वह बोली नहीं मुझे थोड़ी देर और लंड को चूसने दो.

और १० मिनट लंड को चूसने के बाद मैंने भाभी को बेड पर अच्छे से लेटा दिया. फिर उसको दोनों पैरों को ऊंचा किया और मेरा लंड उसकी चिकनी चूत पर रखा. तो भाभी बोली अब मुझसे रहा नहीं जा रहा, प्लीज डाल दो तुम्हारा लंड.. मेरी चूत ने बहुत साल इंतजार किया है इस पल का.. अब रहा नहीं जा रहा. मैंने धीरे धीरे लंड को उसकी टाइट चूत में डालने लगा और झटके से पूरा ९ इंच का लंड उनकी चूत में डाल दिया. भाभी ने आह उऔ उइह उऔउ  आवाज निकाली, उसकी यह मीठी आवाज सुनते ही मैंने जोर जोर से चूदाई करना शुरु कर दिया, भाभी और जोर से चोदो और जोर से चोदो मुझे कह रही थी, थोड़ी देर में मैंने अपना पानी उसकी चूत में छोड़ दिया, और भाभी को अपनी बाहों में लेकर किस करने लगा.

फिर क्या था हम दोनों ऐसे ही ३० मिनट तक एक दूसरे को किस करते रहे और मेरा लंड उसकी चूत को सहलाता रहा.

जानवी भाभी – आज तो मैं बहुत खुश हूं.

मैं – हां मुझे भी बहुत मजा आया. आप बहुत खूबसूरत हो और आपकी टाइट चिकनी चूत ने तो मेरा दिल ही जीत लिया भाभी..

उस समय शाम के ६ बज गए और वह झटके से बोली.

जानवी भाभी – अरे पागल अब उठ और कपड़े पहन ले, अभी मेरा पति आ रहा होगा तुझे देख लेगा तो बड़ा लफड़ा हो जाएगा भाग जल्दी से तेरे घर.

मेने जल्दी जल्दी कपड़े पहन लिए और मेरे घर में चला गया..

दूसरे दिन जिगर ऑफिस गया तो मैं चुपके से उसके घर में गया जैसे ही घर में गया जानवी भाभी ने मुझे अपनी बाहों में ले लिया और बोली आई लव यू.

मैंने भी कहा आई लव यू टू और वचन दिया कि यह बातें में कभी जिगर को नहीं बताऊंगा.

और साथ में यह भी कहा कि तुम रात को जिगर के साथ गांड मरवा लेना. मैं दिन में आकर तुम्हारी चूत मारूंगा.

फिर हर रोज चूदाई करता था, हम लोग लगभग पूरे ३ साल तक एक दूसरे के साथ सेक्स करते रहे फिर मेरी स्टडी पूरी हो गयी और मैं भावनगर चला आया.

आज भी मैं और जानवी कभी कभी कभी उसके पति के घर अकेले में मिलकर सेक्स कर लेते हैं. आज लगभग उस बात को १० साल हो गया है और हम दोनों आज भी एक दूसरे को बहुत प्यार करते हैं..

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