18 साल की काजल ने लंड चूसा तेल मालिश दे के

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हाई दोस्तों मेरा नाम प्रेम है और मैं पेशे से एक कंप्यूटर टीचर हूँ. मैं कसौली की एक प्राइवेट स्कुल में 10 से ले के 12 तक के स्टूडेंट को कंप्यूटर सिखाता हूँ. दोस्तों मैं आप लोगों को बता दूँ की ये मेरी पहली स्टोरी है. मुझे उम्मीद है की आप मेरी इस सेक्स कहानी को पसंद करेंगे.

मेरी उम्र उस वक्त 23 साल की थी और मैं काफी हेंडसम था. मेरी दसवीं की क्लास काफी अच्छी थी. क्लास में 17 लड़के और 9 लडकियां थी. सारे के सारे बच्चे बहोत ही अच्छे थे. सब के सब पढने में आगे थे और खेलने में भी. और क्लास में एक काजल नाम की लड़की भी थी.

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काजल एक पैसेवाली रिच फेमली से थी. वो बहुत ही सेक्सी और सुन्दर लगती थी. मैं अपने सब स्टूडेंट को एक स्टूडेंट की नजर से ही देखता था. पर जब से उसे देखा था तब से मेरी सोच ही जैसे की बदल सी गई थी. मुझे वो बहोत ही पसंद आ गई थी. उसकी उम्र 18 साल की थी और उसके फिगर की तो मैं क्या बात ही करूँ आप लोगो से!

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आप का लंड उसकी बात करने से ही खड़ा हो जाएगा! उसका फिगर इस छोटी सी उम्र में भी 32 28 36 का था. मतलब की उसकी गांड 36 इंच की थी और बूब्स 32 इंच के. आप अब खुद ही अंदाजा लगा लो की कितनी कमाल की आइटम होगी काजल. इतनी सी उम्र में उसने मेरे लंड में आग लगा रखी थी. जिस दिन मेरा उसे देख के ज्यादा मूड ख़राब हो जाता था उस दिन मैं बाथरूम में जा क्र उसके नाम की मुठ मार लेता था.

तब जाकर मैं और मेरा लंड शांत होते थे. मुझे उस से कही न कही प्यार सा हो गाया था. जब भी स्कुल में कोई फंक्शन होता था तो वो एक परी बनकर आती थी. सारे स्कुल की लडकियां और टीचर्स एक साइड और वो अकेली एक साइड ऐसी लगती थी. सच में दोस्तों एक कमाल की परी जैसी लड़की थी. उसको चोदने में हमारे स्कुल के बाकी टीचर्स भी इरादा रखते थे.

उनमे से मैं भी एक था जो की उसकी मस्त गांड के पीछे पीछे लगा हुआ था. काजल सेक्सी होने के साथ साथ स्टडी में भी काफी अच्छी थी. उसे कंप्यूटरस में कफी इंटरेस्ट था. इसलिए वो मुझसे हाफ टाइम में भी कंप्यूटर सीखती रहती थी. और इसी बहाने से मुझे उसके कोमल और गोरे गोरे हाथो को छूने का मौका मिल जाता था.

मैंने उसे अपने रिस्क पर कंप्यूटर हाफ टाइम में भी यूज करने की परमिशन दे दी थी. एक दिन हर रोज की तरह सारे बच्चे बहार खेल रहे थे. और काजल अकेली कंप्यूटर रूम में बैठी हुई थी. जब मैं अन्दर आया तो मैंने देखा की काजल कंप्यूटर पर एक पोर्न साईट खोल कर उस पर एक पोर्न मूवी देख रही थी.

मुझे देखते ही वो डर गई और मैं बहोत गुस्से में उसे बोला ये सब तुम क्या कर रही हो? तो वो बोली सर उसमे मेरी कोई भी गलती नहीं है जब मैं यहाँ आई थी ये सब पहले से ही चल रहा था. मैं तो इसे बस बंद ही कर रही थी.

मैं उसकी ये चाल अच्छे से समझ रहा था इसलिए मैं बोला देखो अब तुम ज्यादा स्मार्ट बनने की कोशिश मत करो मुझे सब कुछ सच सच बताओं वरना मैं ये सब तुम्हारे मम्मी पापा को बता दूंगा.

मेरी बात सुनकर आजल मेरे आगे रोने लगी. और वो मुझसे माफी मांगने लगी. पर मैं उसके मुहं से सिर्फ सच सुनना चाहता था. इसलिए अब उसके पास कोई और रास्ता नहीं था.

आखिर वो बोली, सर दरअसल ते साईट मैंने ही ओपन की थी क्यूंकि ये साईट मैं अपने घर लेपटोप पर देखती हूँ. ऐसा मैं इसलिए करती हूँ क्यूंकि मुझे योनी से बड़ी परेशानी हो रही है और ये सब देख कर मैं अपनी योनी को शांत कर लेती हूँ.

मैं: क्या तुमने कभी सेक्स नहीं किया है?

काजल: नहीं सर आज तक मैंने कभी भी सेक्स नहीं किया क्यूंकि मुझे कोई मिला ही नहीं अभी तक?

ये सुनकर मैंने सोचा की ये एक अच्छा मौका है मैं मौके पर चौका मारना चाहता था. मैंने कहा: ठीक हैं क्या तुम मेरे साथ सेक्स करोगी?

मैं अभी उस से ये बात पूछ ही रहा था की सारे स्टूडेंट वापस आ गए.  अब मेरा दिमाग पूरी तरह से ख़राब हो चूका था. इसलिए मैं बाथरूम में गया और मुठ मार के आया. उस दिन मई काजल से बात नहीं कर पाया.

शाम को मेरे फोन पर काजल की मम्मी का फोन आया. और उन्होंने मुझे कहा की क्या मैं काजल को ट्यूशन पढ़ा सकता हूँ? ये सुनकर मैं बहुत खुश हो गया इसलिए झट से हाँ कर दी. अब स्कुल के बाद काजल मेरे साथ मेरे घर पर आ जाती थी. और 5 बजे उसके पापा उसे अपे साथ घर ले जाते थे.

मेरे घर में मेरा छोटा भाई हर टाइम रहता था इसलिए मैं ज्यादा कुछ नहीं कर पा रहा था. मैं सिर्फ उसकी टांगो और बूब्स पर हाथ फेरता था. पर मेरा लंड तो उसे चोदने के लिए पागल सा होता हां रहा था. मेरे घर उस टाइम मम्मी भी होती थी. पर काजल फिर भी मुझे मौका देख कर अपने बूब्स दिखा देती थी.

अब मुझे और सबर नहीं हो रहा था. मैं हर रोज उसके नाम की मुठ मार कर सोता था. आखिर एक दिन मैं घर आया तो मेरे घर में कोई नहीं था. मेरे घर वाले किसी काम से बहार गए थे. मैंने सोच लिया था की आज तो कुछ करना ही करना है.

मेरा लंड पजामे में तम्बू बनाये हुए था. कुछ ही देर में काजल आ गई. मैंने उसे सोफे पर बिठाया और उसके लिए पानी लेकर आया. काजल की नजरें मेरे लंड पर ही थी.

काजल: मुझे लगता है की आप की तबियत कुछ ठीक नहीं है?

मैं: क्यूँ मुझे क्या हुआ है?

काजल” अरे मैं तो आप के लंड को देख कर कह रही हूँ.

मैं: हां इसका तो हाल खराब हैं तुमको देख के.

काजल: तो इसे शांत करने का कोई इलाज करो ना.

मैं: इसका इलाज तो एक मालिश ही है.

काजल: बस इतनी सी बात है चलो मैं कर देती हूँ. आप सोफे पर नंगे होकर लेट जाओ. मैं इसके लिए तेल लेकर आती हूँ.

उसके बाद मैं सोफे पर नंगा लेट गया. और काजल तेल लेकर आ गई. और उसने मेरे खड़े लंड पर ढेर सारा तेल लगाया और उसकी मालिश करने लगी.

काजल के कोमल और गोरे हाथो में लंड जाकर और भी पागल सा होने लगा था. वो बहोत ही मस्त ढंग से मेरे लंड की मालिश कर रही थी. मुझे सच में बहोत मजा आ रहा था. फिर अचानक उसने अपने गुलाबी होंठो से मेरे लंड के टोपे को ले लिया और उसे चूसने लग गई. मेरे मुहं से मस्ती से भरी अह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह्ह अह्ह्ह की अवाजें निकल रही थी.

मेरी दोनों आँखे बंद हो गई थी और कुछ ही देर में काजल मेरा लंड अपने मुहं में डालकर चूसने लग गई. उसकी चिकनी जबान के आगे इमरा लंड एकदम पिग्लने लगा था जैसे.

जब भी प्रीकम मेरे लंड से बहार आता था तो काजल उसे चाट के अपने गले के निचे उतार लेती थी. और फिर वो मेरे अंडकोष को भी दबाती थी. ये 18 साल की लड़की को लंड चूसने का इतना अच्छा अनुभव हो ऐसा सोचने में ही नहीं आ रहा था मेरे तो.

लेकिन मैं समझता था की इंग्लिश पोर्न मूवीज देख देख के ये लड़की किसी पोर्नस्टार के जैसे ही सेक्सी हो गई थी. कुछ देर में तो उसने मेरे पुरे लंड को अपने मुहं में ले लिया. वो डीपथ्रोट दे रही थी. और मेरे अंडे भी अपने हाथ से पकड के सहला रही थी.

बाप रे मेरी तो हालत एकदम खराब हो चुकी थी.

पांच मिनिट उसने ऐसे ही मेरे लंड को चूसा और फिर मैं उसे चोदने का मन बना ही रहा था की दरवाजे के खुलने की आवाज आई काजल ने जल्दी से तेल को छिपा लिया. मैंने भी कपडे पहन लिए. पता नहीं कहा से मेरा भाई वापस आ गया. और आज भी काजल को सिर्फ लोडा चूसा के ही मुझे सब बंद करना पड़ा!

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