कामवाली को चोदने का प्लान

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आज से कुछ महीनो पहले हमारी जो सालो से काम करती बूढी कामवाली थी वो मर गई. तो मेरी माँ ने एक नयी जवान कामवाली को काम पर रख लिया. इस नै कामवाली का नाम राधा था और वो बड़ी सेक्सी लगती थी. उसका बदन एकदम गदराया हुआ था. वैसे तो इंडिया से नहीं लेकिन नेपाल से थी. राधा की कमर सब से सेक्सी अंग था उसके बदन के अन्दर. उसके होंठो को देखो तो उन्के ऊपर हमेशा ही लाली रहती थी. और राधा खुद भी एकदम खिली खिली सी रहती थी. सब के साथ हंस के बात करना. माँ कुछ भी काम कहे उसे दौड़ के कर लेना. और इन्ही सब चीजों की वजह से वो घर में सब को एक हफ्ते में ही भा भी गई.

मुझे भी राधा का जिस्म अच्छा लगने लगा था. और मैं भी उसका आशिक होने लगा था. राधा की नजर मेरे लिए क्या थी वो तो पता नहीं लेकिन मैं उसे सिर्फ और सिर्फ वासना की नजर से देखने लगा था. मैं राधा को पटा के उसे चोदने की फिराक में था. और एक दिन मुझे अपनी इस सेक्सी कामवाली को चोदने के लिए एक प्लान मिल गया. शाम को सिर्फ मैं ही घर पर था और राधा अन्दर काम कर रही थी. मुझे लगा की यही एकदम सही मौका और मुहर्त हे अपनी चाल को अंजाम देने का. मैंने देखा तो राधा उस वक्त बहार गेलरी में एक लम्बे झाड़ू से मकड़ी के जाले निकाल रही थी. मैं धीरे से उसके पीछे गया और उसे पता न चले वैसे एक 500 का नोट निचे गिरा दिया. राधा जब जाले निकाल के पलटी तो उसकी नजर सीधे ही उस हरी गांधी बापू वाली नोट पर पड़ी. उसने इधर उधर देखा लेकिन छिपा हुआ था. राधा ने जल्दी से नोट को उठा के अपने ब्लाउज में छिपा लिया!

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और एन उसी वक्त मैं परदे के पीछे से बहार आ गया और बोला, राधा जल्दी से वो नोट बहार निकालो मैंने देखा की तुमने कहा रखा हे उसे.

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वो ये सुनके एकदम से घबरा गई और बोली, नहीं नहीं साहब ऐसा नहीं हे, मुझे ये यहाँ पडा हुआ मिला हे.

मैंने कहा, जूठी कहीं की मैंने खुद तुम्हे अपनी आँखों से यहाँ से ये नोट उठाते हुए देखा हे. मैं मम्मी को बोल दूंगा की राधा चोर हे!

राधा गिडगिड़ा पड़ी, ऐसा मत करो साहब मेरी नोकरी हाथ से जायेगी!

मैंने कहा, तुम जैसे चोरो के साथ ऐसे ही होना चाहिए.से ऐसा कभी नहीं होगा.

राधा अभी भी गिडगिडा रही थी. पर मैंने उसकी एक नहीं सुनी और कहा, मैं माँ को बोलूँगा ही तब जा के तुम्हारी अक्ल ठिकाने आएगी.

राधा बोली, साहब मैं बदनाम हो गई तो कोई भी मुझे वापस नोकरी पर भी नहीं रखेगा.

मैंने कहा इसमें मैं क्या कर सकता हूँ.

वो बोली आप मुझे माफ़ कर दीजिये. मैंने कहा भला मैं माफ़ क्यूँ करूँ मुझे इसमें क्या मिलेगा?

राधा बोली, साहब मैं गरीब भला आप को क्या दे सकती हूँ.

मैंने कहा एक काम हे अगर वो तुम करो तो तुम्हारी नोकरी बाख सकती हे.

वो बोली, क्या?

मैंने कहा यहाँ पर नहीं तुम जाओ छत के ऊपर मैं भी आता हूँ,

वो बोली ठीक हे.

राधा फट से सीढियों से होते हुए छत पर जा पहुंची और मैं भी उसके पीछे आ गया.

उसने मुझे पूछा, क्या काम कह रहे थे साहब?

मैंने कहा, एकदम इजी काम हे जो तुम्हे बदनामी और नोकरी को खोने से बचा सकता हे.

वो बोली, क्या काम हे.

मैं: बस मेरी एक जरूरत को तुम पूरा कर दो और मैं चूप रहूँगा और चोरी वाली बात किसी से नहीं कहूँगा.

राधा को थोड़ी घबराहट हुई और वो बोली, कैसी जरूरत?

मैंने अपने लंड के ऊपर हाथ रखा और उसने वहाँ देखा. मैंने कहा, मेरी प्यास को बुझा दो मेरी रानी!

राधा बोली, नहीं नहीं साहब मैं ऐसी नहीं हूँ. आप मेरे से गंदे काम के लिए कह रहे हो!

मैंने कहा: हां ठीक हे फिर. मैं निचे जा के माँ को कॉल कर के बोल देता हूँ की राधा ने चोरी की हे. और गंदे काम नहीं करने पड़ेंगे तुम्हे! और तुम्हे पता ही हे की माँ कैसी हे वो पुरे मोहल्ले को बोल देगी की राधा ने हमारे यहाँ चोरी की!

राधा की आँखों में आंसू थे. मैंने कहा देखो मैं एक और नोट दे दूँगा 500 की. तुम्हे 1000 रूपये का फायदा होगा और नोकरी और इज्जत भी बची रहेगी.

राधा अब ढीली हो गई मेरी धमकी को सुन के. वो बोली, चलो आप को जो भी करना हे वो जल्दी जल्दी कर लो.

मैंने अपनी इस हॉट कामवाली को कहा, डार्लिंग मुझे तुम्हारी कमर बड़ी पसंद हे. एक बार वहां पर किस करने दो ना. जब तुम काम करती हो और कमर के ऊपर पसीना आता हे तो तुम एकदम हॉट लगती हो.

राधा मेरे पास आ के खड़ी हो गई और मैं उसकी पीठ के ऊपर किस करने लगा. उसकी कमर एकदम चिकनी थी उसके ऊपर रुवें भी नहीं थी. मैं हाथ से इस सिल्की वेस्ट को सहलाते हुए उसकी कमर के साथ साथ नाभि यानी की बेली बटन को भी किस करने लगा. राधा को गुदगुदी हो रही थी और वो मचल रही थी. मेरे दोनों हाथ उसकी सेक्सी गांड के ऊपर ही थे.

वो बोली, जल्दी जल्दी करो, कोई आ ना जाए ऊपर!

मैंने कहा चलो राधा अब सीधी लेट जाओ.

वो निचे ही लेट गई और मैं उसके ऊपर आ गया. मैंने उसकी साडी का पल्लू हटा दिया. वो सिहर उठी. मैंने उसने पेट के ऊपर किस करते हुए अपने हाथ को राधा की चूत पर लगा दिया. वो एकदम मस्तियाँ चुकी थी. मैंने कहा, राधा अपने हाथ को ऊपर उठाओ.

वो बोली, हाथ को क्यूँ ऊपर?

मैंने कहा चुपचाप जो कहूँ तो करो ज्यादा क्वेश्चन मत पूछो मुझे.  .

अब मैंने राधा के बाकी के बटन खोले. ब्लाउज के अन्दर 500 का नोट था. मैंने कहा, देखो ये रहा चोरी का सबूत.

वो बोली, चलो अब जल्दी जल्दी कर लो जो करना हे. कुछ देर में मालकिन आएगी तो वो काम नहीं हुआ रहेगा तो डांट पड़ेगी मुझे.

राधा ने कोई ब्रा नहीं पहनी थी ब्लाउज के अंदर. मैंने उसके दोनों बूब्स को अपने हाथ में दबा के मसल दिया. अब मेरी इस सेक्सी कामवाली को भी मजा आने लगा था. मैंने राधा के बड़े निपल्स को अपने मुहं में भर लिए और चूसने लगा. राधा के मुहं से सिसकियाँ निकल पड़ी, अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह चुसो चुसो अह्ह्ह्ह दबावों दोनों को जोर जोर से, अह्ह्ह मजा आ गया.

कुछ देर तक मैंने अपनी इस सेक्सी कामवाली के निपल्स को सक किया. और फिर वो खुद ही मेरे माथे को पीछे से पकड़ के अपनी साडी के ऊपर से होते हुए अपनी योनी के ऊपर यानी की चूत के ऊपर रख दिया और वो बोली, साहब ऊपर ऊपर ही नहीं निचे भी आग लगाईं हे आप ने वहां पर भी चाटो ना!

मैंने कहा, पहले अपनी गांड तो दिखाओ मेरी जान.

राधा बोली, मैं साडी नहीं खोलूंगी., इसे ऊपर तक खिंच लेटी हूँ, आप देख लो. पर साथ में मेरी चूत को चाटो आप.

मैंने कहा, मैं अकेला नहीं चुसुंगा, तुम भी मेरा मुहं में ले लो.

मैंने उसके साथ 69 पोजीशन बना ली और अपने लंड को उसके मुहं में डाल दिया. राधा के पास लंड चूसने का काफी अच्छा हुनर था जो उसने मेरे लंड को चूस के साबित कर दिया, साली जिस ढंग से लंड चूस रही थी लगता था की पोर्नस्टार प्रिया राय लिक कर रही हो बॉल्स और डंडे को. मैं सातवें आसमान के ऊपर था और उसकी चूत में अपनी जुबान डाल के चूस रहा था. राधा मस्तियाँ के पुरे लौड़े को गले तक डाल के सक कर रही थी और फिर गिले हुए लंड को अपने हाथ से हिला रही थी.

अब राधा मचल रही थी और वो लंड का गाजर खाने के लिए एकदम रेडी थी. कुछ देर चूत चाटने के बाद मैंने उसे सीधा किया. उसकी टांगो को फैला के मैंने अपने लंड को उसकी चूत में डाल दिया. एक आह की आवाज आई और राधा मेरे से लिपट गई. पच पच की आवाज छत पर गूंज उठी और वो भी कुल्हे हिला हिला के मेरे लंड को भोगने लगी.

राधा को 10 मिनिट चोदने के बाद मैंने अपना पानी अंदर ही निकाल दिया. फिर कपडे सही कर के हम निचे आ गए. मैंने राधा को 500 रूपये का एक और नोट दिया. वो बोली, थेंकु साहब.

मैंने कहा, आगे भी पैसे कमाने हे ना?

वो हंस के चली गई और मैं उसकी उठी हुई गांड को देखने लगा.

राधा अब मेरी रंडी हे और पैसे के लिए चुद्वाती हे मेरे से. जब वो नेपाल गई तो मैं उसके लिए मेकप-बॉक्स और चूडिया लाया था. वो कहती हे की मैंने बहुत लंड लिए हे लेकिन आप के जैसा प्यार करनेवाला नहीं मिला कोई भी!

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