कामवाली को दूकान में नोंचा और घर पर चोदा

loading...

दोस्तों मेरा नाम चिंची (मेरा पेट नेम) हे और आज मैं आप को एक पुरानी बात बताने के लिए आया हु, आज की ये सेक्स कहानी मेरे 12-13 साल पहले के सेक्स अनुभव के ऊपर आधारित हे. अभी मेरी उम्र 38 साल हे और मैं बंगलौर में रहता हूँ. आज की ये कहानी में मैं आप को मेरी कामवाली के सेक्स के बारे में बताऊंगा. वो हमारे घर में कामवाली का काम तो करती ही हे. साथ में वो पड़ोस की हमारी दूकान में केशियर का काम भी करती हे.

सच कहूँ तो पहले मेरा कोई इरादा नहीं था उसके साथ में सेक्स करने का. लेकिन सब कुछ उतनी जल्दी और बिना किसी प्लान के हो गया की मुझे सच में समझने का कोई मौका ही नहीं मिला. जब ये काण्ड हुआ तब वो 23 साल की थी और मेरी उम्र 26 साल की थी.

loading...

कामवाली की हाईट 5 फिट 3 इंच की थी. और उसके बूब्स 32 इंच के थे. उसके निपल्स एकदम नुकीले थे और उसके होंठ एकदम चूसने लायक थे. उस दिन मैं दूकान पर गया था कुछ घंटो के लिए. मेरे पापा को कुछ काम था गवर्नमेंट ऑफिस में इसलिए वो वहां पर गए हुए थे.

loading...

मैं केशियर की चेयर पर बैठा हुआ था. और वो भी मेरे पास ही उसी टेबल के ऊपर बैठी हुई थी. मैंने अपने हाथ टेबल के ऊपर रखे हुए थे सपोर्ट के लिए. और तब अनजाने में मेरे हाथ उसके बूब्स को टच कर गए. मुझे हाथ में सॉफ्ट और स्पोंजी लगा. मैं भूल ही गया था जैसे की वो उसके बूब्स थे.

जब मुझे रिअलाइज हुआ की वो उसके बूब्स हे तो मैंने थोडा पुश किया और मैंने उसे दबाये. और उसके चहरे के भाव थोड़े बदल गए. मैंने उसके चहरे के ऊपर बदले हुए भाव को देखा. मैं उतना होर्नी हो चूका था की मैं बार बार दबा रहा था. उस दिन उस से ज्यादा कुछ भी नहीं हुआ.

अगले दिन मैंने जानबूझ के अपने हाथ को उसके बूब्स के ऊपर रखा और दबाया. और आज उसकी मोअन निकल गई हलकी सी. दूकान के साइड में एक छोटी सी जगह हे जहाँ पर हम लोग ज्यादा सामान यानी की स्टॉक रखते हे. मैं उधर गया और कुछ ढूंढने की एक्टिंग करने लगा. फिर मैंने उसे आवाज दी तो वो भी अन्दर आ गई. हमारे सामने खिड़की थी जहा से अगर कोई दूकान की तरफ आये तो पता चले ऐसा था. उसके अंदर आते ही मैंने उसे पीछे से पकड़ लिया. और मैंने अपने हाथ को उसके बूब्स पर रख के दबा दिए. उसने जरा भी विरोध नहीं किया. लेकिन सपोर्ट भी नहीं किया.

फिर मैंने उसे अपनी तरफ घुमा दिया और उसके होंठो को अपने होंठो में भर लिया. हम दोनों किस करने लगे. और अब की वो भी थोडा थोडा रिस्पोंस दे रही थी मुझे. मैंने उसके बूब्स को दबा दिए और उसके निपल्स को पिंच करने लगा. उसके निपल्स एकदम हार्ड हो चुके थे.

मैंने उसके टॉप में हाथ डाला और डायरेक्ट टच कर के उसके बूब्स को दबाने लगा. साथ में मैं उसको एकदम हार्ड किस भी दे रहा था.  वो भी एकदम उत्तेजित हो चुकी थी और मेरी किस का अच्छे से रिस्पोंस दे रही थी. वो भी मेरी जबान को चूस रही थी. मैंने अब हाथ को उसके लोअर में डाला और उसकी गीली चूत का अहसास हुआ मेरे हाथ के ऊपर. मैंने उसके टॉप को खोला दिया और उसकी चूत में ऊँगली करते हुए उसके बूब्स को जोर जोर से चूसने लगा.

वो बहुत जोत से मोअन कर रही थी. मुझे डर भी लग रहा था की कही कोई आ ना जाए. और सच में ऐसा ही हुआ. हम लोग जल्दी से कपडे ठीक कर के बहार आ गए. फिर मैं अपने घर आ गया क्यूंकि मेरे पापा भी आ चुके थे. फिर कुछ देर में वो भी घर का काम करने के लिए आ गई. उसके आते ही मैं उसे पकड़ के अपने कमरे में ले गया. मैंने उसके टॉप को खोल के उसके बूब्स को ऐसे चुसे जैसे कल होना ही नहीं था. फिर मैंने बिना अपनी अंडरवेर निकाले अपने लंड को उसके चहरे के ऊपर घिसा.

वो भी एकदम होर्नी हो चुकी थी. वो मेरे लंड को चड्डी के ऊपर से ही चूसने लगी और अपनी गीली जबान घिसने लगी. अब मैंने उसे बिस्तर के ऊपर लिटा दिया. मैंने उसकी कमर और जांघो के ऊपर मजे से मसाज किया और किस भी कर दी.

फिर उसने मुझे पीछे धक्का दे के मेरी अंडरवेर दांतों से खोल दी . फिर उसने लंड की टिप को अपने मुहं में ले के लोल्लिपोप के जैसे चुसना चालू कर दिया. उसने इतना सेक्सी ब्लोव्जोब दिया की मेरी हालत खराब हो चुकी थी. ये मेरे लिए सब से बेस्ट ब्लोव्जोब था. मैंने उसे खिंच के उसकी चूत को सुंघा और फिर उसकी चूत के दाने को चूसने लगा. वो जोर जोर से मोअन कर रही थी. मैं उसकी चूत को मस्त फिंगर कर रहा था और चाट भी रहा था. मैंने उसकी चूत को 15 मिनिट तक चूसा.

फिर मैं उसके ऊपर चढ़ गया और अपने लंड को मैंने उसकी चूत पर लगा के घिसा. मैं लंड को चूत में घुसाने की ट्राय कर रहा था. लेकिन मेरा लंड जरा भी अन्दर नहीं गया. और मैं समझ गया की वो वर्जिन थी. मैंने धीरे से इंटर किया और उसे एडजस्ट करने के लिए टाइम दिया. मैंने और धक्का दे दिया और अपने लंड को अन्दर कर दिया. उसकी चूत की झिल्ली फट गई और वो रोने लगी.

मैंने उसे कहा की क्या मैं वापस निकाल दूँ. तो उसने कहा नहीं मत निकालो. मुझे खून की खुसबू आ रही थी उसकी चूत से. मैं धीरे धीरे उसे चोद रहा था. और फिर मैंने अपनी स्पीड को बढ़ा दिया. 15 मिनिट तक मैं उसे मस्त चोदता रहा. मेरा पानी अब निकलने को था. फिर मैंने लंड को बहार निकाला और उसकी चूत के ऊपर माल निकाल दिया. फिर मैं उसके ऊपर गिर पड़ा और उसके बूब्स को चूसने लगा.

इस बिच में वो भी दो बार झड़ चुकी थी. उसने मेरे लंड को पकड़ के हिलाया. मैं बाथरूम में गया और अपने लंड को साफ़ किया. वो भी मेरे पीछे आ गई. और वहां पर उसने मेरे लंड को मुहं में ले के मस्त ब्लोव्जोब दे दिया. अब की मैंने अपने माल को उसके मुहं में ही निकाला. फिर हमने एक दुसरे को साबुन से घिस घिस के नहला दिया.

अगले दिन दुकान के अन्दर वो मेरी ही वेट कर रही थी. मैं उसे वही जगह पर ले गया. और घुटनों के ऊपर बिठा के उसके मुहं को मस्त चोदा. वहाँ पर चुदाई तो नहीं कर सकते थे इसलिए मैंने उसके मुहं में ही पानी छोड़ दिया. और फिर मेरी और उसकी चुदाई का काम ऐसे ही चलता रहा. दूकान पर टचिंग और सकिंग होती थी और घर पर उसकी फकिंग होती थी.

हमने पुरे 2 साल तक एक दुसरे के साथ एन्जॉय किया. लेकिन फिर मेरी जॉब सिटी से बहार हो गई और मैं कम ही शहर मर रहता था. उसकी भी शादी उसके नेटिव में किसी लड़के के साथ हो गई!

Share this Story:
loading...

Warning: This site is just for fun fictional SexyStories | To use this website, you must be over 18 years of age