कामवाली ने मुझे लंड हिलाते हुए देखा

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मेरा नाम राहुल हे और मेरी उम्र 18 साल की हे. मैं हैदराबाद से हूँ और आज अपना सेक्स अनुभव शेयर करने के लिए आया हूँ, ये अनुभव मुझे अपनी हॉट कामवाली के साथ हुआ था. पहले मैं अपने बारे में आप लोगों को बता दूँ. मेरी हाईट 6 फिट से दो इंच कम हे और कलर में साफ हूँ मैं. मेरी बॉडी एवरेज हे और मेरे लंड की लम्बाई 6 इंच हे. मेरा सेक्स स्टेमिना एकदम ज्यादा हे. कभी कभी लंड को हिलाने में मुझे आधा घंटा लग जाता हे. मेरी कामवाली का नाम नीता हे और उसकी उम्र 35 साल हे. वो 5 फिट 8 इंच लम्बी हे और उसके बूब्स और गांड दोनों एकदम बड़े हे. उसके दो बच्चे हे लेकिन अब उसका शराबी पति उसके पास नहीं रहता हे. उसने किसी रंडी के साथ अपना अलग घर बसा लिया हे. नीता मम्मी से बातें करती हे तब मैं सब सुनता हूँ. मम्मी ने उसे कहा की दूसरी शादी कर लो तो नीता ने कहा वो भी शराबी निकला तो मैं वही की वही रह जाउंगी.

जब भी नीता फ्लोर की क्लीनिंग करती और मुझे मौका मिलता तो मैं उसके बूब्स की गली को और हिलती हुई गांड को देखता था. अक्सर मैंने उसके हॉट बदन की कल्पना कर के मुठ भी मारी हे. एक दीन मेरे घर में सिर्फ मैं था. मम्मी पापा किसी काम से दो दिन के लिए गए थे. मेरी एग्जाम थी इसलिए मैं नहीं गया था.

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सुबह 9 बजे घंटी बजी. दरवाजा खोला तो नीता सामने थी. उसने डार्क ब्लू साड़ी पहनी हुई थी जिसमे वो माल लग रही थी. उसके बूब्स साडी के अन्दर से जैसे बहार आने को अड़े हुए थे. उसके ऐसे रूप को देख के मेरे अन्दर का आदमी लंड को हिला रहा था. मैंने उसको कहा की मम्मी पापा बहार गए हे दो दिन के लिए. उसने कहा ठीक हे. और फिर वो अपने काम में लग गई. वो किचन में बेसिन के पास बर्तन मांजने लगी. और मैं पीछे से उसकी गांड देख रहा था. मेरे से रहा नहीं गया और मैं कमरे में लंड हिलान एके लिए चला गया.

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लंड को हिलाने की जल्दबाजी में मैंने दरवाजे को लोक नहीं किया. मुझे पता नहीं था की नीता इतनी जल्दी बर्तन खत्म कर लेगी. वो जब कमरे में आई तो उसने मेरे हाथ में लंड देखा और उसने मुझे मेरे नाम से आवाज दी. बाप रे. मैं डर गया एकदम से और मैंने अपने लंड को फट से पेंट में डाला और उसके सामने देखा.

नीता: क्या कर रहे थे?

मैं: कुछ भी तो नहीं.

नीता: मैंने देखा.

मैं: वो मेरे निचे फुंसी हुई हे इसलिए खुजा रहा था.

नीता: बहुत खुजली होती हे क्या?

मैं: हां.

वो मेरे करीब आई और एकदम नोटी आवाज में बोली: लाओ मुझे दिखाओ कहा पर फुंसी हुई हे.

और मैं कुछ कहूँ उसके पहले उसने ही मेरी जिप को खोल के लंड को बहार निकाला. मेरा लंड सो गया था थोडा और उतना कडक नहीं था. नीता के हाथ लगने से उसके अन्दर वापस थोड़ी थोड़ी जान आ रही थी. उसने लंड को पकड़ा और बोली, कहा हे फुंसी?

मैं चुप ही रहा. नीता ने निचे मेरे बाल्स को एक हाथ से पकडे और उसे दबाया. मेरे मुहं से आह निकल गई. फिर उसने लंड को सब तरफ से चेक किया और बोली, फुंसी नहीं हे कही भी.

फिर वो मेरे लोडे को मर्दन देने लगी और बोली, लंड तो काफी बड़ा कर लिया हे हिला हिला के.

अब मैं समझ गया की वो फुंसी देखने नहीं लंड पकड़ने के लिए ही बेताब थी. मैंने कहा: बड़ा हे तो ले लो और मजे करो!

वो हंस पड़ी और बोली: पहले भी देखा हे मैंने तुम्हे इसको हिलाते हुए और मैं तो कब से लेना चाहती थी लेकिन मेडम घर पर ही होती हे इसलिए कभी मौका नहीं मिला.

बाप रे आज तो मेरी कामवाली को चोदने की फेंटसी पूरी होने को थी. और ये सोच के ही मेरे पेट में पतंगे उड़ने लगे थे. मैंने नीता के मुहं को लंड की तरफ धक्का दे दिया. नीता ने मुहं खोल के लंड को गुलाबजामुन के जैसे पूरा मुहं में ले लिया. वाऊ, क्या मजे से उसने लंड को मुहं में भरा था. मेरी आह सी निकल पड़ी. नीता ने बाल्स को एक हाथ से दबाये और वो लंड को मजे से चूसने लगी.

मेरे हाथ फ्री थे तो मैंने उन्हें आगे बढ़ा के उसके बूब्स को साडी में ही दबा दिये. नीता के बूब्स एकदम कडक थे और उसकी निपल्स भी अकड़ी हुई थी. मेरे लंड को पूरा मुहं में भर के उसने ऐसे कस कस के चूसा की लंड का पानी आगे तक आ गया. मैंने उसको कहा: निकालो बहार वरना पानी छुट जाएगा.

वो लंड निकाल के बोली: पानी पी लेती हूँ पहले एक बार, फिर चोदना कुछ देर में. घर में हम दोनों ही हे फिर मैं तुम्हारी ही हूँ आज के दिन.

ये कह के उसने अब और भी सेक्सी ढंग से कोक सकिंग दिया मेरे को. वो पुरे लंड को मुहं में ले के फिर उसेक ऊपर अपनी जबान से प्यार दे रही थी. फिर बाल्स को मसल देती थी और लंड के सुपाडे पर चुम्मे भी देती थी. लंड में बाढ़ आ गई और नीता का मुहं पूरा मेरे वीर्य से भर गया. उसने सब पानी पी लिया.

मेरा बदन एकदम से हल्का हुआ. मैंने लंड को उसके मुह से निकाला तो वो पूरा के पूरा लाल था. नीता ने लंड को एकदम से प्यार दे के अपना बना लिया था.

नीता अब खड़ी हुई और वो अपने बालों को हाथो से सीधे करने लगी. तब उसकी बगल में हुए पसीने को मैंने देखा. मैंने उसके ब्लाउज के ऊपर से ही बूब्स को किस किया. वो बोली, बहार निकाल के चुसो ना.

मैंने उसके साडी के पल्लू को हटा के उसके ब्लाउज के बटन को खोले. उसके बूब्स एकदम बहार आ निकले सस्ती सी ब्रा में से. मैंने ब्रा को फाड़ दिया और उसकी चुन्चियों के ऊपर भूखे शेर के जैसे टूट पड़ा. नीता के बूब्स चूसने के साथ ही मैंने उसके आर्मपिट्स पर भी किस किया. उसके पसीने की खुसबू से मुझे अलग ही उत्तेजना हो रही थी जैसे. वो भी एकदम चुदासी हो गई और बोली, तुम तो बड़े सेक्सी हो.

मैंने कहा: हां मेरी जान और आज मैं तेरी चूत का भोसड़ा बनाऊंगा!

नीता के बाकी के कपडे खोल के मैंने उसे दिवार के साथ खड़ा कर दिया. उसके बूब्स से स्टार्ट कर के मैंने उसके पेट को, नाभि को, जांघो को और उसकी बाल वाली चूत को किस किया. फिर उसे पीछे घुमा के उसके बम्स पर भी होंठो से चुम्बन दिए. वो एकदम सेक्सी फिल कर रही थी मेरे इस रोमांटिक अंदाज से.

उसने मुझे बताया की वो इतनी होर्नी अपनी लाइफ में पहले कभी भी नहीं हुई थी. और उसने मुझे मिन्नत सी की और कहा की जल्दी से अपना लंड मेरी चूत में डाल दो अब मेरे से रहा नहीं जा रहा हे. मैंने नीता को बिस्तर में डाला और मैं उसके ऊपर आ गया.

वो मेरे लंड को पकड़ के सहला रही थी. लंड फिर से तान में आ चूका था. नीता ने दोनों टांगो को पूरा खोला. मैंने लंड को सही जगह लगाया. उसकी झांटदार चूत एकदम गरम थी. मैंने लंड का एक धक्का मारा और चूत में घुसा दिया. नीता के मुहं से आह निकल गया. मैंने उसे बाहों में जकड़ लिया और पुरे लंड को उसकी चूत में पेल दिया. उसकी साँसे तेज हो गई और वो मुझे लिपट के बोली: आह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह!

मैंने उसके होंठो के ऊपर किस किया और उसके कंधे जकड़ के चुदाई चालू कर दी. मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस के बहार आ रहा था. उसकी चूत के अन्दर पहले से ही कुछ सफ़ेद सफ़ेद दही के जैसा निकल रहा था. मैंने कहा तो वो बोली की कुछ लेडिज को ऐसे होता हे चूत के अन्दर जिसे बदन का धोना कहते हे. मैंने कहा कोई प्रॉब्लम तो नहीं हे ना ऐसे में सेक्स करने में. वो बोली घबराओ मत मेरी ओपरेशन हो गई हे इसलिए बच्चा नहीं होगा.

ये सुन के मैं और भी खुल गया. मैंने उसके बूब्स को चूसते हुए उसको जोर जोर से पेला. नीता भी फुल सपोर्ट कर रही थी मेरा. वो मुझे अपनी तरफ खिंच के और मेरे चुदाई की तारीफ़ कर के.

कुछ देर ऐसे मिशनरी में चोदने के बाद मैं अब नीता को घोड़ी बना दिया. उसने अपने कुल्हे पुरे खोले. मुझे पीछे से चूत का ढीला छेद साफ़ दिख रहा था. मैंने वहाँ पर लंड लगा के चुदाई चालु कर दी. अब की तो लंड जैसे और अन्दर तक घुस रहा था. नीता भी गांड हिला हिला के खूब चुद रही थी. मेरा लंड पूरी 20 मिनिट तक उसकी चूत को टटोलता रहा. और फिर मेरे लंड में से खूब सारा पानी निकल गया उसकी चूत के अंदर ही. वो भी तृप्त हो चुकी थी और मैं भी.

हम दोनों बिस्तर के ऊपर लुढक पड़े. मैंने उसे कहा, मम्मी पापा परसों आने वाले हे. तब तक तुम यही रुक जाओ, सेक्स की पिक्चर देख के चोदेंगे.

वो बोली, हां लेकिन मुझे बच्चो का खाना बनाने के लिए घर जाना पड़ेगा.

मैंने कहा यही खाना बना लेना सब का और उन्हें पहुंचा देना.

वो मान गई.

पुरे दो दिन तक मैंने नीता को खूब चोदा. कभी किचन में तो कभी बाथरूम में. लेपटोप के ऊपर पोर्न की क्लिप्स दिखा के मैं उसके पास अलग अलग पोज़ भी करवा रहा था. उसको भी दो दिन चुदने में बड़ा आनंद आया.

तीसरे दिन मम्मी पापा के आने से पहले मैंने उसे 2000 रूपये दिए अपनी पॉकेट मनी से और नीता ने मुझे वादा किया की आगे भी वो मेरी मदद करेंगी लंड के पानी निकालने में ताकि मुझे हिलाना ना पड़े.

मैंने कहा देखो चुदाई का मौका ना मिले तो कम से कम अपने हाथ से मेरा लंड हिला देना!!!

 

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