लडकी को पटा के चोदा

हेलो दोस्तों मेरा नाम आर्यन है और मैं फरीदाबाद से हूं. यह मेरी रियल सेक्स स्टोरी है. मैं २२ साल का यंग बॉय हूं. यह सेक्स स्टोरी आज से चार महीने पहले स्टार्ट हुई थी.

मैं काफी अकेला महसूस कर रहा था. तो सोचा फेसबुक पर टाइम पास करता हूं. और मेने नयी लडकिया सर्च कर के फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजनी शुरू कर दी.

अगले दिन मुझे काफी नोटिफिकेशन आई रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करने के. तो उसमें से एक लड़की उसी टाइम ऑनलाइन थी उसका नाम हर्षिता था. मैंने उससे बात शुरू की धीरे धीरे  मैंने उससे नंबर एक्सचेंज किया और हमारी whatsapp पर बात होने लगी. ऐसा ही चलता रहा और मैंने एक दिन उसे प्रपोज किया उसने एक्सेप्ट भी कर लिया.

उस टाइम उसके एग्जाम चल रहे थे तो मैंने उसे बाद में मिलने का प्लान बनाया उसके एग्जाम के बाद हम एक दिन मॉल में मिले.

मैं तो उसे देखता ही रह गया बहुत क्यूट और स्मार्ट लड़की थी. मेने उसे वहां किस किया और हम मूवी देखने गए. कुछ दिन बाद मैंने उसे घर आने को बोला क्योंकि उस दिन मेरी माँ मंदिर गई हुई थी और घर पर कोई नहीं था, तो वह घर पर आ गई.

मेरी फैमिली में मेरी मां और फादर है और मैं हूं. जब वह घर आई तो बहुत स्मार्ट लग रही थी मैंने उसे आते ही हग कर लिया और फिर उसे उठा कर बेड पर लिटा दिया और फेन ऑन कर दिया.

फिर उसे किस किया मैंने काफी देर तक उसे किस करता रहा. फिर हमने इधर उधर की बात की अब तक मेरा मन करने लगा था उसके साथ सेक्स करने का. मैंने उसे किस करना स्टार्ट किया और फिर मैंने उसको टच किया. उसके बूब्स  ३२ के हैं. फिर मैंने उसका टॉप हटाया और फिर उसके ब्बुस को सक करने लगा.

फिर मैंने उसकी ब्रा उसकी बॉडी से हटा दिए अब वह सिर्फ जींस में थी. फिर मैंने उसकी बेल्ट हटाई और जींस हटा दी. अब वह मुझे रोकने लगी थी बस और मत करो.

मैंने कुछ नहीं सुना और उसे लिप से किस  करना शुरू कर दिया और फिर उसको फिर नाभी को फिर मैंने पैंटी के ऊपर वेजिना को चूसने लगा. बहुत अच्छी खुशबू आ रही थी. फिर मैंने पेंटि को हटाया.

फिर में उसकी चूत को देखता रह गया. वहां काफी बाल है और मैं कंट्रोल नहीं कर पा रहा था और मैंने उसकी वेजिना पर हाथ फेरने लगा. फिर मैंने उसकी लेग अलग की और उसकी वेजिना को किस करने लगा. अब उसे कंट्रोल नहीं हो रहा था और वह मुझे मना कर रही थी. मैंने उसकी एक नहीं सुनी और किस करता रहा. करीब १५ मिनट बाद मैंने एक फिंगर वेजिना में डाली तो आसानी से चली गई.

फिर मैंने 2 फिंगर डाली तो उसकी सिसकारी निकल गई. मैंने फिंगरिंग करना शुरु किया और  उसकी चूत में एक घंटे तक फिंगरिंग करने के बाद उसे कंट्रोल नहीं हुआ और वह मुझे पेनिस डालने के लिए बोलने लगी.

मैंने अपना पेनिस निकाला और उसे पकड़ने को बोला तो उसने मना कर दिया. फिर मैंने पेनीस वेजिना पर रखा तो उसकी सिसकारियां निकल गई. फिर मैंने पेनीस को हल्का सा वेजिना पर रखा और आगे-पीछे होने लगा इससे पेनिस उसकी  वेजिना की स्किन को हटाकर थोड़ा अंदर गया.

उसे 10 मिनट बाद वह सब अच्छा लगने लगा. यह उसका पहली बार था तो उसे वह बहुत अच्छा लगा. वह मेरा साथ दे रही थी. पर अभी भी पेनिस वेजिना के बहार था. मेने मौका देख कर उसको धक्का मारा और उसके कंधे को जोर से पकड़ कर रखा हुआ था.

वह अब बहुत तड़प रही थी और थोड़ी देर बाद रोने लगी तो मेने उसे किस किया और चुप कराया. और फिर बिना हिले डुले २ मिनट पड़ा रहा. फिर मैंने धीरे धीरे आगे पीछे होना स्टार्ट किया. ५ मिनट बाद इसे अच्छा लगा फिर उसने रोना बंद किया

मैंने उस टाइम उससे अलग होकर पेनिस पर कंडोम लगाया और फिर उसे वेजिना में डाल कर अंदर बाहर करने लगा. और जब मैंने देखा की वह नॉर्मल है तो मैंने स्पीड बढ़ाई.

हर्षिका ने अपनी आंखें बंद कर ली थी और  आवाज़ निकलने लगी थी और मैं धक्के लगाता रहा. इसी बिच वह दो बार जड चुकी थी. और मैं थक गया था तो उसने और करने के लिए मना किया, तो मैंने उसकी बात मान ली और अलग हो गया. फिर उसने  मेरा पेनिस अपने मुंह में डाल कर चुसना चालू किया और मुझे अच्छा लग रहा था. फिर 25 मिनट बाद में उसके मुंह में झड़ गया.

फिर हमने बातें की और फिर हम दोनों ने कपड़े पहने और फिर वह अपने घर चली गई.