माँ के साथ बूब्स चुदाई और ब्लोजॉब

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दोस्तों मैं अपनी माँ का आशिक हूँ और मेरी माँ मेरे लंड की पुजारन हैं. मैं कुछ समय से उसके साथ सेक्स कर रहा हूँ. और आज की ये सच्ची कहानी मेरे और माँ के बाथरूम में ओरल सेक्स करने की हैं. और ये आइडिया मेरी माँ की फेंटसी की ही उपज थी.

जब से हम दोनों ने सेक्स करना चालू किया था तब मैं और मेरी माँ एक दुसरे के साथ फेंटसी भी शेयर करते थे. और माँ ने अपनी फेंटसी एक ये भी बताई थी की वो घर में हर जगह पर सेक्स करना चाहती थी जिसमे किचन और बाथरूम भी आता था. और आज मैं आप को बता रहा हूँ माँ के मुहं में लंड देने की कहानी जो बाथरूम में घटी थी.

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मेरा नाम रोहित है और मेरी उम्र 23 साल है. मेरी हाईट ऑलमोस्ट 6 फिट है और मेरे लंड का साइज़ 7 इंच हैं. मेरा लंड चौड़ाई में भी इतना तो हैं की किसी भी औरत की चूत के 12 बजा दे. मेरी मम्मी का नाम अलका हैं और वो एक बस्टी औरत हैं. माँ उतनी मोटी नहीं हैं लेकिन फिर भी उसके बदन पर फेट तो जमा हुआ है. उसके बूब्स 38DD साइज़ के है और निपल्स का रंग डार्क है. और माँ की गांड भी भारी और छूने पर एकदम सॉफ्ट सॉफ्ट है. मम्मी की चूत की चमड़ी काफी गोरी है और अंदर की चमड़ी का रंग गुलाबी है.

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एक दिन सुबह सुबह ही माँ मेरे कमरे में आ गई. तब उसने अपने बदन पर एक छोटा सा तोवेल लपेटा हुआ था जो मुश्किल से उसकी गांड को छिपा रहा था. और आगे भी तोवेल के ऊपर के हिस्से में माँ की झांट मुझे साफ़ साफ़ नजर आ रही थी. मैं समझ गया की वो मेरे लंड को खड़ा करने के लिए ही आई थी.

मम्मी ने मुझे कहा, रोहित क्या तुम आज मेरे साथ नहाओगे. मुझे जरा अपने बदन के ऊपर स्क्रब करने के लिए तुम्हारी मदद की जरूरत थी. जहाँ पर मेरे हाथ नहीं जाते हैं वहां पर तुम स्क्रब कर देना मुझे. और अगर तुम्हारा कुछ और करने का मूड हो तो वो भी कर लेना.

और ये कहते हुए माँ ने मुझे आँख मारी और उसके होंठो पर एक स्माइल थी. सडक के किनारे खड़ी हुई रंडी जैसे क्लाइंट के लंड की तरफ बार बार देखती है वैसे ही माँ मेरे लौड़े को भी देख रही थी.

मैंने अपने लंड को जरा सा दबाया बरमूडा के अन्दर ही और माँ से कहा, जब आप मोर्निंग में ऐसी गन्दी गन्दी बातें करते हो तो मुझे कितना अच्छा लगता है वो मैं बता नहीं सकता आप को. और आज तो आप का अर्ली मोर्निंग ही मूड बना हुआ लगता है.

और फिर माँ बोली अरे चलो तुम जल्दी से बाथरूम में आ जाओ रोहित, वहीँ पर बातें भी कर लेना.

ये कह के माँ मेरी तरफ पीठ कर के चल दी. और तभी उसका तोवेल भी बदन से निचे जा गिरा. उसकी बड़ी गांड मेरे सामने ऊपर निचे हो रही थी. दाहिना कूल्हा उपर होता था और फिर बायाँ भी. वो फिर से मेरी तरफ एक सेक्सी नजर डाल गई जब दरवाजे के पास पहुंची तो.

मैं भी बिना एक पल की वेट किये हुए माँ के पीछे चला गया. हम दोनों के ऊपर शोवर ओन हो चूका था. माँ ने मुझे आलिंगन में ले लिया था और उसके चुन्चो पर मेरे बदन का दबाव बना हुआ था. ठंडे ठंडे पानी की बुँदे हमारे ऊपर गिर रही थी जब की हम दोनों के ही बदन काफ गर्म थे उस वक्त.

मम्मी की जबान मेरे मुहं में नाच रही थी. और मैंने उसकी गांड को दोनों हाथ से दबा के अपनी तरफ खिंच लिया. मेरा खड़ा हुआ लंड उसकी दोनों जांघो के बिच से होते हुए उसकी चूत को टकरा सा रहा था.

मैंने माँ को अणि तरफ और भी जोर से खिंच लिया और उसके कूल्हों को पूरा खोल के गांड को चौड़ा कर दिया. मेरा लंड उस वक्त मा की चूत पर टट्टार था, झांट के जंगल के बिच में. मैंने लंड को चूत पर थोडा घिसा तो मैंने महसूस किया की चूत में से पानी छुटने लगा था.

और माँ ने होंठो को एकदम कस के फ्रेंच किस कर लिया और निचे चूत और लंड आपस में रगड खा के और भी उत्तेजित होते ही गए. तभी मैंने धीरे से माँ की गांड पर ऊँगली घिसी.

माँ सिहर उठी और बोली, रोहित तुम बहुत नोटी हो बेटा ऐसे गांड पर ऊँगली करते हो तो मुझे बहुत गुदगुदी होती है.

मैंने कहा अच्छा लगा की नहीं वो बताओ ना?

माँ ने मेरे को एक और किस दे दी और बोली, मेरे हेंडसम बेटे की हर बात मुझे तो अच्छी लगती हैं.

फिर माँ ने कहा बेटा रोहित चल पहले मैं तुझे साबुन लगा देती हूँ और फिर तू मेरे को साबुन लगा देना अच्छे से. मैंने कहा पहले मुझे साबुन लगा दो.

माँ ने एकदम सेक्सी ढंग से मेरी छाती पर हाथ घुमाया और बोली, बोलो कहा से स्टार्ट करूँ.

मैंने छज्जे से साबुन ले के माँ के हाथ में दे दिया. और मैंने कहा आप को जहा से ठीक लगे वहां से करो.

माँ ने जांघ के ऊपर ही साबुन मलना चालू कर दिया. और जो झाग बना उसे ले के वो लंड की तरफ बढ़ी. लंड के ऊपर झाग को घिस के उसने मजे से और झाग किया. फिर लंड के ऊपर और टट्टे भी साबुन से घिस घिस के वहां पर खूब झाग किया.

और फिर माँ ने अपने बूब्स के ऊपर साबुन लगा के वहां पर झाग कर दिया ढेर सारा. और फिर मेरे कडक लंड को पकड़ के दोनों बूब्स के बिच में रख दिया. जब उसने ऊपर को देखा तो वो सेक्सी पोर्नस्टार अंजलि प्रिया राय ही लग रही थी मेरे को. जैसे अंजलि राय मेरे को बूब्स चोदने को कह रही थी. मैं भी देर नहीं की और अपने लौड़े को बूब्स के बिच में चलाने लगा. जब लंड दोनों बूब्स को चिर के बहार निकलता था तो मेरी सेक्सी माँ उसके सुपाडे को प्यार से किस कर लेती थी.

बाप रे क्या मजा आ रहा था अपनी माँ के बड़े बूब्स चोदने में!

मम्मी के बूब्स काफी चिकने हुए थे साबुन की वजह से इसलिए लंड बिना किसी परेशानी के उसके अन्दर बहार हो रहा था. अब माँ ने बूब्स को छोड़ दिए जो उसकी छाती पर गिर पड़े. और अब अकेले लंड चूसने के काम में लग गई. दोस्तों मैं आप लोगों को बताया नहीं लेकिन मेरी माँ जैसा लंड शायद ही कोई औरत चुस्ती होगी! एक नम्बर की कोक सकर मम्मी हैं मेरी!

उसने लंड को पूरा मुहं में ले लिया था और टट्टे पकड के सहला रही थी. मैं तो जन्नत में था जैसे. और मैंने माँ के कंधे पकडे हुए थे. कभी उसके बालों को सहलाता था तो कभी उसके कान के पास से पकड के लंड अन्दर तक देता था. माँ एकदम सेक्सी हुई पड़ी थी.

फिर मैंने माँ को कहा लाओ मैं आप की चाट लूँ अब.

वो बोली पहले मुझे तेरा पानी पी लेने दे.

मैंने कहा ठीक हैं.

उसने वापस लंड को मुहं में भर लिया और कस कस के चूसने लगी. बिच बिच में वो लंड को बहार निकाल के अपने हाथ से जोर जोर से हिलाती थी और उसके सुपाडे को किस करती थी.

पांच मिनिट में तो मेरी बस हो गई थी. मेरे लंड का सब पानी माँ के फेस पर और बूब्स पर छोड़ा मैंने.

वो चूस चूस के बाकी की बूंदों को भी निचोड़ने लगी. एक मिनिट तक मैं रुक रुक कर अपनी माँ पर झड़ता रहा.

और फिर वो खड़ी हो के बोली, अब तुम मेरी चाटो बेटा.

लेकिन शायद वो नसीब में ही नहीं था. दरवाजे की घंटी बजी और हमें कामक्रीड़ा रोक देनी पड़ी. माँ बोली मैं जा के देखती हूँ कौन हैं तू जल्दी से नाहा ले!

मैं पांच मिनिट के बाद नाहा के बहार आया तो देखा की पड़ोस की आंटी माँ के पास किसी काम से आई थी. साली ने पुरे सेक्सी मूड की माँ बहन एक कर दी थी!

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