मजदुर का देसी लंड लिया

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हेल्लो दोस्तों मेरा नाम रुपाली हे, और यह मेरी पहली सेक्सी कहानी हे, यह मेरी एकदम सच्ची कहानी हे और मुझे उम्मीद हे की आप को बहुत पसंत आएगी.

दोस्तों में आप को स्टोरी के पहले मेरे बारे में बताती हु, में कोल्हापुर से बिलोंग करती हु और में पुणे में मेडिकल स्टडी कर रही हु, मेरी उमर २२ हे और में ५ फुट ऊँची हु, मेरा फिगर ३४-२६-३२ हे. में दूध जैसी गोरी हु और गुलाब जैसे मेरे होंठ हे.

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दोस्तों में अपनी कहानी की शुरुवात करती हु.

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मेने ३ साल पहले मेडिकल कोलेज में ज्वाइन किया था, तब मेरा फिगर कुछ ख़ास नहीं था, मेरे बूब्स एकदम छोटे थे और दूसरी लडकियों को देख कर मुझे जलन होती थी.

मुझे भी लगता था कि मेरे भी बूब्स बड़े और सेक्सी हो, मर्द मेरे बोबे की झलक देखने के लिए तरसे, मैंने पढ़ा था कि दूध आने पर बूब्स बड़े और अट्रैक्टिव हो जाते हैं, लेकिन यह करने के लिए प्रेग्नेंट होना जरूरी था और वह रिस्क में नहीं ले सकती थी.

और यहां मेरे चेस्ट फ्लेट होने की वजह से मुझे बॉयफ्रेंड भी नहीं था लडके हमेशा बड़े और अट्रेक्टिव बूब्स वाली लड़की के पीछे लगते हैं.

एक बुक में पढ़ा था के बूब्स बड़े करने के लिए कुछ ड्रग यूजफुल हे और साथ में ब्रेस्ट पंप का दिन में २ बार १ घंटे के लिए यूज करने से बूब्स बड़े हो जाते हैं, यानी कि मेरे बूब में दूध आएगा और मेरे बूब बड़े और अट्रैक्टिव बनेंगे.

तो मैंने डेली दवाई लेना और ब्रेस्ट पम्प यूज करना स्टार्ट किया, एक महीने बाद मेरे दूध काफी बड़े हो गए और भारी हो गये. और धीरे दूध भी देने लगे. मेरे एक टाइम में एक लिटर के आसपास दूध निकलता है और मेरे बूब्स ऊपर से बहुत अट्रैक्टिव होने लगे..

कुछ दिन बाद हमारा दूसरे सेमेस्टर खत्म हुआ, मेरी उम्र २१ साल थी और मैं गांव चली गई. हमारे गांव हमारी बहुत काफी खेती है इसलिए उसके काम करने के लिए हमने एक कालू नाम का मजदूर रखा है, उसकी उम्र ४७ साल है वह बहुत काला है लेकिन उसका बहुत कसा हुआ बदन है. मैंने उसको एक बार खेत में मूतते हुए देखा, उसका लंड ९ इंच लंबा और २ इंच मोटा था.

यह देखके मेरी चूत में खुजली होने लगी, मैंने डिसाइड किया कि चुदूंगी तो इस से ही. उसे अपने क्लीवेज दिखाकर सिड्यूस करने लगी, उसकी नजर भी हमेशा मेरे दूध से भरे बूब्स पर रहती थी, एक बार वह मुझे लेकर आम के बाग में गया, और मुझे पका हुआ आम निकाल के दिए.

मैंने जानबूझकर मेरी शर्ट पर लेफ्ट बूब्स के ऊपर आमरस गीराया और तब मैं जींस पेंट और ऊपर ब्लू कलर की शर्ट पहनी हुई थी, ब्रा नहीं पहनी थी. मैंने कालू को कहा देखो ना कालू मेरी शर्ट पर आम का धब्बा लग गया.

कालू मेरे बोबे को देखने लगा और बोला.

लाइए रुपाली जी मैं साफ कर देता हूं और उसने एकदम से मेरा लेफ्ट बूब्स पकड़ लिया और आम के दाग पर अपने अंगूठे से घिसने लगा, मेरी बॉडी में करंट दौड़ने लगा मैं उसको रोक नहीं पाई. वह मेरे बूब्स दबा रहा था और अंगूठे से दाग के ऊपर घीस रहा था. इतने में कालू ने कहा रुपाली जी लगता है पानी लगाना पड़ेगा, और उसने अपनी पानी की बोतल मेरे बूब्स पर उल्टी कर दी और दोनों बूब्स गिले हो गए, वह उनको दबाने लगा मैं आह उऔ ओह हां यस मौन करने लगी..

कालू ने कहा – रुपाली जी आप के आम बहुत बड़े और मस्त हैं.

मैं – तुम्हें अच्छे लगे?

वह – हां, बहुत अच्छे लगे.

मैं – तो आम का रस नहीं पियोगे?

कालू ने यह सुनके जल्दी से मेरे शर्ट के बटन खोल दिए मेरे तन और दूध से भरे बोबे उसके सामने थे. मैं गरम हो जाने की वजह से मेरे निप्पल कड़क हो गए थे.

कालू ने कुछ सेकंड मेरे लेफ्ट निपल अपने काले होंठों में जकड़ लिया और जोर जोर से चूसने लगा, और लेफ्ट हैंड से मेरे दूसरे बूब्स को दबाने लगा, मेरे रेड चिरी जैसे निपल को पिंच करने लगा, बुब्स पर प्रेशर की वजह से दूध बाहर निकलने लगा, वह दूध को चूसता जा रहा था.

उसने दूसरे हाथ से मेरी जींस पैंट खोल दी और मेरे पैंटी के अंदर हाथ डाल कर मेरी कुंवारी चूत के दाने को छेड़ने लगा, जैसे ही वह मेरे दाने को छेड़ता मेरे मुंह से आवाज निकलती और मैं कालू के काले सर को मेरे दूध जैसे गोरे बूब्स पर दबा देती जिस वजह से मैं बहुत गरम हो चुकी थी..

मैंने मेरी जींस निकाली और पूरी नंगी हो गई और कालू ने उसकी धोती निकाली उस का काले नाग जैसा काला लंड मेरी सेक्सी बदन देखकर फनफना रहा था. कालू ने जमीन पर अपनी धोती डाल दी और मुझे लेटा दिया और मेरे ऊपर आकर वह मुझे किस करने लगा. मेरे होंठ उसके काले होंठ से बुरी तरह चूस रहा था, मेरा हाथ उसके काले गंजे सर पर घूम रहा था, उसने मेरे लिप्स चूस चूस कर सुजा दिए.

कालू मुझे १० मिनट तक किस करता गया, मैं बहुत गरम हो चुकी थी, कालू मेरे गर्दन के ऊपर किस करने लगा, मुझे उसकी सफेद मुछ मेरी गर्दन पर चुभ रही थी. फिर वह मेरे बोबे के ऊपर अपना मुंह घुमाने लगा, दोनों हाथों से वह मेरे बड़े बूबो को दबाने लगा और मेरे दूध से मिल्क बाहर आने लगा, मेरी छाती और कालू का मुंह मेरे दूध से गिला हो गए थे.

वह मेरे पेट को किस करते मेरी चूत तक पहुंच गया, वह अब मेरी गोरी जांघों के बीच था वह मेरी चूत को उसके जीभ से चाट रहा था, कालू अपनी जीभ मेरी चूत के दाने पर घीस रहा था और मेरी चूत गीली हो चुकी थी.

कालू ने मेरी चूत को जोर से छेड़ना शुरु किया मेरे मुंह से आह औउ ओह हां यस हां यशः आयी हाई ओओओ आवाज आने लगी, ७-८ मिनट चूसने के बाद में जड गई मेरा सारा पानी कालू पी गया, मैं बोली की प्लीज मुझे चोदो.. मेरी चूत तुम्हारे लंड से फाड़ दो.. मेरी चूत पर तुम्हारे लंड का नाम लिख दो.

लालू जोश में आकर मेरे ऊपर आया और बोला तेरे को चोदूंगा, तेरी चूत पर मेरे ही लंड का नाम होगा. ऐसा कह के कालू अपना काला लंड मेरी गुलाबी कुंवारी चूत के घिसने लगा और एक झटका दिया, मेरी चूत में कालू का सुपाडा आ गया और मुझे बहुत दर्द हुआ.

कालू मुझे किस करने लगा और बोबे दबाने लगा. थोड़ी देर बाद एक झटका मारा कालू का जो थोडा अंदर गया मुझे बहुत दर्द हो रहा था, मेरी सील टूट चुकी थी. मेरी चूत में से खून निकल रहा था.

कालू ने फिर से एक झटका मारा और ३ इंच लंड अंदर गया, कालू का ५ इंच लंड मेरी चूत में और ४ इंच बाहर था, उसने फिर से झटका लगाया और पूरा का पूरा लंड अंदर डाल दिया. कालू के लंड का सुपाडा मेरे बच्चे दानी से टकराया. कालू थोड़ी देर रुका और मेरे निप्पल को चूसने लगा, और मेरे लाल निप्पल से दूध पीने लगा..

मेरा दर्द कम होने के बाद कालू धीरे धीरे लंड को अंदर बाहर करने लगा. ५-६ मिनट  अंदर बाहर करने के बाद मुझे मज़ा आने लगा और मैं भी मेरी चूत उसके लंड लेने के लिए उठाने लगी, कालू ने अपनी स्पीड बढ़ा दी मुझे जोर जोर से झटके मारने लगा. कालू का लंड हर झटके में मेरी बच्चेदानी से टकराता था. मैं भी कम ऑन फक मी फक मी हार्ड औऔ ये ययय य्स्यय्स ये ओह हां य्तास्स्स करने लगी.

और १० मिनट के बाद मेरी बोडी अकड़ गई जैसे मेरे जिस्म में भूकंप आया और मैंने पानी छोड़ दिया. कालू थोड़ी देर के लिए रुक गया और फिर से चोदने लगा..

कालू मुझे ३० मिनट से चोद रहा था. मैं तीन बार झड़ चुकी थी, आख़िर में कालू जोर जोर से धक्के लगाने लगा मैं चिल्लाई मेरी चूत में ही पिचकारी मार दो.. मेरे बच्चे दानी पर पानी छोड़ो कालू ने आखिर मिनट में जोर से झटके मारे और उसका पूरा शरीर कांपने लगा और मेरे बच्चेदानी पर कालू की पिचकारी की बरसात होने लगी.. कालू का बहुत सारा वीर्य था जो उसने मेरी योनि में डाल दिया.

कालू मेरे ऊपर ही पढ़ा रहा. उसका लंड सिकुड़कर छोटा हुआ था पर वह अभी भी मेरी चूत में था, कालू अपना लंड निकालना चाहा तो मैं ने कहा कालू रहने दो आप की ही चूत है यह अब.. कालू ने मेरी तरफ देखा और कहा मैं आप का और दूध पीना चाहता हूं..

मैंने कहा क्यों नही चूसो.. जितना चाहे उतना चूसो.. इन चूंचियों पर और उस के दूध पर आपका ही हक है.

कालू मेरे निप्पल चूसता रहा और दूसरे निप्पल से खेल रहा था, हम दोनों १ घंटे तक ऐसे ही पड़े रहे. कालू मेरे निप्पल चूस रहा था, उसका लंड मेरी चूत में अभी भी था.

थोड़ी देर बाद मेरे दोनों बूब्स में से दूध ख़त्म हो गया और कालू मेरे तरफ से हट गया उसके उठते ही मेरी चूत में से उसका लंड बाहर निकल गया, और मेरी चूत में से पानी नीचे बहने लगा. मैंने अपने कपड़े पहने लिए और हम दोनों घर चले गए.

उसके बाद रात को भी मैंने उसे मेरे कमरे में बुलाकर चूदाई कि मुझे उसका लंड चूत में लेकर सोना बहुत अच्छा लगता था. एक हफ्ते तक ऐसा ही चलता रहा, बाद में मेरा कॉलेज शुरू हुआ और पुणे चली गई..

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