जुली को पता चल गया की मैं गिगोलो हूँ

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फ्रेंड्स सभी हिंदीपोर्नस्टोरीज डॉट कोम के चाहको को मेरा नमस्कार. मेरा नाम अभी हे और मैं 5 फिट 7 इंच लम्बा, गोरा और 7 इंच के लोडे वाला लड़का हूँ. वैसे मेरा पेशा एक कॉल-बॉय का हे जो मैं अपनी पढाई के साथ करता हूँ. मेरी एक कोलेज की लड़की ने मुझे इस धंधे पर लगा दिया हे और मेरी अच्छी कट रही हे क्यूंकि मुझे चोदने के साथ साथ कमाई करने को मिलती हे.

मैं अपनी पढ़ाई के लिए एक कमरे के मकान में रहता हूँ. ये मकान एक बूढ़े कपल का हे जिसकी एक जवाब बेटी हे. मेरा एक दोस्त भी रहता हे लेकिन वो तो ज्यादातर घर के बहार ही होता हे अपनी सेल्स की जॉब की वजह से.

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मेरे मकानमालिक की बेटी मेरिड हे पर उसके पति के मारने की वजह से वो अपने माँ बाप के पास आ के रह रही हे कुछ महीनो से. उसका पति बेवडा बाज हे और शराब पी के झगड़ा करता रहता हे उसके साथ. अंकल की बेटी का रंग और नक्श एकदम सेक्सी हे. उसका नाम जुली हे और उसकी उम्र 24 साल जितनी हे और देखने में वो मलिका अरोड़ा के जैसी सेक्सी और मादक लगती हे.

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मैं और जुली ऑलमोस्ट सेम उम्र के थे और हम दोनों में अक्सर बातें होती थी. वो मुझे अपना अच्छा दोस्त समझती थी. मैं पढ़ाई के समय के बाद अपना गिगोलो वाला फोन ओन कर लेता था. हफ्ते में 3-4 बार मुझे आउट कॉल के लिए जाना होता था. एक दो बड़ी शेठानिया भी हे मेरे लिस्ट में जो अपनी कार मुझे लेने के लिए भेजती हे मेरे घर पर. अक्सर मैं होटल्स पर सेक्स करने के लिए जाता था इन प्यासी औरतों के साथ. और एक दिन जुली ने मुझे ऐसी ही एक क्लाइंट के साथ देख लिया कहीं पर. मैंने उसे नहीं देखा था पर उसने मुझे उस औरत के हाथ में हाथ डाल के घूमते हुए देख लिया था, अब कोई क्लाइंट प्यार का भूखा भी होता हे वो हमें शोपिंग करवाती हे और प्यार करती हे. सेक्स उन्के लिए उतना जरुरी नहीं होता हे. ऐसी ही क्लाइंट के साथ जुली ने मुझे देख लिया था.

जब शाम को जुली मेरे कमरे में आई तो उसने वो औरत के बारे में पूछा. पहले तो मैंने बात को टालने की कोशिश की लेकिन फिर मैंने उसे साफ़ कहा, मैं एक गिगोलो हूँ और पैसे ले के सेक्स की सर्विस देता हूँ. और जिस औरत के साथ तुमने मुहे देखा था वो मेरी ग्राहक ही थी.

मेरी ये बात सुन के जुली का मुहं खुला का खुला रह गया. वो वहां से चली गई और कुछ दिनों तक वो मेरे से नजरें चुराती रही. मैं भी कहा मेरे को कितने टके मैं भी उसे निगलेक्ट सा करने लगा था.

फिर एक दिन मैं अपने कमरे में बैठ के न्यूज पेपर पढ़ रहा था तब जुली कमरे में आ धमकी और मुझे देख के बोली, तुम पैस के लिए किसी के साथ भी सेक्स करते हो.?

मैंने हां में सर हिलाया तो वो बोली, मैं भी तुम्हे पैसे दे दूंगी जितने लेते हो क्या मेरे साथ करोगे?

मैंने जुली से कहा, पागल हो क्या मैं तुमसे पैसे थोड़ी ना लूँगा.

वो बोली. मतलब कुछ करोगे भी नहीं?

मैंने कहा, सेक्स कर लूँगा लेकिन बिना पैसे के! तुम को जब भी करवाना हो तो मुझे कह देना.

कुछ दिन तक उसका कोई जवाब नहीं आया. फिर पड़ोस के गाँव में एक शादी में जुली के पेरेंट्स जा रहे थे. जुली ने तबियत का बहाना बनाया और वो घर पर ही रुक गई. अंकल आंटी के जाबे के बाद वो मुझे अपने कमरे में ले गई. उसने ब्लेक नाईट गाउन पहना हुआ था. उसने मुझे दरवाजे के पास ही अपने गले से लगा लिया और मुझे चूमने लगी.

मैं भी उसका पूरा सपोर्ट दे रहा था किस करने में. वो बोली, देखो मेरे साथ वैसे ही करना जैसे तुम अपने बाकी के ग्राहकों के साथ करते हो.

मैंने कहा, अरे ठीक हे बाबा!

मैं जुली को पकड लिया और अपने होंठो से उसके होंठो पर डीप किसिंग करने लगा. वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.

वो बोली, वाह अभी प्लीज़ सक मी मोर एंड मोर!

मैं उसके बाल पकड के उसके गालो पर भी पप्पी दे दी और कहा, जानू लगता हे बहुत दिनों से किसी का लंड नहीं लिया हे तुमने!

वो मेरे बदन में सिमट सी गई और मुझे किस करने लगी. मैंने कहा, जुली कपडे निकालो मैं पहले तुम्हे मस्त मसाज कर के देता हूँ फिर हम सेक्स करेंगे.

मैं फर्श के ऊपर एक चद्दर बिछा दी और जुली को पूरा नंगा कर के उसे निचे लिटा दिया. नंगी होने के बाद वो और भी हॉट लग रही थी.

वो चद्दर के ऊपर लेटी हुई थी. मैंने कबाट से तेल की शीशी निकाली और अपने हाथ में तेल निकाल के उसके उअप्र आ गया मैंने. मैंने मसाज की स्टार्टिंग उसकी कमर से की. कमर के ऊपर हौले हौले से मलते हुए मैं फिर उसके पाँव के ऊपर चला गया. वो सीधी लेट गई. अब मैं उसके पेट के ऊपर तेल डाल के हिलाने लगा और उसकी नाभि के बटन को भी तेल से गिला कर के अन्दर ऊँगली करने लगा. फिर मेरे हाथ जुली के बड़े बूब्स के ऊपर चले गए. वो सिसकियाँ रही थी और एकदम मादक आवाजों से मुझे भी मोहित कर रही थी. जुलिक ने कडक बूब्स एकदम मोटे थे और उसके निपल्स एकदम कस गए थे. जुली को मसाज करवा के बड़ा अच्छा लग रहा था. वो गहरी साँसे ले के अपने पेट को हिला रही थी. उसका ऊपर निचे होता हुआ पेट मर्डर फिल्म की मल्लिका शेरावत के जैसा लग रहा था.

फिर मैं कुछ बुँदे अपनी उँगलियों के ऊपर ले के उसकी चूत के ऊपर मसाज देना चालू कर दिया. जुली अब एकदम से हॉट हो गई और बोली, अभी अपने लंड से मेरी चूत मार दो अब तुम, मुझे इतना मत तडपाओ ना मेरी जान!

लेकिन मैं जानता था की वो जितनी और हॉट होगी उसे भी सेक्स का उतना ही मजा आएगा. इसलिए मैंने मसाज के बाद उसकी चूत के होंठो से अपने मुहं के होंठो को लगा दिया. जुली की रसीली चूत को चाटने लगा मैं और उसका पानी छुट गया. गीली चूत के अन्दर अपनी ऊँगली डाल के मैंने अंदर बहार किया और फिंगर फकिंग से जुली और भी बेचेन सी होने लगी थी. उसके मुहं से अह्ह्ह अह्ह्ह्ह ओह ओह निकल रहा था और मैं और भी जोर जोर से फिंगर फक कर रहा था उसके साथ.

उसे फिंगर सेक्स का मजा देने के बाद मैंने सोचा की अब उसकी चूत में लंड डालने का सही टाइम हो गया हे! मैंने उसके बूब्स को दबाये और उसके निपल्स को अपनी जीभ से हिलाने लगा. जुली ने अब खड़े हो के मेरे बदन के ऊपर से सब कपडे उतार डाले. अब हम दोनों पुरे न्यूड थे. उसने इम्रे लंड को देखा और उसके चहरे के ऊपर एक अलग ही ख़ुशी झलक उठी. शायद इतने बड़े लंड से चुदने के ख्याल से ही वो फुदक रही थी.

मैंने कहा, जुली इसे अपने मुहं में तो ले लो.

वो अपने घुटनों के ऊपर बैठ गई और मेरे लंड को हाथ से हिलाते हुए वो उसे सक करने लगी. मैं तो जैसे जन्नत में घूम रहा था क्या मस्त लंड को चूस रही थी जुली. वो 10 मिनिट तक ऐसे ही मेरे लोडे को चुस्ती गई और मेरे लंड से पानी छुडवा दिया उसने. और एक भी बूंद को वेस्ट नहीं किया उसने, सब का सब पानी वो पी गई!

अब मैंने उसे कहा चलो अब करते हे. फिर मैंने उसे बिस्तर के अन्दर टाँगे खोल के लिटा दिया. और अपने लोडे को मैंने उसकी चूत की फांको के ऊपर रख दिया. जुली सिहर उठी और वो तडप रही थी लंड लेने के लिए. वो बोली, अभी प्लीज़ डाल भी दो उसे अन्दर!

मैंने उसके बूब्स पकडे और एक धक्का लगा दिया. बहुत दिनों से जुली ने अपनी चूत में लंड नहीं लिया था इसलिए छेद वापस सिकुड़ गया था. पहले झटके में सिर्फ आधे जितना ही लोडा अन्दर घुसा मेरा. जुली को खूब दर्द हुआ और उसकी आँखों में पानी भी आ गया. मैंने कुछ देर रुक के उसे किस की और उसके बूब्स को चुसे. बोबे चूसते हुए ही मैंने एक और धक्का दे के अपने लंड को उसकी चूत में पूरा डाल दिया. जुली भी अब मेरे लंड को एन्जॉय कर रही थी. वो भी अपनी गांड उचका उचका के मेरे से चुदवा रही थी और उसके मुहं से चुदाई की वजह से सिसकियाँ छूटने लगी थी. कुछ देर स्लो चोदने के बाद मैंने अब जोर जोर से अपने लंड को उसकी प्यासी चूत में ठोकना चालू कर दिया. वो आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह जोर से चोदो अभी, आज मेरी निगोड़ी चूत को फाड़ दो अपने लंड से ऐसे बोल रही थी.

मैंने कहा, जुली आज तो तेरी चूत का बर्था बना के खा जाऊँगा मेरी जान और लंड पर बिठा के तुझे स्वर्ग दिखाऊंगा. आज तो तेरी चूत को बिना कंडोम के फाडून्गा मैं. आज से तू मेरी रंडी हे मेरी जान, जब चाहे मेरा लंड लेने के लिए आ जाना मेरे पास.\

जुली भी गांड हिला के बोली, हां चोद मुझे और मुझे अपने लोडे की दासी बना ले!

फिर मैंने जुली को कुतिया बना दिया और अपने लोडे को पीछे से उसकी चूत में डाल दिया. आधे घंटे तक मैंने उसे खूब चोदा. तभी मुझे लगा की मेरे लंड का पानी निकल जाएगा. मैंने जुली से पूछा तो उसने कहा मेरी चूत में ही निकाल दो अपने पानी को.

मैंने अपने झटके और तेज किये और अपने लंड का सब पानी जुली की जवान चूत में खाली कर दिया. और मेरे साथ चुदने में वो भी दो बार झड़ गई थी. और आज उसे चुदाई का अलग ही आनंद और संतोष मिला था.

चुदाई के बाद मैं और जुली नंगे ही बाथरूम में नहाने के लिए गए. वहां पर मैंने उसे खड़े खड़े चोदा. अंकल आंटी के शादी से वापस आने का टाइम हो रहा था इसलिए मैं नहाने के बाद सीधे अपने कमरे में चला गया.

जुली आज भी मेरे लंड की दासी हे और जब उसका मन होता हे मेरे से चुदवा लेटी हे. और मैं कभी भी उसके पास से पैसे नहीं लेता हूँ.

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