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मामी जी की हेयरी चूत चोदी

हेलो दोस्तों मेरा ना संजय हैं और मैं कानपुर का रहनेवाला हूँ. मैं अभी स्नातक की पढ़ाई करता हूँ और पेशे से मैं एक कॉलबॉय हूँ. घर में पैसो की किल्लत की वजह से मुझे ये काम चालू करना पड़ा. लेकिन फिर मैंने देखा की मैं हरेक औरत को सटीसफाई कर सकता था. और वो लोग सामने से मुझे ढूंढती थी. मैं चोदने के साथ साथ सेक्स चेट का भी काम करता हूँ. जो लोग मुझे चोदने के पैसे देते हैं उनके लिए सेक्स की चेटिंग फ्री में करता हूँ.

अब मैं सीधे अपनी सेक्स की कहानी पर आता हूँ. ये कहानी मेरी और मेरी मामी जी के बिच की हैं. मेरे 12वी के एग्जाम ख़तम हो चुके थे और उसका रिजल्ट आने में डेढ़ से तिन महीने जितना समय लग जाता हैं. तो मैं उन दिनों एकदम फ्री था तो मैंने सोचा की चलो मामा के वहां हो आता हु अपनी होलीडेज में. मामा जी एक सरकारी कोलेज में अध्यापक हैं और उनकी शादी अभी एक साल पहले ही हुई थी. वो सुबह 10 से ले के शाम को 4 बजे तक कोलेज में ही होते हैं.

मेरी मामी भी पढ़ी लिखी हैं और वो दिखने में एकदम मस्त हैं. अब मैं आप को मामी के बॉडी का फिगर बताऊँ. बस समझ लो की एक चोदने लायक माल हैं. जब मैं अपना मामा मामी के घर गया तो मामा जी घर पर नहीं थे.

मैंने मामी को पूछा की मामा कहाँ हैं तो मामी ने बोला की वो तो कोलेज की तरफ से एक गध्य पढने के लिए बनारस यूनिवर्सिटी गए हुए थे. और वो एक हफ्ते के लिए वही पर रुकनेवाले थे. मामी ने कहा चलो कोई बात नहीं मैं तो यही पर हूँ. दोस्तों तब तक मेरी नजर अपनी मामी के ऊपर जरा भी बुरी नहीं थी. पर उस रात जब मैंने मामी को नाइटी में देखा तो मैं जैसे एकदम से चौंक गया. मामी एकदम मस्त लग रही थी अपनी नाइटी के अन्दर.

मैंने मन में सोचा की मेरे मामा की तो किस्मत ही खुल गई हैं जो उसे इतनी अच्छी माल वाईफ मिली हैं. फिर मैं अपने रूम में चला गया और मेरे मन में मामी को लेकर गंदे गंदे ख्याल आने लगे थे. मैं अब मामी को चोदने के बारे में सोचने लगा.

अगले दिन जब मैं उठा मैंने देखा की मामी नहाने के लिए जा रही थी. अब मैं अन्दर गया तो मैं उन्हेंचुपके चुपके नंगी हालत में देखने लगा और मेरा लंड एकदम खड़ा हो गया था.

फिर मैं वहां से चला गया किसी तरह पूरा दिन बिता पर जब रात को मामी जी खाना बना रही थी तो मैं उनके पास जाकर खड़ा हो गया. और मैं धीरे धीरे उनके पास जाने लगा. मेरा लंड एकदम खड़ा हुआ था. मैं मामी के पीछे जाकर खड़ा हो गया और अपने लंड को उनकी गांड में दबाने लगा.

पर मामी वहां से हट गई और दूसरी जगह खड़ी हो गई. मैं फिर उनके पीछे गया और अपना लंड उनकी गांड में दबाने लगा. इस बार वो कुछ नहीं बोली. मेरे को लगा की वो भी चुदना चाहती है. पर जब मैंने उनकी कमर को हाथ से टच किया तो वो बोली क्या कर रहे हो?

मैंने कहा मामी आप मेरे को बहुत अच्छी लगती हो. तो वो मेरे ऊपर चिल्लाने लगी फिर मैं अपने रूम में चला गया. करीब 9 बजे मामी मुझे डिनर के लिए बुलाने के लिए आई.

वो बोली चलो खाना खा लो. मैं सोने का नाटक कर रहा था. उन्होंने मुझे उठाया और मैंने कहा की मुझे नहीं खाना हैं. उन्होंने मुझे सोरी कहा और बोली मैंने ज्यादा ही गुस्सा कर दिया था. और ये कह के वो मेरे गले से लग गई.

मैंने सोचा बात बन गई और मैंने उन्हें बेड पर खिंच लिया और लिटा दिया. और उनके ऊपर चढ़ कर उनको किस करने लगा. वो बोली अरे पहले खाना खा लो फिर मुझे खाना. मैंने कहा जानेमन खाना कहा भागा जा रहा है. और फिर तुरंत मैंने अपनी चड्डी बनियान उतारी और मामी की सेक्सी मेक्सी को भी पूरा उतार दिया.

मैंने देखा की उन्होंने अन्दर पेंटी नहीं पहनी थी. और मैं सीधे ही उनकी चूत पर टूट पड़ा और मैंने उनके पैरो को खोला और फैला दिया. और चूत को चाटने लगा. उनकी चूत में बाल बहुत थे जो मेरे मुहं में आ रहे थे. पर मैं नहीं रुका और मैं उनकी चूत को चाटता रहा और अपनी जीभ उनकी चूत के अन्दर तक डाल दी मैंने.

वो उछल पड़ी और अह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह अह्ह्ह्ह की आवाजे निकालने लगी. मैं उनकी चूत को खूब जोर से काट लिया और मामी जोर से चिल्ला पड़ी, अह्ह्ह्ह आआआअ!

उन्होंने मुझे तुंरत अपनी चूत से अलग किया और अपनी  चूत को सहलाने लगी और बोली धीरे धीरे करो. मैंने कहा अच्छा मामी, सोरी.

फिर मैने उनके ऊपर लेट गया और उनकी नेक पर किस करने लगा. चाटने भी लगा और नेक के ऊपर चूसने लगा.

फिर मैं धीरे धीरे निचे आ रहा था फिर मैं उनके दूध को चूसने लगा और उनपर काटने लगा और वो अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह उईई कर रही थी. वो बोली बाबु अब मेरे से बर्दास्त नहीं हो रहा हैं अब जल्दी से अपने लौड़े से मेरी चूत को चोद डालो.

मैंने कहा ठीक है. मैने जैसे ही अपना लंड उनकी चूत में लगाया वो बोली रुको कंडोम देती हूँ. मैंने कहा नहीं. लेकिन वो बोली लगा लो.

मैंने कहा की मैं लंड का पानी छूटने से पहले ही लंड निकाल लूँगा. वो बोली नहीं लगा लो कंडोम. मैने कहा अरे कुछ नहीं होगा मामी. बहुत जिद्द करने के बाद वो मानी. और मैंने जैसे ही मैंने अपना लंड उनकी चूत पर रखा वो बोली, ये तो बहुत ही गरम हैं.

मैंने कहा लेकिन मेरा लंड अन्दर नहीं जा रहा हैं. तब वो मेरे लिए तेल ले के आई. मैंने तेल को बोटेल से तेल निकाल के अपने लंड पर और उसकी चूत पर लगाया. और फिर मैंने जैसे ही धक्का दिया तो तेल की चिकनाहट की वजह से लंड एकदम से फिसल के उसकी चूत में घुस गया.

वो आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह उईइ अह्ह्ह करने लगी और साथ ही साथ ये भी कह रही थी की चूत के अन्दर मत झड़ना. मैंने कहा ठीक हैं और फिर मैंने उन्हें किस करते हुए चोदता रहा.

करीब 10 मिनिट बाद मुझसे रहा नहीं गया. मैंने उनको जोर से पकड़ और फिर अपने लंड को बहार निकाला. मामी के पेट के उपर जैसे ही मैंने अपना माल छोड़ा तो उसकी नाभि के अन्दर मेरा गाढा माल भर गया.

फिर हम दोनों उठे और वो बोली, चलो नहा लेते हैं फिर डिनर करेंगे!

मैंने कहा और डिनर के बाद मैं आप की चूत खाऊंगा. मामी ने बड़े ही प्यार से मुझे कंधे के ऊपर एक मारा!

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