मंजू भाभी की मस्त चुदाई

हेल्लो फ्रेंड्स में अभी दिल्ली से हु. मेरी यह देसी सेक्स स्टोरी पिछले हफ्ते की हे. जब मेरे पड़ोस में एक नयी भाभी आई हुई थी, उनकी उमर मेरे जितनी थी उनका नाम मंजू हे और वह दिखने में काफी खुबसुरत हे. जिसके बड़े बड़े चुचे हे, एकदम मस्त गांड हे जिसे देख कर किसी का भी लंड खड़ा हो जाये. अगर शादी से पहले मुझे वह मिली होती तो में उसके साथ शादी कर लेता.

लेकिन अब शादी का तो पता नहीं हे लेकिन चूत का मजा जरुर लूँगा. पहले में अपने बारे में बता देता हु. मेरी हाईट ५ फुट ६ इंच हे मेरे लंड का साइज़ ७ इंच हे जो किसी को भी एकदम खुश कर सकता हे.

अगर कोई लड़की या ओरत सेटीसफ़ायड नहीं हे तो मुझे कोंटेक्ट कर सकती हे. अब में अपनी स्टोरी पर आता हु. एक दिन भाभी के फ्लेट का बाथरूम में पानी नहीं आ रहा था तो वह मेरे घर में आई बाथरूम यूज करने के लिए.

मेने उनको बाथरूम का रास्ता दिखा दिया. में बाथरूम के की होल से अंदर देख रहा था, वह नहाते नहाते अपनी चूत में ऊँगली करने लगी थी और अपने चुचे दबाने लगी थी. मेने अपने कोलेज पे छुट्टी मार ली क्योंकि भाभी को देखने के चक्कर में मेरा कोलेज जाने का टाइम लेट हो चूका था.

फिर भाभी अपनि ब्रा और पेंटी को बाथरूम  में छोड़ के अपने रूम में चली गयी और में अंदर गया और उसकी पेंटी में हेंड्जोब कर के उसकी पेंटी उसे वापस देने के लिए गया लेकीन दरवाजा एकदम खुला हुआ था.

तो में बिना कुछ बोले अंदर चला गया और मेरी आँखे खुली की खुली रह गयी थी. भाभी ने सिर्फ पेंटी पहन रखी थी और वह अपने चुचे दबा रही थी. जैसे ही उसने मुझे देखा तो अपने बेड शिट से खुद को ढक लिया.

फिर मेने उनको कहा की भाभी आप अपनी पेंटी और ब्रा मेरे बाथरूम में भूल गये हो तो में देने के लिए आ गया था. में उनको सोरी बोल कर बहार जा रहा था इतने में भाभी ने पीछे गले लगा लिया और कहने लगी की किसी को कुछ भी बताना मत मेने उनको ठीक हे बोल दिया.

फिर भाभी मुझे किस करने लगी, हमारी किस ज्यादा लम्बी तो नहीं चली थी लेकिन शरीर को गर्म कर दिया था और अब में अपने हाथो से उसके चूचो को दबाने लगा था और दूसरा हाथ चूत में उंगली करने लगा था.

फिर मैंने भाभी को बेड पर पटक दिया, अपने कपड़े उतार दिए. मेरा लंड ७ इंच का हो गया और भाभी उसे अपने हाथ में लेकर आगे पीछे करने लगी, और मैं उसके चूची और होठ चूसता रहा. कुछ टाइम के बाद मेंने लंड का टोपा जब मैंने चूत पर रखा तो भाभी सिसकियां भरने लगी और भाभी कहने लगी आराम से करना मेरा पहली बार है, तुम्हारे भैया शादी के बाद आज तक नहीं चोदा है मुझे.. में उत्तेजित हो गया.

फिर एक झटके में आधा लंड अंदर घुसा दिया और भाभी चिल्लाने लगी आराम से चोदो और दर्द होता है फिर में धीरे धीरे चोदता रहा. लगभग १५ से २० मिनट में भाभी का पानी निकलने लगा लेकिन मेरा कुछ भी नहीं हुआ था, और भाभी ढीली पड़ गई, मैं फिर भी चोदे जा रहा था. लगभग आधे घंटे में मे भाभी की चूत में ही जड गया. फिर भाभी लंड चूसने लगी. मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. उस दिन भाभी मुझसे दिन बार चुदी.

उसके बाद से हम रोज चुदाई करते हैं दिन भर भैया के ऑफिस जाने के बाद, मुझे भाभी ने बाद में बताया कि अपना पैंटी तुम्हारे बाथरूम में जानबूझ कर छोड़ा था ताकि मैं तुम्हें पटा सकूं.. मेरा हस्बैंड तो चुतीया है साला चोदता नहीं है मुझे.. मैंने सोचा कि मैं तुम से चुदाई का मजा ले लु. में इसलिए तुम्हारे बाथरुम में गई और मेरे बाथरुम में जाने के बाद तुम क्या कर रहे थे

मुझे सब पता है कैसे तुम मुझे देख रहे थे, और भाभी का फिगर ३६-२८-३४ है. मैंने खुद नापा है. दोस्तों यकीं ही नहीं होता की भाभी जी मुझे खुद पटा रही थी. फिर मैंने भाभी को रोज रोज चोदना शुरु कर दिया कभी डॉगी स्टाइल में, कभी टांग में रस्सी बांधकर लटका कर, भाभी अलग अलग तरीके से चुदने लगी थी. फिर भाभी की चूत काफी चोडी हो गई और वह मेरे लंड को बहुत पतला बताने लग गई. मेरे लंड की मोटाई ४ इंच हे फिर भाभी जी सेटिसफाइड नहीं हो रही थी.

फिर मैंने अपने लंड के साथ अपना एक हाथ भी घुसाना शुरु कर दिया. भाभी बहुत मजे लेने लग गई. एक दिन भैया अचानक आ गए और मैं उस समय बाथरुम में था. और भाभी अकेले नंगी बेड पर थी तो भैया ने देखा कि भाभी की चूत इतनी चोडी कैसे हो गई, वह बोलने लगे कि किससे चुद्वाती है.

उसके बाद भैया उन्हें चोद रहे थे और भाभी हंस रही थी, क्योंकि भैया का लंड बहुत छोटा था किसी बच्चे के बराबर.. उसके लंड के आगे मेरा लंड बाप था. फिर भैया वहां से चले गए.

फिर मैं भाभी के पास गया और भाभी से कहा कि अब मैं गांड मारना चाहता हूं, तो भाभी मना करने लगी. फिर मैंने कहा ठीक है. फिर मैं चूत चोद रहा था. मैंने जानबूझकर एक बार चूत से लंड बाहर निकाला और उनकी गांड में एक झटका दे कर पूरा लंड अंदर घुसा दिया, भाभी रोने लगी फिर धीरे धीरे गांड की चुदाई करता रहा, लेकिन कुछ टाइम के बाद गांड में भी दर्द कम हो गया और भाभी अब चूत के बजाय गांड ज्यादा मरवाती है.

मैंने उसके लिप्स का रस पीना स्टार्ट किया, वह भी पूरा साथ दे रही थी. करीब १० मिनट हमने किसिंग की, अब तो वह भी पूरी गर्म हो चुकी थी. मैं फिर उसकी नेक पर टंग घुमाने लगा, अब वह पूरा मजा ले रही थी. मैंने उसके टॉप में हाथ डाल दिया और बूब्स को दबाने लगा वह आह हो अहह ह औऊ अहः हहो अह्ह्ह आया बबबब फ अह्ह्ह ओह्ह अह्ह्ह औऔउ ओस अहहह करे जा रही थी.

मैंने उसका टॉप उतार दिया, उसने ब्लू कलर की ब्रा पहन रखी थी. मैंने एक ही झटके में उसे भी उतार दिया ब्रा उतारते ही उसके बूब्स ऐसे बाहर आए जैसे किसी पंछी को पिंजरे से आजाद कर दो, इतने बड़े और मस्त बोबे देख कर मैं तो उन पर टूट पड़ा.

मैंने उनको बड़े मजे से चूसा और वह भी सिसकियां लेते जा रही थी. जो मुझे और ज्यादा एक्साईट कर रही थी, बूब्स चूसने के साथ साथ में उसकी चूत को ऊपर से ही सहला रहा था. फिर मैंने अपना हाथ उसकी पैंटी के अंदर डाल दिया और फेरने लगा.