मौसी की चूत से खीर चाट कर खाया

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मौसी की चूत से खीर चाट कर खाया

हेलो दोस्तों मेरा नाम गोलू है, मैं बचपन में गोल मटोल मोटा था इसलिए मुझे गोलू नाम मिल गया। मेरी उम्र अभी 19 साल है मैं जवान हट्टा कट्टा मर्द हो गया हूँ, मेरी फॅमिली में मेरी माँ पापा और मैं तीन लोग है। मेरी एक मौसी है उनका नाम मधु है, मौसी का घर हमारे घर से 35 किलोमीटर दूर है। मौसी के घर में उनकी एक 13 साल की बेटी है, मेरे मौसा जी कंपनी के सेल्स मैन है इसलिए उनको काम से हमेशा बाहर जाना पड़ता है। मौसा 5 दिन के लिए बहार जा रहे थे इसलिए उन्होंने पापा को कॉल किया और बोले गोलू को कुछ दिन के लिए यहाँ भेज दीजिये, मैं जाना नहीं चाहता था लेकिन पापा के बोलने से चला गया।

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दोस्तों यहाँ मेरी किस्मत बदलने वाली थी मैंने कभी सपने में नहीं सोचा था वो सब हो गया और मैंने स्वर्ग का आनंद ले लिया, अब मैं आप को पूरी कहानी बता देता हूँ। मैं सुबह मौसी के घर पहुंच गया। मौसी ने दरवाजा खोला और मुझे अंदर बैठा कर चाय नास्ता लेने गयी, मेरी मौसी की बेटी स्कूल जा चुकी थी घर पर मौसी और मैं ही थे। मैंने नास्ता किया उसके बाद मौसी बोली जाओ बेटा नाहा लो बाथरूम में टॉवल रख दिया है मैंने। मैं बैग से अपनी चड्डी निकाल कर नहाने चला गया, बाथरूम का दरवाजा बंद करने के बाद मैं पूरा नंगा हो गया और शॉवर चालू करके नहाने लगा। मेरी नजर बाथरूम के कोने में पड़े कपडे पर गया मैंने वो कपडा उठाया तो उसमे ब्रा पेंटी साया और ब्लाउज था शायद मौसी धोने के लिए रख कर गयी थी। दोस्तों मैंने जवानी में कदम रखते ही मुट्ठ मारना सीख लिया था, मेरे लंड में तूफ़ान सा आ गया। मैंने मौसी के बारे में कभी गन्दा नहीं सोचा था लेकिन आज उनके कपड़ों को सूंघने और अपने लन्ड पर रगड़ने का मन हो रहा था। ब्रा को सुंघा उसमे से हल्का पसीना और परफ्यूम की खुसबू आ रही थी, मैंने ब्रा को लंड में डाल कर लटका लिया। अब मैंने पेंटी सुंघा, पेंटी में चूत की खुसबू थी हल्का और मदहोश करने वाला सुगंध। आज मैं समझ गया कैसे कुत्ता कुतिया की चूत सूँघ कर जोश में आ जाता है। मौसी की पेंटी सूंघते ही मेरा लंड लोहे के जैसे कड़ा हो गया। मैंने आँख बंद किया और मौसी की पेंटी सूंघते हुए मुट्ठ मारने लगा, जोश इतना ज्यादा था 4 या 5 बार हिलाते ही मेरा वीर्य निकल गया। मौसी की ब्रा मेरे वीर्य से भर गयी, मैंने जल्दी से नल चालू किया और ब्रा धो कर सारे कपडे किनारे फेंक दिया और नहा कर तैयार हो गया।

मौसी खाना बना रही थी, दोपहर को हमने साथ में खाना खाया और मैं सोने चला गया। शाम को मौसी ने मुझे उठाया, मैं बहार जा कर बैठ गया मौसी की बेटी स्कूल से आ चुकी थी। मौसी चाय लेकर आयी हमने साथ में चाय पिया उसके बाद मैं मौसी की बेटी के साथ खेलने लगा। मौसी भी हमारे साथ खेल रही थी अचानक मेरा हाथ मौसी की गांड से टच हो गया और दोपहर की बात याद आते ही मेरा लंड खड़ा हो गया मौसी मेरा खड़ा लंड देख कर मुस्कुरा रही थी, कैसे भी करके मैंने खुद को कंट्रोल किया। मेरे मन में मौसी के साथ चुदाई का खेल करने के सपने आने लगे, बार बार मेरा लंड खड़ा हो रहा था। मैं टीवी देखने लगा रात हुई और मौसी खाना बनाने लगी मौसी बोली गोलू तुमको खीर बहोत पसंद है ना आज मैं तुमको काजू वाली खीर खिलाऊंगी। मौसी खीर खिलाने की बात कर कर थी और मैं मन ही मन सोच रहा था मौसी की चूत खाने के बार में

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मौसी रसोई में खाना तैयार कर चुकी थी खीर से इलायची की खुसबू बाहर हॉल तक आ रही थी, मेरी प्यारी मौसी ने खाना परोसा मौसी के हाथ का स्वादिष्ट खाना खाकर दिल खुश हो गया। पेट ज्याद भर गया इसलिए मैं खीर नहीं खा पाया मौसी बोली कोई बात नहीं फ्रीज में रख देती हूँ थोड़ी देर बाद खा लेना। मौसी की बेटी खान खाकर सो गयी थी, मौसी बरतन धो रही थी मैं अपने रूम में गया और मौसी के साथ चुदाई के मजे लेने के सपने देखने लगा मेरा लंड खड़ा हो गया। मैं कैसे भी आज मौसी के साथ सेक्स करना चाहता था ये मेरी जिंदगी का पहला सेक्स होने वाला था, मैंने एक प्लान बनाया जिसमे ज्यादा खतरा नहीं था। मैंने लोअर और टीशर्ट पहनी हुई थी मेरा लोअर ढीला था मैंने चड्डी निकल कर बेड के निचे डाल दिया और लंड बाहर निकल कर सोने का नाटक करने लगा। लाइट चालू छोड़ा था ताकि मौसी लाइट बंद करने आये और मेरा प्लान शुरू हो सके। मैंने लंड ऐसे हल्का सा निकला था जैसे नींद में लोअर निचे जाने से निकल गया हो।

मैं ऐसे ही लंड निकाले पड़ा हुआ था तभी मौसी के आने के आवाज हुई मैंने पायल के शोर से जान लिया। मौसी कमरे में आयी और रुक गयी, उन्होंने लाइट बंद नहीं किया। मौसी मेरे सामने आकर खड़ी हुई थी, मैं बंद आखों से महसूस कर सकता था। मेरी सास तेज हो रही थी डर से गांड फट रही थी। मौसी मेरे बिस्तर पर बैठी बिल्कुल मेरे लंड के पास सायद वो मेरा लंड ठीक से देखना चाहती थी। डर की वजह से मेरा लंड लुल्ली बन गया था। थोड़ी देर में मुझे अपने लंड पर हल्का गरम हवा सा महसूस हुआ। मैं समझ गया मौसी का मुँह बिलकुल मेरे लंड के पास है वो सायद मेरे लंड की खुसबू ले रही थी या फिर पास से देख रही थी। अब मेरा लंड खड़ा होना शुरू हुआ। कुछ ही सेकंड में मेरा लंड खड़ा हो कर सलामी देने लगा। अब तक मौसी को एहसास हो गया था मैं जगा हुआ हूँ, जानबूझ कर मैंने ये सब किया है। शादी सुदा औरत के लिए इतना समझना आसान है, मैं अभी भी वैसे ही आँख बंद किये सोया था। मौसी ने मेरा लंड मुँह में भर लिया और चूसने लगी मैं कुछ ही सेकंड में जन्नत पहुँच गया। मौसी के मुँह के अंदर मेरा लंड लार से फिसल रहा था, मुँह की गर्मी और जोर जोर से दबा कर चूसने की वजह से ढेर सारा वीर्य झटके के साथ छूटा पूरा माल मौसी के मुँह में भर गया और एक गट की आवाज आयी, मौसी पूरा माल पी चुकी थी, मैं अभी भी वैसे पड़ा हुआ था, मौसी चली गयी।

मौसी के जाने के बाद मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी की मैं अपना लंड अंदर करू मैंने एक आँख खोल कर देखा मौसी नहीं है मैंने अपना लंड अंदर किया और सोने लगा। 5 मिनट बाद फिर से पायल की आवाज आयी और मेरे बिस्तर में आकर मौसी बैठ गयी, थोड़ी देर में मौसी ने आवाज दिया गोलू उठ खीर खाले मस्त ठंडी हो गयी है। मौसी मेरे पीछे बैठी थी मैंने बिना आँख खोने बोल दिया कल खाऊंगा। मौसी बोली उठ ना गोलू आज की खीर नए प्लेट में लगा कर लायी हूँ, एक बार देख लेगा तो चाट कर खा लेगा। मैंने सोचा ऐसा क्या है, मैं पलट कर देखा और देखता रह गया। सामने कुछ ऐसा था जिसके बारे में कोई भी नहीं सोच सकता था। मौसी अपनी साडी ऊपर उठा कर चूत खोले बैठी थी हाथ में खीर का कटोरा था। उन्होंने चूत के ऊपर खीर डाला हुआ था, मैं ड्रामा करते हुए बोला मौसी ये सब क्या है। मौसी बोली अच्छा बेटा इतना भोला मत बन सब तेरा ही किया हुआ था। मैंने तुझे मजे कराये है चल अब मेरी अब मेरी चूत चाट कर सारा खीर खाले। मैं मौके का फायदा उठाकर मौसी की चूत पर टूट पड़ा बिल्ली की तरह चाट चाट कर खीर खाने लगा क्या मस्त स्वाद था खीर का खीर ख़तम होते ही चूत के अंदर जीभ डाल कर चूसने लगा मौसी की चूत से पानी छूटने लगा नमकीन चूत का स्वाद खीर से भी ज्यादा अच्छा था। चूत की खुसबू मुझे पागल बना रही थी मेरा लंड फिर से सलामी देने लगा। मौसी खड़ी हुई और बोली जल्दी से कपडे उतार। मैंने मौसी की साड़ी और ब्रा निकाल दिए और साया उतार कर पूरी नंगी कर दिया।

मौसी ने मुझे नंगा किया और मेरे लंड को लॉलीपॉप जैसे चूसने लगी, लंड गीला करने के बाद मौसी बोली चल माधरचोद मुझे चोद। मैं बोला हा मेरी रंडी मौसी आजा तेरे साथ सुहागरात मनाता हूँ। मौसी ने पहले से दरवाजा बंद कर दिया था इसलिए हम दोनो बिंदास मजे कर रहे थे। मैं मौसी को घोड़ी बना कर पीछे से चूत में लंड डाला और चोदने लगा, मौसी की चूत में मेरा लंड आसानी से अंदर बाहर हो रहा था। मैंने स्पीड तेज किया और कमरे में पांच पांच की आवाज गूंजने लगी मौसी का जोश बढ़ने लगा मौसी अह्ह्ह्हह उईईई और चोद मेरी जान आज चोद डाल अपनी रंडी मौसी को अह्ह्ह उईईईईई अह्ह्ह्ह मर गयी।

पीछे से चुदने के बाद मौसी बोली बेटा अब तू लेट जा मैं तुझे अपने जलवे दिखाती हूँ, मौसी मेरे ऊपर चढ़ गयी और जोर जोर से उछल उछल कर चोदने लगी, मौसी के दूध हवा में सैर कर रहे थे मैंने दोनों हाथ से दूध पकड़ लिया और मसलने लगा 2 मिनट की चुदाई के बाद मेरा वीर्य छूटने को हुआ मेरा सरीर अकड़ने लगा मौसी ने स्पीड और तेज किया और अह्ह्ह्हह उम्मम्मम इहह्ह्ह्ह मेरा माल छूट गया मौसी उठी और मेरे मुँह में बैठ गयी उनकी चूत में मेरा वीर्य भरा हुआ था। मौसी बोली चाट मेरी चूत, मै चुत को चाटने लगा मेरा वीर्य मुझे ही खाना पड़ गया। चूत चाट चाट कर लाल कर दिया मौसी मेरे मुँह में छूट गयी और सारा नमकीन पानी मैंने पी लिया।  उस रात हमने 5 बार चुदाई की, मौसी ने बताया उन्हें चूत चटवाने का सौख है लेकिन मौसा नहीं चाटते है। एक दिन मौसी को जोश इतना ज्यादा हुआ की उन्होंने मेरे मुँह में पेशाब कर दिया था।
जब तक मैं मौसी के घर था दिन रात चुदाई चली और मौसी की चूत खा – खा कर मेरा पेट भर गया।

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