हिरल मेरी चुदक्कड बहन

यह बात कुछ साल पुरानी हे. हमारे गांव में अच्छा है स्कूल नहीं था इसलिए मेरे चाचा जी ने उनके साथ मुझे मुंबई ले के गए जहा वह रहते थे और मेरा एडमिशन बहुत अच्छे हाई स्कूल में करा दिया. मेरे चाचा का घर काफी बड़ा था और उस घर में चाची जो मुझे बहुत प्यार करती थी उनका एक बेटा सागर और एक बेटी हिरल रहती थी.

हिरल मुझसे ३ साल छोटी थी वही सागर मुझ से ५ साल छोटा था. हिरल दीखने में एकदम दूध की तरह गोरी थी. उसके बूब्स काफी बड़े थे. हीरल स्कूल से आते ही कपड़े निकाल कर सिर्फ पेंटी और स्लिप में घूमती थी. मैंने उसे बस घुरता रहता था. मुझे उसकी पिंक वाली पैंटी बहुत पसंद थी.

एक बार हिरल के कुछ दोस्त घर आये थे. वह अपने कमरे में उसकी दोस्त के साथ बातें कर रही थी. मेने उनका थोड़ा सा डिस्कशन सुना. वह सेक्स के बारे में ही बात कर रहे थे. हिरल तो उनको सेक्स ज्ञान दे रही थी. वह उन्हें बता रही थी चूत में उंगली कैसे करते हैं? सेक्स क्या होता है? मैं ऐसी बातें किसी लड़की के मुंह से वह भी अपनी कजिन के मुंह से पहली बार सुन रहा था. मेरा लंड  लोहे के जैसा हो गया था. मैं अपनी कजिन की तरफ उस दिन से अट्रैक्ट होने लगा था.

क बार दोपहर का समय था, चाची अपने रूम में ऐसी लगा कर सो रही थी. मुझे, हिरल और सागर को नींद नहीं आ रही थी तो हिरल ने एक गेम बताया.

हम में से दो लोग एक दूसरे से चिपक कर छुप जाएंगे और तीसरा उन्हें ढूंढेगा. मुझे पहले से गेम बड़ा अजीब लगा पर सागर भी इसके लिए राजी हो गया तो हमने स्टार्ट किया. सागर छोटा होने के कारण हीरल ने उसे हमे ढूंढने के लिए भेजा और हम किचन में जाकर फ्रिज के पीछे जाकर एकदम चिपक कर खड़े हो गये. मेने महसूस किया की मेरा लंड एकदम बड़ा हो गया. मेने उसकी चूत पर अपना लंड लगाने लगा. अपना हाथ पीछे से उसकी गांड पर रख दिया.

में उसकी गर्म गर्म सांसे महसूस कर सकता था. तभी सागर ने आ के हमे पकड़ लिया और चिल्लाने लगा. और उसके  साथ चाची भी उठ गयी गेम भी खत्म हो गया. हिरल ने मेरे कान में कहा मुझे यह गेम बहुत पसंद आया, हम फिर से खेलेंगे. मेरे लिए यह साफ मैसेज था की वह मेरी तरफ अट्रेक्ट हो रही है.

मैं उस दिन से कोई भी चांस नहीं छोड़ता उसके बूब्स को टच करने का. सागर और हिरल जब मेरे टेब्लेट पर मूवी या गेम खेलते तो मैं जाकर अपने हाथ की कोनी लगा देता. कभी पीछे से उसके पेट पर हाथ फेरता. उसे भी मजा आने लगा था. अब वह खुद होकर मेरा हाथ उसके टॉप में डाल देती और मैं उन्हें दबाता था.

मैं भी मैं अपना लंड उसके हाथ में देता. उसने पहली बार मेरा लंड हाथ में पकड़ा तो वह हैरान रह गई. इतना बड़ा लंड इतनी छोटी चूत में कैसे जा सकता है?  सोच कर थोड़ा डर गई. पर हम दोनों में वासना इतनी हावी हो गई थी की हम तो चाची के सामने भी चादर ओढ़कर मस्ती करते थे.

अब तक उसकी फिगर ३२-३४-३६ हो गई थी. एकदम कामवासना की देवी लगती थी. कोलेज में ऐसा कोई भी लड़का नही होगा जो उसे चोदना ना चाहता हो. पर यह सौभाग्य तो मुझे ही मिला.

पहली बार मैंने हिरल की सील तोड़ी जब हम फैमिली फंक्शन के लिए हमारे गांव गए थे. गाँव में हमारा बड़ा घर खेत जिसमें गन्ना लगाया हे. रात को हम सब टेरेस पर बैठ कर बातें कर रहे थे. में हिरल के पास गया उसे लगा मुझे उसके बूब्स चूसने है तो उसने अपनी नाईटी के ऊपर के दो बटन खोल दिया.

मैंने कहा ऐसा कितने दिन चलेगा? हमे अब सेक्स करना चाहिए. तो वह मना करने लगी. उसे डर था की प्रेग्नेंट हो गई तो गड़बड़ हो जाएगी. मेने उसे बहुत समझाया कंडोम के बारे में बताया. और उसके चूत पर हाथ कर के प्लीज बोला. तो वह मान गई. हमने प्लान बनाया. घर में बहुत लोग होने के कारण घर में तो लग भग असंभव था तो कहां और कैसे करेंगे?

मेने बहोत सोचा. गाँव होने के कारण वहा घर में टॉयलेट नहीं था इसीलिए बाहर जाना पड़ता था. में शाम को नजदीक के गांव से कंडोम और पिल्स लेकर आया. हम  सब टेरेस पे सो रहे थे. में जानबूझकर उसके पास ही सोया. रात के करीब ३ बजे मैंने हीरल को उठाया उसे अपने साथ चलने को कहा. वह थोडा डर रही थी मैं आगे और वह मेरे पीछे चल रही थी. उसे अपने गन्ने के खेत में ले गया. हम लोग खेत के बीचो बीच चले गए.

में किसी भूखे जानवर की तरह हिरल पर चढ़ गया. हिरल भी कोई कम नहीं थी, वह भी एकदम वाइल्ड बिल्ली थी. हिरल ने कहा थोड़ा धीरे करो, मुझे खा जाओगे क्या? आराम से करो मैंने कहा कितने साल से भूखा हूं में. आज मेरे राजा को अपनी रानी मिलेगी. मैंने उसका टी शर्ट निकाल दिया उसने भी मेरा शर्ट निकाला. वह तो इतनी वाइल्ड हो गई थी कि मेरा शर्ट फाड़ने लगी थी पर मैंने उसे संभाल लिया. वह अपने ब्लू  ट्रांसपेरेंट ब्रा मे थी. में उसके बूब्स को किस कर रहा था. उसके बूब्स को जोर जोर से दबा रहा था.

मैंने उसे नीचे झुका के उसकी ब्रा के हुक को अपने दांत से निकालने लगा. मुझे बहुत अच्छा लग रहा था. मैं तो उसके आम चूस रहा था. फिर उसने मेरी पेंट नीचे सरका दी और मेरा लंड हाथ में लेकर मुंह में लेने लगी. मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था. मैंने भी उसका सिर पकड़ कर आगे पीछे करने लगा.

अब वह कहने लगी और मत तड़पाओ, इतने दिन बाद मेरी इच्छा पूरी हो रही है. आज का दिन मेरे लिए यादगार बना दो. मैंने पहले उसकी पैंटी निकाल दी और अपना मुंह उसकी चूत पर ले जाकर चाटने लगा. उसके अंदर तो जैसे बिजली कड़कने लगी. आजा प्लीज मेरी सील तोड़ कर मुझे मजा दे दो. मेने उसकी सील तोड़ी हमने बहुत चुदाई की. अब सूरज उग रहा था. हिरल को चलने में दिक्कत हो रही थी. तो मैंने उसे उठा कर घर तक ले गया और हम फिर से सो गए.

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