मेरी माँ रंडी बनी

मैं जमशेदपुर में रहता हूं. मेरा नाम चंदन है मेरी उमर ही 21 साल हे. मेरा लंड वैसे तो ठीक है पर फुलने पर १० इंच का हो जाता है. मेरी मां का नाम पुष्पा है. माँ की कम उमर में शादी हो गई थी. उनकी उमर अभी ३८ साल है. मेरा कोई भाई बहन नहीं है. मां की हाइट ५ फुट ५ इंच है और फिगर ३६-३०-३८ है. उनकी गांड बहुत गोल है और जब वह चलती है तो लोग उसे घुरते रह जाते हैं. मेरे पापा भी मेरे जितने लंबे हैं उनकी उम्र ४३ साल है.

मेरा बचपन का दोस्त है जितेंद्र जिसे मैं अपना भाई मानता हूं. और सारी बातें शेयर करता हूं.

मैंने मां को क्लास में नहाते हुए देख लिया था. उन्होंने मुझे अपनी पैंटी से मुठ मारते हुए भी पकड़ लिया था समर वेकेशन में, पर कुछ नहीं बोला. तभी से हमारी बिच एक किस्म की  टेंशन सी हो गई थी.

एक बार ११ क्लास में मेरे पापा को ऑफिस के काम से ३ महीने आउट ऑफ़ स्टेशन जाना पड़ा, मेरी पढ़ाई के चलते मम्मी को भी यहीं रुकना पड़ा. उमर के बावजूद पापा मम्मी को जबरदस्त ठुकाइ करते थे, क्योंकि वह हर महीने दो पैकेट खत्म कर देते थे इतनी शानदार ठुकाई के बाद मेरी माँ की हालत एक हफ्ते में ही खराब हो गई थी.

एक दिन हमारे स्कूल में टीचर की मौत होने से स्कूल पर आधी छुट्टी थी. जब मैं घर आया तो मेने मम्मी पपर के रूम से किसी के कहराने की आवाज सुनी. आपको बता दू कि हमारा ३ bhk का फ्लैट है, गेस्ट रूम बाहर में है,जिस के पास में की किचन और डाइनिंग टेबल के दरवाजे है. डाइनिंग टेबल की बाद एक तरफ मेरा कमरा है और दूसरी तरफ मम्मी का कमरा है. मुझे शक हुआ तो मैं चुप के चुप के रूम के बाहर आया.

और उसके बाद मैंने जो देखा वह मैं सपने में भी नहीं सोच सकता था. मेरी मां एक छिनाल की तरह हमारे दूध वाले के छोटे भाई से मजे ले कर चुद रही थी. बेड़ का सिराहाना दरवाजे की तरह है. माने की मुझे वजा लेते लोगो की रंगे साफ साफ दिख रही थी पर वह मुझे नहीं देख सकते थे. सुंदर माँ को घोड़ी बना कर चोद रहा था और बीच बीच में माँ के हाथ पर चपट भी चला रहा था. क्योंकि मां सिरहाने को पकडी हुई थी इसीलिए सुंदर भी बेड के बीचो बिच घुटनों के बल चोद रहा था और मुझे नहीं देख पाता.  चप चप की आवाज मेरे कान में मिश्री की तरह लग रही थी. सुंदर के लंड पे कंडोम नहीं लगा था और वह मेरी मां की चूत से बिल्कुल ही गीला हो चुका था. सुंदर मां के बाल पीठ के ऊपर से खींच कर उन्हें गंदी गंदी गालियां दे रहा था. मैंने फट से मोबाइल निकला और एक वीडियो बना लिया.

कुछ देर बाद एक हाथ में थूक डाल कर माँ की हेंड में उंगली करने लगा और दूसरे से उनकी चूत सहलाने लगा. थोड़ी देर में माँ जड गई. फिर सुंदर ने माँ की टांगो को पकड़ कर खींचने लगा और दोनो टांगे अपने कंधे पर टिका दी. वह ज्यादा लंड नहीं हीला पा रहा था. पर वह मां के चूत को बड़ी बेहरमी से मसलने लगा. वाह क्या मस्त नजारा था? वह उसी अवस्था में मां के अंदर ही झड़ गया. मैंने इस पूरे कारनामे की भी वीडियो बनाई डाली थी. फिर मैं बाहर चला गया और शाम को ४ बजे के आस पास लौटा.

माँ उजले रंग की नाईटी पहन कर कमरे में आराम कर रही थी. मैंने खाना खाया और फिर मा को जगा कर डायनिंग टेबल पर बुलाया. फिर मैंने लैपटॉप चालू किया मां ने कहा यह क्या दिखा रहे हो चंदू बेटा?

मैंने माँ को बोला कि आज एक बहुत अच्छी पिक्चर हाथ लगी है, में आपको दिखाना चाहता हूं. वीडियो चलने पर मां की आंखें फट गई और वह चेयर पर बैठ गई. कमरे में बस मां की चीखें गूंज रही थी उन्होंने जल्दी से वह वीडियो मेरे लैपटॉप से डिलीट कर दी

मेने हंसकर कहा कि वह मेरी ईमेल में भी पड़ी है. वह रोने लगी कि बेटा इसे डिलीट कर दें वरना तेरी मां की इज्जत लूट जायेगी. मैंने बोला कि डिलीट कर दूंगा पर एक बात बताओ, तुम सुंदर से कैसे चूदी और क्यों?

माँ बोली बोली वह दूध का हिसाब लगा ने के लिए तेरे पापा को ढूंढ रहा था. तो मेने उसे अंदर बुला कर २०० रूपये ज्यादा दे दिए. जब उसने पूछा किस लिए यह पैसे दिए मैडम जी? तो मेने उसके लंड पर अपना हाथ रख दिया.

फिर उसने मुझे ही ५०० रूपये दे दिए और बोला तू मेंरी रंडी बनेगी. में तेरे बेटे के जाने के बाद के बाद तुजे एक कुत्तिया की तरह चोदुंगा और अब में तुजे जो बोलूँगा वह तुजे करना पड़ेगा. पिल्स लेती हु फिर भी तेरे पापा मुझे कंडोम लगा कर चोदते हे पर इस ने तो मुझे ऐसे की चोद दीया.

मेने भी मेरे मेरे वालेट से पास सो का नोट निकाला और मां की ब्रा में घुसा दिया. फिर ब्रा के ऊपर से ही उनकी बायीं चूची दबाने लगा. वह कहने लगी बेटा यह लेकिन मेने उसे आगे बोलने नहीं दिया और उसे कस के किस करना चालू कर दिया और मेरे बाएं हाथ से पीठ सहलाने लगा. फिर मेने कहा की तू मेरी भी रंडी है आज से.

फिर में ने अपनी माँ को अपने गोद में उठाया और उसे उसी बेड पर ले गया जहा  सुंदर मेरी माँ को चोद रहा था. फिर मेने उसे वहा पर लिटा दिया और उसकी नाईटी उतार कर फेंक दी. मेरी माँ ने अंदर क्रीम कलर की ब्रा और काले कलर की पेंटी पहनी हुई थी. मैंने उसकी पीठ को दीवार से टिका दिया.

फिर मैं बाए हाथ से उसकी पैंटी के अंदर उसकी चूत को सहलाने लगा और में अपने दुसरे हाथ से उसके बूब्स को जोर जोर से दबाने लगा और उसे फ्रेंच किस करने लगा. १० मिनिट बाद मेंने  अपने कपड़े उतारे और पूरा नंगा हो गया. मेरा लंड एक सिपाही  की तरह खड़ा था. मेने लंड को उसकी पैंटी में घुसा दिया.

फिर मेने उसे कस के पकड़ कर पीछे से उसकी ब्रा खोली दी. उसके गोरे गोर मोटे कबूतर उछल कर बहार आ गये उधर मेरा लंड अब दर्द करने लगा था तो मैंने उसे भी अब बाहर निकाला. मेने माँ को बेड के पैर की तरफ किनारे पर बैठाया.

फिर धीरे धीरे उसकी पेंटी निकाल दी. मां के नीपल अभी पूरे तनक गए थे. मेने माँ को धकेल कर गिरा दिया और बेड की दूसरी तरफ से चढ़कर ६९ की पोजीशन में हो  गया. और में उसकी चूत को चाटने लगा था और चूत को चाटते चाटते चाटते मुझे लगा कि  में झड़ने वाला हु तो मेने अपना लंड माँ के चेहरे से हटा लिया. माँ की टांगें फैला कर मैंने उनकी चूत में अपने एक हाथ की  में तीन उंगली एक साथ डाल दी.

वह जड गई और उसकी चूत पूरी तरह से गीली हो गई थी. फिर में मुड़ा और माँ के  पेट पर बैठ कर अपना लंड उनकी दोनो चुचियों के बिच रख लिया. फिर मेने दोनों हाथों से बाहर की तरफ से मम्मे दबाए और अपनी गांड उठा कर माँ के मम्मे  चोदने लगा. अचानक से माँ बोली कि मेरी पिल वेस्ट हो जाएगी इसलिए तू अपना माल मेरी चूत में ही छोड़. में समझ गया कि यह कुत्तिया गरम हो गई है.

फिर में बेड से उठा और उसकी एक टांग को बेड के पैर की तरफ वाली बोर्ड पर रख दिया और अपना लंड उसकी चूत में डाल कर जोरो से चोदने लगा.

दो मिनट के बाद मैंने उसकी टांगे उठा कर खींच कर अपने कंधे पर रखी और लंड उसकी चूत में डाल कर चोदने लगा. ५ मिनट बाद मैं झड़ गया. माँ मुझे इस बीच मादरचोद और गंदी गंदी बातें सुना रही थी. मेरे बड़े लंड से उसकी चूत एकदम लाल हो चुकी थी. मेरे जड़ने पर वह पागलों की तरह उठ कर मेरा लंड चूसने लगी. मेरा लंड वापस से तनक गया.

मैंने बोला कि मैं भी तुझे घोड़ी बनाकर चोदुंगा. माँ बेड पर तैयार हो गई. मैंने बोला कि तुझे खड़े हो कर चोदूंगा. वह निचे उतर कर पैर वाला बोर्ड पकड कर रंडी की तरह गांड निकालकर खड़ी हो गई.

मैंने पीछे जाकर उसकी कमर को दोनों हाथों से आगे की तरफ से पकड़ा और  चालू हो गया. मैंने अपनी स्पीड बढाई और जड गया. मेरा लंड बिना निकाले मैंने उसकी पीठ को अपनी छाती से लगा लिया और दोनों हाथों से उनका निपल पकड़ने लगा.

कुछ देर बाद मैंने हाथो को माँ की जांघो के नीचे लगाया और उसे हवा में उठा लीया. मेरा लंड उनकी चूत से निकल गया. मेने हवा ने उठाये माँ को बेड पर पटक दिया और फिर बगल में लेटकर अपना लंड उनकी चूत पर रख दिया.

मैं साथ ही साथ उसकी चुचिया भी दबता गया. मेरा लंड वापस से तनक गया. मेंने मां को पीठ पर लेटाया  और लंड डाल कर खूब चोदा पर नहीं जडा. तो माँ ने मुझे उठाया और पापा की चेयर पर बैठा दिया.

फिर वह मेरे लंड पर बैठ कर अपनी गांड ऊपर नीचे हिलाने लगी. ईसी के साथ उसने अपना एक निपल मेरे मुंह में घुसा कर मुझे जोर जोर से चोदने लगी मेरे को गंदी बातें सुनाने लगी. मैं कुछ देर में जड गया. फिर हमने नहाया और में मम्मी के कमरे में सो गया.

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