ननिहाल में नेहा भाभी को चोदा

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हेल्लो दोस्तों मेर नाम राजेश है और मैं जयपुर में रहता हूँ. मैं इंजिनयरिंग कर रहा हूँ और मुझे आंटी और भाभी बहोत पसंद है. मैं काफी भाभियों और आंटियों के साथ फोन पर वोईस सेक्स और टेक्स्ट सेक्स करता हूँ.

ये बात तब की हैं जब मैं छुट्टियों में अपने ननिहाल गया हुआ था. मेरी मामी भी हैननिहाल में जो पेशे से टीचर है. एक दिन मेरी मामी की एक स्कुल की कलिग जिसका नाम नेहा है उसको मैंने देखा. नेहा का बदन और उसकी शक्ल देख के मेरा तो लंड एक ही झटके में खड़ा हो गया था. पहली बार ही मेरा मन उसको चोदने के लिए उत्सुक सा हो गया था. वो अभी अभी ही शादी हुई थी और उसकी उम्र करीब 26 साल की थी.

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नेहा के हसबंड दिल्ली में जॉब करते है और सन्डे के दिन ही वो घर पर आते थे. नेहा के घर पर कोई और नहीं था इसलिए वो बहुत सब समय मेरी मामी के साथ ही निकालती थी. वो डेली नानी के घर पर आती थी. मैं उसके छिप के पिक्स निकालता था अपने फोन में. क्या गांड थी मन करता था बस कपडे फाड़ के चाट जाऊं और बूब्स तो 34 इंच के थे. और उन्हें भी चूसने का मेरा बड़ा मन रहता था. लेकिन बस दूर दूर से ही उनको देख के खुश होता रहता था और रात को नेहा के नाम की ही मुठ मार के सो जाता था.

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एक दिन मामी किसी काम से बहार चली गई. और उसकी थोड़ी देर के बाद ही नेहा भाभी आ गई. क्या मस्त स्यूट पहन रखा था, डीप नेल गला और उसके बूब्स का क्लीवेज आराम से दिख रहा था. मैंने अपने आप को संभाला और उनके पास गया. मैंने बताया की मामी तो नहीं है घर पर. तो वो जाने लगी. मैंने हिम्मत जुटा के उनको घर पर ड्राप करने के लिए पूछ लिया. उन्होंने पहले मना कीया लेकिन फिर हाँ बोल दिया.

मैंने बाइक स्टार्ट की और उनके पीछे बैठते ही मेरे लंड को अहसास हो गया जैसे ही भाभी के बूब्स मेरी पीठ पर लग रहे थे. मन कर रहा था अभी का अभी नेहा भाभी को घोड़ी बना के चोद दूँ! हम उसके घर पहुंचे और नेहा भाभी बाइक से उतर गई.

मैंने मन ही मन में सोचा की कैसे भाभी के घर के अन्दर जाऊं! तो मैंने जानबूझ के बाइक निचे गिरा दी और पैर पर लगने की एक्टिंग की. भाभी एकदम आई और मुझे उठाने में हेल्प करने लगी. भाभी मुझे अपने घर लेकर गई और सोफे पर बिठाया. मैं खुश हो चूका था. शाम के साड़े 7 बज रहे थे और अँधेरा भी हो चूका था. मैंने भाभी से कहा की अब मैं बाइक तो नहीं चला पाऊंगा मेरे पैर की वजह से. तो नेहा भाभी ने कहा की यही रुक जाओ फिर.

रात को खाना खाने के बाद भाभी मुझे कमरे तक छोड़ कर चली गई. जैसे ही जाने लगी तो मैंने भाभी से कहा नेहा भाभी मेरी कमर में दर्द हो रहा है.

भाभी बोली मूव लगा दूँ तो मैंने बोला, हां लगा दो.

नेहा भाभी मूव लेकर आई और मैं उल्टा हो गया और मैंने अपनी टी शर्ट थोड़ी ऊपर कर ली. भाभी साइड में बैठी और मूव लगाना चालू कर दी. जैसे ही भाभी के नरम नरम हाथ मेरे बॉडी पर लगे मेरे बदन में जैसे करंट दौड़ गया. मेरा लंड धीरे धीरे खड़ा हो रहा था. मैं एकदम से मुडा तो भाभी मेरे ऊपर गिर गई. उनके डार्क ब्राउन बाल मेरे फेस पर आ गये और उनके बूब्स मेरी छाती से चिपक गए.

मैंने भाभी को पकड़ा और धीरे से ऊपर किया और भाभी ने एकदम नोटी स्माइल दी. मैंने भाभी का हाथ पकड़ा और उन्हें मेरे ऊपर लिटा लिया. मैंने भाभी की चुच्न्नी हटा के साइड में रखी और भाभी का फेस पकड के उन्हें किस करना चालू कर दिया.

क्या रसीले होंठ थे नेहा भाभी के. मैंने अपना एक हाथ धीरे से उनके स्यूट के अन्दर डाला और उनकी ब्रा का हुक खोल दिया और उनकी ब्रा बहार निकाल दी. अब उनके बूब्स फ्री हो चुके थे और मेरी चेस्ट पर एकदम चिपक गए थे. मैंने भाभी का स्यूट उतारा और भाभी को बेड पर लिटा दिया और उनकी सलवार भी उतार दी. और उनकी पेंटी उतार कर उन्हें नंगा कर दिया. मैंने भी अपने कपडे उतार दिए और उनके ऊपर आ के उन्हें समूच करने लगा.

मैंने भाभी के दोनों हाथ पकडे और मेरे एक हाथ से उनके बूब्स को दबाना चालू कर दिया और उसकी साँसे एकदम तेज हो रही थी. अह्ह्ह्ह अह्ह्ह कर रही थी और हम दोनों को बहुत मजा आ रहा था.

मैंने भाभी के बुबू को चूसने लगा. वो धीरे धीरे साँसे बढ़ने के साथ अह्ह्ह्ह आह्ह अह्ह्ह्ह करने लगी. भाभी को मजा आना शरु हो गया था. मैंने अपनी जीभ से उनके बूब्स के निपल पर फेरने लगा और उनके बूब्स पर लव बाईट करने लगा.

भाभी धीरे धीरे अह्ह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह्ह राजेश! करने लगी. मुझे भी बहुत मजा आने लगा और मैं उनके पेट पर किस करते हुए उनकी चूत पर पहुँच गया. क्या चूत थी के हलके हलके बाल और अन्दर का रस. मैंने धीरे से एक ऊँगली उनकी चूत में डाली और वो एकदम चिल्लाई अह्ह्ह्ह राजेश!

और मैंने उनकी चूत को किस किया और फिर अपनी जीभ से उनकी चूत को चाटने लगा. भाभी की चूत बड़ी ही रसभरी थी. और मैं अपनी जीभ अन्दर बहार करने लगा और भाभी अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह राजेश अह्ह्ह राजेश और जोर से करने लगी थी.

मैंने धीरे से भाभी की चूत के दाने को मेरे मुहं में ले लिया और भाभी एकदम चिल्लाई अह्ह्ह्ह अह्ह्ह धीरे राजेश मार डालोगे क्या, बहोत मजा आ रहा है, ओह राजेश खा जाओ मेरी चूत को, अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह!

मैं और एक्साइट हुआ और भाभी के लेग्स स्प्रेड कर के उनकी चूत को और चाटने लगा. भाभी की चूत अब गीली हो चुकी थी. क्या रस था उस चूत के अंदर. भाभी ने मुझे बेड पर लिटाया और मेरे लंड को पकड़ के हेंडजॉब देने लगी. और फिर अपनी जीभ से मेरे लंड को चाटने लगी.

भाभी ने मेरा पूरा 7 इंच का लंड मुहं में ले लिया और चूसने लगी. क्या ब्लोव्जॉब दे रही थी. भाभी ने तो मुझे जैसे जन्नत दिखा दी थी अपनी जबान से. भाभी ने मेरे लंड को चूसने के बाद मैंने भाभी को घोड़ी वाली पोजीशन में लिटाया.

मैंने भाभी के बाल अपने एक हाथ में पकडे और एक हाथ से उनके लटकते बूब्स को पकडे. मैंने अपना गरम लंड उनकी वेट चूत में डाला और भाभी एकदम से अह्ह्ह्ह राजेश अह्ह्ह्ह कर के चिल्लाई.

फिर मैं भाभी को घोड़ी बना के चोदना स्टार्ट किया. भाभी की धीरे धीरे वाली सिसकियाँ अब तेज होने लगी और वो अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह फक मी राजेश अह्ह्ह चोदो मुझे और जोर जोर से अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह करने लगी. मुझे जोश चढ़ गया और मैंने उन्हें और तेज तेज चोदने लगा. भाभी की मोअनिंग रुक ही नहीं रही थी. अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह और जोर से चोदो मुझे, फाड़ डालो मेरी चूत को मेरी जान. बहुत परेशान कर रही हे मुझे अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह डालो मेरे अन्दर, अह्ह्ह क्या बड़ा लंड है अह्ह्ह्ह अहहहा!

फिर भाभी ने मुझसे कहा राजेश मुझे फिर से तुम्हारा लंड चुसना हैं और उसका मुठ पिना है. मैंने भाभी को बोला कुछ देर चोद लेने दो भाभी. फिर कुछ देर की चुदाई के बाद मुझे लगा की पानी आने वाला है तो मैंने अपना लंड बहार निकाल लिया. और भाभी के हाथ में पकड़ा दिया.

भाभी ने मेरे लंड को ऊपर निचे करना शरु किया और मेरा मुठ भाभी के मुहं में अ गया. भाभी ने सारा मुठ मेरे लंड पर लगाकर चूसने लगी और सारा मुठ पी गई नेहा भाभी.

भाभी बोली, उह्ह्हह्ह अह्ह्ह बहोत अच्छा था राजेश, प्लीज़ मुझे कल भी चोदना तुम.

और अब मैं जब भी नानी के घर जाता हूँ तो नेहा भाभी को डेली चोदता हूँ.

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