ऑनलाइन मिली भाभी को पेनिस दे दिया

हेल्लो दोस्तों काफी दिनों के बाद चुदाई स्टोरी लिख रहा हूँ क्यूंकि काफी दिनों से काम में बीजी था. और हां स्टोरी से भी उम्मीद करता हूँ की ये भी आप को पसंद आये और अआप का प्यार मुझे कमेंट्स में देखने को मिले. चलिए अब ज्यादा दिमाग की चुदाई करने की बजाय आप को असली चुदाई की स्टोरी पर ले के जाता हूँ.

मेरा नाम हिरेन हैं और मैं गुजरात से हूँ, २७ साल का गभरू जवान! मेरे लंड का साइज़ ७ इंच हैं और चौड़ाई में पुरे ३ इंच का हैं. मुझे मच्योर लेडिस, भाभियों और आंटीज के साथ में चुदाई करना पसंद हैं.

ये भी वैसी ही एक भाभी की चुदाई की कहानी हैं जिसका नाम स्वेता हैं और वो बोम्बे से हैं. वो वहां पर अपने ससुराल में फेमली के साथ रहती हैं. उसका हसबंड बिजनेशमेन हैं और वो ज्यादा टाइम नहीं दे पाटा हैं अपनी वाइफ को. और वैसे भी उसकी शादी के ३ साल बाद भाभी को औलाद नहीं हुई इसलिए उसके हसबंड की सेक्स से रूचि खत्म जैसी ही हो चुकी थी. इतने में मैं भाभी के कांटेक्ट में आया और हम लोगों को रोज ढेर सारी बातें होने लगी, कभी कभी तो लेट नाइट्स में भी.

फिर हम एक दुसरे से अपनी सारी पर्सनल बातें भी शेयर करने लगे. और ऐसे ही एक दुसरे के करीब भी आ गए और एक दुसरे के क्लोज़ फ्रेंड हो गए. एक दिन स्वेता भाभी ने मुझे बताया की मेरा हसबंड मुझे वक्त ही नहीं देता हैं और मुझे प्यार भी नहीं करता हैं. वो मेरे लिए कभी टाइम निकालेगा भी नहीं शायद. मैंने सोचा की लोहा गरम हैं हथोडा मार ही देता हु. मैंने बोला मैं हूँ न आप के लिए भाभी. वो शर्मा गई और हंसने लगी. मेने बोला सच बोल रहा हूँ, आई लाइक यु. वो भी मान गई और बोली, आई लाइक यु टू.

फिर धीरे धीरे से लाइक लव में बदल गया पता ही नहीं चला. फिर वो एक दिन रोने लगी की किसीको मेरी परवाह ही नहीं हैं मेरी पड़ी नहीं हैं. मैं समझ गया की उसकी चूत अब मेरा लंड खाने को रेडी हैं और वो मिलने के लिए ही ये सब नौटंकी कर रही हैं. ये कहानी आप हिंदी पोर्न स्टोरीज़ डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं. मैं भी उसके मुहं से सुनना चाहता था की मुझे मिलने आओ. मगर वो नहीं बोली वैसे भी लेडीज़ चुदवाने के लिए मरी जाती हैं लेकिन जबान से बहनचोद कभी कुछ नहीं कहती हैं.

फिर मैंने उसको बोल दिया की मैं आप को मिलना चाहता हु, और आप के साथ कुछ अच्छा समय बिताना चाहता हूँ. वो मान गई और हमने मिलने का डेट फिक्स किया. मैं यहाँ से फ्लाईट में मुम्बई गया. वो मुझे रिसीव करने के लिए एरपोर्ट पर आई थी. मैंने जब उसे देखा तो एकदम शोक हो गया, साली क्या गजब की माल लग रही थी. उसका फिगर 34-32-34  का था. मैं तो तब ही पागल हो गया था और मेरा लंड उसकी चूत को पाने के लिए बेताब सा था.

फिर मैंने उसे हल्लो कहा और उसने मुझे हग कर के वेलकम किया. फिर टेक्सी पकड़ के हम लोग वहां से निकले. वैसे भी दोपहर हो गई थी तो उसने मुझे पूछा की लंच करेंगे तो मैंने बोला हां करना ही पड़ेगा क्यूंकि ताकत भी चाहियें होगी न. वो शर्मा गई और निचे देख के हंस पड़ी. हमने वही पास एक रेस्टोरेंट में लंच किया और फिर उसने होटल में जो कमरा बुक किया था हम दोनों वहां पहुँच गए.

मैंने कमरे में दाखिल होते ही उसको हग कर लिया और एकदम टाईट पकड़ लिया और वो भी पूरा सपोर्ट कर रही थी मुझे.

फिर मैं फ्रेश होने के लिए चला गया. कुछ देर में बाथरूम का दरवाजा नोक किया. मैंने पूछा क्या हुआ तो वो बोली दरवाजा खोलो ना. जैसे ही मैंने दरवाजा खोला वो बाथरूम में घुस आई और मुझे लिपट गई और वो भीग रही थी उसकी भी परवाह नहीं की उसने. मैंने उसका टॉप हटाया अन्दर उसने ब्लेक ब्रा पहनी हुई थी जिसमे वो एकदम सेक्सी लग रही थी. ब्रा को भी मैंने निकाल दी और भाभी की चुन्चियों को सक करने लागा. वो बोली धीरे कर मैं कही नहीं जानेवाली.

फिर वो पूरा न्यूड हो गई और हम साथ में नहाने लगे. फिर हम ऐसे ही न्यूड बहार आये. मैएँ उसको गोद में उठाके रखा था और सीधा ही उसको बिस्तर पर रख दिया और मैं उसके ऊपर कूद गया.

फिर हम किस करने लगे. ऐसे ही १०-१२ मिनिट किस किया फिर वो मेरा पेनिस पकड के सहलाने लगी. मैंने बोला इसको मुह में ले लो न मजा आएगा. वो मना कर रही थी. काफी इन्सिस्ट करने के बाद वो मान गई और पेनिस को चूसने लगी. मैं भी उसको सहला रहा था और उसके ब्रेस्ट दबा रहा था. फिर मैंने उसको सुला दिया और पेनिस उसकी पूस्सी पे रगड़ने लगा. वप बोली, जल्दी अन्दर डालो रहा नहीं जा रहा हैं मेरे से. लेकिन मैंने फिर भी उसको थोडा तड़पाया और अचानक से एक जोर का झटका लगाया और पेनिस सीधा उसके अंदर डाला, उसके मुहं से एक चीख निकल पड़ी!

फिर मैं जोर के झटके लगा रहा था और वो आह्ह आह्ह्ह ह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह म्माआआअ ह्ह्हह्ह्ह्ह कर रही थी. पुरे बेडरूम में उसकी आवाज आ रही थी. फिर करीब १० मिनिट के बाद मैं झड़ गया. वो भी झड़ गई थी क्यूंकि आज मुझसे चुद के वो भी बहुत उत्तेजित हुई थी.

फिर हम ऐसे ही लेटे रहे. ५ मिनिट के बाद उसने अपने पैर से मेरे पेनिस को रगडा. फिर उसने मुह में ले लिया मेरे पेनिस को. और उसे एकदम से टाईट भी कर दिया. अब की वो मेरे ऊपर आई. मैंने उसका एस पकड़ा और पूस्सी में पेनिस दे दिया. वो मेरे ऊपर उछल के चुदाई करवा रही थी. ये कहानी आप हिंदी पोर्न स्टोरीज़ डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं. करीब १५ मिनिट बाद फिर से हम झड़ गए और ऐसे ही न्यूड लेते रहे एक दुसरे इ लिपट के. और फीर हम उठ के साथ में नहाने के लिए चले गए.

बाथरूम में नहाते वक्त मेरा पेनिस फिर से खड़ा हो गया, क्या करूँ तो थी ही इतनी सेक्सी माल. अब मैंने स्वेता भाभी को वही बाथरूम में ही पेनिस चुसाया और घोड़ी बना के उसकी पूस्सी की चुदाई की. फिर हम फ्रेश हुए और होटल से निकल गए.

वापिस आने के कुछ दिन बाद उसने मुझे गुड न्यूज़ भी सूना दिया की वो प्रेग्नेंट हैं और मेरे बच्चे की माँ बनने वाली हैं!