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भाभी को प्रेग्नेंट करने की महनत – [पार्ट 1]

हाई दोस्तों अब मैं आप को मेरे बारे में बता दूँ. मेरा नाम अजित हे और मैं आगरा का रहनेवाला हूँ. लेकिन अभी  डेल्ही में रहता हूँ. बात आज से एक साल पहले की हे जब मैं पचीस साल का था. मेरे घर (आगरा) में पड़ोस में एक भाभी रहने आई थी. कोलोनी के बाकी के लोगो के साथ हम लोग भी उन्हें मिलने गए, स्वागत के लिए. तब मैं सेक्स के बारे मेंसोचता था लेकिन डर भी लगता था की किसी लड़की को कैसी पटाउंगा और कैसे उसे चोदुंगा. लड़की के घरवालो को पता चला तो वगेरह वगेरह, ऐसे दिमाग के दहीं करनेवाली बातों से अपने दिमाग को ख़राब करता था.

ये बात मैंने अपने दोस्त जीतू को बताई तो उसने कहा पागल अगर कुछ करना हे तो अनुभव वाली भाभी या आंटी को पटा ले वो सब कुछ सिखा देंगी तुझे.

तो मैंने उसे कहा अरे पागल हे क्या, मरवाएगा मुझे तू! उसने कहा की मैंने तो अपनी सगी भाभी और चाची को चोदा हुआ हे और वो दूसरी भाभियों और आंटियों को पटाने में घबराता हे! उसने मुझे कहा मैंने चाची को प्रेग्नंट किया था और आज उसका बेटा भी हे. तो मैंने हंस के कहा इसका मतलब तू अपने चचेरे भाई का बाप भी हे! ये सुनकर हम दोनों हंस पड़े. उसने कहा घबरा मत और डर मत बहुत सब भाभियों को भी लंड की तलाश होती हे. मैंने उसे कहा ऐसा कुछ हो सकता हे क्या? तो उसने कहा पागल हो ही सकता हे ना.

शाम को मैं घर गया तो छत पर चाय पी रहा था. मैंने देखा की हमारी नयी पड़ोसन भाभी (उसका नाम राधा हे) वो सामने ही थी. उसके टमाटर जैसे लाल गाल और कडक बुबे देख के लंड में हलचल हो रही थी. दोस्त जीतू की बात भी याद आ रही थी. मैंने स्माइल दी तो भाभी ने भी स्माइल का जवाब अपनी मीठी सी स्माइल से दे दिया. बस ऐसे ही बातें भी चालू हो गई हम दोनों के बिच में.

एक दिन भाभी अपने पति से लड़ रही थी. वो दोनों की लड़ाई को मैंने सुनी. भाभी अपने पति से कह रही थी की तुम नामर्द हो क्या? आजतक तुमने जिस पोस में कहा मैं वैसे लेट गई लेकिन तुम मुझे एक बच्चा नहीं दे सके! और फिर भाभी ने जो कहा उस से मेरे कान ही खड़े हो गए. भाभी बोली, अगर मुझे खानदान की इज्जत की परवाह न होती तो मैं किसी भी पराये मर्द को अपना बना लेती. वो दोनों ऐसे लड़ रहे थे की बहार कोई सुन ले उसकी भी परवाह नहीं थी. हालांकि भाभी का पति नीची आवाज में बोल रहा था और उसका टोन सिर्फ भाभी जी को शांत करने के लिए ही था.

मैं तो ये सब सुन के दंग ही रह गया. लेकिन एक बात बता दूँ उनका पति एक गेंडे की तरह था जो की बिलकुल ही बदसूरत कालिया था. उसका पेट बहार आया हुआ था और उसे गुटखा खाने की गन्दी आदत भी थी. मेरा तो मन करता था की भाभी का हाथ पकड़ के कह दूँ चल तुझे बच्चा भी दूंगा और अपना लंड कच्चा भी दूंगा!

बस भाभी के बुर चोदने के ख्यालों में और एक मौके की तलाश में अपने दिन कट रहे थे. भाभी के नाम के विटामिन वाला वीर्य मैं बाथरूम से होते हुए गटर में बहा रहा था, महंगे टॉनिक से बना हुआ वीर्य नाली में बहा के किसे अच्छा लगता हे!

लेकिन भाभी की चुदाई मेरी किस्मत में थी! एक दिन भाभी ने मुझे बुलाया और कहा की क्या तुम मेरी मदद करोगे? मैंने काम पूछे बिना ही हाँ कह दिया! भाभी ने कहा मेरे घर में एक सीऍफ़एल बल्ब ख़राब हो गया हे क्या तुम उसे बदल दोगे?  मैंने कहा क्यूँ नहीं अभी बदल देता हु,

वो बोली, बल्ब ले के भी आना हे!

मैंने हंस के उस से पैसे लिए और बल्ब ले आया कोर्नर की शॉप से. वो बोली की चलो.

मैं भाभी के पीछे चल रहा था. और उसकी मटकती हुई बड़ी क़यामत गांड को देख रहा था. मन में तो गांड को दबा के उसके एसहोल को चाटने के लड्डू से फुट रहे थे. फिर मैंने भाभी के घर में पहुंचा तो कहा बताओ कहाँ पर लगाऊं बल्ब को भाभी जी?

भाभी ने कहा, बल्ब मैं लगा लुंगी तुम बस निचे स्टूल पकड़ लेना ताकि मैं गिर न पडू.

मैंने कहा ठीक हे.

मैंने मन ही मन में सोचा की लगता हे की ये भाभी मेरे लंड को गर्म करना चाहती हे! मैंने स्टूल पकड़ लिया और भाभी की मेक्सी में से उनकी पेंटी साफ़ नजर आ रही थी. गोरी टांगो के बिच में उसकी पिंक पेंटी क्या मस्त लग रही थी. ऐसे लग रहा था जैसे सफ़ेद कपडे के ऊपर किसी ने गुलाब का पूरा खिला हुआ फुल रख दिया हो! मेरा लंड तो भाभी की पेंटी को देख के ही खड़ा हो गया. लेकिन मैं कुछ नहीं कर सका. भाभी बोली, स्टूल को ठीक से पकड़ो. और ये कहने के लिए वो पीछे मुड़ी थी. उनकी नजर मेरी पेंट पर पड़ी तो उन्होंने भी देखा की मेरे लंड में भर्ती सी आई हुई थी. भाभी के चहरे पर आई हुई स्माइल एकदम छोटी थी लेकिन मैंने उसे देख ली थी. मेरा दिल जोर जोर से धडक उठा और मेरे रोंगटे भी खड़े हो गए. मैंने आज से पहले किसी को चोदा नहीं था वो तो आप को पता ही हे. लेकिन मैं इतने नजदीक भी नहीं आ पाया था चोदने के. आप मेरी हालत क्या होगीवो खूब समझ सकते हे! भाभी की उस स्माइल को देख के मुझे लगा था की आज तो अपना काम बन ही जाएगा!

भाभी स्टूल से निचे होते हुए थोडा लड़खड़ाई. (मुझे बाद में पता चला की ऐसा उसने जानबूझ के ही किया था.) मैंने उन्हें थाम लिया और जानबूझ के एक हाथ मैंने उने बुबे पर ही रख दिया. वाऊ क्या मस्त सॉफ्ट सॉफ्ट थे वो देसी बुबे. मैं मस्त हो गया उसे टच करते ही. भाभी मुझे देख के बोली, अजित तुम चाय लोगे या दूध? मैंने नोटी स्माइल के साथ कहा, चाय तो रोज पीता हूँ आज तो दूध की ही मर्जी हे!

भाभी अन्दर गई और वापस आई तो उनके हाथ में स्ट्रोब्री मिल्क था. उन्होंने मुझे ग्लास दिया और मैंने दूध पी लिया. भाभी की आँखे बार बार मेरे पेंट के अन्दर के उफान को ही देख रही थी और फिर वो बोली, अजित तुम्हारे पेंट में ये क्या हे? और ये कहते हुए उसने अपना हाथ मेरे खिले हुए लौड़े के ऊपर रख दिया. मैंने कुछ जवाब नहीं दिया क्यूंकि भाभी को खुद को पता ही था की वो क्या हे. मैंने बस एक गहरी सांस ली उसके लंड को छूते ही. भाभी ने एकदम सॉफ्ट हाथ फेरा लंड पर और मेरी नजरों से नजरें मिला ली उसने. मुझे लगा की राधा भाभी आज मेरी जान ही ले लेगी.

लेकिन मैंने अपनेआप को संभाला, मैं मदहोशी में सेक्स नहीं करना चाहता था. मैं पुरे होश में भाभी के अंग अंग को भोगना चाहता था. भाभी ने दबे हुए आवाज में पूछा अजित तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड हे क्या? मैं बोल ही नहीं पाया, मेरा गला सुख चूका था. मैंने ना कहने के लिए अपना सर साइड बाय साइड हिला दिया.

भाभी ने फिर लंड पर सॉफ्ट हाथ फेरा और बोली, क्यूँ नहीं हे?

मैंने अब गला साफ़ कर के कहा, आप जैसी कोई मिली ही नहीं भाभी. और मैंने आगे कहा, और मैं इतना सुन्दर भी नहीं हूँ न.

भाभी लंड को अब जोर से घिसते हुए बोली, धत ऐसा किसने कह दिया की तुम सुन्दर नहीं हो!

भाभी आगे बोली, पता हे लड़कियों को लड़का नहीं बल्कि उसकी हिम्मत पसंद हे जो एक मर्द में होती हे. अगर तुम किसी लड़की को चाहते हो और उसे रस्ते इ प्रोपोस कर दो. वो अगर मना भी करेंगी तो पूरी रात सोचेंगी तो जरुर की हिम्मतवाला लड़का था.

मैंने भाभी को कहा ऐसा हे तो फिर मैं आप को पसंद करता हु!

भाभी ने स्माइल दे के कहा, क्या?

मैंने जवाब में उसके होंठो पर हल्का सा किस दे दिया.

भाभी ने भी मेरे होंठो को अपने कब्जे में ले लिया और फ्रेंच किस की. और एक लम्बी सी किस के बाद उन्होंने कहा, ऐसे किस देते हे. फिर वो बोली, अजित मैं बहुत प्यासी हूँ, आज तुम मेरी महीनो भर की प्यास को बुझा दो.

मुझे उस वक्त कुछ काम से जाना था. मैंने कहा भाभी जल्दी करना पड़ेगा.

वो बोली क्यूँ, मैंने कहा माँ को ले के मार्किट जाना हे वो दो मिनट में ही आवाज दे देगी.

भाभी ने कहा कोई नहीं तुम अपना हथियार तो दिखाओ मुझे.

और इतना कह के वो वो घुटनों पर बैठी और मेरे लंड को उसने बहार निकाल दिया. वाऊ की स्वर निकल पड़ी उसके गले से और उसने लंड को स्ट्रोक किया. ठंड के टाइम में लंड पर भाभी का हाथ घुमा तो लंड ने एक झटका खाया. भाभी ने निचे हो के लंड को चूमा और मेरी तरफ देखा. मेरा पूरा बदन एकदम गर्म हो गया था. और लंड के अन्दर झटके लगातार लग रहे थे. भाभी ने नजरें हटाई और अपना मुहं खोला. बाप रे क्या सवाद था उसके लंड को मुहं में लेने में. कोई गोरी पोर्नस्टार जैसे सोने के लंड को चुम्मा दे रही हो. वो अपने बुबे दबाते हुए लंड चुस्ती गई

मुझे जो फिलिंग हो रही थी वो मुझे आज से पहले कभी लाइफ में नहीं हुई थी. मेरा बदन गर्म था, रोंगटे खड़े थे और मैं जैसे अन्तर्वासना के सागर में डूबा हुआ था. भाभी ने टट्टे भी दबाये मेरे और फिर वो लंड को जोर जोर से चूसने लगी. उसने लंड आधा ही मुहं में डाला था और बाकी के लौड़े को वो हाथ से गोल गोल घुमा के हिला रही थी. बस एक ही मिनिट में बदन में एक तीव्र झटका सा लगा. पुरे बदन का खून जैसे लंड की तरह आ गया था. भाभी का मुहं फुल गया. मेरे लंड का गाढ़ा पानी उसके मुहं में भर चुका था. वो सब पी गई. और लंड को उसने चाट के साफ़ कर दिया. उसने अपने हाथ से मेरा लंड पेंट में भर के ज़िप लगा दी.

मैंने कहा लेट आता हूँ मैं. वो उठ के मुझे किस करते हुए बोली, आना जरुर लेकिन!

मैंने कहा, लेकिन भैया आ गए तो?

वो बोली, तुम्हारे भैया शाम को शराब के नशे में ही घर आते हे. उसे कुछ होश नहीं रहता हे. उसके लंड में कोई ताकत नहीं हे मैं तो उसकी छाती पर चढ़ के तुम्हारा लंड ले सकती हूँ!

मैंने समाई के साथ कहा ठीक हे मैं पौने नव या नव तक आ जाऊँगा!

भाभी ने स्माइल दी. मैंने उनके बूब्स दबाये और घर आ गया. माँ को ले के मार्कीट हो आया. और फिर घर पर आकर मैंने इंटरनेट पर सर्च किया की औरत को खुश कैसे करते हे. भाभी ने मेरा लंड चूसा था उसके विचार भी दिमाग में घूम रहे थे मेरे!

साड़े आठ के करीब भाभी का पति आया. वो सच में ड्रंक था. भाभी उसे हाथ पकड़ के अन्दर ले गई और मुझे उसने इशारा भी किया. मैं कुछ देर टहल के चुपके से भाभी के घर में घुस गया, मेरे लिए उसने डोर खुला रखा था.

भैया ने भाभी को बेड पर लिटाया और खुद नंगा हो गया.मैंने पर्दे के पीछे छिपा था. भाभी ने इशारा कर के मुझे कहा की इसका लंड देख कितना बेकार हे.

मैंने देखा की भैया का लंड चुहिया के जैसा था जो ढीला ढीला था. भाभी की चूत पर जैस ही उसने लंड को लगाया तो लंड जैसे भाभी की चूत की गर्मी से ही पिगल गया और उसका सब माल भाभी की चूत पार आ गया जो की बहुत कम था और पतला भी.

वो शराबी वही पर निढाल हो के सो गया.

भाभी ने मुझे कहा की तुम इसे मेरे ऊपर से हटाओ. भाभी गुस्से में एकदम लाल हो गई थी.

भाभी को निकाला तो उसने मुझे गले लगा लिया और उसने भैया के ऊपर बैठे हुए अपने बाकी के कपडे उतारे और भाभी ने मुझे भी पूरा नंगा कर दिया. भाभी ने मुझे कहा की अगर आज तुमने मुझे चोदा तो मैं तुम्हे इनाम दूंगी. मैं मैंने कहा नहीं चाहिए मुझे कुछ भी आप की चूत के सिवा. वो बोली नहीं ऐसे नहीं, बोलो तुम्हे क्या चाहिए. मैंने कहा कुछ नहीं, वो बोली प्लीज़. तो मैंने कहा आप कू पसंद हो वैसा मोबाईल ला देना मुझे. वो बोली ठीक हे.

भाभी ने अब मुझे कहा अजित अब तुम मेरी चूत को चाटो प्लीज़. मैंने कहा ठीक हे. और ऐसा कह के भाभी ने अपने बुर को पूरा खोल दिया. उसकी चूत भैया के वीर्य से महक रही थी. लेकीन सेक्स का नशा ऐसा चढ़ा था की मैंने कुछ परवाह नहीं की और भाभी की बुर में अपनी जीभ भर दी. भाभी ने अपने हाथो से मेरे सर को अपनी चूत पर दबा दिया. मैंने भी ऐसी चूत चाटी की भाभी थोड़ी ही देर में झड़ गई.

भाभी ने अब मुझे उसकी चूत चोदने के लिए कहा. मैंने भाभी के ऊपर चढ़ के अपना लंड उसकी चूत पर लगा दिया. भाभी तड़प रही थी. वो बोली, जल्दी से डालो न इसे अन्दर. मैंने भाभी की चूत पर अपने लंड को घिसा और वो अपने हाथ से मेरी कमर पर नाख़ून गडा रही थी. मैंने धक्के से अपना लंड उसकी चूत मे डाल दिया. भाभी के मुहं से आह निकल गया. और वो मेरे से लिपट गई. मेरा लंड आधे से पौना उसकी चूत में घुस चूका था.

दोस्तों राधा भाभी भी चुदास का दरिया ही थी. उसने कस ली थी अपनी चूत को ताकि मेरे लंड को वो घर्षण का मजा मिल सके. आधे पौने लंड से पूरा लंड अन्दर करने में मुझे और पांच मिनिट लग गए. मेरा लंड भाभी की बुर में एकदम टाईट था. मैंने भाभी के बूब्स को चूसते हुए चुदाई चालू कर दी. और वो भी फुल सपोर्ट कर रही थी मेरा. भैया की नाक के अब स्नोरिंग की आवाज आने लगी थी. वो सो रहा था और उसकी बीवी मेरे बड़े लौड़े से चुद रही थी… कहानी आगे भी जारी हे जिसमे भाभी ने घोड़ी बन के भी मेरा लंड लिया और मेरे लंड के बिज से प्रेग्नेंट भी हुई.

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