पड़ोसन लड़की की चूत चाट कर मस्त चुदाई किया

मेरा नाम बिन्नू सिंह है। मैं लखनऊ का रहने वाला हूँ। मैं बहुत इश्कबाज टाइप का 25 साल का लड़का हूँ। मुझे नई नई लड़कियों को पटाना और उनकी चूत मारने का बड़ा शौक है। मुझे खूबसूरत लड़कियाँ बहुत अच्छी लगती है और उनको देखते ही मुझे उनसे प्यार हो जाता है। मुझमे बात करने का बड़ा हुनर है। इसी के दम पर मैं खूबसूरत लड़कियों को पटा लेता हूँ फिर उसकी चूची पी पीकर उनको चोद लेता था। मेरा बदन फिट और कसरती है। अपनी बॉडी को मैंने जिम जाकर खूब फिट और चुस्त बना रखा है। इसी वजह से लडकियों मेरी ओर खिची चली आती है। मैं अमीर बाप की औलाद हूँ इसलिए मेरे पास पैसो की कोई कमी नही है। मैं अपनी गर्लफ्रेंड्स को कार में घुमाता हूँ और नये नये गिफ्ट उनको देता हूँ। इसलिए वो आसानी से मुझे अपनी रसीली चूत दे देती है। मैं अब तक 8 जवान लड़कियों को चोद चुका हूँ।  आप यह कहानी हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
मेरे घर के पास ही एक बड़ी खूबसूरत लड़की रहती थी। उसका नाम आराधना था। धीरे धीरे मैंने उसे पटाना शुरू कर दिया। मैंने उसे कई बार महंगी ड्रेसेस खरीद कर दी पर इसके बावजूद वो खुश नही थी। एक दिन वो बहुत उदास थी। मैं आराधना को अपनी कार में लेकर पास के एक माँल में आया था। हम बैठकर आइसक्रीम खा रहे थे। मैं बार बार उसके गाल पर किस कर रहा था। पर आराधना कुछ दुखी लग रही है। मैंने उसे कंधे पर हाथ रख दिया।
“क्या हुआ जान!! आज तुम्हारा मूड सही नही???” मैंने अपनी गर्लफ्रेंड से पूछा
“बिन्नू!! मेरे पापा की नौकरी चली गयी है। इसलिए मैं बहुत दुखी हूँ। क्या तुम अपने पापा से बोलकर उनको नौकरी दिला सकते हो??” अराधना बोली
उसके बाद मैंने तुरंत अपने पापा की कम्पनी में उसके पापा को नौकरी दिला दी। 2 दिन बाद आराधना जब मुझसे मिली तो बहुत खुश थी।

“थैंक्स बिन्नू!! मैं तुम्हारा अहसान कैसे चुका पाउंगी” आराधना बोली
“चूत देकर” मैंने कहा
“धत्त!! शरम नही आती ऐसी बात करते” आराधना बोली और हंसने लगी
मैंने उसे सीने से लगा लिया और किस करने लगा।
“जान! अब हम दोनों जवान हो चुके है। सब बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड चुदाई का मजा लेते है। इसमें हर्ज ही क्या है” मैंने कहा
वो हँसने लगी। वो शरमा रही थी.
“ठीक है मैं सोचूंगी” वो बोली
उसके बाद हम पिक्चर देखने चले गये। जब सिनेमाहाल में अधेरा हो गया और फिल्म शुरू हो गयी मैं बार बार आराधना की चूत में ऊँगली कर रहा था। वो “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” की सेक्सी आवाजे सिनेमाहाल में ही निकाल रही थी। उसने लैगी और कुर्ता पहना हुआ था। मैं बार बार उसकी लैगी में हाथ डालकर उसे गरम कर देता था। 2 घंटे तक मैं अपनी खूबसूरत गर्लफ्रेंड आराधना के साथ यही करता था। हम दोनों कार्नर सीट पर बैठे थे। मै उसके दूध दबा देता था। दोस्तों जब पिक्चर खत्म हुई तो आराधना की चूत से खूब रस निकलकर उसकी लैगी पर लग गया था। मैंने उसके बूब्स भी खूब मसले थे।
“बिन्नू !! मेरे साजन, मेरे जानम चलो मुझे कही ले चलो और चोद लो मेरी कुवारी बुर को आज। आज मैं तुमसे प्यार करना चाहती हूँ….बहुत सारा प्यार” आराधना बोली
उसे मैंने अपनी कार में बिठा लिया। अब दिक्कत थी की मैं आराधना को कहाँ पर ले जाकर चोद लूँ। उसके घर जा नही सकता। अपने घर जा नही सकता। मैंने अपने दोस्त निखिल को फोन लगाया। निखिल मेरा बेस्ट फ्रेंड था। वो मेरे काम पर हमेशा मदद करता था। निखिल आजमगढ़ का रहने वाला था। लखनऊ में वो किराए पर कमरा लेकर रह रहा था। निखिल बी। टेक का कोर्स कर रहा था।
“भाई!! अपनी गर्लफ्रेंड को चोदना है। प्लीस मेरे लिए कमरे का जुगाड़ कर दे यार” मैंने कहा
“ठीक है तू मेरे कमरे पर आ जा। मैं कोलेज चला जाऊँगा और शाम को आऊंगा। तब तक तू अपनी गर्लफ्रेंड को चोद लेना” निखिल बोला
मैंने कार को उसके कमरे की तरफ दौड़ा दिया। निखिल ने मुझे चाभी दे दी और अपने कॉलेज चला गया। मैंने आराधना को लेकर उसके कमरे में चला गया।

अंदर जाते ही मैंने अपनी मस्त मस्त सेक्सी गर्लफ्रेंड को गले लगा लिया और किस करने लगा। आज वो भी पूरी तरह से चुदाई के मूड में थी।
“जान!! तुम दुनिया की सबसे सुंदर लड़की हूँ। माँ कसम!!!” मैंने लाइन चिपकाई
हर लड़की से मैं यही बोलता था और पटाकर चोद लेता था।
धीरे धीरे कम खड़े खड़े ही किस करने लगे। धीरे धीरे आराधना मुझ पर सेंटी हो गयी। मैंने उसके लब चूसने लगा। दोस्तों मेरी गर्लफ्रेंड बिलकुल देसी माल थी। अच्छी खासी कद काठी की थी। कद 5’ 4” था और 22 साल की उम्र थी। बिलकुल देसी माल थी। आज मुझे अच्छे से आराधना की चूत में लंड देना था। वो भी मुझे किस करने लगी। आराधना का फिगर 34 26 30 था। वैसे तो दुबली पतली थी पर जहाँ पर उसके जिस्म में गोश होना चहिये वहां पर खूब था। आराधना के दूध बहुत गोल गोल और रसीले थे। मैंने उसे सीने से लगा रखा था। बार बार मैं उसे उसके पुट्ठो को पकड़कर सहला देता था। आराधना चोदने के बिलकुल सही लकड़ी थी। हम जल्दी जल्दी किस करने लगे। आराधना बार बार अपनी सासें छोड़ देती थी। कम से कम 20 मिनट तक हम दोनों चुम्मा चाटी करते रहे। फिर मैंने अपनी जवान गर्लफ्रेंड को निखिल के बिस्तर पर लिटा दिया। आराधना खूब भी चुदने के मूड में थी।  आप यह कहानी हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
“दूध पिलाओ जान” मैंने कहा
आराधना ने अपने सूट को उपर किया और अपनी ब्रा को उचकाकर अपनी लेफ्ट वाली चूची बाहर निकाल दी। बाप रे!! कितनी सुंदर चूची थी। गोरी गोरी, बेहद मुलायम और गोल गोल। दोस्तों बिलकुल देसी बूब्स थे जैसी हर हिन्दुस्तानी लड़की के होते है। मैं कुछ देर तक आराधना के दूध को निहारता रहा। फिर हाथ में लेकर दबाने लगा। ओह्ह कितना मजा आया मैं आपको बयाँ नहीं कर सकता। मैं हलके हाथ से दबाने लगा। बिलकुल रुई की तरह सॉफ्ट और नर्म नर्म मम्मे थे। मैं बार बार दबा रहा था। आराधना “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” कर रही थी। वो सिसक रही थी। मैंने जल्दी से उस मलाईदार दूध को मुंह में दबोच लिया और जल्दी जल्दी चूसने लगा। अब मैं देसी लौंडिया की देसी चूची पी रहा था। बार बार मैं मुंह चलाकर पी रहा था। आराधना मदहोश हो रही थी। मुझे मजा आ रहा था।

धीरे धीरे हम जमकर मजा लुटने लगा। आराधना मुझे प्यार करने लगी। मेरे गाल को अपने हाथ से सहला रही थी। वो सिर्फ मेरी ही ओर देख रही थी। मैं जल्दी जल्दी चूस रहा था। हम दोनों को ऐश मिल रही थी। मैं दबा दबाकर अपनी गर्लफ्रेंड के बूब्स पी रहा था। कुछ देर बाद आराधना पूरी तरह से मस्त हो गयी और राईट साइड वाली चूची भी उसने निकाल दी। मैं उसे हाथ से दबा दबाकर पी रहा था। दोस्तों मुझे बहुत मजा आ रहा था। खूब चूसा मैंने। इसी कसमकश में मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया और लकड़ी की तरह सख्त हो गया। मेरे लंड के मुंह से अब रस भी निकलने लगा था। मेरा अंडरवियर भीग रहा था। मैं बार बार अपनी देसी चुदासी गर्लफ्रेंड को ओठों पर किस करने लग जाता था। फिर उसके दूध पीने लग जाता था। सच में वो मस्त चोदने लायक सामान थी। उसके दोनों मम्मे तिकोने तिकोने बेहद कातिल थे। कलश जैसे दिख रहे थे। गर्व से तने हुए थे। मैं जल्दी जल्दी हाथ से दबा दबाकर पी रहा था। काफी देर तक मैंने आराधना के दूध का अमृतपान किया। अब हम दोनों की पूरी तरह से गर्म हो गये थे।
“कपड़े उतारो बिन्नू!! वो बोली
मैंने अपनी शर्ट और जींस उतारने लगा। तब तक आराधना से अपनी लैगी और पेंटी उतार दी। अपना सूट और ब्रा भी उसने निकाल दी। मैं जैसे ही नंगा होकर लेट गया वो मेरे पास आ गयी और मेरे लंड को फेटने लगी। मेरा लंड 6” का था। जादा लम्बा नही था पर 2” मोटा था और अपनी गर्लफ्रेंड को चोदने के लिए पर्याप्त था। आराधना मेरे मोटे लंड को देखकर ललचा गयी और जल्दी जल्दी फेटने लगी। वो बार बार मेरी गोलियों को सहला रही थी और पकड़ रही थी। मैं …..सी सी सी सी.. हा हा हा कर रहा था। फिर आराधन झुक गयी और जल्दी जल्दी मेरे लंड को पकड़कर फेटने लगी। मैं मस्त हो रहा था। आज मुझे जन्नत मिल रही थी। मेरी गर्लफ्रेंड तो बिलकुल मस्त थी। खुद ही सब कर रही थी। वो अपने हाथ को उपर नीचे जल्दी जल्दी चला रही थी।

अब मुझे और मस्ती चढ़ रही थी। मेरा लंड किसी काले नाग की तरह फुफकार रहा था। आराधना तो बड़ी कायदे से लंड फेट रही थी। फिर वो झुक गयी और जल्दी जल्दी चूसने लगी। मुझे तो स्वर्ग ही मिल गया था। मेरी देसी गर्लफ्रेंड मेरा लंड चुसव्व्व्ल कर रही थी। मैं मदहोश होकर लेता हुआ था। आराधना के काले खुले और लम्बे बाल बार बार नीचे गिर जाते थे। बार बार वो अपने हाथ से बालों को पीछे कर रही थी। दोस्तों उस दिन तो उसने 35 मिनट तक मेरा लंड चुस्व्वल किया। मैं मस्त हो गया था।   आप यह कहानी हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
“आओ मुझे चोदो बिन्नू!! देखो अच्छे से चोदना। मेरी कामवासना को आज तुम चोद चोदकर शांत कर दो। देखो कायदे से” आराधना किसी छिनाल की तरह बोली और लेट गयी
अपने पैर उसने खोल दिए। मैंने उसकी रसीली चुद्दी का दर्शन करने लगा। कितनी सुंदर कुवारी चूत थी उसकी। मैं लेटकर चाटने लगा। आराधना “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….”की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। वो तडप रही थी। मैं जल्दी जल्दी उसकी चुद्दी पी रहा था। उसको भी बड़ा अच्छा लग रहा था। मैं जल्दी जल्दी किसी कुत्ते की तरह चाटने लगा। 15 मिनट चूत चटावल हुआ। आखिर मैंने लंड के टोपे को उसकी चुद्दी पर सेट किया और जोर का धक्का दिया। लंड सीधा अंदर। खून ही खून। मैं चोदना शुरू कर दिया। आराधना “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” करने लगी। वो अब चुद रही थी। मेरा लंड उसकी बुर को अच्छे से फाड़ रहा था। मैं और मेहनत से उसकी बुर फाड़ने लगा। वो मस्त हो रही थी। गांड उछाल उछाल कर चुदा रही थी। उसकी चूत ऐसी गुफा थी जिसमे मेरा लंड अंतरध्यान हो जाता था, जादुई तरह से गायब हो जाता था।

मैंने सम्मोहित होकर आराधना को 20 मिनट जल्दी जल्दी चोद लिया। अंत में थक गया और माल को छोड़ना पड़ा। मैंने अपनी गर्लफ्रेंड की रसीली बुर में ही सारा माल छोड़ दिया।