पड़ोसन ने अपनी रस से भीगी बुर को चोदने दिया

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हेल्लो दोस्तों मेरा नाम राजेश्वर मिश्र है। मैं नागपुर में रहता हूँ। मेरी उम्र 22 साल की है। लड़कियों को देखते ही मेरा लंड खड़ा होकर पैंट को तंबू बना देता। मै यहाँ एक कंपनी में जॉब करता हूँ। फ्रेंड्स मै एक शादी शुदा आदमी हूँ। मेरा गांव यहां से लगभग 70 किलोमीटर दूर था। मेरे को यहाँ रूम लेना पड़ा था। मैं यहाँ अकेले ही बिना बीबी के साथ रह रहा था। मेरा लंड चुदाई करने को तरस गया था। मै घर पर बीबी को रोज 3 से अधिक बार चोदता था। मेरी बीबी बदन का तो कोई जबाब ही नहीं है। वो किसी मॉडल से कम नहीं है। उसे देखकर मेरे मोहल्ले के सारे मर्द अपना लंड खड़ा कर लेते हैं। मैं अब तक दो बच्चो का बाप बन चुका हूँ। खर्चा बढ़ने के साथ साथ मेरे को एक्स्ट्रा काम भी करना पड़ रहा था। मेरे को गांव छोड़कर यहाँ शहर में आना पड़ा। मेरी बीबी गांव में ही बच्चो के साथ रहती थी। मै अकेला ही रूम में रहकर मुठ मार कर काम चला रहा था। मेरे को चूत चाटने की बेचैनी हो रही थी।

गॉड ने मेरी प्रार्थना सुन ली। मै जिस मकान में रहता था। उसमे कई सारे रूम किराए पर दिए जाते थे। पहले मेरे बगल वाले कमरे में एक मेरी ही तरह का आदमी रहता था। वो भी अकेला ही था। मेरी किस्मत ने अचानक अपना रास्ता बदल लिया। बगल वाले रूम में कोई नया किराएदार आया था। वो अभी जल्दी जल्दी शादी करके शिफ्ट होने को आया था। मेरे को उसकी बीबी बहुत पसंद आ गयी। मेरा लंड खड़ा होकर कडा हो गया। मैंने झट से बाथरूम में जाकर मुठ मार कर खुद को किसी तरह से कंट्रोल कर पाया। मेरे को उसके कसे हुए दूध की झलक देख खुद से कंट्रोल हट गया। बार बार मेरा लंड खड़ा होकर मेरे को मुठ मारने पर मजबूर करने लगा। कुछ दिन बीत गए। मेरे को उससे बात करने का मौका ही नहीं मिल रहा था। मैं काम पर चला जाता। रविवार को मैं अपने घर चला जाता था। अगले आने शनिवार को छुट्टी लेकर उससे बात करने का बहाना ढूढने लगा। मैंने ऐसा ही किया। हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम
शनिवार का दिन था। हल्की हल्की ठंडी पड़ रही थी। दोपहर को लगभग 10 बजे के बाद कुछ धूप निकली थी। वो धूप सेकने के लिए छत पर चली गयी। मै भी कुछ देर बाद गया। उसके पास दो कुर्सियां छत पर रखी थी। वो दोनों उसी की थी। मै छत पर ही खड़ा होकर धूप सेक रहा था। कुछ देर बाद मेरे को उसने कुर्सी पर बैठने को कहा। कुर्सी पर बैठकर मैं उससे बात करने की कोशिश करने लगा।

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मै: धन्यवाद जी!
वो: इसमें धन्यवाद की क्या बात है? ये तो मेरा फर्ज था।
मै: आपको को आये इतने दिन हो गए। मेरी पडोसी भी बन गयी हो। मेरे को आपका नाम भी अभी तक नहीं पता!
वो: मेरा नाम सुधा है और आपका??
मै: मेरा नाम राजेश्वर है। मैने अपना पूरा जीवन परिचय बताया। अब मेरे को जाके उसका नाम पता चला था।
सुधा: आप शादी शुदा हो??
मै: हाँ सुधा जी मैं शादी शुदा हूँ।
सुधा: आपकी बीबी नहीं दिख रही??
मै: वो गांव पर रहती है। मैने अपनी सारी बात उसे बता दी।
सुधा: तुम्हारी मेरी जिंदगी एक ही तरह से कट रही है।
मै: मै कुछ समझ नहीं पाया? आप क्या कह रही है।
सुधा: छोडो यार ये सब बात!

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मैंने जिद करके उससे सारी बात पूंछने लगा। वो मेरे को सब कुछ बताने लगी। मेरा ध्यान तो उस खूबसूरत बला के दूध पर ही बार बार जा रहा था। वो मेरी निगाहें पहचान रही थी। वो भी झुक झुक कर मेरे को अच्छे से अपने दूध का दर्शन करा रही थी। उसके पति कही बाहर गए हुए थे। सुधा ने बताया की वो ज्यादा बाहर ही रहते थे। वो एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते थे। मीटिंग के सिलसिले में वो बाहर ही रहता था। उसका नाम अखिलेश था। वो भी चुदने को तड़प रही थी। मैं चोदने को तड़प रहा था। आग तो दोनों तरफ लगी हुई थी। वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी। मैंने उसकी बातों को ध्यान से सुनकर उससे बात बढ़ाने लगा।
मै: मेरे को आपके जैसी बीबी मिली होती तो मैं कभी नहीं छोड़ता।

सुधा: झूठी तारीफे न करो। तुम भी कोई बदसूरत नहीं हो। मेरे को मुस्कुराते हुए देखने लगी।
मै: आप भी मेरी तरह तड़प रही होंगी?
सुधा: तुम मेरी तड़प को समझ रहे हो। वैसे भी इसे कोई मेरे जैसा ही समझ सकता है।
मै: मै आपकी कमी पूरी कर सकता हूँ??  हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम
सुधा: क्या बात कर रहे हो?? आपको पता भी है आप क्या कह रहे हो।
मै: मै तो आपके भलाई के लिए कह रहा था। आपको ऐसे तड़पता नहीं देख सकता था।

वो एक ही झटके में उठी और वहाँ से चली गयी। सुधा अपनी गांड मटका कर मेरा लंड खड़ा कर दी। शाम को मैं अपने रूम में बैठा था। खाना खाने बाहर जा रहा था। तभी मेरे को सुधा की आवाज सुनाई दी।
सुधा: राजेश्वर जी दो मिनट के लिए मेरे रूम में आ जाओ।
मै: आ रहा हूँ!

मैंने उसके रूम में जाकर जो भी देखा वो नजारा आज तक मेरे आँखों के सामने घूम रहा है। मेरे को देख कर वो भी खुश हो रही थी। सुधा ने लाल रंग की साडी पहने हुए खड़ी हुई थी। लग रहा था वो अभी अभी विदा होकर अपने ससुराल आयी हो।
मै: बहुत ही हॉट लग रही हो! कही जा रही हो??
सुधा: सरप्राइज दे रही थी तुम्हे?? तुम्हे लगा होगा की मैंने अपनी चूत देने से इंकार कर दी है।
मै ये सुनकर पागल हो गया। उसकी तरफ बढ़कर मैंने उसे बाहों में भर लिया। मेरी बीबी को देखकर मोहल्ले वाले अपना लंड खड़ा कर लेते थे। सुधा को लाल रंग की साडी में देख लेता कोई तो वही झड़ जाता। मेरे लंड में करंट दौड़ने लगा। मेरे को खुद पे काबू नहीं रहा। मैंने उसके होंठ पर होंठ लगाकर उसके होंठ चूमने लगा। होंठ पे लगे लिपस्टिक मेरे होंठो पर भी लग रहे थे। लिपलाइनर का तो कुछ अता पता ही नही था। सारे इधर उधर बिखर गए।

उसके होंठ का रस मै चूस चूस कर बहुत ही मजे से पी रहा था। वो भी मेरा साथ दे रहे थे। मेरे को बहुत मजा आ रहा था। घर पर बच्चो के आ जाने का डर रहता था। आज तो कोई रोक टोक नहीं थी। हम दोनों ने ही जम कर मजा ले रहे थे। दरवाजा हल्का सा खुला था। वो मेरे से अलग होते हुए दरवाजे को बंद करने लगी। आज ये हवस की पुजारन चुदने का मूड बना चुकी है। मैं भी तड़प रहा था। हफ़्तो गुजर गए थे चुदाई किये हुए। मैंने उसके गले पर किस करते हुए मजा देने लगा। उसके साडी के आंचल को धीरे से नीचे सरका दिया। वो ब्लाउज में मेरे सामने सिसकती हुई खड़ी हुई थी। मेरे को उसके दूध को पीने का मन कर रहा था। मैने अपने हाथों में उसके दोनों दूध लेकर दबाने लगा। वो मेरे हाथ को पकड़कर खुद ही अपने चुच्चो को दबवाने लगी।

मैंने उसकी ब्लाउज के बटन को खोल कर ब्रा सहित निकाल दिया। बूब्स की यारो मै क्या बात करू!! जितना मैंने सोचा था उससे भी ज्यादा खूबसूरत निकले। मैंने देखते ही अपना मुह उसकी बूब्स को पीने के लिए लगा दिया। वो भी गाय की तरह खड़ी थी। मैं बछड़े की तरह उसका दूध काट काट कर पी रहा था। वो जोर जोर से “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की आवाज निकालने लगी। उसके भूरे निप्पल को पीने का मजा ही कुछ और था। मेरे को भी उसे कुछ खिलाने का मन करने लगा। मैने अपने बेल्ट को खोलकर पैंट को निकाल दिया। मेरा लंड खड़ा तैयार था। सुधा ने मेरे अंडरबियर में हाथ डालकर मेरा लंड हिलाने लगी। मेरे अंडरबियर को निकाल कर वो मेरे लंड को सहलाते हुए आगे पीछे करने लगें। मेरे लंड को प्यार जताते हुए वो उसे चूमकर चूसने लगी। सुधा मेरा आधा लंड अपने मुह में लेकर चूस रही थी। मेरा लंड कड़ा होता जा रहा था।

मेरे लंड की अकड़ ने सारा माल उसके मुह में ही गिरा दिया। वो घुट..घुट करके मेरा सारा माल पी गयी। मैंने उसके मुह से अपना लंड निकाला। ठंडी के मौसम में भी हम लोग गरमी का आनंद ले रहे थे। मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया। उसकी साडी को निकाल कर उसे पेटीकोट में कर दिया। उसने काले रंग का पेटीकोट पहना हुआ था। नाड़े को खोलते ही उसकी लाल रंग की पैंटी दिखने लगी। क्या मस्त गजब की माल लग रही थी। उसकी चूत को देखने को बेकरार आँखों को पेटीकोट सहित पैंटी निकाल कर दर्शन कराया। दोनों टांगो को फैलाकर चूत को देखा। क्या मस्त चिकनी चूत थी। मै अपनी उंगलियों से चूत को मसाज करके चाटने लगा। मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा। हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम

कुछ देर तक मैंने उसकी चूत को चाट कर उसे गर्म किया। सुधा भी अपनी गांड उठाकर चूत चटवा रही थी। मेरा लंड बहोत ही तेजी से खड़ा होने लगा। मैंने एक हाथ से मुठ मारते हुए चूत चटाई का कार्यक्रम जारी रखा। वो जोर जोर से बिस्तर के चादर को खींचते हुए “……अई…अई….अई……अ ई….इसस्स्स्स्…….उहह् ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की आवाज निकाल रही थी। मेरा लंड टाइट हो चुका था। मैंने उसे सीधा सुधा की चूत के दरवाजे पर रखकर रगड़ने लगा। वो और भी ज्यादा उत्तेजित होकर तड़पने लगी। मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखकर धक्का मार दिया।

मेरा आधा लंड सुधा की चूत में घुसा था कि सुधा ने जोर से “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” की चीख निकालने लगी। मेरा लंड काफी बड़ा हैं। उसने शायद पहली बार मेरे जितना बड़ा लंड अपनी चूत में डलवाया था। मैंने धक्के पर धक्का मार कर अपना पूरा लंड उसकी चूत की दरार में घुसा दिया। मै अपनी कमर उठा उठा कर जड़ तक अपना लंड उसकी चूत में घुसा रहा था। मेरे को उसकी चूत चुदाई में कुछ ज्यादा ही मजा आ रहा था। बहुत दिनों बाद मेरे को टाइट चूत चोदने का अवसर मिला था। मेरी बीबी की चूत तो बहोत ही ढीली हो चुकी है। मेरे को उसमे कुछ ज्यादा मजा नहीं आता था। फिर भी हस्तमैथुन करने से तो अच्छा ही रहता था। सुधा जोर जोर से “आऊ….. आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की आवाज निकाल रही थी। मेरा तो लंड बेकाबू हो गया। मै जोर जोर से अपना लंड उसकी चूत में कमर मटका मटका कर डाल रहा था। सुधा भी अपनी गांड उठाकर चुदवा रही थी। हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम  सुधा कह रही थी और जोर से ! और जोर से चोद्…! फाड़ डालो मेरी चूत बहुत दिनों की प्यासी है। मै उसकी आवाज को सुनकर और ज्यादा उत्तेजित हो गया। मै और भी ज्यादा तेजी से उसकी चुदाई करने लगा। मै जड़ तक लंड घुसाकर सुधा की चुदाई कर रहा था। मैंने अपने आप को कंट्रोल किया। सुधा को बिस्तर से नीचे उतारा। उसे एक पैर पर खड़ा करके एक पैर को उठा लिया। अपना लंड उसकी चूत से सटाकर मैंने फिर एक बार जोरदार चुदाई शुरू कर दी। मेरा लंड घुसवाकर वो भी बहुत खुश हो रही थी। मै खड़े खड़े ही उसकी जोर जोर से चुदाई कर रहा था। अपना गांड आगे पीछे करके उसकी चुदाई करने का मजा ही कुछ और था। मै जोर जोर से चोद कर उसके मुह से “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह् ह्हह..अ ई…अई…अई…..” की मीठी आवाजे निकलवा रहा था। सुधा की चीख के साथ माल भी गिर गया।

कुछ देर तक मैंने उसी माल में अपना लंड डालकर अंदर बाहर कर रहा था। फ्रेंड्स मेरी टाइमिंग कुछ खाश अच्छी नही है। उसकी चूत में ही अपना माल मैंने भी कुछ ही देर में निकाल दिया। मेरे लंड से निकले माल से सुधा की चूत लबा लब भर गयी। लंड को बाहर निकालते ही झर झर करके पूरा वीर्य नीचे गिरने लगा। उसकी चूत से सारा माल नीचे गिरते ही उसने कपडे से साफ़ किया। उसके बाद मैं सुधा के साथ होटल गया। वापस आकर उसकी गांड चुदाई भी की। अब तो मैं हफ्ते में कई बार सुधा को चुदाई का सुख देता हूँ। आपको स्टोरी कैसी लगी मेरे को जरुर बताना और सभी फ्रेंड्स नई नई स्टोरीज Hindipornstories.com पर पढ़ते रहना. आप स्टोरी को शेयर भी करना.

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